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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

काला चौना, चौखुटिया तहसील

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सितंबर 2011 गाँव काला चौना, चौखुटिया तहसील अल्मोड़ा हिन्दी,संस्कृत उत्तराखण्ड www.uttara.gov.in काला चौना रामगंगा नदी के पूर्वी छोर पर चौखुटिया ब्लॉक के तल्ला गेवाड़ में भारतवर्ष के उत्तराखण्ड राज्य के अन्तर्गत कुमाऊँ मण्डल के अल्मोड़ा जिले में स्थित कनौंणियॉ बिष्ट नाम से विख्यात कुमॉऊनी हिन्दू राजपूतों के ऐतिहासिक गॉवों में से एक गाँव है। इतिहास प्राचीन इतिहास के अनुसार, जैसा कि अाज तक गेवाड़ घाटी के तकरीबन अधिकॉश अनुभवी इस इतिहास से भली भॉति परिचित हैं। ततसमय में तल्ला गेवाड़ के राजवंशी ठाकुर मेलदेव कनौणियॉ बिष्ट ने अपने राज्य को कई हिस्सों में बॉट दिया था। जिनमें से कुछों के साक्ष्य बहुविदित हैं। जैसे अपने चार पुत्रों और एक पुत्री तथा कुलपुरोहित यानि छ: भागों का विभाजन। जिसमें से पहला भाग रामगंगा के पश्चिमी ओर मध्य का हिस्सा (जो अब कनौंणी नाम से प्रचलित है) सबसे बड़े पुत्र को, दूसरा रामगंगा के पश्चिमी ओर का उत्तरी क्षेत्र (जिसे डॉंग कहते हैं) दूसरे पुत्र को, तीसरा दक्षिणी भू भाग (काला चौना) तीसरे पुत्र को, चौथा रामगंगा के पश्चिमी ओर उत्तर व मध्य के बीच का पठार (आदीग्राम कनौणियॉं) सबसे छोटे पुत्र को, पॉचवॉ उत्तर में डॉंग और आदीग्राम कनौणियॉं के बीच का भाग (जो आज आदीग्राम फुलोरिया के नाम से प्रसिद्ध है) कुलपुरोहित फुलोरियाओं को सौंप दिया, छटवॉ रामगंगा के पूर्वी छोर से लगा उत्तर में डॉंग के सामने से लेकर काला चौना की सीमा रेखा तक का भू भाग, यह दे दिया अपनी पुत्री को। जिसे आज मॉसी नाम से जाना जाता है। तो काला चौना हुआ तीसरे पुत्र का यानि प्रस्तुत काला चौना के निवासी राजवंशी ठाकुर मेलदेव कनौणियॉ बिष्ट के तीसरे पुत्र ही वंशज हैं। यहॉ पर पूर्ण रूप से कुमॉऊनी हिन्दू संस्कृति का समावेश है। दर्शनीय स्थल कोटेश्वर महादेव काला चौना गॉव की रिहायश से चन्द कदम दूर, दक्षिणी छोर पर स्थित प्राचीन और एकमात्र शिवालय है। चारों तरफ खेतों की हरियाली तथा फल फूलों से लदी डालियों के बीच स्थापित शिवालय। यह काला चौना निवासियों का देवों के देव महादेव की पूजा आराधना करने का उत्कृष्ट एवम् साफ स्वच्छ शिवालय है। रामसिंह वैद्यजी आयुर्वेदिक औषधालय काला चौना में रामसिंह वैद्यजी आयुर्वेदिक औषधालय है। इसकी स्थापना इसी गॉव में जन्मे रामसिंह कनौणियॉं बिष्ट ने 1967 में तल्ला गेवाड़ घाटी के तत्कालीन वरिष्टतम स्वतंत्रता आन्दोलनकारी विभूतियों में से एक तथा कुमॉंऊनी राजपूत (आजादी के दौरान अल्मोड़ा से प्रकाशित अख़बार) व समयांतर समाचार पत्र के संस्थापक नेताजी शेरसिंह हीत बिष्ट के संरक्षण व नेत्रित्व में की थी, तब इस गॉव में ही नहीं बल्कि सूमूचे दस-पन्द्रह वर्ग किलोमीटर में स्वास्थ्य सम्बन्धी सेवाओं का अभाव था। सर्वप्रथम इस औषधालय की स्थापना पट्टी वल्ला नया के पटियाचौरा नामक छोटे से संकीर्ण स्थान पर की गयी थी। यह स्थान पटियाचौरा भिकियासैंण मॉसी मोटर मार्ग पर पौराणिक बृद्ध केदार नामक शिवालय के समीप है। कुछ सालों के दौरान ही विषम परिस्थितियों के कारण आगे चल न सका। तत्पश्चात रामसिंह कनौणियॉ बिष्ट वैद्यजी ने अपने पैत्रक निवास काला चौना से ही संचालित किया था। जो अब काला चौना में ही स्थित है। इस घाटी के अधिकॉश लोग इस बात से भली भॉति अवगत है कि यहॉ पर हैजा, तपेदिक और बाल रोगों का उपचार सफलतापूर्वक होता है। प्राकृतिक सौन्दर्य कुमाऊॅ के सभी तीज-त्यौहार मनाऐ जाते हैं। यहॉ पर पूर्ण रूप से कुमॉऊनी हिन्दू संस्कृति का समावेश पाया जाता है। यहॉ पर तकरीबन साल भर प्राकृतिक सौन्दर्य की विरासतता चारों ओर बिखरी रहती है। इन्हें भी देखें उत्तराखण्ड के जिले उत्तराखण्ड के नगर कुमाऊँ मण्डल गढ़वाल मण्डल बाहरी कड़ियाँ उत्तराखण्ड - भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर उत्तराखण्ड सरकार का आधिकारिक जालपृष्ठ उत्तराखण्ड (उत्तराखण्ड के बारे में विस्तृत एवं प्रामाणिक जानकारी) उत्तरा कृषि प्रभा चौना, काला, चौखुटिया तहसील चौना, काला, चौखुटिया तहसील