Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

आग्नेय शैल

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

thumb|right|ग्रेनाइट (एक आग्नेय चट्टान) चेन्नई, भारत में आग्नेय शैल (Igneous rock) वे शैल हैं जिनकी रचना धरातल के नीचे स्थित तप्त एवं तरल चट्टानी पदार्थ, अर्थात् मैग्मा, के सतह के ऊपर आकार लावा प्रवाह के रूप में निकल कर अथवा ऊपर उठने के क्रम में सतह के नीचे या सतह के ऊपर ठंढे होकर ठोस रूप में जम जाने से होती है। अतः आग्नेय चट्टानें पिघले हुए चट्टानी पदार्थ के ठंढे होकर जम जाने से बनती हैं।Igneous Rocks https://web.archive.org/web/20141020024751/http://geology.com/rocks/igneous-rocks.shtml 20 अक्तूबर 2014 जियोलोजी.कॉम पर (अंग्रेज़ी में) ये रवेदार भी हो सकती है और बिना कणों या रवे के भी।आग्नेय चट्टान https://web.archive.org/web/20141008231328/http://www.britannica.com/EBchecked/topic/282318/igneous-rock 8 अक्तूबर 2014 , ब्रिटानिका एन्साइक्लोपीडिया पर, (अंग्रेज़ी में) ये चट्टानें पृथ्वी पर पायी जाने वाली अन्य दो प्रमुख चट्टानों, अवसादी और रूपांतरित के साथ मिलकर पृथ्वी पर पायी जाने वाली चट्टानों के तीन प्रमुख प्रकार बनाती हैं। पृथ्वी के धरातल की उत्पत्ति में सर्वप्रथम इनका निर्माण होने के कारण इन्हें 'प्राथमिक शैल' भी कहा जाता है। ऐसा इसलिए भी कहा जाता है कि यही वे पहली चट्टानें हैं जो पिघले हुए चट्टानी पदार्थ से बनती हैंआग्नेय चट्टानें https://web.archive.org/web/20141015061412/http://www.columbia.edu/~vjd1/igneous.htm 15 अक्तूबर 2014 , http://www.columbia.edu/ https://web.archive.org/web/20080514224230/http://www.columbia.edu/ 14 मई 2008 पर (अंग्रेज़ी में)जबकि अवसादी या रूपांतरित चट्टानें इन आग्नेय चट्टानों के टूटने या ताप और दाब के प्रभाव आकार में बदलने से से बनती हैं।Gesteinkreislauf https://web.archive.org/web/20141111094720/http://www2.klett.de/sixcms/list.php?page=infothek_artikel&extra=Terra-Online&artikel_id=104745&inhalt=klett71prod_1.c.231715.de 11 नवंबर 2014 रॉक चक्र पर (जर्मन में) इनके दो मुख्य प्रकार हैं। ज्वालामुखी उदगार के समय भूगर्भ से निकालने वाला लावा जब धरातल पर जमकर ठंडा हो जाने के पश्चात आग्नेय चट्टानों में परिवर्तित हो जाता है तो इसे बहिर्भेदी या ज्वालामुखीय चट्टान कहा जाता है। इसके विपरीत जब ऊपर उठता हुआ मैग्मा धरातल की सतह पर आकर बाहर निकलने से पहले ही ज़मीन के अन्दर ही ठंडा होकर जम जाता है तो इस प्रकार अंतर्भेदी चट्टान कहते हैं। Okrusch Martin Matthes Siegfried Mineralogie: Eine Einführung in die spezielle Mineralogie, Petrologie und Lagerstättenkunde https://archive.org/details/mineralogieeinee00okru_089 2009 Springer Würzburg 978-3-540-78200-1 8. 189-219 चूँकि, ज़मीनी सतह से नीचे बनने वाली आग्नेय चट्टानें धीरे-धीरे ठंडी होकर जमती है, ये रवेदार होती हैं, क्योंकि मैग्माई पदार्थ के अणुओं के एक दूसरे के साथ संयोजित होकर क्रिस्टल या रवे बनाने हेतु काफ़ी समय मिल जाता है। इसके ठीक उलट, जब मैग्मा लावा के रूप में ज्वालामुखी उदगार के समय बाहर निकल कर ठंढा होकर जमता है तो रवे बनने के लिये पर्याप्त समय नहीं मिलता और इस प्रकार बहिर्भेदी आग्नेय चट्टानें काँचीय या गैर-रवेदार (glassy) होती हैं।Igneous rocks https://web.archive.org/web/20140922222526/http://www.bbc.co.uk/bitesize/ks3/science/environment_earth_universe/rock_cycle/revision/4/ 22 सितंबर 2014 बी. बी. सी. पर (अंग्रेज़ी में) आग्नेय चट्टानों के परतों में जीवाश्मों का पूर्णतः अभाव पाया जाता है। अप्रवेश्यता अधिक होने के कारण इन पर रासायनिक अपक्षय का बहुत कम प्रभाव पड़ता है, लेकिन यांत्रिक एवं भौतिक अपक्षय के कारण इनका विघटन व वियोजन प्रारम्भ हो जाता है। ग्रेनाइट, बेसाल्ट, गैब्रो, ऑब्सीडियन, डायोराईट, डोलोराईट, एन्डेसाईट, पेरिड़ोटाईट, फेलसाईट, पिचस्टोन, प्युमाइस इत्यादि आग्नेय चट्टानों के प्रमुख उदाहरण है। भूवैज्ञानिक महत्त्व पृथ्वी की पपड़ी के ऊपरी 16 किलोमीटर (10 मील) में लगभग 90% से 95% तक आग्नेय चट्टानें और कायांतरित चट्टानें पायी जाती हैं। Prothero Donald R. Fred Schwab Sedimentary geology : an introduction to sedimentary rocks and stratigraphy https://archive.org/details/sedimentarygeolo0000prot_r6t3 2004 Freeman New York 978-0-7167-3905-0 2nd 12 इनका महत्त्व इसलिए है क्योंकि: इनकी रचना और रासायनिक संगठन पृथ्वी के अंतरतम और मैंटल के बारे में जानकारी उपलब्ध कराता है। पृथ्वी पर विवर्तनिक घटनाओं को जानकारी देती हैं। इनमें बहुमूल्य खनिज अयस्क पाए जाते हैं। वर्गीकरण आग्नेय चट्टानों घटना, बनावट, खनिज, रासायनिक संरचना और आग्नेय शरीर की ज्यामिति की विधा के अनुसार वर्गीकृत की जाती है| आग्नेय शैल के अंतर्भेदी रूप thumb|200px|आग्नेय चट्टानों का निर्माण आग्नेय शैल के अंतर्भेदी रूप का निर्माण मैग्मा के पृथ्वी के धरातल के भीतर जमा होकर ठोस रूप ग्रहण करने से बनता है। इसके कई प्रकार है :- बैथोलिथ लैकोलिथ फैकोलिथ लोपोलिथ सिल डाइक बहिर्भेदी आग्नेय चट्टानें thumb|200px| एक मिश्रित ज्वालामुखी के विभिन्न भाग (ऊर्ध्वाधर पैमाना बढ़ाया गया है): 1. विशाल मैग्मा कोष्ठ2. आधारशैल3. नाली (पाइप)4. आधार5. सिल6. भित्ति (डाइक)7. ज्वालामुखी द्वारा उत्सर्जित राख की परतें8. पार्श्व 9. ज्वालामुखी द्वारा उत्सर्जित लावा की परतें10. गला11. परजीवी शंकु12. लावा प्रवाह13. निकास14. विवर (क्रेटर)15. राख के बादल बहिर्भेदी आग्नेय चट्टानें वे चट्टानें हैं जो मैग्मा के पृथ्वी कि सतह के ऊपर निकल कर लावा के रूप में आकर ठंढे होकर जमने से बनती हैं। चूँकि इस प्रकार के उद्भेदन को ज्वालामुखी उद्भेदन कहा जाता है, अतः ऐसी चट्टानों को ज्वालामुखीय चट्टानें भी कहते हैं। आग्नेय शैल के प्रकार आग्नेय चट्टानें तीन तरह की होती है प्लूटोनिक चट्टान ह्यूपैबिसल चट्टान वाल्कैनिक चट्टान सन्दर्भ श्रेणी:शैलें श्रेणी:शैलविज्ञान श्रेणी:आग्नेय शैलें श्रेणी:आग्नेय शैलविज्ञान