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गुजरात
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गुजरात राज्य जय जय गरवी गुजरात infobox 280 1/2/2/2/1 center Rani ki vav 02.jpg रानी की वाव Wankaner-palace.png वांकानेर Dwarakadheesh Temple, 2014.jpg श्री द्वारकाधीश मंदिर Garba playing.jpg नवरात्र ShahAlamDargah 21393.jpg Science Centre Patan.jpg पाटण में एक विज्ञान केन्द्र Safed Rann, Kutch.jpg कच्छ का रण Mandvi Beach.jpg मांडवी Sabarmati riverside.jpg साबरमती रिवरफ़्रंट a montage of images from Gujarat showing statues of Mahatma Gandhi and Sardar Vallabhbhai Patel, people, temples, a palace and a salt marsh IN-GJ.svg भारत में गुजरात भारत में गुजरात का स्थान 23 13 N 72 41 E region:IN-GJ dms inline,title अहमदाबाद देश भारत गठन 1 मई 1960गुजरात दिवस https://holidaytoday.in/hi/special-day/statehood/gujarat-day Holiday Today 2025-04-29 2025-04-29 hi 29 अप्रैल 2025 https://web.archive.org/web/20250429084326/https://holidaytoday.in/hi/special-day/statehood/gujarat-day dead राजधानी गाँधीनगर सबसे बड़ा शहर अहमदाबाद ज़िले para 33 गुजरात सरकार राज्यपाल आचार्य देवव्रत मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल (भाजपा) विधानमण्डल एकसदनीय
गुजरात विधान सभा (182 सीटें) संसदीय क्षेत्र राज्य सभा (11 सीटें)लोक सभा (26 सीटें) उच्च न्यायालय गुजरात उच्च न्यायालय Metric 196244 5वां 60439692 2011 9वां (2011 की जनगणना रिपोर्ट के अनुसार 10वां) 308 GJ भारतीय मानक समय +05:30 IN-GJ GSDP (2021-2022) Gujarat Budget Analysis 2022-2023-PRS India https://prsindia.org/files/budget/budget_state/gujarat/2022/Gujarat_State%20Budget%20Analysis%202022-23.pdf PRS Legislative Research 8 May 2022Per Capita Net State Domestic Product - State-wise (At Current Prices) https://www.rbi.org.in/Scripts/PublicationsView.aspx?id=20414 Reserve Bank of India 21 January 2022 कुल 19.44 t r प्रति व्यक्ति 243761 r भाषाएं राजभाषा गुजराती16 July 2014 50th Report of the Commissioner for Linguistic Minorities in India http://nclm.nic.in/shared/linkimages/NCLM50thReport.pdf dead https://web.archive.org/web/20160708012438/http://nclm.nic.in/shared/linkimages/NCLM50thReport.pdf 8 July 2016 6 November 2016 118 अतिरिक्त आधिकारिक हिन्दीBenedikter Thomas https://books.google.com/books?id=vpZv2GHM7VQC&pg=PA89 Language Policy and Linguistic Minorities in India: An Appraisal of the Linguistic Rights of Minorities in India LIT Verlag Münster 2009 978-3-643-10231-7 89 13 June 2018 https://web.archive.org/web/20160425230812/https://books.google.com/books?id=vpZv2GHM7VQC&pg=PA89 25 April 2016 live मानव विकास सूचकांक (2019) 0.672Human Development Indices (5.0) https://globaldatalab.org/shdi/shdi/IND/?levels=1%2B4&interpolation=1&extrapolation=0&nearest_real=0&years=2019%2B2014%2B2009%2B2004%2B1999%2B1994%2B1990 17 February 2022 साक्षरता (2017) 83.4%
Household Social Consumption on Education in India http://mospi.nic.in/sites/default/files/publication_reports/Report_585_75th_round_Education_final_1507_0.pdf dead https://web.archive.org/web/20201102082546/http://mospi.nic.in/sites/default/files/publication_reports/Report_585_75th_round_Education_final_1507_0.pdf 2 November 2020 17 February 2022 लिंगानुपात (2011) 919 ♀/1000 ♂Census 2011 (Final Data) – Demographic details, Literate Population (Total, Rural & Urban) http://planningcommission.gov.in/data/datatable/data_2312/DatabookDec2014%20307.pdf dead https://web.archive.org/web/20180127163347/http://planningcommission.gov.in/data/datatable/data_2312/DatabookDec2014%20307.pdf 27 January 2018 3 October 2018 planningcommission.gov.in Planning Commission, Government of India cap †बॉम्बे (पुनर्गठन) अधिनियम 1960 द्वारा बॉम्बे राज्य को दो राज्यों यानी महाराष्ट्र और गुजरात में विभाजित किया गया था। सत्यमेव जयते क्षेत्र पश्चिम भारत गुजरात राज्य gu ગુજરાત gu Gujarat no 590 500 137 -1 1145 Government Of Gujarat Seal In All Languages.svg प्रतीक
गुजरात (gu ગુજરાત, en Gujarat no) पश्चिमी भारत में स्थित एक राज्य है। इसकी उत्तरी-पश्चिमी सीमा जो अन्तर्राष्ट्रीय सीमा भी है, पाकिस्तान से लगी है। राजस्थान और मध्य प्रदेश इसके क्रमशः उत्तर एवं उत्तर-पूर्व में स्थित राज्य हैं। महाराष्ट्र इसके दक्षिण में है। अरब सागर इसकी पश्चिमी-दक्षिणी सीमा बनाता है। इसकी दक्षिणी सीमा पर दादर एवं नगर-हवेली हैं। इस राज्य की राजधानी गांधीनगर है। गांधीनगर, राज्य के प्रमुख व्यवसायिक केन्द्र अहमदाबाद के समीप स्थित है। गुजरात का क्षेत्रफल 1,96,024 किलोमीटर है।
भूतकाल में इसे गुर्जरत्रा प्रदेश के नाम से जाना जाता था
गुजरात, भारत का एक राज्य है। कच्छ, सौराष्ट्र, काठियावाड, हालार, पांचाल, गोहिलवाड, झालावाड और गुजरात उसके प्रादेशिक सांस्कृतिक अंग हैं। इनकी लोक संस्कृति और साहित्य का अनुबन्ध राजस्थान, सिंध और पंजाब, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के साथ है। विशाल सागर तट वाले इस राज्य में इतिहास युग के आरम्भ होने से पूर्व ही अनेक विदेशी जातियाँ थल और समुद्र मार्ग से आकर स्थायी रूप से बसी हुई हैं। इसके उपरांत गुजरात में अट्ठाइस आदिवासी जातियां हैं। जन-समाज के ऐसे वैविध्य के कारण इस प्रदेश को भाँति-भाँति की लोक संस्कृतियों का लाभ मिला है।
इतिहास
गुजरात का इतिहास
गुजरात का इतिहास पाषाण युग के बस्तियों के साथ शुरू हुआ, इसके बाद चोलकोथिक और कांस्य युग के बस्तियों जैसे सिंधु घाटी सभ्यता।https://www.cntraveller.in/story/india-via-gujarat/ Where does history begin? 19 अक्टूबर 2017 Condé Nast Traveller India 1 मार्च 2019 https://web.archive.org/web/20171027131256/https://www.cntraveller.in/story/india-via-gujarat/ 27 अक्तूबर 2017 dead गुजरात का इतिहास ईसवी पूर्व लगभग २,००० वर्ष पुराना है। माना जाता है कि कृष्ण मथुरा छोड़कर सौराष्ट्र के पश्चिमी तट पर जा बसे, जो द्वारिका यानी प्रवेशद्वार कहलाया। बाद के वर्षो में मौर्य, गुप्त तथा अन्य अनेक राजवंशों ने इस प्रदेश पर राज किया। चालुक्य राजवंश का शासनकाल गुजरात में प्रगति और समृद्ध का युग था।
भूगोल
स्वतन्त्रता से पहले गुजरात का वर्तमान क्षेत्र मुख्य रूप से दो भागों में विभक्त था- एक ब्रिटिश क्षेत्र और दूसरा देसी रियासतें। राज्यों के पुनर्गठन के कारण सौराष्ट्र के राज्यों और कच्छ के केन्द्र शासित प्रदेश के साथ पूर्व ब्रिटिश गुजरात को मिलाकर द्विभाषी बम्बई राज्य का गठन हुआ। १ मई सन १९६० ई को वर्तमान गुजरातhttps://hindi.mapsofindia.com/gujarat/ गुजरात का नक्शा, इतिहास, भूगोल, जिले एवं गुजरात की अन्य जानकारी | Gujarat Map in Hindi. 1 मार्च 2019 https://web.archive.org/web/20190225223649/https://hindi.mapsofindia.com/gujarat/ 25 फ़रवरी सन 2019 ई dead राज्य अस्तित्व में आया। गुजरात भारत के पश्चिमी तट पर स्थित है। इसके पश्चिम में अरब सागर, उत्तर में पाकिस्तान तथा उत्तर-पूर्व में राजस्थान, दक्षिण-पूर्व में मध्यप्रदेश और दक्षिण में महाराष्ट्र है। राज्य का भौगोलिक क्षेत्रफल 1,96,024 वर्ग किमी है। ये भूगोल की तरह सोचे तो दो जगह पानी रखता हैं
गुजरात के जिले
जिला कोड जिला नाममुख्यालयक्षेत्रफल AH अहमदाबाद अहमदाबाद ८,७०७ AM अमरेली अमरेली ६,७६० AN आणंद आणंद २,९४२ BK बनासकांठा पालनपुर १२,७०३ BR भरुच भरुच ६,५२४ BV भावनगर भावनगर ११,१५५ DA दाहोद दाहोद ३,६५२ DG डांग आहवा १७६४ GA गांधीनगर गांधीनगर ६४९ JA जामनगर जामनगर १४,१२५ JU जूनागढ जूनागढ ,८८३९ KA कच्छ भुज ४५,६५२ KH खेड़ा नडियाद ४,२१५ MA महेसाणा महेसाणा ४,३८६ NR नर्मदा राजपीपला २,७४९ NV नवसारी नवसारी २,२११ PA पाटण पाटण ५,७६८ PM पंचमहाल गोधरा ५,२१९ PO पोरबंदर पोरबंदर २,२९४ RA राजकोट राजकोट ११,२०३ SK साबरकांठा हिंमतनगर ७,३९० SN सुरेन्द्रनगर सुरेन्द्रनगर १०,४८९ ST सुरत सुरत ७,६५७ TA तापी व्यारा ३,०४० VD वडोदरावडोदरा ७,७९४ VL वलसाड वलसाड ३,०३४ DD देवभूमि द्वारका जामखंभालिया - GS गीर सोमनाथ वेरावल - MR मोरबी मोरबी - BT बोटाद बोटाद - AR अरवल्ली मोडासा - MS महीसागर लुणावाडा - CU छोटा उदेपुर छोटा उदेपुर - वाव–थराद थराद –
अर्थव्यवस्था
कृषि
गुजरात कपास, तम्बाकू और मूँगफली का उत्पादन करने वाला देश का प्रमुख राज्य है तथा यह कपड़ा, तेल और साबुन जैसे महत्वपूर्ण उद्योगों के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराता है। यहाँ की अन्य महत्वपूर्ण नकदी फसलें हैं - इसबगोल, धान, गेहूँ और बाजरा। गुजरात के वनों में उपलबध वृक्षों की जातियाँ हैं-सागवान, खैर, हलदरियो, सादाद और बाँस।
उद्योग
राज्य में औद्योगिक ढाँचे में धीरे-धीरे विविधता आती जा रही है और यहाँ रसायन, पेट्रो-रसायन, उर्वरक, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि उद्योगों का विकास हो रहा है। २००४ के अन्त में राज्य में पंजीकृत चालू फैक्टरियों की संख्या २१,५३६ (अस्थाई) थी जिनमें औसतन ९.२७ लाख दैनिक श्रमिकों को रोजगार मिला हुआ था। मार्च, २००५ तक राज्य में २.९९ लाख लघु औद्योगिक इकाइयों का पंजीकरण हो चुका था। गुजरात औद्योगिक विकास निगम को ढाँचागत सुविधाओ के साथ औद्योगिक सम्पदाओं के विकास की भूमिका सौंपी गई है। दिसंबर, २००५ तक गुजरात औद्योगिक विकास निगम ने २३७ औद्योगिक सम्पदाएँ स्थापित की थी।
सिंचाई और बिजली
राज्य में भूतलीय जल तथा भूमिगत जल द्वारा कुल सिंचाई क्षमता ६४.४८ लाख हेक्टेयर आंकी गई है जिसमें सरदार सरोवर (नर्मदा) परियोजना की १७.९२ लाख हेक्टेयर क्षमता भी सम्मिलित है। राज्य में जून २००५ तक कुल सिंचाई क्षमता ४०.३४ लाख हेक्टेयर क्षमता भी सम्मिलित है। राज्य में जून २००७ तक कुल सिंचाई क्षमता ४२.२६ लाख हेक्टेयर तक पहुँच गई थी। जून २००७ तक अधिकतम उपयोग क्षमता ३७.३३ लाख हेक्टेयर आँकी गई।
परिवहन
सड़कें
२००५-०६ के अन्त में राज्य में सड़कों की कुल लम्बाई (गैर योजना, सामुदायिक, नगरीय और परियोजना सड़कों के अतिरिक्त) लगभग ७४,०३८ किलोमीटर थी।
उड्डयन
राज्य के अहमदाबाद स्थित मुख्य हवाई अड्डे से मुम्बई, दिल्ली और अन्य नगरों के लिए दैनिक विमान सेवा उपलब्ध है। अहमदाबाद हवाई अड्डे को अब अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा मिल गया हैं। अन्य हवाई अड्डे वड़ोदरा, भावनगर, भुज, सूरत, जामनगर, काण्डला, केशोद, पोरबन्दर और राजकोट में है।
रेल
गुजरात का सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन वडोदरा जंक्शन है। यहाँ से हर रोज १५० से भी ज्यादा ट्रेन पसर होती है और भारत के लगभग हर एक कोने में जाने के लिए यहाँ से ट्रेन उपलब्ध होती है। वडोदरा के अलावा गुजरात के बड़े स्टेशनों में अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, भुज और भावनगर का समावेश होता है। गुजरात भारतीय रेल के पश्चिम रेलवे ज़ोन में पड़ता है।
बन्दरगाह
गुजरात में कुल ४० बन्दरगाह हैं। काण्डला राज्य का प्रमुख बन्दरगाह है। वर्ष २००४-०५ के दौरान गुजरात के मंझोले और छोटे बन्दरगाहों से कुल ९७१.२८ लाख टन माल ढोया गया जबकि काण्डला बन्दरगाह से ४१५.५१ लाख टन माल ढोया गया।
संस्कृति
त्योहार
भाद्रपद्र (अगस्त-सितंबर) मास के शुक्ल पक्ष में चतुर्थी, पंचमी और षष्ठी के दिवस तरणेतर गांव में भगवान शिव की स्तुति में तरणेतर मेला लगता है। भगवान कृष्ण द्वारा रुक्मणी से विवाह के उपलक्ष्य में चैत्र (मार्च-अप्रैल) के शुक्ल पक्ष की नवमी को पोरबंदर के पास माधवपूर में माधावराय मेला लगता है। उत्तरी गुजरात के बनासकांठा जिले में हर वर्ष मां अंबा को समर्पित अंबा जी मेला आयेजित किया जाता हैं। राज्य का सबसे बड़ा वार्षिक मेला द्वारिका और डाकोर में भगवान कृष्ण के जन्मदिवस जन्माष्टमी के अवसर पर बड़े हर्षोल्लास से आयोजित होता है। इसके अलावा गुजरात में मकर सक्रांति, नवरात्रि, डांगी दरबार, शामलाजी मेले तथा भावनाथ मेले का भी आयोजन किया जाता हैं।
पर्यटन स्थल
राज्य में द्वारका, सोमनाथ, पालीताना, पावागढ़, अंबाजी भद्रेश्वर, शामलाजी,बगदाणा,वीरपुर,खेरालु (सूर्यमंदिर),मोढेरा (सूर्यमंदिर) तारंगा,निष्कलंक महादेव,राजपरा (भावनगर),बहुचराजी, और गिरनार जैसे धार्मिक स्थलों के अलावा महात्मा गांधी की जन्मभूमि पोरबंदर तथा पुरातत्व और वास्तुकला की दृष्टि से उल्लेखनीय पाटन, सिद्धपुर, घुरनली, दभेई, बडनगर, मोधेरा, लोथल और अहमदाबाद जैसे स्थान भी हैं। अहमदपुर मांडवी, चारबाड़ उभारत और तीथल के सुंदर समुद्री तट, सतपुड़ा पर्वतीय स्थल, गिर वनों के शेरों का अभयारण्य और कच्छ में जंगली गधों का अभयारण्य भी पर्यटकों के आकर्षण का केद्र हैं। इसके अलावा गुजरात के स्थानीय व्यंजन के जायके भी गुजरात की खूबसूरती को और बढ़ाते है। गुजरात के पाटण में स्थित रानी की वाव यूनेस्को विश्व विरासत स्थल सूची में शामिल है।
प्रशासन
सरकार
राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त राज्यपाल गुजरात के प्रशासन का प्रमुख होता है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिमंडल राज्यपाल को उसके कामकाज में सहयोग और सलाह देता है। राज्य में एक निर्वाचित निकाय एकसदनात्मक विधानसभा है। उच्च न्यायालय राज्य की सर्वोपरि न्यायिक सत्ता है, जबकि नगर न्यायालय, ज़िला व सत्र न्यायाधीशों के न्यायालय और प्रत्येक ज़िले में दीवानी मामलों के न्यायाधीशों के न्यायालय हैं। राज्य को 34 प्रशासनिक ज़िलों में बांटा गया है। अहमदाबाद, अमरेली, बनास कंठा, भरूच, भावनगर, डेंग, गाँधीनगर, खेड़ा, महेसाणा, पंचमहल, राजकोट, साबर कंठा, सूरत सुरेंद्रनगर, वडोदरा, महीसागर, वलसाड, नवसारी, नर्मदा, दोहद, आनंद, पाटन, जामनगर, पोरबंदर, जूनागढ़ और कच्छ, प्रत्येक ज़िले का राजस्व और सामान्य प्रशासन ज़िलाधीश की देखरेख में होता है, जो क़ानून और व्यवस्था भी बनाए रखता है। स्थानीय प्रशासन में आम लोगों को शामिल करने के लिए 1963 में पंचायत द्वारा प्रशासन की शुरुआत की गई।
स्वास्थ्य
स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं में मलेरिया, तपेदिक, कुष्ठ और अन्य संक्रामक रोगों के उन्मूलन के साथ-साथ पेयजल की आपूर्ति में सुधार और खाद्य सामग्री में मिलावट को रोकने के कार्यक्रम शामिल हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों और चिकित्सा महाविद्यालयों के विस्तार के लिए भी क़दम उठाए गए हैं।
जन-कल्याण
बच्चों, महिलाओं और विकलांगों, वृद्ध, असहाय, परित्यक्त के साथ-साथ अपराधी भिखारी, अनाथ और जेल से छुटे लोगों की कल्याण आवश्यकताओं की देखरेख विभिन्न राजकीय संस्थाएं करती हैं। राज्य में तथाकथित पिछड़े वर्ग के लोगों की शिक्षा, आर्थिक विकास, स्वास्थ्य और आवास की देखरेख के लिए एक अलग विभाग है।
जनजीवन
गुजराती जनसंख्या में विविध जातीय समूह का मोटे तौर पर इंडिक / भारतोद्भव (उत्तरी मूल) या द्रविड़ (दक्षिणी मूल) के रूप में वर्गीकरण किया जा सकता है। पहले वर्ग में नगर ब्राह्मण,राजपूत,दरबार,भरवाड़,आहिर,गढ़वी,रबारी, पाटीदारपटेल और कई जातियां (जबकि दक्षिणी मूल के लोगों में वाल्मीकि, कोली, डबला, नायकदा व मच्छि-खरवा जनजातिया हैं। शेष जनसंख्या में आदिवासी भील मिश्रित विशेषताएं दर्शाते हैं। अनुसूचित जनजाति और आदिवासी जनजाति के सदस्य प्रदेश की जनसंख्या का लगभग पाँचवां हिस्सा हैं। यहाँ डांग ज़िला पूर्णत: आदिवासी युक्त ज़िला है। अहमदाबाद ज़िले में अनुसूचित जनजाति का अनुपात सर्वाधिक है। गुजरात में जनसंख्या का मुख्य संकेंद्रण अहमदाबाद, खेड़ा, वडोदरा, सूरत और वल्सर के मैदानी क्षेत्र में देखा जा सकता है। यह क्षेत्र कृषि के दृष्टिकोण से उर्वर है और अत्यधिक औद्योगीकृत है। जनसंख्या का एक अन्य संकेंद्रण मंगरोल से महुवा तक और राजकोट एवं जामनगर के आसपास के हिस्सों सहित सौराष्ट्र के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में देखा जा सकता है। जनसंख्या का वितरण उत्तर (कच्छ) और पूर्वी पर्वतीय क्षेत्रों की ओर क्रमश कम होता जाता है। जनसंख्या का औसत घनत्व 258 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी (2001) है और दशकीय वृद्धि दर 2001 में 22.48 प्रतिशत पाई गई।
शिक्षा
600 या इससे ज़्यादा जनसंख्या वाले लगभग सभी गाँवों में सात से ग्यारह वर्ष के सभी बच्चों के लिए प्राथमिक पाठशालाएँ खोली जा चुकी हैं। आदिवासी बच्चों को कला और शिल्प की शिक्षा देने के लिए विशेष विद्यालय चलाए जाते हैं। यहाँ अनेक माध्यमिक और उच्चतर विद्यालयों के साथ-साथ नौ विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा के लिए बड़ी संख्या में शिक्षण संस्थान हैं। अभियांत्रिकी महाविद्यालयों और तकनीकी विद्यालयों द्वारा तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। शोध संस्थानों में अहमदाबाद में फ़िज़िकल रिसर्च लेबोरेटरी अहमदाबाद टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज़ रिसर्च एशोसिएशन, सेठ भोलाभाई जेसिंगभाई इंस्टिट्यूट ऑफ़ लर्निंग ऐंड रिसर्च, द इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, द नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन और द सरदार पटेल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इकोनॉमिक ऐंड सोशल रिसर्च, वडोदरा में ओरिएंटल इंस्टिट्यूट तथा भावनगर में सेंट्रल साल्ट ऐंड मॅरीन केमिकल रिसर्च इंस्टिट्यूट एवम वङोदरा में देश की पहली रेलवे यूनिवर्सिटी शामिल हैं।
भाषा
गुजराती और हिन्दी राज्य की अधिकृत भाषाएं हैं। दोनों में गुजराती का ज़्यादा व्यापक इस्तेमाल होता है, जो संस्कृत के अलावा प्राचीन भारतीय मूल भाषा प्राकृत और 10 वीं शताब्दी के बीच उत्तरी और पश्चिमी भारत में बोली जाने वाली अपभ्रंश भाषा से व्युत्पन्न एक भारतीय-आर्य भाषा है। समुद्र मार्ग से गुजरात के विदेशों से संपर्क ने फ़ारसी, अरबी, तुर्की, पुर्तग़ाली और अंग्रेज़ी शब्दों से इसका परिचय करवाया। गुजराती में महात्मा गांधी की विलक्षण रचनाएं अपनी सादगी और ऊर्जस्विता के लिए प्रसिद्ध हैं। इन रचनाओं ने आधुनिक गुजराती गद्य पर ज़बरदस्त प्रभाव डाला है। गुजरात में राजभाषा गुजराती भाषा के अतिरिक्त हिन्दी, मराठी और अंग्रेज़ी का प्रचलन है। गुजराती भाषा नवीन भारतीय–आर्य भाषाओं के दक्षिण–पश्चिमी समूह से सम्बन्धित है। इतालवी विद्वान तेस्सितोरी ने प्राचीन गुजराती को प्राचीन पश्चिमी राजस्थानी भी कहा, क्योंकि उनके काल में इस भाषा का उपयोग उस क्षेत्र में भी होता था, जिसे अब राजस्थान राज्य कहा जाता है।
धर्म
गुजरात में अधिकांश जनसंख्या हिन्दू धर्म को मानती है, जबकि कुछ संख्या इस्लाम, जैन और पारसी धर्म मानने वालों की भी है।
संस्कृति
गुजरात की अधिकांश लोक संस्कृति और लोकगीत हिन्दू धार्मिक साहित्य पुराण में वर्णित भगवान कृष्ण से जुड़ी किंवदंतियों से प्रतिबिंबित होती है। कृष्ण के सम्मान में किया जाने वाला रासनृत्य और रासलीला प्रसिद्ध लोकनृत्य "गरबा" के रूप में अब भी प्रचलित है। यह नृत्य देवी दुर्गा के नवरात्री पर्व में किया जाता है। एक लोक नाट्य भवई भी अभी अस्तित्व में है।
गुजरात में शैववाद के साथ-साथ वैष्णववाद भी लंबे समय से फलता-फूलता रहा है, जिनसे भक्ति मत का उद्भव हुआ। प्रमुख संतों, कवियों और संगीतज्ञों में 15वीं सदी में पदों के रचयिता नरसी मेहता, अपने महल को त्यागने वाली 16वीं सदी की राजपूत राजकुमारी व भजनों की रचनाकार मीराबाई, 18वीं सदी के कवि और लेखक प्रेमानंद और भक्ति मत को लोकप्रिय बनाने वाले गीतकार दयाराम शामिल हैं। भारत में अन्य जगहों की तुलना में अहिंसा और शाकाहार की विशिष्टता वाले जैन धर्म ने गुजरात में गहरी जड़े जमाई। ज़रथुस्त्र के अनुयायी पारसी 17वीं सदी के बाद किसी समय फ़ारस से भागकर सबसे पहले गुजरात के तट पर ही बसे थे।
इस समुदाय के अधिकांश लोग बाद में बंबई (वर्तमान मुंबई) चले गए। श्रीकृष्ण, दयानन्द सरस्वती, मोहनदास गांधी, सरदार पटेल तथा सुप्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ी रणजी जैसे व्यक्तित्व ने प्रदेश के समाज को गौरवांवित किया। गुजरात की संस्कृति में मुख्यत: शीशे का काम तथा 'गरबा' एवं 'रास' नृत्य पूरे भारत में प्रसिद्ध है। प्रदेश का सर्वप्रमुख लोक नृत्य गरबा तथा डांडिया है। गरबा नृत्य में स्त्रियाँ सिर पर छिद्रयुक्त पात्र लेकर नृत्य करती हैं, जिस के भीतर दीप जलता है। डांडिया में अक्सर पुरुष भाग लेते हैं परंतु कभी-कभी स्त्री-पुरुष दोनों मिलकर करते हैं। प्रदेश के रहन-सहन और पहनावे पर राजस्थान का प्रभाव देखा जा सकता है। प्रदेश का भवई लोकनाट्य लोकप्रिय है। स्थापत्य शिल्प की दृष्टि से प्रदेश समृद्ध है। इस दृष्टि से रुद्र महालय, सिद्धपुर, मातृमूर्ति पावागढ़, शिल्पगौरव गलतेश्वर, द्वारिकानाथ का मंदिर, शत्रुंजय पालीताना के जैन मंदिर, सीदी सैयद मस्जिद की जालियाँ, पाटन की काष्ठकला इत्यादि महत्त्वपूर्ण हैं। हिन्दी में जो स्थान सूरदास का है गुजराती में वही स्थान नरसी मेहता का है।
त्योहार और मेले
भारत के पश्चिमी भाग में बसा समृद्धशाली राज्य गुजरात अपने त्योहारों और सांस्कृतिक उत्सवों के लिये विश्व प्रसिद्ध है।भाद्रपद्र (अगस्त-सितंबर) मास के शुक्ल पक्ष में चतुर्थी, पंचमी और षष्ठी के दिवस तरणेतर गांव में भगवान शिव की स्तुति में तरणेतर मेला लगता है।भगवान कृष्ण द्वारा रुक्मणी से विवाह के उपलक्ष्य में चैत्र (मार्च-अप्रैल) के शुक्ल पक्ष की नवमी को पोरबंदर के पास माधवपुर में माधवराय मेला लगता है।उत्तरी गुजरात के बांसकांठा ज़िले में हर वर्ष मां अंबा को समर्पित अंबा जी मेला आयोजित किया जाता हैं।राज्य का सबसे बड़ा वार्षिक मेला द्वारका और डाकोर में भगवान कृष्ण के जन्मदिवस जन्माष्टमी के अवसर पर बड़े हर्षोल्लास से आयोजित होता है। इसके अतिरिक्त गुजरात में मकरसंक्राति,नवरात्री, डांगी दरबार, शामला जी मेले तथा भावनाथ मेले का भी आयोजन किया जाता हैं।
कला
गुजरात की वास्तुकला शैली अपनी पूर्णता और अलंकारिकता के लिए विख्यात है, जो सोमनाथ, द्वारका, मोधेरा, थान, घुमली, गिरनार जैसे मंदिरों और स्मारकों में संरक्षित है। मुस्लिम शासन के दौरान एक अलग ही तरीक़े की भारतीय-इस्लामी शैली विकसित हुई। गुजरात अपनी कला व शिल्प की वस्तुओं के लिए भी प्रसिद्ध है। इनमें जामनगर की बांधनी (बंधाई और रंगाई की तकनीक), पाटन का उत्कृष्ट रेशमी वस्त्र पटोला, इदर के खिलौने, पालनपुर का इत्र कोनोदर का हस्तशिल्प का काम और अहमदाबाद व सूरत के लघु मंदिरों का काष्ठशिल्प तथा पौराणिक मूर्तियाँ शामिल हैं। राज्य के सर्वाधिक स्थायी और प्रभावशाली सांस्कृतिक संस्थानों में महाजन के रूप में प्रसिद्ध व्यापार और कला शिल्प संघ है। अक्सर जाति विशेष में अंतर्गठित और स्वायत्त इन संघों ने अतीत कई विवादों को सुलझाया है और लोकहित के माध्यम की भूमिका निभाते हुए कला व संस्कृति को प्रोत्साहन दिया है।
काष्ठ शिल्पकला
गुजरात राज्य में की जाने वाली वास्तु शिल्पीय नक़्क़ाशी कम से कम 15वीं शताब्दी से गुजरात भारत में लकड़ी की नक़्क़ाशी का मुख्य केंद्र रहा है। निर्माण सामग्री के रूप में जिस समय पत्थर का इस्तेमाल अधिक सुविधाजनक और विश्वसनीय था, इस समय भी गुजरात के लोगों ने मंदिरों के मंडप तथा आवासीय भवनों के अग्रभागों, द्वारों, स्तंभों, झरोखों, दीवारगीरों और जालीदार खिड़कियों के निर्माण में निर्माण में बेझिझक लकड़ी का प्रयोग जारी रखा। मुग़ल काल (1556-1707) के दौरान गुजरात की लकड़ी नक़्क़ाशी में देशी एवं मुग़ल शैलियों का सुंदर संयोजन दिखाई देता है। 16वीं सदी के उत्तरार्द्ध एवं 17वीं सदी के जैन काष्ठ मंडपों पर जैन पौराणिक कथाएँ एवं समकालीन जीवन के दृश्य तथा काल्पनिक बेल-बूटे, पशु-पक्षी एवं ज्यामितीय आकृतियाँ उत्कीर्ण की गई हैं; आकृति मूर्तिकला अत्यंत जीवंत एवं लयात्मक है। लकड़ी पर गाढ़े लाल रौग़न का प्रयोग आम था। 19वीं सदी के कई भव्य काष्ठ पुरोभाग संरक्षित हैं, लेकिन उनका अलंकरण पहले की निर्मितियों जैसा ललित और गत्यात्मक नहीं है। गुजरात (/ ˌɡʊdʒərɑːt / Gujrāt [ɡudʒ (ə) ɾaːt̪] (इस ध्वनि के बारे में सुनो) पश्चिमी भारत में एक राज्य है, इसका क्षेत्र 1,6,024 किमी 2 (75,685 वर्ग मील) है जिसमें 1,600 किलोमीटर (9 9 0 9 मील), जिनमें से अधिकांश काठियावाड़ प्रायद्वीप पर स्थित है, और 60 मिलियन से अधिक की आबादी है राज्य को राजस्थान से उत्तर की ओर, दक्षिण में महाराष्ट्र, पूर्व में मध्य प्रदेश, और अरब सागर और पश्चिम में सिंध के पाकिस्तानी प्रांत में सीमाएं हैं। इसकी राजधानी गांधीनगर है, जबकि इसका सबसे बड़ा नगर अहमदाबाद है। गुजरात भारत के गुजराती भाषण वाले लोगों का घर है।
राज्य में प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता की कुछ साइटें शामिल हैं, जैसे लोथल और ढोलवीरा लोथल को दुनिया के पहले बंदरगाहों में से एक माना जाता है। गुजरात के तटीय नगरो, मुख्यतः भरूच और खंभात, मोरिया और गुप्त साम्राज्यों में बंदरगाहों और व्यापार केंद्रों के रूप में कार्य करते थे, और पश्चिमी सतराप काल से शाही शक राजवंशों के उत्तराधिकार के दौरान।
गुजरात प्राचीन यूनानियों के लिए जाना जाता था, और यूरोपीय मध्य युग के अंत के माध्यम से सभ्यता के अन्य पश्चिमी केंद्रों में परिचित था। गुजरात के 2,000 साल के समुद्री इतिहास का सबसे पुराना लिखित रिकार्ड एक ग्रीक किताब में प्रकाशित किया गया है जिसका नाम पेरिप्लस ऑफ द इरिथ्रेअन सी: ट्रैवल एंड ट्रेड इन हिंद ओन्सन ऑफ द मर्चेंट ऑफ द फर्स्ट सेंचुरी है।
प्राचीन लोथल की ढक्कन आज की तरह है
ढोलवीरा में प्राचीन जल भंडार गुजरात सिंधु घाटी सभ्यता के मुख्य केंद्रों में से एक था। इसमें सिंधु घाटी से प्राचीन महानगरीय नगरो जैसे लोथल, धौलावीरा और गोला धोरो शामिल हैं। लोथल प्राचीन नगर था जहां भारत का पहला बंदरगाह स्थापित किया गया था। प्राचीन नगर ढोलवीरा, सिंधु घाटी सभ्यता से संबंधित भारत की सबसे बड़ी और सबसे प्रमुख पुरातात्विक स्थलों में से एक है। सबसे हालिया खोज गोला धोरो थी। कुल मिलाकर, लगभग 50 सिंधु घाटी स्थितियों के खंडहर गुजरात में खोजे गये है।
गुजरात के प्राचीन इतिहास को इसके निवासियों की वाणिज्यिक गतिविधियों से समृद्ध किया गया था। 1000 से 750 ईसा पूर्व के समय के दौरान फारस की खाड़ी में मिस्र, बहरीन और सुमेर के साथ व्यापार और वाणिज्य संबंधों का स्पष्ट ऐतिहासिक प्रमाण है। मौर्या राजवंश, पश्चिमी सतराप, सातवाहन राजवंश, गुप्त साम्राज्य, चालुक्य वंश, राष्ट्रकूट साम्राज्य, पाल साम्राज्य के साथ-साथ स्थानीय राजवंशों जैसे मैत्रकस और फिर हिंदू और बौद्ध राज्यों का उत्तराधिकार था।
गुजरात के शुरुआती इतिहास में चंद्रगुप्त मौर्य की शाही भव्यता को दर्शाया गया है, जिसने पहले के कई राज्यों पर विजय प्राप्त की जो अब गुजरात है। पुष्यगुप्त, एक वैश्य, को मौर्य शासन द्वारा सौराष्ट्र के राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उन्होंने गिरिंगर (आधुनिक दिवस जूनागढ़) (322 ईसा पूर्व से 2 9 4 ईसा पूर्व) पर शासन किया और सुदर्शन झील पर एक बांध बनाया। चंद्रगुप्त मौर्य के पोते सम्राट अशोक ने केवल जूनागढ़ में चट्टान पर अपने पदों के उत्कीर्णन का आदेश नहीं दिया, बल्कि राज्यपाल टुशेरफा को झील से नहरों में कटौती करने के लिए कहा, जहां पहले मौर्य राज्यपाल ने बांध बांध दिया था। मौर्य शक्ति की कमी और उज्जैन के सम्प्रति मौर्यों के प्रभाव में सौराष्ट्र आने के बीच, डेमेट्रीयूस के नेतृत्व में गुजरात में एक इंडो-ग्रीक आक्रमण हुआ। 1 शताब्दी ईस्वी के पहले छमाही में, गुजरात गोंडफेयर के एक व्यापारी की कहानी है जो गुजरात में उत्तराधिकारी थॉमस के साथ उतरती है। शेर की हत्या कर रहे कप वाहक की घटना से संकेत हो सकता है कि बंदरगाह नगर का वर्णन गुजरात में है।
1 सदी ईस्वी की शुरुआत से लगभग 300 वर्षों तक, गुजरात शासकों ने गुजरात के इतिहास में एक प्रमुख भूमिका निभाई। जूनागढ़ में मौसम से पीटा हुआ चट्टान शाकाहारी रूद्राद्रमैन I (100 एडी) की सैकड़ों सैक्रापों की एक झलक देता है जिन्हें पश्चिमी सतराप, या क्षत्रप कहा जाता है।
जातियां
भील : भील भारत देश साथ साथ गुजरात की प्रमुख जनजातियों में से एक है। गुजरात के पूर्वा पट्टी के जिले में भील आदिवासी की संख्या अधिक मात्रा में है। गुजरात के बनासकांठा,साबरकांठा,अरवल्ली महिसागर,दाहोद,पंचमहाल,बड़ोदरा ग्रामीण,छोटाउदयपुर,नर्मदा,भरूच तापी,सूरत,नवसारी,डांग और वलसाड में भील की बस्ती है।
कोली : कोली और भील जनजाति इतिहास के कई युद्ध में एक साथ देखी ।
काठी दरबार : काठी दरबार गुजरात की प्रमुख जातियों में से एक है।
राजपूत :राजपूत जाति गुजरात में पाई जाने वाले जातियों में से एक है।
रबारी :रबारी समाज मूल मालधारी है ये भेस,बकरी, भेड़, उट, चराते है। रबारी समाज मूल राजस्थान है ।
इन्हें भी देखें
गुजरात के लोकसभा सदस्य
धोलावीरा
रन ऑफ कच्छ
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
गुजरात
गुजरात सरकार का जालस्थल (गुजराती)
गुजरात पर्यटन का आधिकारिक जालस्थल
गुजरात का नल सरोवर है प्रवासी पक्षियों का स्वर्ग
गुजरात के प्रमुख नगरो के व्यंजन
गुजरात का प्रसिद्ध व्यंजन खमन ढोकला कैसे बनता हैं। https://web.archive.org/web/20230711192835/https://myawesomepost.com/khaman-dhokla-kaise-banate-hain/ 11 जुलाई 2023
गुजरात राजस्थान राजस्थान मध्य प्रदेश दमन और दीवदादरा एवं नगर हवेलीमहाराष्ट्र अरब सागरमहाराष्ट्र अरब सागर अरब सागर सिंध, पाकिस्तान
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श्रेणी:भारत के राज्य