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मोर्टार (हथियार)
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thumb|right|250px|अमेरिकी सैनिक मोर्टार दागते हुए
मोर्टार एक तोपखाना हथियार है जो विस्फोटक गोले दागता है। मोर्टार के गोले को प्रायः (मोर्टार) बम कहा जाता है।https://www.lexico.com/en/definition/mortar https://web.archive.org/web/20191009230638/https://www.lexico.com/en/definition/mortar dead October 9, 2019 mortar definition Oxford Dictionary of English Oxford University Press en 10 October 2019 इन्हें निकट दूरी के लक्ष्यों पर दागा जाता है, क्योंकि मोर्टार की मारक दूरी लंबी नहीं होती। इसका छोटा बैरल (हथियार) गोले को कम वेग से ऊँचाई पर उछालता है ताकि वह लक्ष्य पर ऊपर से गिर सके। मोर्टार का उपयोग मध्यकाल से किया जा रहा है। ये विभिन्न आकारों में बनाए जाते हैं—बहुत बड़े और भारी मोर्टार से लेकर ऐसे हल्के पैदल सेना मोर्टार तक जिन्हें एक सैनिक भी उठा सकता है। मोर्टार को अप्रत्यक्ष फायर हथियार कहा जाता है, क्योंकि गोला सीधे निशाना लगाकर नहीं बल्कि ऊपर से गिरता है। मोर्टार चलाने वाले सैनिकों को लक्ष्य को सीधे देखना आवश्यक नहीं होता।Stephen Turnbull Siege Weapons of the Far East (2): AD 960–1644 2002 Osprey Publishing 978-1-841-76340-8 13Needham Joseph Joseph Needham Science and Civilisation in China. Volume 5. Chemistry and Chemical Technology. Part 7. Military Technology: The Gunpowder Epic 1987 Cambridge University Press Cambridge 9780521303583 313
उपयोग
thumb|left|मोर्टार के तीन अलग-अलग प्रकार के गोले
मोर्टार साधारण और उपयोग में अपेक्षाकृत आसान होता है। अधिकांश मोर्टार मज़ल-लोडर होते हैं, जिनमें एक नली (ट्यूब) होती है जिसमें गनर ऊपर से गोला डालता है। नली सामान्यतः ज़मीन के साथ 45 से 90 डिग्री के कोण पर रखी जाती है।Infantry Mortars of World War II Norris, John; Calow, Robert 2002 कोण जितना अधिक होगा, दूरी उतनी कम होगी। गोला नली के तल में स्थित फायरिंग पिन से टकराता है, जिससे प्रज्वलन होकर गोला दागा जाता है। कुछ बड़े मोर्टारों में फायरिंग पिन को डोरी खींचकर चलाया जाता है।
18वीं से 20वीं शताब्दी के प्रारंभ तक बहुत भारी घेराबंदी मोर्टार प्रचलन में थे। ये बड़े और भारी होते थे तथा इन्हें स्थानांतरित करना कठिन था। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान हल्के और चलायमान डिज़ाइन विकसित किए गए। आज भी मोर्टार व्यापक रूप से उपयोग में हैं।
हल्के और मध्यम मोर्टार आसानी से ले जाए जा सकते हैं और प्रायः पैदल सेना इकाइयों द्वारा उपयोग किए जाते हैं। इन्हें खाई या आवरन स्थिति से दागा जा सकता है।
भारी मोर्टार सामान्यतः 120 से 300 मिमी कैलिबर के होते हैं।From Tampella to Patria Vesa Toivonen 2003 इन्हें वाहन द्वारा खींचा जाता है या स्वचालित तोपखाना के रूप में लगाया जाता है। ये प्रायः बटालियन या डिवीजन स्तर पर उपयोग होते हैं। इतने बड़े होने के बावजूद ये हाउवित्ज़र या फील्ड गन की तुलना में सरल और सस्ते होते हैं।
कुछ आधुनिक मोर्टार दोहरे बैरल जैसे AMOS प्रणाली में विकसित किए गए हैं, जिन्हें बख़्तरबंद वाहनों या नौकाओं पर लगाया जाता है।
संरचना
thumb|LLR 81mm मोर्टार
thumb|मोर्टार का आधार प्लेट और द्विपाद (बाइपॉड)
अधिकांश आधुनिक मोर्टार तीन मुख्य भागों से मिलकर बने होते हैं:
गन बैरल
आधार प्लेट (जिस पर मोर्टार टिकता है)
बाइपॉड (दो पैरों वाला सहारा)
गोला-बारूद
मोर्टार द्वारा दागे जाने वाले गोले को “बम” कहा जाता है। इनके पिछले भाग में पंख (फिन) लगे होते हैं जो उड़ान के दौरान स्थिरता प्रदान करते हैं।
मोर्टार निम्न प्रकार के गोले दाग सकते हैं:
उच्च-विस्फोटक (HE) – सामान्य विस्फोटक गोला।
धुआँ गोला – धुएँ की परत बनाकर दृश्यता रोकता है।
सफेद फॉस्फोरस – धुआँ एवं दहन प्रभाव।
प्रकाश गोला – पैराशूट के साथ फ्लेयर, रात में प्रकाश के लिए।
इतिहास
thumb|right|ग्रेट तुर्की बमबार्ड
मोर्टार का इतिहास कई शताब्दियों पुराना है। 1456 में बेलग्रेड की घेराबंदी के दौरान उस्मानी साम्राज्य सेनाओं द्वारा मोर्टार के उपयोग का उल्लेख मिलता है।Gábor Ágoston Guns for the Sultan 2005Franz Babinger Mehmed the Conqueror and His Time 1992 Princeton University Press 978-0-691-01078-6 140
thumb|सितंबर 1687 में एथेंस के एक्रोपोलिस की वेनिस द्वारा की गई घेराबंदी को दर्शाने वाली नक्काशी। पार्थेनन से टकराने वाले गोले का पथ, जिसके कारण उसमें विस्फोट हुआ, चिह्नित है।
17वीं शताब्दी में मेंनो वान कोएहॉर्न ने हल्का और चलायमान मोर्टार विकसित किया। प्रथम विश्व युद्ध में पश्चिमी मोर्चे की खाइयों में मोर्टार अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुए, क्योंकि वे खाई के भीतर सीधे गिर सकते थे।
इवो जीमा का युद्ध में जापानी सेना ने 320 मिमी मोर्टार का उपयोग किया।
सबसे बड़े मोर्टार
इतिहास के सबसे बड़े मोर्टारों में फ्रांसीसी “मॉन्स्टर मोर्टार” (36 इंच), मैललेट्स मोर्टार और अमेरिकी “लिटिल डेविड” शामिल हैं।Largest Mortar Guinness World Records
घरेलू रूप से निर्मित मोर्टार
कुछ विद्रोही संगठनों ने भी “घरेलू” मोर्टार बनाए। उदाहरणस्वरूप, इज़राइल का स्वतंत्रता युद्ध (1948) में “डेविडका” नामक मोर्टार प्रयोग हुआ। प्रोविजनल आयरिश रिपब्लिकन आर्मी ने “बैरक बस्टर” नामक बड़े घरेलू मोर्टार बनाए। 1991 में हुए डाउनिंग स्ट्रीट हमले में ऐसे मोर्टार का उपयोग हुआ।
गैलरी
संदर्भ
बाहरी कड़ियाँ
Mortars
A Guide to Modern Mortar Systems
Field Manual 3-22.90 – Mortars https://armypubs.army.mil/doctrine/DR_pubs/dr_a/pdf/fm3_22x90.pdf Department of the Army 7 January 2013 December 2007 live https://web.archive.org/web/20130217103519/http://armypubs.army.mil/doctrine/DR_pubs/dr_a/pdf/fm3_22x90.pdf 17 February 2013
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