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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

अ विंडिकेशन ऑफ़ द राइट्स ऑफ़ वूमेन

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अ विंडिकेशन ऑफ़ द राइट्स ऑफ़ वूमेन : विद् स्ट्रक्चर्स ऑन पॉलिटिकल ऐंड मोरल सब्जैक्ट्स A Vindication of the Rights of Woman title page.jpg मुखपृष्ठ मैरी वोलस्टोनक्राफ़्ट अंग्रेजी यूनाइटेड किंगडम राजनीतिक दर्शन महिला-अधिकार पहले संस्करण का मुखपृष्ठ जनवरी 1792पॉल फ़ूट द फुल फ़ोर्स ऑफ़ मैरी वोलस्टोनक्राफ़्ट्'स अचीवमेंट ऐमर्ज्स फ़्रॉम जेनेट टोड्'स बायोग्राफ़ी https://www.theguardian.com/books/2000/jul/22/biography.society द गार्जियन मैरी वोलस्टोनक्राफ़्ट की उपलब्धि का असर जेनेट टोड की जीवनी से स्पष्ट रूप से उभर कर सामने आता है। 2000 अ विंडिकेशन ऑफ़ द राइट्स ऑफ़ वूमेन अ विंडिकेशन ऑफ़ द राइट्स ऑफ़ वूमेन (A Vindication of the Rights of Woman; हिन्दी अनुवाद: महिला अधिकारों का औचित्य) एक पुस्तक (निबंध) है। इसे सन् 1792 में ब्रितानी दार्शनिक मैरी वोलस्टोनक्राफ़्ट ने लिखा था। वे महिला-अधिकारों की समर्थक थीं। मैरी वोलस्टोनक्राफ़्ट द्वारा लिखित इस पुस्तक का पूरा नाम 'अ विंडिकेशन ऑफ़ द राइट्स ऑफ़ वूमेन : विद् स्ट्रक्चर्स ऑन पॉलिटिकल ऐंड मोरल सब्जैक्ट्स' है जिसमें उनके द्वारा लिखित निबंध संकलित हैं। इसे नारीवादी अथवा 'प्रोटो-फेमिनिस्ट' रचना माना जाता है। यह नारीवाद संबंधी शुरुआती रचनाओं में से एक है। यह रचना नारीवादी दर्शन के प्रमुख आधारों में शामिल है। सार इस पुस्तक में मैरी वोलस्टोनक्राफ़्ट अठारहवीं सदी के उन शिक्षाविदों और राजनीतिक विचारकों के मतों का खंडन करती हैं, जिनका मानना ​​था कि महिलाओं को पूरी शिक्षा नहीं मिलनी चाहिए। उनके अनुसार महिलाओं को समाज में उनकी स्थिति के अनुरूप शिक्षा मिलनी चाहिए। वे मानती हैं कि महिलाएँ देश के लिए आवश्यक हैं क्योंकि वे बच्चों को शिक्षित करती हैं और वे अपने पतियों की सिर्फ़ पत्नी ही नहीं, बल्कि उनकी 'साथी' भी बन सकती हैं। वोलस्टोनक्राफ़्ट के अनुसार महिलाओं को समाज की शोभा या शादी में लेन-देन की वस्तु मात्र नहीं समझना चाहिए, बल्कि वे भी पुरुषों की तरह ही मनुष्य हैं और समान बुनियादी अधिकारों की हकदार भी हैं। मैरी वोलस्टोनक्राफ़्ट नैतिक दायित्व तथा शिक्षा तक पहुँच जैसे मुद्दों में स्त्री-पुरुष समानता की बात करती हैं। 'फेमिनिस्ट' शब्द वोलस्टोनक्राफ़्ट की मृत्यु के कई दशकों बाद चलन में आया। आलोचना सन् 1792 में प्रकाशित होने के बाद यह पुस्तक बहुत लोकप्रिय हो गई। आर. एम. जैनेस ने लिखा है कि- यह आम धारणा है कि सन् 1792 के आरंभ में मैरी वोलस्टोनक्राफ़्ट के 'अ विन्डिकेशन ऑफ़ द राइट्स ऑफ़ वूमन' के आने पर लोगों ने इस रचना का हैरानी, ​​घबराहट और मज़ाक के साथ स्वागत किया। महिलाओं की बराबरी की बात करने वाली इस कोशिश के ख़िलाफ़ प्रतिक्रियावादी ताकतें एकजुट हुईं और उन्होंने अपनी लेखनी से इस सशक्त महिला पर प्रहार किए।जैनेस आर. एम. On the Reception of Mary Wollstonecraft's: A Vindication of the Rights of Woman जर्नल ऑफ़ द हिस्ट्री ऑफ़ आइडियास 1978 39 2 293 10.2307/2708781 https://www.jstor.org/stable/2708781 29 अगस्त 2026 मैरी वोलस्टोनक्राफ़्ट के 'अ विंडिकेशन ऑफ़ द राइट्स ऑफ़ वुमन' के स्वागत पर यूनिवर्सिटी ऑफ़ पेंसिल्वेनिया प्रेस 0022-5037 It is popularly assumed that Mary Wollstonecraft's A Vindication of the Rights of Woman was greeted with shock, horror, and derision when it appeared early in 1792, that the forces of reaction massed against this bold attempt to assert the equality of woman and spatterred the Amazon with their pens. इन्हें भी देखें नारीवादी आंदोलन की पहली लहर नारीवादी आंदोलन की दूसरी लहर महिला मताधिकार सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ पूरी पुस्तक पढ़ें। श्रेणी:निबंध श्रेणी:नारीवाद पर आधारित पुस्तकें श्रेणी:महिलाओं के अधिकार