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411 समाचार
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बहादुर यार जंग

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बहादुर यार जंग Muhammad Bahadur Khan Bahadur Yar Jung.jpg 1905 2 3 y Hyderabad, Hyderabad State, British India 1944 6 25 1905 2 3 y Hyderabad, Hyderabad State, British India Suspected poisoned; his 'hukka' (water pipe) was poisoned when he went to meet the opposition party. Hyderabad, India British India Quaid-e-Millat, Bahadur Yar Jung Prominent figure of Pakistan Movement, who propounded the philosophy of Sharia Law and Muslim State. Associated with:Majlis-e-Ittehadul MuslimeenMuslim LeagueKhaksar Tehrik मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीनMuslim LeagueKhaksar Tehrik Madarsay Darul-Uloom, now called City College Hyderabad Noor Alam Khatoon Khatoon (mother)Nawab Naseeb Yar Jung (father) बहादुर यार जंग का जन्म 3 फरवरी 1905 को हुआ था तेहरिक ए पाकिस्तान के महान नेता नवाब बहादुर यार जंग अपनी साफ गोइ और सौला बयानी की वजह से मसूर थे पाकिस्तान के क़ायदे-आज़म और राष्ट्रपिता मोहम्मद अली जिन्ना के राष्ट्रपिता के पद पर फाइज होने के बाद उन की पाकिस्तान मे महान नेता के रूप मे छवि है हैदराबाद के दक्कन की तहरीक मे गैर मामूली किरदार आदा करने पर उन्हें अफताब - ए - दक्कन भी कहते है नवाब बहादुर यार जंग को पाकिस्तान की जददो जहाद की वजह से अपनी खिताब और जागीर से भी हाथ-धोना पडा मगर उन्होंने उस की परवाह न कि दिन दार और दानीश मंद नवाब बहादुर यार जंग 25 जून 1944 को उन की मृत्यु हो गई!Bahadur Yar Jung and Hindu-Muslim relations https://web.archive.org/web/20110212154025/https://twocircles.net/2009may30/bahadur_yar_jung_and_hindu_muslim_relations.html 12 फ़रवरी 2011 TwoCircles.net website, Published 30 May 2009, Retrieved 9 March 2022Tribute paid to Bahadur Yar Jung Dawn (newspaper), Published 28 June 2011, Retrieved 9 March 2022 उन्होंने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन और हैदराबाद में खाकसार की शाखाओं की स्थापना की और एक शक्तिशाली धार्मिक उपदेशक के रूप में जाने जाते थे। 1938 में, उन्हें मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन का अध्यक्ष चुना गया, जिस पद पर उन्होंने अपनी मृत्यु तक सेवा की। व्यक्तिगत जीवन वह हैदराबाद के एक प्रमुख निवासी नवाब नसीब यार जंग [9] के पुत्र थे। उनकी पत्नी का नाम तलमैन खातून था। उनके दो भाई थे जिनके नाम नवाब मोहम्मद मंदूर खान सदोज़ई और नवाब मोहम्मद दौलत ख़ान सदोज़ई थे। नवाब मोहम्मद मंदूर खान के तीन बेटे (नवाब मोहम्मद नसीब खान, नवाब मोहम्मद बहादुर खान और नवाब मोहम्मद आदिल खान)। उनके पोते नवाब मोहम्मद मोआज़म खान पुत्र नवाब मोहम्मद नसीब खान 2004 से बहादुरपुरा निर्वाचन क्षेत्र के विधायक हैं - आज AIMIM पार्टी से जिसकी स्थापना नवाब बहादुर यार जंग ने की थी। स्मरणोत्सव ये बहादुराबाद कराची मैं स्थित है यहाँ पर चारमीनार है। कराची का बहादुराबाद क़स्बा MIM नेता "बहादुर यार जंग" के नाम पर पड़ा था, 1948 बंटवारे के बाद MIM नेता क़ासिम रिज़वी के साथ हैदराबाद से कई मुहज़रीन कराची में जाकर बस गए और कराची में ही चारमीनार जैसी हूबहू ईमारत की तामीर करवाई। सन्दर्भ 2 श्रेणी:1905 में जन्मे लोग श्रेणी:१९४४ में निधन