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शास्त्रीय चीनी भाषा
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漢文 जनवरी २०२६शास्त्रीय चीनी भाषा साहित्यिक चीनी भाषा lzh 文言 चीनी‑संस्कृतिक्षेत्र:1 चीन जापान र्यूक्यू द्वीपसमूह कोरिया वियतनाम * मूलतः लेखन का काल ५वीं शताब्दी ईसा‑पूर्व २री शताब्दी ईस्वी
२०वीं शताब्दी तक व्यापक रूप से साहित्यिक भाषा के रूप में प्रयुक्त Sino-Tibetan सिनिटिक चीनी चीनी लिपि (चित्रलिपि‑आधारित अक्षर) lzh lite1248 साहित्यिक चीनी ७९‑एएए‑एए ध्वन्यात्मक लिप्यांकन Shi_Jing.jpg श चिंग
शास्त्रीय चीनी वह शैली है जिसमें प्राचीन चीनी भाषा साहित्य के महाग्रन्थ रचित हुए, लगभग ५वीं शताब्दी ईसा‑पूर्व से। सहस्राब्दियों तक इन ग्रन्थों में प्रयुक्त लिखित चीनी भाषा की वाक्यरचना का अनुकरण विद्वानों द्वारा किया जाता रहा, और इसी अनुकरणात्मक रूप को आगे चलकर साहित्यिक चीनी भाषा कहा गया, जिसका प्रयोग चीन में २०वीं शताब्दी के आरम्भ तक लगभग समस्त औपचारिक लेखन में होता रहा। आधुनिक बोलचाल की चीनी की अपेक्षा शास्त्रीय चीनी में प्रायः प्रत्येक अक्षर एक स्वतन्त्र शब्द के रूप में प्रयुक्त होता है; फलतः यह भाषा अत्यन्त संक्षिप्त, गूढ़ तथा साहित्यिक प्रशिक्षण के अभाव में पाठकों के लिए कठिन मानी जाती है।Norman 1988 xi, 83
द्वितीय शताब्दी ईस्वी से साहित्यिक चीनी भाषा का प्रसार उन पड़ोसी देशों में हुआ जो चीनी संस्कृति से गहरे प्रभावित थे, जैसे वियतनाम, कोरिया, जापान तथा र्यूक्यू द्वीपसमूह। इन देशों के इतिहास में दीर्घकाल तक यही एकमात्र साझा लिखित भाषा रही। स्थानीय लिपियों के आविष्कार के पश्चात् भी साहित्यिक चीनी भाषा को प्रशासनिक कार्यों तथा विद्वत्‑संवाद के लिए अन्तरराष्ट्रीय सहायक भाषा के रूप में अपनाया गया, जिससे एक व्यापक चीनी‑संस्कृति क्षेत्र का निर्माण हुआ। इन प्रत्येक क्षेत्रों ने ऐसी पद्धतियाँ विकसित कीं जिनसे स्थानीय जन अपनी बोलचाल की भाषा के आधार पर साहित्यिक चीनी ग्रन्थों का अर्थ ग्रहण कर सकें।Denecke Nguyen 2017
यद्यपि इसका रूप कालान्तर में पूर्णतः स्थिर नहीं रहा, तथापि इसकी विकास‑प्रक्रिया सदैव एक रूढ़िवादी प्रवृत्ति से निर्देशित हुई, चीनी भाषाओं में समय‑समय पर हुए अनेक परिवर्तन साहित्यिक रूप में परिलक्षित नहीं होते। इस दीर्घ विकास के कारण साहित्यिक चीनी आधुनिक बोलचाल की चीनी जानने वाले व्यक्ति के लिए पढ़ने‑सुनने में आंशिक रूप से ही बोधगम्य रहती है। आधुनिक चीनी समाज में साहित्यिक चीनी का स्थान अब लिखित बोलचाल की चीनी ने ले लिया है; और ग़ैर‑चीनी भाषी समाजों ने भी इसे त्यागकर अपनी स्थानीय बोलियों को अपनाया है। यद्यपि चीनी की विविध शाखाएँ प्राचीन शब्दावली से भिन्न दिशाओं में विकसित हुई हैं, फिर भी अनेक शब्द‑समानताएँ अब भी विद्यमान हैं।Chao 1976 25Zetzsche 1999 161
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