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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

मणिप्रवालम

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जनवरी 2021 right|thumb|300px|मलयालम लिखने के लिये प्रयुक्त मणिप्रवालम् मणिप्रवालम्, दक्षिणी भारत में प्रचलित एक साहित्यिक शैली थी जिसका उपयोग मध्यकालीन धार्मिक ग्रन्थों में किया गया था। यह मलयाळम् और संस्कृत का मिश्रण थी। १४वीं शताब्दी के ग्रंथ 'लीलातिलकम् ' के अनुसार, यह शैली द्रविड़ और संस्कृत को मणि और प्रवाल (मूँगा) की तरह बिना किसी मतभेद के जोड़ती है। यह शैली १२वीं से १४वीं शताब्दी के आसपास केरल के साहित्य में, विशेषकर चम्पू काव्य (गद्य-पद्य मिश्रित) में प्रमुख थी। 'लीलातिलकम्' (व्याकरण और काव्यशास्त्र) तथा 'उन्नुनीलि संदेशम्' मणिप्रवालम् साहित्य के प्रमुख उदाहरण हैं। इसका उपयोग मुख्य रूप से शृंगार, भक्ति और दरबारी काव्य में किया जाता था। इन्हें भी देखें संगम साहित्य ग्रन्थ लिपि श्रेणी:भारतीय भाषाएँ