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भारत में पवन ऊर्जा
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भारत में पवन शक्ति जुलाई 2026
अंग्रेज़ी जून 2025
thumb|350px|right|धान के खेतों से लगे हुए पवन ऊर्जा की चक्कियाँ
अंगूठाकार|464x464पिक्सेल|भारत में मीन विंड स्पीड. https://globalwindatlas.info/ Global Wind Atlas https://web.archive.org/web/20190118095006/https://www.globalwindatlas.info/ 18 जनवरी 2019 7 दिसंबर 2018 live
भारत में पवन ऊर्जा का विकास 1990 के दशक में शुरू हुआ और पिछले कुछ वर्षों में इसमें काफी वृद्धि हुई है। ३१ मार्च २०२३ को भारत में पवन ऊर्जा की कुल स्थापित क्षमता 42.633 जीगावाट (GW) थी। पवन ऊर्जा की स्थापित क्षमता के अनुसार विश्व में भारत चौथे स्थान पर है। भारत में पवन ऊर्जा मुख्यतः दक्षिणी, पश्चिमी और पूर्वोत्तर राज्य में उत्पादित हो रही है। Installed capacity of wind power projects in India http://www.indianwindpower.com/news_views.php#tab1 live https://web.archive.org/web/20190519125420/http://www.indianwindpower.com/news_views.php#tab1 19 May 2019 7 April 2018 indianwindpower.com Indian Wind Turbine Manufacturers Association
यथा 31 अक्टूबर 2009, भारत में स्थापित पवन ऊर्जा की क्षमता 11806.69http://www.windpowerindia.com/statstate.html संग्रहीत प्रति 28 अक्तूबर 2010 https://web.archive.org/web/20100405092325/http://www.windpowerindia.com/statstate.html 5 अप्रैल 2010 live मेगावाट थी, जो मुख्य रूप से तमिलनाडु (4900.765 मेगावाट)http://www.tn.gov.in/policynotes/pdf/energy.pdf संग्रहीत प्रति 28 अक्तूबर 2010 https://web.archive.org/web/20120523181436/http://www.tn.gov.in/policynotes/pdf/energy.pdf 23 मई 2012 live , महाराष्ट्र (1945.25 मेगावाट), गुजरात (1580.61 मेगावाट), कर्नाटक (1350.23 मेगावाट) राजस्थान (745.5 मेगावाट), मध्य प्रदेश (212.8 मेगावाट), आन्ध्र प्रदेश (132.45 मेगावाट), केरल (46.5 मेगावाट), ओडिशा (2MW),http://www.projectsmonitor.com/detailnews.asp?newsid=15318 संग्रहीत प्रति 28 अक्तूबर 2010 https://web.archive.org/web/20110715124131/http://www.projectsmonitor.com/detailnews.asp?newsid=15318 15 जुलाई 2011 dead http://www.azocleantech.com/details.asp?newsID=9397 संग्रहीत प्रति 28 अक्तूबर 2010 https://web.archive.org/web/20100412084756/http://www.azocleantech.com/details.asp?NewsID=9397 12 अप्रैल 2010 dead पश्चिम बंगाल (1.1 मेगावाट) और अन्य राज्यों (3.20 मेगावाट)http://www.indianwindpower.com/installed_wind_capacity.php संग्रहीत प्रति 28 अक्तूबर 2010 https://web.archive.org/web/20101027100731/http://www.indianwindpower.com/installed_wind_capacity.php 27 अक्तूबर 2010 dead में फैली हुई थी। ऐसा अनुमान है कि 6,000 मेगावाट की अतिरिक्त पवन ऊर्जा को वर्ष 2012 तक भारत में स्थापित किया जाएगा।http://www.business-standard.com/india/storypage.php?tp=on&autono=44562 2012 तक भारत को 6,000 मेगावाट पवन ऊर्जा जोड़ना है; लेकिन लक्ष्य से पीछे 15 जून 2020 https://web.archive.org/web/20120303005636/http://www.business-standard.com/india/storypage.php?tp=on&autono=44562 3 मार्च 2012 live भारत में स्थापित कुल ऊर्जा क्षमता का 6% पवन ऊर्जा से प्राप्त होता है और देश की ऊर्जा का 1% इससे उत्पन्न होता है।http://www.peopleandplanet.net/doc.php?id=3357 संग्रहीत प्रति 28 अक्तूबर 2010 https://web.archive.org/web/20090203092431/http://www.peopleandplanet.net/doc.php?id=3357 3 फ़रवरी 2009 dead भारत पवन एटलस तैयार कर रहा है।http://cleanpowerdrive.blogspot.com/2010/05/wind-atlas-harnessing-wind-power-in.htmlजून 2020 InternetArchiveBot
सिंहावलोकन
thumb|भारत विश्व का पांचवां सबसे बड़ा पवन बिजली उत्पादक है और इसका वार्षिक ऊर्जा उत्पादन 8896 मेगावाट है।http://www.business-standard.com/india/storypage.php?tp=on&autono=44562 संग्रहीत प्रति 15 जून 2020 https://web.archive.org/web/20120303005636/http://www.business-standard.com/india/storypage.php?tp=on&autono=44562 3 मार्च 2012 live यहाँ कयाथर, तमिलनाडु में एक विंड फार्म को दिखाया गया है।
दुनिया भर में स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता 2009 के अन्त तक 157,899 मेगावाट पहुँच गई। संयुक्त राज्य अमेरिका (35,159 मेगावाट), जर्मनी (25,777 मेगावाट), स्पेन (19,149 मेगावाट) और चीन (25,104 मेगावाट) भारत के पांचवें स्थान से आगे हैं।http://www.gwec.net/fileadmin/documents/Global%20Wind%202008%20Report.pdf ग्लोबल विंड रिपोर्ट 2008 28 अक्तूबर 2010 https://web.archive.org/web/20110407162927/http://www.gwec.net/fileadmin/documents/Global%20Wind%202008%20Report.pdf 7 अप्रैल 2011 live पवन टर्बाइनों को स्थापित करने की लघु अवधि और पवन ऊर्जा मशीनों पर बढ़ती निर्भरता और उनके प्रदर्शन ने पवन ऊर्जा को भारत की क्षमता वृद्धि के लिए एक पसंदीदा बना दिया है।http://www.suzlon.com/images/you/Suzlon%20MH%20Release%209May06.pdf रिकॉर्ड वर्ष में सुजलॉन ने महाराष्ट्र के साथ पवन ऊर्जा के लिए भागीदारी की 28 अक्तूबर 2010 https://web.archive.org/web/20070927042910/http://www.suzlon.com/images/you/Suzlon%20MH%20Release%209May06.pdf 27 सितंबर 2007 dead
भारतीय स्वामित्व वाली कंपनी के रूप में सुजलॉन, पिछले दशक में वैश्विक परिदृश्य पर उभरी और 2006 तक इसने वैश्विक टर्बाइन विक्रय बाज़ार के 7.7 प्रतिशत के शेयर बाजार पर कब्जा कर लिया था। सुजलॉन वर्तमान में भारतीय बाजार के लिए पवन टर्बाइन की अग्रणी निर्माता कंपनी है, जिसका भारत के बाजार में करीब 52 प्रतिशत पर कब्जा है। सुजलॉन की सफलता ने भारत को उन्नत पवन टरबाइन प्रौद्योगिकी में विकासशील देश का नेता बना दिया है।लुईस, जोअस्सा आई (2007) स्पेन, भारत और चीन में पवन ऊर्जा उद्योग विकास रणनीति की तुलना https://web.archive.org/web/20080528001043/http://www.resource-solutions.org/lib/librarypdfs/Lewis.Wind.Industry.Development.India.Spain.China.July.2007.pdf 28 मई 2008
राज्य-स्तरीय पवन ऊर्जा
भारत के विभिन्न राज्यों में पवन ऊर्जा की स्थापना में वृद्धि हुई है।
तमिलनाडु (4889.765 मेगावाट)
thumb|right|450px|अपनी ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए भारत, जीवाश्म ईंधन पर अपनी निर्भरता को कम करने का इच्छुक है। यहाँ मुप्पंदल, तमिलनाडु में एक विंड फार्म को दिखाया गया है।
तमिलनाडु राज्य, पवन से उर्जा उत्पन्न करने के मामले में अग्रणी है: मार्च 2010 के अन्त तक 4889.765 मेगावाट। अरलवाईमोड़ी, से ज्यादा दूर नहीं, मुप्पंदल पवन फ़ार्म, जो इस उपमहाद्वीप में सबसे बड़ा है, कभी दरिद्र रहे मुप्पंदल गांव के पास स्थित है और काम के लिए ग्रामीणों को विद्युत् की आपूर्ति करता है।2005 February http://www.tve.org/ho/doc.cfm?aid=1678&lang=English Tapping the Wind - India 28 अक्टूबर 2006 https://web.archive.org/web/20070221054946/http://www.tve.org/ho/doc.cfm?aid=1678&lang=English 21 फ़रवरी 2007 deadWatts Himangshu 2003MGV will provide more information November 11 http://www.planetark.com/dailynewsstory.cfm/newsid/22758/story.htm Clean Energy Brings Windfall to Indian Village Reuters News Service 28 अक्टूबर 2006 https://web.archive.org/web/20060630132500/http://www.planetark.com/dailynewsstory.cfm/newsid/22758/story.htm 30 जून 2006 live इस गांव को भारत के 2 बीलियन डॉलर के स्वच्छ ऊर्जा कार्यक्रम का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया जो विदेशी कंपनियों को इस क्षेत्र में पवन टर्बाइनों की स्थापना के लिए कर में छूट प्रदान करता है।
फरवरी 2009 में, श्रीराम ईपीसी ने INR 700 मीलियन के अनुबन्ध को हासिल किया जिसके तहत वह केप एनर्जी द्वारा तिरुनेलवेली जिले में पवन टर्बाइनों की 250 किलोवाट की 60 इकाई (कुल 15 मेगावाट) लगाएगा।http://economictimes.indiatimes.com/News/News-By-Industry/Energy/Power/Shriram-EPC-bags-70-cr-contract/articleshow/4199499.cms संग्रहीत प्रति 28 अक्तूबर 2010 https://web.archive.org/web/20090304235837/http://economictimes.indiatimes.com/News/News-By-Industry/Energy/Power/Shriram-EPC-bags-70-cr-contract/articleshow/4199499.cms 4 मार्च 2009 live
भारत में पवन ऊर्जा के विकास में एनर्कोन भी एक प्रमुख भूमिका निभा रहा है।
तमिलनाडु में, कोयंबटूर और तिरुपूर जिलों में 2002 के बाद से अधिक पवन चक्की हैं, विशेष रूप से, चिट्टीपालयम, केथानूर, गुडिमंगलम, पूलावड़ी, मुरुंगपट्टी (MGV प्लेस), सुन्करमुडकू, कोंगलनगरम, गोमंगलम, अन्थिउर दोनों ही जिलों में पवन ऊर्जा के उच्च उत्पादक स्थान हैं।
महाराष्ट्र (1942.25 मेगावाट)
ऊर्जा उत्पन्न करने में तमिलनाडु के बाद महाराष्ट्र का दूसरा स्थान है। इसमें सुजलॉन काफी हद तक शामिल है। एशिया का कभी सबसे बड़ा पवन फ़ार्म रहे वन्कुसवाडे पवन पार्क (201 MW) का संचालन सुजलॉन द्वारा किया जाता है, यह पार्क महाराष्ट्र के सतारा जिले में कोयना जलाशय के निकट है।http://www.suzlon.com/asias_largest_wind_park.htm संग्रहीत प्रति 28 अक्तूबर 2010 https://web.archive.org/web/20071026075859/http://www.suzlon.com/asias_largest_wind_park.htm 26 अक्तूबर 2007 dead
गुजरात (1782 मेगावाट)
जामनगर जिले के समना एवं सदोदर में चाइना लाइट पॉवर (CLP) और टाटा पॉवर जैसी ऊर्जा कम्पनियों ने इस क्षेत्र में विभिन्न परियोजनाओं में ₹ 8.15 बीलियन ($189.5 मीलियन) निवेश करने की घोषणा की है। CLP, अपने भारतीय सहायक CLP इंडिया के माध्यम से, समना में 126 पवन टर्बाइनों की स्थापना के लिए करीब ₹ 5 बीलियन निवेश कर रही है जिससे 100.8 मेगावाट बिजली पैदा की जाएगी। टाटा पावर ने इसी क्षेत्र में ₹ 3.15 बीलियन की लागत से 50 मेगावाट बिजली पैदा करने के लिए पवन टर्बाइनों को स्थापित किया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, दोनों परियोजनाओं के अगले साल की शुरुआत तक चालू हो जाने की उम्मीद है। गुजरात सरकार ने, जो पवन ऊर्जा पर अत्यधिक निर्भर है समना की 450 टर्बाइनों की स्थापना के लिए एक आदर्श स्थान के रूप में पहचान की है जिससे 360 मेगावाट की कुल ऊर्जा उत्पन्न होगी। राज्य में पवन ऊर्जा के विकास में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक उच्च पवन ऊर्जा टैरिफ सहित अन्य प्रोत्साहनों की शुरुआत की है। समना में एक हाई टेंशन संचरण ग्रिड है और पवन टर्बाइनों द्वारा उत्पन्न बिजली को इसमें डाला जा सकता है। इस प्रयोजन के लिए सदोदर में एक सबस्टेशन स्थापित किया गया है। दोनों ही परियोजनाओं को एनर्कोन लिमिटेड द्वारा निष्पादित किया जा रहा है, जो जर्मनी की एनर्कोन और मुंबई की मेहरा ग्रुप का एक संयुक्त उद्यम है।http://economictimes.indiatimes.com/News/News_By_Industry/Energy/Power/Gujarats_Samana_set_to_become_wind_power_hub/articleshow/3217219.cms गुजरात का समना, पवन ऊर्जा का केन्द्र बनने के पथ पर 28 अक्तूबर 2010 https://web.archive.org/web/20090203224138/http://economictimes.indiatimes.com/News/News_By_Industry/Energy/Power/Gujarats_Samana_set_to_become_wind_power_hub/articleshow/3217219.cms 3 फ़रवरी 2009 live
ओएनजीसी लिमिटेड ने अपनी पहली पवन ऊर्जा परियोजना की शुरुआत की है। 51 मेगावाट की यह परियोजना गुजरात के कच्छ जिले में मोतीसिन्धोली में स्थित है। प्रत्येक 1.5 मेगावाट के 34 टर्बाइनों वाले पवन फ़ार्म की स्थापना के लिए ओएनजीसी ने ईपीसी का आर्डर जनवरी 2008 में सुजलॉन एनर्जी को दिया। इस परियोजना पर कार्य फरवरी 2008 में शुरू हो गया और यह पता चला है कि पहले तीन टर्बाइन ने निर्माण कार्य शुरू होने के 43 दिनों के भीतर ही उत्पादन शुरू कर दिया। 308 करोड़ रुपये के इस आबद्ध पवन फ़ार्म की बिजली को गुजरात राज्य ग्रिड भेजा जाएगा जहाँ से इसे आगे उपयोग के लिए ओएनजीसी के अंकलेश्वर, अहमदाबाद, वडोदरा और मेहसाना केन्द्रों पर भेजा जाएगा। ओएनजीसी ने अगले दो साल में करीब 200 मेगावाट की आबद्ध पवन ऊर्जा क्षमता को विकसित करने का लक्ष्य रखा है।http://www.projectsmonitor.com/detailnews.asp?newsid=16975 ओएनजीसी ने प्रथम विंड फार्म परियोजना शुरू की 28 अक्तूबर 2010 https://web.archive.org/web/20110715123450/http://www.projectsmonitor.com/detailnews.asp?newsid=16975 15 जुलाई 2011 dead
कर्नाटक (1340.23 मेगावाट)
कर्नाटक में कई छोटे विंड फार्म हैं, जिससे यह भारत के उन राज्यों में शामिल है जहाँ पवन चक्की फ़ार्म की एक बड़ी संख्या है। चित्रदुर्ग, गदग, कुछ ऐसे जिले हैं जहाँ बदी संख्या में पवनचक्कियाँ हैं। अकेले चित्रदुर्ग में 20,000 से अधिक पवन टर्बाइन है। जुलाई 2010
13.2 मेगावाट वाली अरसिनगुंडी (एआरए) और 16.5 मेगावाट वाली अनाबुरु (एएनए) विंड फार्म, भारत में असिओना (ACCIONA) की प्रथम पहल है। दावनगेरे जिले (कर्नाटक राज्य) में स्थित उनकी कुल स्थापित क्षमता 29.7 मेगावाट है और इसमें वेस्टास विंड टेक्नोलोजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आपूर्ति किये गए कुल 18 वेस्टास 1.65MW पवन टर्बाइन शामिल हैं। जुलाई 2010
एआरए (ARA) पवन फ़ार्म जून 2008 में शुरू हुआ और एएनए (ANA) पवन फ़ार्म सितंबर 2008 में चालू किया गया। प्रत्येक सुविधा ने बंगलौर विद्युत आपूर्ति कंपनी (BESCOM) के साथ उत्पादन के 100% की कुल खरीद के लिए 20-वर्षीय विद्युत क्रय करार (PPA) पर हस्ताक्षर किए हैं। ARA और ANA, आसिओना (ACCIONA) के पहले पवन फ़ार्म हैं जो स्वच्छ विकास तंत्र (CDM) के अन्तर्गत CER क्रेडिट के योग्य हैं। जुलाई 2010
असिओना स्पैनिश कार्बन फंड के लिए विश्व बैंक के साथ बातचीत कर रहा है, जो 2010 और 2012 के के बीच संभावित रूप से उभरने वाले सीईआर (CER) के लिए खरीदार के रूप में परियोजना में भागीदारी का आकलन कर रहा है। प्रक्रिया के तौर पर पर्यावरणीय और सामाजिक मूल्यांकन आयोजित किया गया है और संबन्धित दस्तावेजों को प्रदान किया गया है। इन्हें नीचे शामिल किया गया है, जो विश्व बैंक की प्रकटीकरण नीति की आवश्यकता के साथ संगत है। जुलाई 2010
राजस्थान (738.5 मेगावाट)
गुड़गांव में स्थित मुख्यालय वाला गुजरात फ्लोरोकेमिकल्स लिमिटेड, राजस्थान के जोधपुर जिले में एक विशाल पवन फ़ार्म आरम्भ करने के एक उन्नत चरण में है। एक वरिष्ठ अधिकारी जुलाई 2010 ने प्रोजेक्टमोनिटर को बताया कि 31.5 मेगावाट की कुल क्षमता में से 12 मेगावाट को अभी तक पूरा कर लिया गया था। शेष क्षमता जल्द ही शुरू हो जाएगी, उन्होंने कहा।
आईनॉक्स ग्रुप कंपनी के लिए, यह सबसे बड़ा पवन फ़ार्म होगा। 2006-07 में, GFL ने महाराष्ट्र के सतारा जिले में पंचगनी के निकट गुढ़े गांव में एक 23.1-मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजना को चालु किया। दोनों विंड फार्म, ग्रिड से जुड़े होंगे और कंपनी के लिए कार्बन क्रेडिट अर्जित करेंगे, अधिकारी ने कहा। जुलाई 2010
एक स्वतंत्र विकास में, सीमेंट प्रमुख एसीसी लिमिटेड ने लगभग 11 मेगावाट की क्षमता वाले एक नए पवन ऊर्जा परियोजना को राजस्थान में स्थापित करने का प्रस्ताव किया है। 60 करोड़ रुपए के आसपास की लागत वाला, यह पवन फ़ार्म कंपनी की लखेरी सीमेंट इकाई की बिजली की जरूरतों को पूरा करेगा जहाँ क्षमता को एक आधुनिकीकरण योजना के माध्यम से 0.9 मीलियन tpa से बढ़ाकर 1.5 मीलियन tpa कर दिया गया। एसीसी के लिए, तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में उदयथूर में 9 मेगावाट फार्म के बाद यह दूसरी पवन ऊर्जा परियोजना होगी।जुलाई 2010
नए विंड फार्मों के लिए राजस्थान एक महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में उभर रहा है, हालांकि स्थापित क्षमता के सन्दर्भ में वर्तमान में यह शीर्ष पांच राज्यों में नहीं है। 2007 के अन्त तक, इस उत्तरी राज्य में कुल 496 मेगावाट था, जो भारत की कुल क्षमता का 6.3 प्रतिशत था। जुलाई 2010
मध्य प्रदेश (212.8 मेगावाट)
एक अनूठी अवधारणा के तहत, मध्य प्रदेश सरकार ने देवास के पास नागदा हिल्स में 15 मेगावाट की एक दूसरी परियोजना को MPWL को मंजूरी दी है। सभी 25 WEG को सफल संचालन के तहत 31.03.2008 को चालू किया गया।http://www.windpowerindia.com/generation.htm संग्रहीत प्रति 28 अक्तूबर 2010 https://web.archive.org/web/20091207044502/http://www.windpowerindia.com/generation.htm 7 दिसंबर 2009 live
केरल (26.5 मेगावाट)
राज्य का पहला विंड फार्म पलक्कड़ जिले में कान्जिकोड़ में स्थापित किया गया। इसकी उत्पादन क्षमता 23.00 मेगावाट की है।
एक नई विंड फार्म परियोजना को इडुक्की जिले के रामक्कालमेडू में निजी भागीदारी के साथ शुरू किया गया। यह परियोजना, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री वी॰एस॰ अच्युतानंदन ने अप्रैल 2008 में किया, 10.5 मेगावाट बिजली पैदा करने का लक्ष्य रखती है। जुलाई 2010
केरल सरकार के ऊर्जा विभाग के अधीन एक स्वायत्त संस्था, द एजेंसी फॉर नन-कन्वेंशन एनर्जी एंड रुरल टेक्नोलोजी (ANERT), 600 मेगावाट की कुल बिजली उत्पन्न करने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में निजी जमीन पर विंड फार्म स्थापित कर रही है। इस एजेंसी ने निजी डेवलपर्स के माध्यम से विंड फार्मों की स्थापना के लिए 16 साइटों की पहचान की है।
शुरू में, एएनईआरटी (ANERT), केरल राज्य बिजली बोर्ड के सहयोग से इडुक्की जिले के रामक्कलमेडू में 2 मेगावाट ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए एक प्रदर्शन परियोजना स्थापित करेगा। इस परियोजना के लिए 21 करोड़ रूपए की लागत की उम्मीद है। अन्य विंड फार्म साइटों में पलक्कड़ और तिरुवनंतपुरम जिले शामिल हैं।
कुल 6,095 मेगावाट बिजली क्षमता में गैर पारंपरिक ऊर्जा का योगदान सिर्फ 5.5 प्रतिशत है, एक हिस्सा जिसे केरल सरकार 30 प्रतिशत तक बढ़ाना चाहती है।
एएनईआरटी, केरल में ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों के विकास और बढ़ावा देने के क्षेत्र में लगी हुई है। यह केन्द्रीय गैर-परम्परागत ऊर्जा स्रोत मंत्रालय के नवीकरणीय ऊर्जा कार्यक्रमों को लागू करने के लिए नोडल एजेंसी भी है। जुलाई 2010
पश्चिम बंगाल (2.10MW)
पश्चिम बंगाल में कुल अधिष्ठापन सिर्फ 2.10 मेगावाट है
बंगाल - देश के लिए मेगा 50 मेगावाट पवन ऊर्जा परियोजना शीघ्र जुलाई 2010
सुजलोन एनर्जी लिमिटेड पश्चिम बंगाल में एक बड़ी पवन बिजली परियोजना स्थापित करने की योजना बना रही है।
सुजलोन एनर्जी लिमिटेड पश्चिम बंगाल में एक बड़ी पवन बिजली परियोजना स्थापित करने की योजना बना रहा है, जिसके लिए वह तटीय मिदनापुर और दक्षिण 24 परगना जिलों की पड़ताल कर रहा है। पश्चिम बंगाल अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी के अध्यक्ष एसपी गोन चौधरी के अनुसार, 50 मेगावाट की यह परियोजना ग्रिड गुणवत्ता वाली बिजली की आपूर्ति करेगी। गोन चौधरी, जो ऊर्जा विभाग में प्रधान सचिव भी हैं ने कहा है पश्चिम बंगाल में पवन ऊर्जा का उपयोग करने वाली यह परियोजना सबसे बड़ी होगी। वर्तमान में, सुजलॉन विशेषज्ञ सबसे अच्छी साइट की तलाश कर रहे हैं। सुजलॉन, सिर्फ वाणिज्यिक प्रयोजन के लिए ऊर्जा उत्पन्न करने का लक्ष्य रखता है और वह इसे स्थानीय बिजली वितरण संगठनों को बेचेगा जैसे पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत बोर्ड (WBSEB)।जुलाई 2010
गोन चौधरी ने कहा कि शुरुआत में सुजलोन, भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (Ireda) से उपलब्ध धन का सहारा लिए बिना करीब 250 करोड़ रुपये निवेश करेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में पांच पवन बिजली इकाइयाँ हैं, फ्रेज़रगंज में जो कुल लगभग 1 मेगावाट पैदा करती है। सागर द्वीप पर, एक समग्र पवन-डीजल संयंत्र है जो 1 मेगावाट पैदा करता है। पश्चिम बंगाल में, ऊर्जा कंपनियों को अक्षय ऊर्जा पर आधारित इकाइयों द्वारा उत्पादित बिजली खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उत्पादन इकाइयों को विशेष दरों की पेशकश की जा रही है। एस बनर्जी, ऊर्जा मंत्री के निजी सचिव ने कहा कि इस बात ने इस क्षेत्र में निजी क्षेत्रों की कंपनियों को निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया है। जुलाई 2010
भारत में परियोजनाएं
भारत की सबसे बड़ी पवन बिजली उत्पादन सुविधाएं (10MW और अधिक)http://www.eai.in/ref/ae/win/win.html संग्रहीत प्रति 28 अक्तूबर 2010 https://web.archive.org/web/20101020195336/http://www.eai.in/ref/ae/win/win.html 20 अक्तूबर 2010 live
बिजली संयंत्र उत्पादक अवस्थिति राज्य कुल संस्थापित क्षमता (मेगावाट) वन्कुसावडे पवन पार्क सुजलोन एनर्जी लिमिटेड (Suzlon Energy Ltd.) सातारा जिला महाराष्ट्र 259 केप कोमोरिन अबान लोइड चाइल्स ऑफशोर लिमिटेड (Aban Loyd Chiles Offshore Ltd.) कन्याकुमारी तमिल नाडु 33 कायथर सुभाष सुभाष लिमिटेड ( Subhash Ltd.) कायथर तमिल नाडु 30 रामक्कलमेडू सुभाष लिमिटेड रामक्कलमेडू केरल 25 मुप्पंदल विंड मुप्पंदल विंड फार्म (Muppandal Wind Farm) मुप्पंदल तमिल नाडु 513अक्टूबर 2010 गुडिमंगलम गुडिमंगलम विंड फार्म (Gudimangalam Wind Farm) गुडिमंगलम तमिल नाडु 21 पुथ्लुर RCI वेस्केयर (इंडिया) लिमिटेड ९Wescare (India) Ltd.) पुथलुर आंध्र प्रदेश 20 लम्डा दनिडा दनिडा इंडिया लिमिटेड (Danida India Ltd.) लमडा गुजरात 15 चेन्नई मोहन मोहन ब्रेवरीस एंड डिस्टिलरीज लिमिटेड (Mohan Breweries & Distilleries Ltd.) चेन्नई तमिल नाडु 15 जमगुडरानी MP एमपी विंडफार्म लिमिटेड (MP Windfarms Ltd.) देवास मध्यप्रदेश 14 जोगमती बीएसईएस बीएसईएस लिमिटेड (BSES Ltd.) चित्रदुर्ग जिला कर्नाटक 14 पेरुनगुडी नेवम नेवम पावर कंपनी लिमिटेड (Newam Power Company Ltd) पेरुनगुडी तमिल नाडु 12 केथानुर विंड फार्म केथानुर विंड फार्म (Kethanur Wind Farm) केथानुर तमिल नाडु 11 हैदराबाद एपीएसआरटीसी (APSRTC) आंध्र प्रदेश राज्य रैपिड ट्रांजिट कॉर्प (Andhra Pradesh State Road Transport Corp.) हैदराबाद आंध्र प्रदेश 10 मुप्पंदल मद्रास मद्रास सीमेंट्स लिमिटेड (Madras Cements Ltd.) मुप्पनडल तमिल नाडु 10 पूलवादी चेट्टीनाड़ चेट्टीनाड़ सीमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड (Chettinad Cement Corp. Ltd.) पूलवादी तमिल नाडु 10
बाधाएं
पवन टर्बाइनों के लिए प्रारम्भिक लागत, पारंपरिक जीवाश्म ईंधन जनरेटर की प्रति मेगावाट स्थापना की तुलना में अधिक होती है।
शोर, रोटर ब्लेड द्वारा पैदा होता है। अधिकांश विंड फार्मों के लिए चुने गए स्थानों में आम तौर पर यह समस्या नहीं हैसल्फ़ोर्ड विश्वविद्यालय https://web.archive.org/web/20100424034811/http://www.berr.gov.uk/files/file40570.pdf 24 अप्रैल 2010 , मूरहाउस, एटी, हायेस, एम, वॉन ह्युनरबाईन, एस, पाइपर, बी॰जे॰ और एडम्स, एमडी 2007 और साल्फोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा अनुसंधान से पता चलता है कि ब्रिटेन में विंड फार्मों की शोर शिकायतें लगभग नहीं के बराबर है।
उपयोग
उच्च संस्थापित क्षमता के बावजूद, भारत में पवन ऊर्जा का वास्तविक उपयोग कम है क्योंकि प्रोत्साहन नीति संयंत्र के संचालन के बजाय अधिष्ठापन की दिशा में कार्यरत है। यही कारण है कि भारत में वास्तविक शक्ति उत्पादन का केवल 1.6% पवन से आता है हालांकि संस्थापित क्षमता 6% है। सरकार, स्थापित पवन बिजली संयंत्र के चालू संचालन के लिए प्रोत्साहन को शुरू करने पर विचार कर रही है।
भविष्य
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने 2007-12 तक 10,500 मेगावाट का लक्ष्य निर्धारित किया है, लेकिन 2012 तक केवल 6,000 मेगावाट अतिरिक्त वाणिज्यिक उपयोग के लिए उपलब्ध हो सकता है।
इन्हें भी देखें
भारत
पवन ऊर्जा प्रौद्योगिकी केन्द्र
भारत की ऊर्जा नीति
भारत में सौर ऊर्जा
विशाल विंड फार्मों की सूची
सुजलॉन
अदाणी ग्रीन इनर्जी
सन्दर्भ
2
बाहरी कड़ियाँ
भारतीय विंड टर्बाइन निर्माता एसोसिएशन IWTMA की आधिकारिक वेबसाइट
भारत में पायनियर विंड टर्बाइन निर्माता की आधिकारिक वेबसाइट
ऊर्जा खोजी भारत की नज़र "पवन महाशक्ति" के रूप में भूमिका पर
निजी क्षेत्र की पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार का प्रोत्साहन
स्वच्छ प्रौद्योगिकी पर भारत विशेष मंच
नई पवन ऊर्जा परियोजनाएं और खबर पर भारत विशिष्ट साइट
भारत पवन ऊर्जा
जहाँ पवन वहाँ ऊर्जा
पवन ऊर्जा परियोजनाओं की नीलामी https://web.archive.org/web/20250120033714/http://www.iasdada.com/%E0%A4%AA%E0%A4%B5%E0%A4%A8-%E0%A4%8A%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9C%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A8/ 20 जनवरी 2025 (Feb 2017)
वर्ष 2016-17 में पवन ऊर्जा में वृद्धि
भारत जल्द बनेगा पवन ऊर्जा क्षेत्र का प्रमुख केंद्र : तांती (April 2017)
पवन ऊर्जा में 5400 मेगावाट की रिकार्ड वृद्धि (April 2017)
श्रेणी:भारत में पवन ऊर्जा
श्रेणी:अन्तरराष्ट्रीय विकास