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411 समाचार
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उदयमपेरूर

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उदयमपेरूर Udayamperoorഉദയംപേരൂർ ഉദയമ്പേരൂർഉന്തിയമ്പേരൂർ ml उदयमपेरूर India Kerala 9.913 76.362 inline, title केरल में स्थिति ज़िला एर्नाकुलम ज़िला प्रान्त केरल देश 2011 भाषाएँ प्रचलित मलयालम नगर उदयमपेरूर निवासी; मलयाली; केरलवासी https://www.censusindia.gov.in/ District Census Handbook - Ernakulam Office of the Registrar General & Census Commissioner, India 2026-10-11 पंचायत ग्राम पंचायत=उदयमपेरूर; तालुक=कनायनूर; पंचायत समिति (ब्लॉक)=मुलंथुरुथी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र त्रिप्पुनितुरा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र एर्णाकुलम 7 https://en-ng.topographic-map.com/map-mmxc1h/Udayamperoor/ Udayamperoor topographic map, elevation, terrain Topographic Map 2026-10-11 पिन 682307 +91 484 KL-39 लिंगानुपात 1,000: 1,034 ♀/♂ भारतीय मानक समय +5:30 https://udayamperoorpanchayat.lsgkerala.gov.in/ उदयमपेरूर (ഉദയംപേരൂർ)(en Udayamperoor) भारत के केरल (या केरलम) राज्य के एर्नाकुलम ज़िले के कोच्चि शहर का एक मोहल्ला है। यह क्षेत्र एर्नाकुलम-कोट्टयम परिवहन गलियारे के अंतर्गत पुथियकावु से पूथोट्टा तक के मुख्य मार्ग को समाविष्ट करते हुए इसके क्षेत्रीय पारगमन का आधार बनता है। यह वेम्बनाड झील (कोच्चि पश्चजल क्षेत्र) के पूर्वी तट और उससे जुड़े द्वीपीय क्षेत्रों से सटा हुआ है। समुद्र तल से इसकी औसत ऊंचाई मात्र 7 मीटर है, जिसके कारण यहाँ की स्थलाकृति समतल और आर्द्रभूमि से युक्त है। यहाँ उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु पाई जाती है। ऐतिहासिक भाषाविदों के अनुसार, "उदयमपेरूर" शब्द का सीधा संबंध प्रथम चेर साम्राज्य के प्रतापी राजा उदयन चेरलनाथन से है। इस क्षेत्र का नामकरण उनके नाम पर 'उदयन-पुरम' से अपभ्रंश होकर उदयमपेरूर हुआ। यूनानी भूगोलवेत्ता टॉलेमी के प्राचीन ऐतिहासिक मानचित्रों में इस स्थान का उल्लेख "उदमपेरोरा" के रूप में मिलता है। हिंदू पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यहाँ के मुख्य मंदिर की स्थापना भगवान विष्णु के छठे अवतार महर्षि परशुराम द्वारा की गई थी, जिन्होंने केरल की भूमि को समुद्र से पुनरुद्धार किया था। उदयमपेरूर दूसरी शताब्दी से ही चेर राजवंश के शासनकाल के दौरान एक प्रमुख व्यापारिक और प्रशासनिक केंद्र था। 18वीं शताब्दी में, त्रावणकोर के राजा 'धर्म राजा' के समय इस स्थान का उपयोग एक रणनीतिक सैन्य युद्ध शिविर के रूप में किया गया था। वैश्विक इतिहास में यह स्थान 20 जून से 26 जून 1599 को आयोजित ऐतिहासिक धर्मसभा के लिए दर्ज है। पुर्तगाली गोवा के आर्कबिशप अलेजो डी मेनेजेस के नेतृत्व में बुलाई गई इस धर्मसभा ने केरल के प्राचीन 'सेंट थॉमस ईसाइयों' को जबरन रोमन कैथोलिक चर्च (लैटिन चर्च) के अधीन कर दिया था। इसके कारण केरल के चर्चों का लैटिनीकरण हुआ और अंततः ऐतिहासिक 'कूनन कुरुश सत्यम' जैसी बगावत और चर्च विभाजन की नींव पड़ी। यहाँ की संस्कृति हिंदू और ईसाई धर्म की प्राचीन परंपराओं का एक अनूठा संगम है: उदयमपेरूर एकादशी पेरुमथ्रिकोविल शिव मंदिर: यह केरल के 108 प्रसिद्ध शिव मंदिरों में से एक है। वास्तुकला की दृष्टि से यह केरल-द्रविड़ स्थापत्य शैली का बेजोड़ उदाहरण है। इसका गर्भगृह पूर्णतः गोलाकार है, जो केरल में सबसे बड़े गोलाकार तल-मानचित्रों में से एक है और इस पर तांबे की विशाल शंक्वाकार छत है। यहाँ राजा वीर कोदई रविवर्मा (12वीं-14वीं शताब्दी) के काल के प्राचीन शिलालेख मिले हैं। पेरुमथ्रिकोविल मन्दिर का एकादशी उत्सव, स्थानीय देवी मंदिरों के 'पूरम' और ईसाई समुदायों के वार्षिक 'पेरुनाल' यहाँ के मुख्य सांस्कृतिक पर्व हैं। निकटतम हवाई अड्डा कोचीन अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र (नेदुंबस्सेरी) है, जो यहाँ से लगभग 35 किमी दूर है। निकटतम रेलवे स्टेशन चोट्टानिक्करा रोड (2.5 किमी) और त्रिप्पुनितुरा है। प्रमुख रेलवे हब एरनाकुलम जंक्शन रेलवे स्टेशन यहाँ से 12 किमी दूर है। कोच्चि मेट्रो का निकटतम परिचालन स्टेशन त्रिपुनिथुरा मेट्रो स्टेशन है, जो उदयमपेरूर को सीधे कोच्चि शहर से जोड़ता है। यह कस्बा एर्नाकुलम-वाईकम-कुमारकोम प्रांतीय राजमार्ग पर स्थित है। यहाँ केरल राज्य सड़क परिवहन निगम और निजी बसें त्रिपुनिथुरा, कोच्चि और कोट्टयम के लिए निरंतर उपलब्ध हैं। वेम्बनाड झील से सटे होने के कारण निकटवर्ती द्वीपों और द्वीपीय लॉजिस्टिक्स के लिए पारंपरिक नौका प्रणालियों का उपयोग किया जाता है। ऐतिहासिक रूप से यह क्षेत्र धान की खेती, नारियल के बागानों और अंतर्देशीय मत्स्योद्योग पर निर्भर रहा है। बैकवाटर्स के कारण यहाँ झींगा कृषि भी की जाती है। कोच्चि शहर से निकटता के कारण यह तेजी से एक उप-शहरी व्यावसायिक केंद्र में बदल रहा है। यहाँ लघु उद्योग, निर्माण सामग्री के गोदाम, तथा आधुनिक रिटेल आउटलेट्स मौजूद हैं। कोच्चि बंदरगाह और सीपोर्ट-एयरपोर्ट रोड से निकटता के कारण उदयमपेरूर और उसके आसपास के क्षेत्रों का उपयोग भंडारण और क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखला नेटवर्क के लिए किया जा रहा है। यहाँ कई सरकारी और निजी उच्च प्राथमिक विद्यालय, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र (ITI) स्थित हैं, जो त्रिपुनिथुरा और एर्नाकुलम के प्रमुख कॉलेजों से संबद्ध हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं के लिए सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और कई निजी आधुनिक मल्टीस्पेशलिटी क्लीनिक संचालित हैं। गंभीर उपचार के लिए निवासी कोच्चि और त्रिपुनिथुरा के बड़े अस्पतालों पर निर्भर हैं। कोच्चि के तेजी से होते विस्तार के कारण उदयमपेरूर को एक आधुनिक आवासीय और कमर्शियल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। केरल पर्यटन विभाग द्वारा वेम्बनाड झील के किनारे पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन और बोट-जेटी सुविधाओं के आधुनिकीकरण की योजनाएं प्रस्तावित हैं। "Lonely Planet South India & Kerala," Isabella Noble et al, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787012394"The Rough Guide to South India and Kerala," Rough Guides UK, 2017, ISBN 9780241332894 इन्हें भी देखें एर्नाकुलम ज़िला सन्दर्भ श्रेणी:एर्नाकुलम ज़िला श्रेणी:केरल के शहर श्रेणी:एर्नाकुलम ज़िले के नगर श्रेणी:कोच्चि में मुहल्ले