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411 समाचार
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प्यार कोई खेल नहीं

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प्यार कोई खेल नहीं प्यार कोई खेल नहीं.jpg प्यार कोई खेल नहीं का पोस्टर सिब्ते हसन रिज़वी सुभाष सहगल जतिन-ललित सुभाष सहगल सनी देओल, महिमा चौधरी, अपूर्व अग्निहोत्री 30 जुलाई, 1999 भारत हिन्दी प्यार कोई खेल नहीं 1999 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है।Bday Spl: पेस के धोखे से सन्न रह गई थी महिमा, अब हैं सिंगल पेरेंट https://www.amarujala.com/photo-gallery/entertainment/bollywood/mahima-chaudhary-now-back-with-new-look?pageId=4 28 मार्च 2024 अमर उजाला hi यह सुभाष सहगल द्वारा निर्देशित और सिब्ते हसन रिज़वी द्वारा निर्मित है। इसमें सनी देओल, महिमा चौधरी और अपूर्व अग्निहोत्री हैं। संगीत जतिन-ललित द्वारा रचा गया था और गीत मजरुह सुल्तानपुरी द्वारा लिखे गए थे। संक्षेप सुनील (अपूर्व अग्निहोत्री) और अशोक दो दोस्त हैं। उनकी शादी की उम्र हो चुकी है। एक दिन अशोक की माँ उससे कहती है कि वह अपना परिचय शालू से कर ले। लेकिन अशोक ऐसा करने से कतराता है। वह सुनील से उसका रूप धारण करने और किसी तरह शालू को अस्वीकार करने के लिए कहता है। इस तरह उसकी माँ संतुष्ट हो जाएगी और उसे परेशान नहीं करेगी। इस बीच, शालू और निशा (महिमा चौधरी) ने भी ऐसा ही फैसला किया है और सुनील को बेवकूफ बनाने की योजना बनाई है। लेकिन जब दोनों मिलते हैं, तो सुनील और निशा को प्यार हो जाता है। लेकिन वे एक-दूसरे को अपने नाटक के बारे में बताने में असमर्थ होते हैं। लेकिन बाद में एक-दूसरे के माता-पिता से मिलने के बाद वे शादी कर लेते हैं। उनकी ज़िन्दगी में सुनील के बड़े भाई आनन्द (सनी देओल) का प्रवेश जटिलताएं बना देता है। आनन्द एक सफल बिजनेसमैन हैं। निशा आनन्द के लिए काम करती है और वह उससे प्यार करता है और उससे शादी करना चाहता है। लेकिन जब उसे पता चलता है कि उसका भाई उससे प्यार करता है, तो वह पीछे हो जाता है। सुनील और निशा की शादी हो जाती है और अंततः उनका एक बच्चा भी हो जाता है। लेकिन फिर सुनील को आनन्द के व्यापारिक साझेदारों द्वारा मार दिया जाता है। निशा के माता-पिता चाहते हैं कि वह दोबारा शादी करे। इसलिए आनन्द उससे शादी करता है, क्योंकि वह अब भी उससे प्यार करता है। तब आनन्द को पता चलता है कि सुनील जीवित है और वह उसे घर वापस ले आता है। आनन्द जानबूझकर बुरे लोगों को मारने के बाद खुद को मरवाकर अपना जीवन बलिदान कर देता है। ताकि निशा और सुनील एक हो सकें। आनन्द की इच्छा के अनुसार सुनील और निशा हमेशा खुशी से रहते हैं। मुख्य कलाकार सनी देओल — आनन्द महिमा चौधरी — निशा / शालू अपूर्व अग्निहोत्री — सुनील / अशोक दीना पाठक — दादी कुलभूषण खरबंदा — सुनील और आनन्द के पिता रीमा लागू — सुनील और आनन्द की माता दलीप ताहिल — नाथ मोहनीश बहल — कांति आसिफ़ शेख — हेमंत राकेश बेदी — कॉलेज प्रिंसिपल नवनीत निशान — प्रतिमा अली असगर — सुनील का दोस्त शोमा आनन्द — विमला संगीत गीत गायक जतिन-ललित कुछ हमारे हैं अलका यागनिक, उदित नारायण 4:40 मजरुह सुल्तानपुरी तेरे गालों की चाँदनी अलका यागनिक, उदित नारायण 5:38 मजरुह सुल्तानपुरी प्यार कोई खेल नहीं कुमार सानु 4:31 मजरुह सुल्तानपुरी नज़र मिलते ही अलका यागनिक, विनोद राठौड़ 5:22 मजरुह सुल्तानपुरी याद पिया की आने लगी फाल्गुनी पाठक 5:06 ललित सेन लड़के ने लड़की को छेड़ा अभिजीत 4:28 मजरुह सुल्तानपुरी अपनी तो लाइफ में आशा भोंसले 3:37 मजरुह सुल्तानपुरी चाँद सा लल्ला सुदेश भोंसले 4:14 इदरीस प्यार कोई खेल नहीं कुमार सानु 1:24 मजरुह सुल्तानपुरी याद पिया की आने लगी (दुःखी) फाल्गुनी पाठक 4:07 ललित सेन सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ 0209263 प्यार कोई खेल नहीं श्रेणी:1999 में बनी हिन्दी फ़िल्म श्रेणी:जतिन–ललित द्वारा संगीतबद्ध फिल्में