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मैं अमर शहीदों का चारण
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मैं अमर शहीदों का चारण हिंदी भाषा की एक लोकप्रिय कविता है। इसके रचेता श्रीकृष्ण सरल (1919-2000) हैं।https://books.google.co.in/books?id=9W9jAAAAMAAJ&newbks=0&hl=en&redir_esc=y महावली: आधुनिक संदर्भ में पवन-पुत्र पर प्रेरक महाकाव्य सरल श्रीकृष्ण 2005 सत्काल 978-81-87859-50-5 hi सरल स्वयं को 'शहीदों का चारण' कहते हैं, मध्ययुगीन युग के चारणों के समानांतर जो अपने काव्य से युद्ध के मैदान में सैनिकों को प्राचीन योद्धाओं का स्मरण कराके उनकी तरह वीरता से लड़ने को प्रेरित करते। कविता का विषय देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीरों के बलिदान को याद करना और उन्हें संजोना है। https://books.google.co.in/books?id=Oh59EAAAQBAJ&newbks=0&hl=en&redir_esc=y Sahity Ki Diary Chaitanya Dr Bhagwanswaroop 2022-07-23 Booksclinic Publishing 978-93-5535-137-1 hi
कविता के कुछ छंद और टेक
कविता का प्रत्येक छंद एक ही पंक्ति वाले दोहे के साथ समाप्त होता है: मैं अमर शहीदों का चारण उनके यश गाया करता हूँ। सरल भाषा का प्रयोग करते हुए श्रीकृष्ण सरल ने अपनी कृति में भारत के क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता आंदोलन और देशभक्ति की भावना को व्यक्त किया और देश की नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम और इससे जुड़े शहीदों के गुण याद दिलाए। https://books.google.co.in/books?id=3TIhAAAAMAAJ&newbks=0&hl=en&redir_esc=y Hindī sāhitya kā itihāsa Śrīśaraṇa Rastogī Āloka Kumāra 1988 Prema Prakāśana Mandira hi https://www.shikshajyoti.com/2020/05/blog-post_4.html हिंदी कक्षा 5 पाठ 1 मैं अमर शहीदों का चारण – श्रीकृष्ण सरल/ MAIN AMAR SHAHIDON KA CHARAN 2022-09-01
हिन्दी टिप्पणीमैं अमर शहीदों का चारण
उनके गुण गाया करता हूँ
जो कर्ज राष्ट्र ने खाया है,
मैं उसे चुकाया करता हूँ।कवि कहते है कि मैं उन लोगों के कीर्ति का गायन करनेवाला हूँ जिन्होंने देश के लिए प्राणों को बलिदान कर दिया
मैं उनका यश गान करता हूँ।
चूंकि भारत उनके बलिदान की कीमत पर स्वतंत्र हुआ है इसलिए यह उनका ऋणी है,और मैं उस ऋण को शहीदों का यश गान करके चुकाता हूँ।
संदर्भ
बाहरी कड़ियाँ
श्रीकृष्ण की रचनाएं कविता कोश में
वाचिक दधीचि श्रीकृष्ण 'सरल' में 'अमर शाहिदों का चाणण' -- सन्तोष व्यास
श्रेणी:हिन्दी साहित्य
श्रेणी:हिन्दी काव्य