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411 REFERENCE · Wikipedia

बैरेटा (छोटी पिस्तौल)

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बैरेटा 20 कैलिबर thumb|centre|200px|20 कैलिबर की अमेरिकन बैरेटा (छोटी पिस्तौल) पहले यूएसए बाद में इटली अर्द्ध स्वचालित पिस्तौल yes बैरेटा यूएसए वर्तमान इटली 1984 से"Beretta Pistols-The Ultimate Guide" by J.B. Wood, Stoeger Publishing, 2006. P.193. बैरेटा 21 बॉबकैट और बैरेटा 21-ए बॉबकैट 325 g 125 mm (4.9 in) 28 mm (1.1 in) 8 गोलियाँ बैरेटा (छोटी पिस्तौल) मूल रूप से यूएसए में बनी 20 कैलिबर की सबसे छोटी पिस्तौल थी जिसका अमेरिका के मेरीलैण्ड राज्य (उपनिवेश) के ऐकोकीक शहर में सन् 1985 तक उत्पादन हुआ। क्योंकि 1984 से इटली की बैरेटा कम्पनी ने इसके उन्नत मॉडल बैरेटा 21 A बॉबकैट (अं: Beretta 21 A Bobcat) के नाम से उत्पादन शुरू कर दिया था इसलिये अमरीका की यह सबसे छोटी पिस्तौल अब दुर्लभ शस्त्र की श्रेणी में आ गयी।"Beretta Pistols-The Ultimate Guide" by J.B. Wood, Stoeger Publishing, 2006. P.193. आसानी से मनुष्य की हथेली में आ जाने वाली यह पिस्तौल जेब में भी आराम से रखी जा सकती थी। नाथूराम गोडसे ने इसी मॉडल की पिस्तौल से महात्मा गान्धी की हत्या की थी। मुकदमे के दौरान न्यायालय में नाथूराम गोडसे द्वारा दिये गये बयान के अनुसार इस प्रकार की पिस्तौल उसने नई दिल्ली में एक शरणार्थी से खरीदी थी।क्रान्त मदनलाल वर्मा स्वाधीनता संग्राम के क्रान्तिकारी साहित्य का इतिहास http://www.worldcat.org/title/svadhinata-sangrama-ke-krantikari-sahitya-ka-itihasa/oclc/271682218 28 नवम्बर 2013 1 3 2006 प्रवीण प्रकाशन नई दिल्ली hi 81-7783-121-6 760 दिल्ली में मुझे एक शरणार्थी मिला जो शस्त्र बेचता था। उसने मुझे एक पिस्तौल दिखायी। मुझे वह पिस्तौल पसन्द आ गयी और मैंने उसे खरीद लिया। यही वह पिस्तौल थी जिससे मैंने गान्धीजी को अपना निशाना बनाया। https://web.archive.org/web/20131014175453/http://www.worldcat.org/title/svadhinata-sangrama-ke-krantikari-sahitya-ka-itihasa/oclc/271682218 14 अक्तूबर 2013 live पिस्तौल की विशेषता thumb|left|200px|बैरेटा पिस्तौल की नाल के खुलने पर क्या स्थिति होती है उसे प्रदर्शित करता हुआ एक चित्र वैसे तो अमूमन आजकल सभी पिस्तौलों की नली फिक्स न होकर एक अलग चैम्बर में आगे-पीछे की ओर को खिसकती हैं। और ऐसा कारतूस के फटने से उत्पन्न गैस के अत्यधिक दवाब के कारण होता है। परन्तु सभी पिस्तौलों की लीक से हटकर इसकी नाल या बैरेल आगे की तरफ से रिवॉल्वर की भाँति स्टील की एक कील में पिरोयी हुई होती है। नाल के ऊपर उठते ही इसका एक-एक कारतूस दगने के बाद उसका पीतल वाला खोखा अपने आप बाहर आ जाता है और ऊपर की उछल जाता है। फायर हो जाने के बाद नाल पुन: अपनी पूर्व स्थिति में आ जाती है। इसके साथ ही इसके नीचे लगी मैगज़ीन में से दूसरा भरा हुआ कारतूस फायर करने हेतु नाली में अपने आप चला जाता है। इस प्रकार एक के बाद एक लगातार आठ फायर इस पिस्तौल से किये जा सकते हैं। इसके अलावा इसमें फायर करते समय झटका बिल्कुल नहीं लगता और निशाना ठीक बैठता है। परन्तु इसे चलाते समय निशानेबाज को अपना सिर बचाकर रखना होता है अन्यथा पीतल का खोखा चोट पहुँचा सकता है। इसीलिए इसकी नाल पर स्पष्ठ चेतावनी लिखी होती है-"पिस्तौल चलाने से पूर्व इसकी प्रयोग विधि समझ लें।" परन्तु अब इस पिस्तौल के समुन्नत मॉडल इटली और अमरीका दोनों देशों में बनाये जाने लगे हैं। पॉकेट पिस्टल के रूप में इसकी लोकप्रियता असन्दिग्ध है। सन्दर्भ इन्हें भी देखें माउज़र पिस्तौल रिवॉल्वर (.32 बोर) मोहनदास करमचंद गांधी की हत्या बाहरी कड़ियाँ बैरेटा - 1526 से - आयुध निर्माण के क्षेत्र में - सन् 1526 से बैरेटा मॉडल 21 - बैरेटा यूएसए की वेबसाइट का बॉबकैट पन्ना श्रेणी:शस्त्र श्रेणी:हथियार श्रेणी:आयुध