411 REFERENCE · Wikipedia
हलायुध
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
वेद के वैज्ञानिक हलायुध भाष्यकार हलायुध हलायुध (भाष्यकार)
हलायुध भट्ट (समय लगभग १० वीं० शताब्दी ई०) भारत के प्रसिद्ध ज्योतिषविद्, गणितज्ञ और वैज्ञानिक थे। उन्होंने मृतसंजीवनी नामक ग्रन्थ की रचना की जो पिंगल के छन्दशास्त्र का भाष्य है। इस में पास्कल त्रिभुज (मेरु प्रस्तार) का स्पष्ट वर्णन मिलता है।
''परे पूर्णमिति। उपरिष्टादेकं चतुरस्रकोष्ठं लिखित्वा तस्याधस्तात् उभयतोर्धनिष्क्रान्तं कोष्ठद्वयं लिखेत्। तस्याप्यधस्तात् त्रयं तस्याप्यधस्तात् चतुष्टयं यावदभिमतं स्थानमिति मेरुप्रस्तारः। तस्य प्रथमे कोष्ठे एकसंख्यां व्यवस्थाप्य लक्षणमिदं प्रवर्तयेत्। तत्र परे कोष्ठे यत् वृत्तसंख्याजातं तत् पूर्वकोष्ठयोः पूर्णं निवेशयेत्।
हलायुध द्वारा रचित कोश का नाम अभिधानरत्नमाला है, पर यह हलायुधकोश नाम से अधिक प्रसिद्ध है। इस के ५ कांड (स्वर, भूमि, पाताल, सामान्य, अनेकार्थ) हैं। प्रथम ४ पर्यायवाची कांड हैं, ५वे में अनेकार्थक तथा अव्यय शब्द संगृहीत है। इस में पूर्व कोशकारों के रूप में अमरदत्त, वरुरुचि, भागुरि और वोपालित के नाम उद्धृत है। रूपभेद से लिंग - बोधन की प्रक्रिया अपनाई गई है। ९०० श्लोकों के इस ग्रंथ पर अमरकोश का पर्याप्त प्रभाव जान पड़ता है।
कविरहस्य भी इन का रचित है जिस में आचार्य हलायुध ने धातुओं के लट्लकार के भिन्न भिन्न रूपों का विशदीकरण भी किया है।
इन्हें भी देखें
भारतीय वैज्ञानिकों की सूची
भारतीय गणितज्ञों की सूची
बाहरी कड़ियाँ
पिंगल द्वारा रचित छन्दःसूत्रम् (हलायुध की मृतसंजीवनी' टीका सहित)
Halayudha's Abhidhanaratnamala : a Sanskrit vocabulary (1861)
हलायुध कोशजून 2020 InternetArchiveBot (भारतीय अंकीय पुस्तकालय)
हलायुध कोश (भारतीय अंकीय पुस्तकालय)
हलायुधकोशः (अभिधानरत्नमाला)
श्रेणी:भारतीय वैज्ञानिक
श्रेणी:भारतीय गणितज्ञ