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संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय प्रवासी
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संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय प्रवासी الجالية الهندية في الإمارات العربية المتحدة ar Flag of India.svg भारत का ध्वज भारत का राष्ट्रीय ध्वज ४०,००,००० संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय जनसंख्या लगभग ४० लाख पहुँची: रिपोर्ट https://www.siasat.com/indian-population-in-uae-reaches-nearly-4-million-reports-3148134/ सियासत १४ दिसम्बर २०२४ ६ मई २०२५संयुक्त अरब अमीरात (यू॰ए॰ई॰) जनसंख्या आँकड़े २०२५ https://www.globalmediainsight.com/blog/uae-population-statistics/ ग्लोबल मीडिया इनसाइट ७ अप्रैल २०२५ ६ मई २०२५ भारतीय प्रवासी, प्रवासी भारतीय, दक्षिण एशियाई प्रवासी समुदाय २०२५ अनुमान दुबई, अबू धाबी, शारजाह, अजमान, रास अल खैमाह, फुजैराह, उम्म अल क्वैन मलयालम्, हिन्दी, सिन्धी, तमिळ, तेलुगु, उर्दू, गुजराती, कन्नड, पंजाबी, बाङ्ला, मराठी, अंग्रेज़ी, अरबी हिन्दू धर्म, इस्लाम, ईसाई धर्म, सिख धर्म, जैन धर्म, बौद्ध धर्म, जरथुस्त्र धर्म भारतीय प्रवासी, प्रवासी भारतीय, दक्षिण एशियाई प्रवासी समुदाय, देसी
संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय प्रवासी समुदाय (अंग्रेज़ी: Indian diaspora in the United Arab Emirates, अरबी: الجالية الهندية في الإمارات العربية المتحدة) देश का सर्वाधिक विशाल प्रवासी समुदाय है, जो वहाँ की आर्थिक, सांस्कृतिक तथा सामाजिक संरचना को महत्त्वपूर्ण रूप से आकार प्रदान करता है। संवत् २०८२ (ई॰ सन् २०२५) की स्थिति में, लगभग ४०,००,००० भारतीय नागरिक संयुक्त अरब अमीरात में निवास कर रहे हैं, जो कुल जनसंख्या १,१३,४६,००० का लगभग ३५.२५% भाग हैं। यह लेख भारतीय प्रवासी समुदाय का एक समग्र परिचय प्रस्तुत करता है, जिसमें उनके इतिहास, जनसांख्यिकी, योगदान, सांस्कृतिक उपस्थिति, चुनौतियाँ तथा भारत–संयुक्त अरब अमीरात संबंधों में उनकी भूमिका का विवेचन किया गया है।
इतिहास
तेल-पूर्व युग (संवत् २०१७ वि॰ / ई॰ सन् १९६० से पूर्व)
संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय प्रव्रजन की परम्परा समुद्री व्यापार के माध्यम से शताब्दियों पूर्व आरम्भ हुई थी। भारत तथा अरबी खाड़ी के मध्य ऐतिहासिक सम्बन्ध तृतीय सहस्राब्दी ईसा पूर्व तक अनुगमित किए जा सकते हैं। भारतीय व्यापारी मोती उद्योग तथा प्रारम्भिक वाणिज्य में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।The Arabian Frontier of the British Raj Onley James Oxford University Press 2007 32–39Al-Sayegh Fatma 1998 Merchants' Role in a Changing Society https://archive.org/details/sim_middle-eastern-studies_1998-01_34_1/page/86 Middle Eastern Studies 34 1 87–102
स्वातन्त्र्योत्तर काल (संवत् २००४–२०३० वि॰ / ई॰ सन् १९४७–१९७० के दशक)
भारत की स्वतंत्रता (संवत् २००४ वि॰ / ई॰ सन् १९४७) के पश्चात् दुबई तथा अबू धाबी में भारतीय व्यापारों का विकास तीव्र गति से हुआ। भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी की गई 'ग़ल्फ़ रुपया' मुद्रा यू॰ए॰ई॰ में १९६० के दशक तक प्रचलन में रही, जब तक कि वहाँ 'दिरहम' मुद्रा का प्रचलन प्रारम्भ नहीं हुआ, जो आर्थिक सम्बन्धों की निरन्तरता को दर्शाता है।From Trucial States to United Arab Emirates https://archive.org/details/fromtrucialstate00unse Heard-Bey Frauke Longman 1996 248–250
तेल समृद्धि काल (संवत् २०३०–२०५० वि॰ / ई॰ सन् १९७०–१९९० के दशक)
तेल की खोज के पश्चात् भारत से श्रमिक प्रव्रजन में तीव्र वृद्धि हुई, विशेषतः केरल, तमिळनाडु तथा आन्ध्र प्रदेश से। श्रमिकों की नियुक्ति निर्माण, नौवहन तथा ऊर्जा क्षेत्रों में की गई।Impossible Citizens https://archive.org/details/isbn_8800032622742 Vora Neha Duke University Press 2013 41–68
समकालीन काल (संवत् २०५०–२०८२ वि॰ / ई॰ सन् २०००–२०२५)
इक्कीसवीं शताब्दी में भारतीय प्रव्रजन में विविधता आई, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ, स्वास्थ्यकर्मी, उद्यमी तथा अन्तरराष्ट्रीय छात्र सम्मिलित हुए। यद्यपि कोविड–१९ महामारी के कारण प्रवासियों की वापसी में वृद्धि हुई, तथापि संवत् २०७९ वि॰ (ई॰ सन् २०२२) के पश्चात् जनसंख्या पुनः बढ़ी।Khadria Binod 2014 Skilled Labour Migration ILOhttps://thediplomat.com/2020/07/covid-19-and-the-indian-exodus-from-the-gulf/ COVID-19 and the Indian Exodus Pethiyagoda Kadira 22 July 2020 The Diplomatमार्च 2026 InternetArchiveBot
जनसांख्यिकी
जनसंख्या का विहंगावलोकन
संवत् २०८२ वि॰ (ई॰ सन् २०२५) की स्थिति में, भारतीय नागरिक यू॰ए॰ई॰ की कुल जनसंख्या १,१३,४६,००० का लगभग ३५.२५% भाग हैं। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, संवत् २०८१ वि॰ (ई॰ सन् २०२४) में ३५,७०,००० प्रवासी भारतीयों का अभिलेख किया गया था।https://worldpopulationreview.com/country-rankings/indian-population-by-country Indian Population by Country 2025 6 May 2025
भौगोलिक वितरण
दुबई: लगभग ५०% (२०,००,०००)
अबू धाबी: लगभग २०% (८,००,०००)
शारजाह: लगभग १८% (७,२०,०००)
अन्य अमीरात: लगभग १२% (४,८०,०००)https://www.indembassyuae.gov.in/indian-com-in-uae.php Indian Community in UAE 6 May 2025 1 मई 2025 https://web.archive.org/web/20250501132126/https://www.indembassyuae.gov.in/indian-com-in-uae.php dead
क्षेत्रीय एवं भाषिक संरचना
+संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय प्रवासियों की क्षेत्रीय संरचना (संवत् २०८२ वि॰ / ई॰ सन् २०२५ के अनुमानानुसार): मूल राज्यप्रतिशतअनुमानित संख्याकेरल३५%१४,००,०००तमिळनाडु१५%६,००,०००आन्ध्र प्रदेश एवं तेलङ्गाणा१४%५,६०,०००महाराष्ट्र१०%४,००,०००पञ्जाब ८%३,२०,०००गुजरात७%२,८०,०००उत्तर प्रदेश एवं बिहार६%२,४०,०००कर्नाटक३%१,२०,०००अन्य राज्य२%८०,०००
सामाजिक–आर्थिक स्वरूप
+सामाजिक-आर्थिक संरचनावर्गप्रतिशतविवरणनीली कॉलर श्रमिक६५%निर्माण, सम्भार-तन्त्र, विनिर्माण क्षेत्रश्वेत कॉलर (ग़ैर-पेशेवर)२०%लिपिकीय, विक्रय, प्रशासनिक कार्यपेशेवर एवं उद्यमी१५%अभियन्ता, चिकित्सक, सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ, व्यवसायीआश्रित सदस्य~१०%कार्यरहित पारिवारिक सदस्य
आर्थिक योगदान
प्रेषण
+संयुक्त अरब अमीरात से भारत को भेजे गए प्रेषण (अमेरिकी डॉलर में):वर्षभारत को कुल प्रेषण (अ॰डॉलर अरब में)यू॰ए॰ई॰ का अंश (%)यू॰ए॰ई॰ से योगदान (अ॰डॉलर अरब में)२०२३–२४११८.७१९.२२२.८२०२४१२९~१९.२~२४.८२०२५ (अनुमानित)~१३३~१९.२~२५.५
उद्यमिता एवं व्यापार
यू॰ए॰ई॰ में ४०,००० से अधिक भारतीय उद्यमी लघु एवं मध्यम उद्यमों (SMEs) के स्वामी हैं, जिनका निवेश लगभग ३७ अरब अमेरिकी डॉलर आँका गया है।https://www.ibef.org/archives/detail/12345 Indian SMEs in the UAE February 2025
प्रमुख भारतीय-नेतृत्वित औद्योगिक समूहों में लुलु समूह, लैंडमार्क समूह, थम्बाय समूह, एस्टर डी॰एम॰ हेल्थकेयर तथा एन॰एम॰सी॰ हेल्थ सम्मिलित हैं।https://www.arabianbusiness.com/lists/top-10-indian-business-groups-in-the-uae Top 10 Indian Business Groups in the UAE 17 March 2024
सन् २०२० के पश्चात् २०० से अधिक भारतीय प्रवासी तकनीकी स्टार्टअप्स ने १.२ अरब डॉलर से अधिक की पूँजी जुटाई है।https://magnitt.com/research/indian-founders-lead-uaes-technology-startup-scene Indian Founders Lead UAE's Technology Startup Scene April 2025मार्च 2026 InternetArchiveBot
शिक्षा एवं संस्थान
संयुक्त अरब अमीरात में ७५ से अधिक विद्यालय भारतीय पाठ्यक्रमों (मुख्यतः सी॰बी॰एस॰ई॰ एवं आई॰सी॰एस॰ई॰) से सम्बद्ध हैं, जो प्रवासी भारतीयों के साथ-साथ अन्य प्रवासी समुदायों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ शिक्षा प्रदान करते हैं।https://gulfnews.com/living-in-uae/education/indian-schools-in-the-uae Indian Schools in the UAE 6 May 2025मार्च 2026 InternetArchiveBot
प्रमुख भारतीय विद्यालय:
इण्डियन हाई स्कूल, दुबई – सन् १९६१ में स्थापित, यू॰ए॰ई॰ का प्राचीनतम एवं सर्वाधिक विशाल भारतीय पाठ्यक्रम विद्यालय।
दिल्ली प्राइवेट स्कूल – दुबई एवं शारजाह में कार्यरत सी॰बी॰एस॰ई॰ सम्बद्ध विद्यालयों की श्रृंखला।
आवर ओन इंग्लिश हाई स्कूल – जेम्स एजुकेशन समूह का भाग, क्षेत्र के प्रमुख विद्यालयों में से एक।
वुडलेम पार्क स्कूल, दुबई – सी॰बी॰एस॰ई॰ पाठ्यक्रम प्रदान करता है; वुडलेम एजुकेशन नेटवर्क का अंग।
शारजाह इण्डियन स्कूल – इण्डियन एसोसिएशन शारजाह द्वारा संचालित, विशाल छात्रसंख्या वाला विद्यालय।
ये संस्थान भारतीय शैक्षिक मूल्यों को विदेश में संरक्षित करते हुए यू॰ए॰ई॰ की बहुसांस्कृतिक शैक्षिक संरचना में समरस हो गए हैं।
संस्कृति एवं समुदाय
भारतीय प्रवासी समुदाय ने यू॰ए॰ई॰ की सांस्कृतिक विविधता में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है, अपनी परम्पराओं को जीवित रखते हुए वहाँ की बहुसांस्कृतिक पहचान को समृद्ध किया है।
धार्मिक संस्थान
यू॰ए॰ई॰ में अनेक धार्मिक केन्द्र भारतीय समुदाय की आध्यात्मिक आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं:
बी॰ए॰पी॰एस॰ हिन्दू मन्दिर, अबू धाबी – मध्य एशिया का सर्वाधिक विशाल हिन्दू मन्दिर, संवत् २०८१ वि॰ (ई॰ सन् २०२४) में उद्घाटित।https://www.mandir.ae/ BAPS Hindu Mandir Abu Dhabi
शिव एवं कृष्ण मन्दिर, बुर दुबई – १९५० के दशक से सक्रिय ऐतिहासिक मन्दिर।
गुरु नानक दरबार, दुबई – सिख समुदाय की सेवा में समर्पित प्रमुख गुरुद्वारा।
मरकज़, दुबई – धार्मिक शिक्षा, अन्तरधार्मिक संवाद एवं युवाओं की गतिविधियों हेतु इस्लामी केन्द्र।
जामिआ सअदिया केन्द्र – भारतीयों द्वारा संचालित इस्लामी शैक्षिक एवं सांस्कृतिक केन्द्र, सुन्नी परम्परा एवं अरबी अध्ययन को प्रोत्साहन।
उत्सव एवं संगठन
दीपावली, ईद, होली, ओणम्, नवरात्रि आदि प्रमुख भारतीय पर्व सार्वजनिक आयोजनों एवं सामुदायिक समारोहों के माध्यम से उल्लासपूर्वक मनाए जाते हैं।
इण्डियन सोशल एण्ड कल्चरल सेन्टर, अबू धाबी तथा इण्डियन एसोसिएशन, शारजाह जैसे संगठन सामाजिक, शैक्षिक एवं कल्याणकारी गतिविधियों का संचालन करते हैं।
भारतीय संस्कृति को सादीयात सांस्कृतिक क्षेत्र जैसे राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंचों पर भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है।https://timesofindia.indiatimes.com/india/india-in-focus-as-uae-set-to-open-cultural-district-in-2025/articleshow/110543994.cms India in focus at UAE cultural district 30 May 2024 The Times of India
चुनौतियाँ
यद्यपि भारतीय प्रवासी समुदाय यू॰ए॰ई॰ की अर्थव्यवस्था में महत्त्वपूर्ण योगदान देता है, विशेषतः निम्न-आय वर्ग के श्रमिकों को अनेक संरचनात्मक एवं विधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है:
श्रम सम्बन्धी समस्याएँ – निर्माण, घरेलू कार्य एवं अन्य श्रमिक क्षेत्रों में कार्यरत प्रवासी प्रायः वेतन न मिलने, कार्यस्थल सुरक्षा, दीर्घ कार्यकाल एवं विधिक सहायता की सीमित उपलब्धता जैसी समस्याओं से जूझते हैं।https://www.bbc.com/news/world-middle-east-60165860 UAE migrant workers: Rights concerns persist 22 February 2023मार्च 2026 InternetArchiveBot
क़फ़ाला प्रणाली एवं वीज़ा निर्भरता – यू॰ए॰ई॰ की निवास प्रणाली अभी भी संशोधित क़फ़ाला प्रणाली पर आधारित है, जिससे श्रमिकों की गतिशीलता एवं सौदेबाज़ी की शक्ति सीमित होती है।
श्रम क़ानून में सुधार (२०२४–२५):
मातृत्व अवकाश ६० दिवस किया गया।
लचीले कार्य प्रारूपों की शुरुआत (जैसे दूरस्थ कार्य, अंशकालिक, अस्थायी, कार्य-साझा व्यवस्था)।
त्वरित विवाद समाधान – मानव संसाधन एवं अमीरातकरण मंत्रालय (MOHRE) के निर्णय अब ५०,००० दिरहम तक के दावों हेतु विधिक रूप से बाध्यकारी हैं।https://truein.com/gcc/blogs/uae-labor-laws/ UAE Labor Laws 2025 24 April 2025
भारत–संयुक्त अरब अमीरात सम्बन्ध
हाल की द्विपक्षीय पहलें
पहलवर्ष (ई॰ सन्)विवरणसी॰ई॰पी॰ए॰ (CEPA)२०२२व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता; तेल रहित व्यापार में १०० अरब डॉलर का लक्ष्य।यू॰पी॰आई॰–आनी२०२४भारत की 'यूपीआई' प्रणाली का यू॰ए॰ई॰ की 'आनी' प्रणाली से एकीकरण; पारसीमा डिजिटल भुगतान हेतु।गिफ़्ट सिटी निवेश कोष२०२४यू॰ए॰ई॰ द्वारा भारत की 'गिफ़्ट सिटी' एवं अधोसंरचना में ४–५ अरब डॉलर निवेश की प्रतिज्ञा।
संवत् २०८१–८२ वि॰ में इन पहलियों ने भारत–यू॰ए॰ई॰ सम्बन्धों को आर्थिक, तकनीकी एवं रणनीतिक दृष्टि से सुदृढ़ किया है।
उल्लेखनीय लोग
यूसुफ़ अली एम. ए.- लुलु समूह के अध्यक्ष
बी. आर. शेट्टी - एनएमसी हेल्थ और यूएई एक्सचेंज के संस्थापक
फिरोज मर्चेंट - व्यवसायी और परोपकारी
रुश्दी बिन रशीद
नौफ़ल अहमद
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
भारतीय दूतावास, अबू धाबी
विदेश मन्त्रालय, भारत
यूएई में भारतीय - खलीज टाइम्समई 2026 InternetArchiveBot
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