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परदेस
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1950 की फ़िल्म परदेस (1950 फ़िल्म)
परदेस परदेस.jpg परदेस का पोस्टर सुभाष घई सुभाष घई नदीम श्रवण सुभाष घई नीरज पाठक जावेद सिद्दीकी शाहरुख़ ख़ान, अमरीश पुरी, महिमा चौधरी, अपूर्व अग्निहोत्री, आलोक नाथ, हिमानी शिवपुरी, आदित्य नारायण कबीर लाल रेणु सलुजा 191 मिनट मुक्ता आर्ट्स 8 अगस्त, 1997 भारत हिन्दी
परदेस 1997 की सुभाष घई द्वारा निर्देशित हिन्दी भाषा की संगीतमय नाटक फिल्म है। फिल्म में शाहरुख खान, अमरीश पुरी, आलोक नाथ और नवागंतुक महिमा चौधरी और अपूर्व अग्निहोत्री हैं। यह फिल्म वाणिज्यिक, आलोचनात्मक और संगीत के दृष्टिकोण से हिट थी। महिमा चौधरी ने अपने प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ नवागंतुक पुरस्कार जीता था।
संक्षेप
परदेस पूर्व और पश्चिम के सांस्कृतिक मूल्यों पर चर्चा करती है। किशोरीलाल (अमरीश पुरी) अमेरिका में रहने वाले एक धनी व्यापारी हैं जो भारत में अपने पुराने दोस्त सूरज देव (आलोक नाथ) से मिलते हैं। पारंपरिक भारतीय परिवार में अपने प्रवास के दौरान, उन्हें सूरज की सबसे बड़ी बेटी गंगा (महिमा चौधरी) का पता चला जो भारतीय संस्कृति में रंगी-ढली है। किशोरीलाल सूरज से अपने पश्चिमी संस्कृति में रचे बसे बेटे राजीव (अपूर्व अग्निहोत्री) के लिए गंगा का हाथ माँगते हैं। वह आश्वस्त हैं कि गंगा न केवल एक आदर्श दुल्हन होगी, बल्कि वह राजीव में भारतीय मूल्यों को पुनर्जीवित करने में सक्षम होगी।
किशोरीलाल अपने बेटे जैसे अर्जुन (शाहरुख खान) से अपनी योजना को आगे बढ़ाने में मदद करने के लिए कहते हैं। अर्जुन की सोच किशोरीलाल और गंगा के समान है। अर्जुन, राजीव के आने से पहले गंगा से मिलने जाता है। अर्जुन, किशोरीलाल की इच्छाओं के अनुसार राजीव और गंगा को मिलाने की कोशिश करता है। अर्जुन, राजीव के चरित्र और आदतों के बारे में गंगा को धोखा देता है। राजीव और गंगा दोनों अर्जुन के प्रयासों से एक दूसरे से शादी करने के लिए सहमत हो जाते हैं। सगाई भारत में होती है, लेकिन परिवार इस बात से सहमत होता है कि गंगा को अपने शादी से पहले अमेरिका जाना चाहिए। वहाँ, कुछ हफ्तों बाद ही गंगा अकेली महसूस करने लगती है। उसका एकमात्र सच्चा दोस्त अर्जुन है, जिसके साथ वह एक विशेष बंधन बनाना शुरू कर देती है। धीरे-धीरे गंगा को पता चलता है कि राजीव वह व्यक्ति नहीं है जैसा अर्जुन ने उसे भारत में चित्रित किया था। अर्जुन को पता चलता है कि वह गंगा से प्यार में पड़ गया है, लेकिन किशोरीलाल से अपनी निष्ठा के कारण, वह उसे राजीव से विवाह करने के लिये प्रोत्साहित करता है।
राजीव की शत्रुतापूर्ण चाची, नीता ने गंगा और अर्जुन के बीच बढ़ती दोस्ती की ओर ध्यान दिया और किशोरीलाल को चेतावनी दी। किशोरीलाल, अर्जुन को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की व्यवस्था करता है। फिर किशोरीलाल लास वेगास में गंगा को राजीव के साथ समय बिताने के लिये भेज देता है। लास वेगास में, राजीव नशे में हो जाता है और अपने साथी भारतीयों के लिए उसकी अवमानना प्रकट हो जाती है। बहस में गंगा, राजीव को थप्पड़ मार देती है। उग्र होकर वह गंगा से जबरदस्ती करने की कोशिश करता है; एक हिंसक संघर्ष के बाद, वह उसे बेहोश कर देती है और भाग जाती है। राजीव, किशोरीलाल को सूचित करता है जो जल्द ही गायब गंगा की तलाश शुरू कर देते हैं। अर्जुन को स्वयं के प्रयास से एक ट्रेन स्टेशन पर गंगा मिलती है। वह उसे किशोरीलाल के घर वापस जाने के लिए राजी करने की कोशिश करता है, लेकिन वो मना कर देती है। अर्जुन उसे उसके कहने पर भारत में उसके परिवार के पास सुरक्षित रूप से पहुँचाता है। अर्जुन और गंगा के सुरक्षित रूप से भारत पहुँचने के बाद, किशोरीलाल सूरज को सूचित करता है कि अर्जुन, गंगा के साथ भाग गया है। तब अर्जुन चला जाता है, कभी वापस न लौटने का इरादा रखते हुए। गंगा के छोटे भाई बहन और दादी छुपके से उसको अर्जुन के साथ भागने की सलाह देते हैं। अब गंगा को पता चलता है कि वह अर्जुन से प्यार करती है और उनकी मदद से गुप्त रूप से घर छोड़ देती है। इस समय तक, किशोरीलाल राजीव के साथ भारत आ जाते हैं।
गंगा एक किले में अर्जुन को पकड़ती है और मांग करती है कि वह अपना प्यार व्यक्त करें, लेकिन अर्जुन अभी भी किशोरीलाल के प्रति वफादार है और उससे शादी करने से इंकार कर देता है। अर्जुन को मारने के लिए राजीव कई लोगों के साथ आता है। आगामी लड़ाई में, अर्जुन बुरी तरह पिट जाता है लेकिन आखिर में सबको मार लेता है। जैसे ही अर्जुन, राजीव को मारने वाला होता है, उसी समय किशोरीलाल, सूरज के साथ आते हैं। अर्जुन, किशोरीलाल से ये स्वीकार करता है कि वह सच में गंगा से प्यार करता है। लेकिन वह पुष्टि करता है कि उसने कभी उसका पीछा नहीं किया और उसे पाने की कोशिश नहीं की। जबकि राजीव ने हर तरह से गंगा के साथ असभ्य और अनुचित व्यवहार किया और इस बारे में झूठ बोला कि वो क्यों भारत लौट आई। न केवल गंगा पश्चिमी संस्कृति के साथ विलय करने में असमर्थ है बल्कि पश्चिमी मूल्य (राजीव का व्यक्तित्व) ने लगभग पूरी तरह से गंगा को बर्बाद कर दिया गया था। गंगा राजीव की जबरदस्ती करने की कोशिश की पुष्टि करती है, जो हर किसी को झटका देता है। यह समझते हुए कि उसने वास्तव में सत्य सुना है, किशोरीलाल पुष्टि करते हैं कि गंगा उसके बेटे से शादी करेगी। राजीव (और, प्रतीकात्मक रूप से, अपने स्वयं के पश्चिमी समझौते) को अस्वीकार करते हुए, उन्होंने अर्जुन को अपने सच्चे पुत्र के रूप में गले लगा लिया और सूरज और उसके परिवार के साथ अर्जुन और गंगा के बीच आगामी विवाह का आशीर्वाद दिया।
मुख्य कलाकार
शाहरुख़ ख़ान — अर्जुन सागर
अमरीश पुरी — किशोरीलाल
महिमा चौधरी — कुसुम गंगा
अपूर्व अग्निहोत्री — राजीव
आलोक नाथ — सूरज देव
दीना पाठक — सूरज की माँ
माधुरी भाटिया — नीता
हिमानी शिवपुरी — कुलवंती
स्मिता जयकर — पैडी
पवन मल्होत्रा — शराफत अली
अजय नागरथ — गंगा का छोटा भाई
आदित्य नारायण — गंगा का छोटा भाई
संगीत
एल्बम दर्शकों के बीच बहुत सफल थी और "दो दिल मिल रहे हैं", "मेरी महबूबा", "ये दिल दीवाना" और "आइ लव माय इंडिया" बहुत लोकप्रिय थे। ये गीत आज तक सुने जाते हैं। नदीम-श्रवण ने स्टार स्क्रीन पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक के लिये पुरस्कार जीता था।
गीत गायक आनंद बख्शी नदीम-श्रवण दो दिल मिल रहे हैं कुमार सानु 5:40 आइ लव माय इंडिया आदित्य नारायण, हरिहरन, कविता कृष्णमूर्ति, शंकर महादेवन 9:16 मेरी महबूबा कुमार सानु, अलका याज्ञनिक 6:56 ये दिल दीवाना सोनू निगम, शंकर महादेवन, हेमा सरदेसाई 7:07 नहीं होना था हेमा सरदेसाई, साबरी बंधु, अलका याज्ञनिक, उदित नारायण 9:23
आइ लव माय इंडिया कविता कृष्णमूर्ति 2:47 II जहाँ पिया वहाँ मैं के॰ एस॰ चित्रा, शंकर महादेवन 7:11 शीर्षक गीत सपना अवस्थी, शंकर महादेवन 5:11 माय फर्स्ट डे इन यू॰ एस॰ ए हेमा सरदेसाई 4:32
नामांकन और पुरस्कार
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| rowspan="11"| 1998
| सुभाष घई
| फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म पुरस्कार
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| सुभाष घई
| फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार
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| महिमा चौधरी
| फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार
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| महिमा चौधरी
| फ़िल्मफ़ेयर महिला प्रथम अभिनय पुरस्कार
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| नदीम-श्रवण
| फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ संगीतकार पुरस्कार
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| आनंद बख्शी ("आइ लव माय इंडिया")
| फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ गीतकार पुरस्कार
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| आनंद बख्शी ("मेरी महबूबा")
| फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ गीतकार पुरस्कार
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| कुमार सानु ("मेरी महबूबा")
| फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक पुरस्कार
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| हरिहरन ("आइ लव माय इंडिया")
| फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक पुरस्कार
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| अलका याज्ञनिक ("मेरी महबूबा")
| फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका पुरस्कार
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| कविता कृष्णमूर्ति ("आइ लव माय इंडिया")
| फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका पुरस्कार
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बाहरी कड़ियाँ
परदेस
0119861 परदेश
श्रेणी:1997 में बनी हिन्दी फ़िल्म
श्रेणी:नदीम–श्रवण द्वारा संगीतबद्ध फिल्में