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शोह अख़सी मदरसा
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शोह अख़सी मदरसा मध्य एशियाई शोह अख़सी मोहल्ला, बुखारा क्षेत्र 16वीं शताब्दी हज़रत अखुंद पोयंदा मुहम्मद हुसैनी शोह अख़सावी पकी हुई ईंट, लकड़ी, पत्थर और जिप्सम 2शोह अख़सी मदरसा उज्बेकिस्तान के बुखारा क्षेत्र में स्थित एक इस्लामी स्कूल (मदरसा) था।
पृष्ठभूमि
यह मदरसा आज तक सुरक्षित नहीं रह सका है। शोह अख़सी मदरसे की स्थापना 16वीं शताब्दी में शोह अख़सी मोहल्ले में बुखारा खानते के शासक अब्दुल्ला खान द्वितीय के शासनकाल के दौरान नक्शबंदिया सूफी सिलसिले के प्रसिद्ध प्रतिनिधि हज़रत अखुंद पोयंदा मुहम्मद हुसैनी शोह अख़सावी द्वारा की गई थी।Buxoro guzarlari tarixidan lavhalar Rahmatova S, Qurbonov H 1995 Buxoro nashriyoti Buxoro 144 uz शोधकर्ता अब्दुसत्तोर जुमानाज़ारोव ने इस मदरसा से संबंधित कई वक्फ़ दस्तावेजों का अध्ययन किया और इसके बारे में जानकारी प्रदान की है। मदरसे की गतिविधियों से संबंधित कई दस्तावेज़ मिले हैं।
एक दस्तावेज़ में उल्लेख है कि इस मदरसे में पढ़ने वाले कमोल होक़न्दी बीमार पड़ गए थे। मदरसे के प्रमुख एक मुदर्रिस (शिक्षक) थे। मदरसे के प्रत्येक कमरे में दो छात्र रहते थे। दस्तावेजों में कहा गया है कि सदर रईस मीर बदरुद्दीन के दान में से एक का उपयोग शोह अख़सी खानकाह (सूफी खानकाह) के पूर्वी हिस्से के 8 कमरों की मरम्मत के लिए किया गया था और वहां छात्र रहते थे।
शोह अख़सावी एक सूफी थे। वह 16वीं शताब्दी में नक्शबंदिया सिलसिले के प्रसिद्ध प्रतिनिधियों में से एक थे। 1566 में जब अब्दुल्ला खान द्वितीय ने अपने स्वयं के मदरसे का निर्माण पूरा किया, तो उन्होंने शोह अख़सावी को चुना और उन्हें मदरसे का मुख्य मुदर्रिस नियुक्त किया। शोह अख़सावी की मृत्यु 1601 में बुखारा में हुई और उन्हें मोज़ोरी शरीफ़ गेट के बाहर दफनाया गया। जिस क्षेत्र में उन्हें दफनाया गया था, उसका नाम उनके नाम पर रखा गया था।Buxoro taʼlim tizimi tarixi Abdusattor Jumanazar 2017 Akademnashr Toshkent 592 uz सादरी ज़िया ने लिखा है कि शोह अख़सी मदरसे में 12 कमरे थे। यह मदरसा मध्य एशियाई स्थापत्य शैली में बनाया गया था। मदरसे के निर्माण में पकी हुई ईंट, लकड़ी, पत्थर और जिप्सम का उपयोग किया गया था।Tarixi Nofeyi (Foydali tarix) Muhammad Ali Baljuvoniy 2001 Akademiya nashriyoti Toshkent 122 uz
संदर्भ