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ब्राह्मी परिवार की लिपियाँ
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ब्राह्मी परिवार उन लिपियों का परिवार हैं जिनकी पूर्वज ब्राह्मी लिपि है। इनका प्रयोग दक्षिण एशिया, दक्षिणपूर्व एशिया में होता है, तथा मध्य व पूर्व एशिया के कुछ भागों में भी होता है।
इस परिवार की किसी लेखन प्रणाली को ब्राह्मी-आधारित लिपि या भारतीय लिपि कहा जा सकता है।
इन लिपियों का प्रयोग कई भाषा परिवारों में होता था, उदाहरणार्थ भारोपीय, चीनी-तिब्बती, मंगोलियाई, द्रविडीय, ऑस्ट्रो-एशियाई, ऑस्ट्रोनेशियाई, ताई और सम्भवतः कोरियाई में। इनका प्रभाव आधुनिक जापानी भाषा में प्रयुक्त अक्षर क्रमांकन पर भी दिखता है।
इतिहास
right|thumb|300px|ब्राह्मी से उत्पन्न कुछ लिपियाँ
thumb|right|पश्चात् कालीन चोल काल से एक प्राचीन तमिल लिपि (वट्टेळुत्तु) का नमूना, 11वीं सदी। प्राचीन तमिल सीधे ब्राह्मी लेखन प्रणाली से उपजी है।
ब्राह्मी-आधारित लिपियाँ ब्राह्मी लिपि से उपजी हैं। ईसा पूर्व तीसरी सदी में अशोक के राज्यकाल में ब्राह्मी का प्रयोग का साक्ष्य मिलता है, उन्होंने इस लिपि का इस्तेमाल साम्राज्यीय शिलालेखों के लिए किया था। लेकिन इसके अलावा, हाल ही में, श्री लंका में अनुराधापुर में ईसा पूर्व छठी सदी के समय के मिट्टी के बर्तनों पर सिंहल ब्राह्मी में लिखे कुछ भंजित शिलालेख मिले हैंhttp://www.lankalibrary.com/geo/dera1.html https://web.archive.org/web/20170820080625/http://lankalibrary.com/geo/dera1.html 20 अगस्त 2017 एसयू देरानियगल, श्री लंका मेंइतिहास-पूर्व व आद्यऐतिहासिक बसेरे। ईसा पूर्व चौथी या पाँचवी सदी के तमिल ब्राह्मी के नमूने भी भट्टिप्रोलु व अन्यत्र मिले हैं।
गुप्त वंश के समय उत्तरी ब्राह्मी से गुप्त लिपि आई और मध्यकाल में कई लिखावटों की जननी बनी, इनमें सिद्धम, शारदा और नागरी प्रमुख हैं।
सिद्धम (कांजी: 悉曇, आधुनिक जापानी उच्चारण: शित्तन) लिपि बौद्ध धर्म के लिए काफ़ी महत्वपूर्ण थी क्योंकि कई सूत्र इसी में लिखे गए थे और आज भी जापान में सिद्धम सुलेख की कला कायम है।
दक्षिणी ब्राह्मी से ग्रन्थ लिपि व अन्य लिपियों की उपज हुई और फिर इनसे दक्षिणपूर्व एशिया की कई लिपियाँ बनीं।
तीसरी सदी में भट्टिप्रोलु बौद्ध धर्म का एक बड़ा केन्द्र था, यहीं से बौद्ध धर्म पूर्वी एशिया में फैला। आधुनिक तेलुगु लिपि भट्टिप्रोलु लिपि या 'कन्नड-तेलुगु लिपि' से ही जनित है, इसे 'प्राचीन कन्नड़ लिपि' भी कहते हैं क्योंकि कन्नड़ से इसकी समानता काफ़ी हैतेलुगु भाषा व लिपि की प्राचीनता: http://www.hindu.com/2007/12/20/stories/2007122054820600.htm https://web.archive.org/web/20161209160738/https://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-andhrapradesh/Telugu-is-2400-years-old-says-ASI/article14898202.ece 9 दिसंबर 2016 तेलुगु भाषा व साहित्य, एस.एम.आर. अद्लुरी, चित्र टी१ए व टी१बी: http://www.engr.mun.ca/~adluri/telugu/language/script/script1d.html https://web.archive.org/web/20090923234606/http://www.engr.mun.ca/~adluri/telugu/language/script/script1d.html 23 सितंबर 2009 ।
प्रारंभ में कुछ छोटे परिवर्तन हुए, उससे जो लिपि बनी उसे अब तमिल ब्राह्मी कहते हैं, इसमें कुछ अन्य भारतीय लिपियों की तुलना में कहीं कम अक्षर हैं क्योंकि इसमें अलग से महाप्राण या सघोष व्यंजन नहीं हैं। बाद में ग्रन्थ के प्रभाव से वेट्टुळुतु का प्रादुर्भाव हुआ जो कि आधुनिक मलयालम लिपि जैसी दिखती है। 11वीं और 20वीं सदी में और भी बदलाव हुए ताकि छपाई और टंकण के लिए सुविधा हो और इस प्रकार समकालीन लिपि सामने आई।
गेरी लेडयार्ड ने परिकल्पना की है कि हांगुल लिपि, जो कोरियाई लिखने के काम आती है, वास्तव में मंगोल फग्स्पा लिपि से उपजी है, जो कि तिब्बती के माध्यम से ब्राह्मी परिवार से उत्पन्न हुई थी।
विशेषताएँ
कुछ विशेषताएँ, जो अधिकांश लिपियों में नहीं बल्कि सभी लिपियों में मौजूद हैं:
प्रत्येक व्यंजन में एक अंतर्निहित स्वर होता है जो आमतौर पर एक छोटा 'अ' होता है (बंगाली, असमीया और ओड़िया में, ध्वनि परिवर्तन /ऑ/ ध्वनि के बदलाव के कारण होता है)। अन्य स्वर वर्ण जोड़कर लिखे जाते हैं। एक चिह्न, जिसे संस्कृत में एक विराम/हलंत के रूप में जाना जाता है, का उपयोग एक अंतर्निहित स्वर की अनुपस्थिति को इंगित करने के लिए किया जा सकता है।
प्रत्येक स्वर के दो रूप होते हैं, एक स्वतंत्र रूप जब एक व्यंजन से जुड़ा नहीं होता है, और एक आश्रित रूप, जब एक व्यंजन से जुड़ा होता है। लिपि के आधार पर, आश्रित रूपों को या तो बाईं ओर, ऊपर, नीचे, या आधार व्यंजन के बाएँ और दाएँ दोनों तरफ रखा जा सकता है।
व्यंजन (देवनागरी में 4 तक) संयुक्ताक्षरों में जोड़ा जा सकता है। किसी अन्य व्यंजन के साथ 'र्' के संयोजन को दर्शाने के लिए विशेष चिह्न जोड़ा जाता हैं।
व्यंजन पर निर्भर स्वर के अनुनासिकीकरण और महाप्राण और अल्पप्राण व्यंजन को भी अलग-अलग संकेतों द्वारा लिखा जाता है।
वर्णमाला क्रम इस प्रकार है: स्वर, कण्ठ्य व्यंजन, तालव्य व्यंजन, मूर्धन्य व्यंजन, दन्त्य व्यंजन, ओष्ठ्य व्यंजन, अन्तस्थ व्यंजन, ऊष्म व्यंजन, व अन्य व्यंजन। हर व्यंजन समूह में चार व्यंजन होते हैं (घोष व प्राण के लिए के सभी चार संभावित मूल्यों के साथ), व एक अनुनासिक व्यंजन होता है।
तुलना
नीचे कई प्रमुख भारतीय लिपियों की तुलना के लिए तालिकाएँ दी गईं हैं।
व्यंजन
<div style="margin:0 auto;overflow:scroll;width:auto;max-width:100%">
ब्राह्मी 𑀓 20px| 𑀕 20px| 𑀗 20px| 𑀙 𑀚 𑀛 20px| 20px| 𑀞 20px| 20px| 𑀡 𑀢 𑀣 20px| 20px| 20px| 20px| 20px| 𑀩 𑀪 𑀫 𑀬 20px| 20px| 20px| 𑀯 20px| 20px| 20px| 20px| 𑀓𑁆𑀱 𑀚𑁆𑀜 देवनागरी क ख ग घ ङ च छ ज झ ञ ट ठ ड ढ ण त थ द ध न ऩ प फ ब भ म य य़ र ऱ ल ळ ऴ व श ष स ह क्ष ज्ञ पूर्वीनागरी ক খ গ ঘ ঙ চ ছ জ ঝ ঞ ট ঠ ড ঢ ণ ত থ দ ধ ন প ফ ব ভ ম য য় র,ৰ ল ৱ শ ষ স হ ক্ষ জ্ঞ सारदा 𑆑 𑆒 𑆓 𑆔 𑆕 𑆖 𑆗 𑆘 𑆙 𑆚 𑆛 𑆜 𑆝 𑆞 𑆟 𑆠 𑆡 𑆢 𑆣 𑆤 𑆥 𑆦 𑆧 𑆨 𑆩 𑆪 𑆫 𑆬 𑆭 𑆮 𑆯 𑆰 𑆱 𑆲 𑆑𑇀𑆰 𑆘𑇀𑆚 गुरुमुखी ਕ ਖ ਗ ਘ ਙ ਚ ਛ ਜ ਝ ਞ ਟ ਠ ਡ ਢ ਣ ਤ ਥ ਦ ਧ ਨ ਪ ਫ ਬ ਭ ਮ ਯ ਰ ਲ ਲ਼ ਵ ਸ਼ ਸ ਹ ਕ੍ਸ਼਼ ਜ੍ਞ गुजराती ક ખ ગ ઘ ઙ ચ છ જ ઝ ઞ ટ ઠ ડ ઢ ણ ત થ દ ધ ન પ ફ બ ભ મ ય ર લ ળ વ શ ષ સ હ ક્ષ જ્ઞ ओड़िया କ ଖ ଗ ଘ ଙ ଚ ଛ ଜ ଝ ଞ ଟ ଠ ଡ ଢ ଣ ତ ଥ ଦ ଧ ନ ପ ଫ ବ ଭ ମ ଯ ୟ ର ଲ ଳ ଶ ଷ ସ ହ କ୍ଷ ଜ୍ଞ तमिल க் ங் ச் ஜ் ஞ் ட் ண் த் ந் ன் ப் ம் ய் ர் ற் ல் ள் ழ் வ் ஷ் ஸ் ஹ் க்ஷ் ஜ்ஞ तेलुगु క ఖ గ ఘ ఙ చ ఛ జ ఝ ఞ ట ఠ డ ఢ ణ త థ ద ధ న ప ఫ బ భ మ య ర ఱ ల ళ వ శ ష స హ క్ష జ్ఞ कन्नड़ ಕ ಖ ಗ ಘ ಙ ಚ ಛ ಜ ಝ ಞ ಟ ಠ ಡ ಢ ಣ ತ ಥ ದ ಧ ನ ಪ ಫ ಬ ಭ ಮ ಯ ರ ಱ ಲ ಳ ೞ ವ ಶ ಷ ಸ ಹ ಕ್ಷ ಜ್ಞ मलयालम ക ഖ ഗ ഘ ങ ച ഛ ജ ഝ ഞ ട ഠ ഡ ഢ ണ ത ഥ ദ ധ ന പ ഫ ബ ഭ മ യ ര റ ല ള ഴ വ ശ ഷ സ ഹ ക്ഷ ജ്ഞ सिंहली ක ඛ ග ඝ ඞ ච ඡ ජ ඣ ඤ ට ඨ ඩ ඪ ණ ත ථ ද ධ න ප ඵ බ භ ම ය ර ල ළ ව ශ ෂ ස හ ක්ෂ ඥ त्रिविष्टपी ཀ ཁ ག ང ཅ ཆ ཇ ཉ ཊ ཋ ཌ ཎ ཏ ཐ ད ན པ ཕ བ མ ཡ ར ལ ཝ ཤ ཥ ས ཧ ཀྵ ཛྙ मणिपुरी ꯀ ꯈ ꯒ ꯘ ꯉ ꯆ ꯆ ꯖ ꯓ ꯅ ꯇ ꯊ ꯗ ꯙ ꯅ ꯇ ꯊ ꯗ ꯙ ꯅ ꯄ ꯐ ꯕ ꯚ ꯃ ꯌ ꯔ ꯂ ꯋ ꫩ ꫪ ꯁ ꯍ ꯛꯁ ꯖ꯭ꯅ श्रीजंघा ᤁ ᤂ ᤃ ᤄ ᤅ ᤆ ᤇ ᤈ ᤉ ᤊ ᤋ ᤌ ᤍ ᤎ ᤏ ᤐ ᤑ ᤒ ᤓ ᤔ ᤕ ᤖ ᤗ ᤘ ᤙ ᤚ ᤛ ᤜ ᤁ᤻ᤙ ᤈ᤻ᤏ चकमाचकमा 𑄇 𑄈 𑄉 𑄊 𑄋 𑄌 𑄍 𑄎 𑄏 𑄐 𑄑 𑄒 𑄓 𑄔 𑄕 𑄖 𑄗 𑄘 𑄙 𑄚 𑄛 𑄜 𑄝 𑄞 𑄟 𑄠 𑄡 𑄢 𑄣 𑅄 𑄤 𑄥 𑄦 𑄇𑄴𑄥𑄧 𑄎𑄴𑄐𑄧 थाई ก ข ค ฆ ง จ ฉ ช ฌ ญ ฏ ฐ ฑ ฒ ณ ต ถ ท ธ น ป ผ พ ภ ม ย ร ล ว ศ ษ ส ห กฺษ ชฺญ म्यांमार က ခ ဂ ဃ င စ ဆ ဇ ဈ ဉ/ည ဋ ဌ ဍ ဎ ဏ တ ထ ဒ ဓ န ဏ ပ ဖ ဗ ဘ မ ယ ရ ၒ လ ဠ ၔ ဝ ၐ ၑ သ ဟ က္ၑ ဇ္ဉ ख्मेर ក ខ គ ឃ ង ច ឆ ជ ឈ ញ ដ ឋ ឌ ឍ ណ ត ថ ទ ធ ន ប ផ ព ភ ម យ រ ល វ ឝ ឞ ស ហ ក្ឞ ជ្ញ जवा ꦏ ꦑ ꦒ ꦓ ꦔ ꦕ ꦖ ꦗ ꦙ ꦚ ꦛ ꦜ ꦝ ꦞ ꦟ ꦠ ꦡ ꦢ ꦣ ꦤ ꦥ ꦦ ꦧ ꦨ ꦩ ꦪ ꦫ ꦭ ꦮ ꦯ ꦰ ꦱ ꦲ ꦏ꧀ꦰ ꦗ꧀ꦚ लाओ ກ ຂ ຄ ງ ຈ ສ ຊ ຍ ຕ ຖ ທ ນ ປ ຜ ຟ ພ ມ ຢ ຣ ລ ວ ຫ ກ຺ຩ ຊ຺ຎ सुन्दा ᮊ ᮮ ᮌ ᮍ ᮎ ᮏ ᮑ ᮒ ᮓ ᮔ ᮒ ᮓ ᮔ ᮕ ᮘ ᮽ ᮙ ᮚ ᮛ ᮜ ᮝ ᮯ ᮞ ᮠ
स्वर
एकल स्वर हर स्तंभ में बाएँ तरफ प्रदर्शित हैं और उस लिपि के "क" व्यंजन में मात्रा के तौर पर दाईं तरफ हैं।
ब्राह्मी 𑀅 𑀓 𑀆 𑀓𑀸 𑀇 𑀓𑀺 𑀈 𑀓𑀻 𑀉 𑀓𑀼 𑀊 𑀓𑀽 𑀋 𑀓𑀾 𑀌 𑀓𑀿 𑀍 𑀓𑁀 𑀎 𑀓𑁁 𑀏𑁆 𑀓𑁂𑁆 𑀏 𑀓𑁂 𑀐 𑀓𑁃 𑀑 𑀓𑁄 𑀑 𑀓𑁄 𑀒 𑀓𑁅 𑀅𑀁 𑀓𑀁 𑀅𑀂 𑀓𑀂 𑀓𑁆 𑀓𑀀 𑀑𑀁 देवनागरी अ क आ का ॲ कॅ ऑ कॉ इ कि ई की उ कु ऊ कू ऋ कृ ॠ कॄ ऌ कॢ ॡ कॣ ऎ कॆ ए के ऐ कै ऒ कॊ ओ को औ कौ अं कं अः कः क् कँ ॐ,ꣽ पूर्वीनागरी অ ক আ কা অ্যা ক্যা ই কি ঈ কী উ কু ঊ কূ ঋ কৃ ৠ কৄ ঌ কৢ ৡ কৣ এ কে ঐ কৈ ও কো ঔ কৌ অং কং অঃ কঃ ক্ কঁ ওঁ मिथिलाक्षर 𑒁 𑒏 𑒂 𑒏𑒰 𑒃 𑒏𑒱 𑒄 𑒏𑒲 𑒅 𑒏𑒳 𑒆 𑒏𑒴 𑒇 𑒏𑒵 𑒈 𑒏𑒶 𑒉 𑒏𑒷 𑒊 𑒏𑒸 𑒁𑒺 𑒏𑒺 𑒋 𑒏𑒹 𑒌 𑒏𑒻 𑒁𑒽 𑒏𑒽 𑒍 𑒏𑒼 𑒎 𑒏𑒾 𑒁𑓀 𑒏𑓀 𑒁𑓁 𑒏𑓁 𑒏𑓂 𑒏𑒿 𑓇 सारदा 𑆃 𑆑 𑆄 𑆑𑆳 𑆃𑆾𑇋 𑆑𑆾𑇋 𑆃𑆾𑇋𑆳 𑆑𑆾𑇋𑆳 𑆅 𑆑𑆴 𑆆 𑆑𑆵 𑆇 𑆑𑆶 𑆈 𑆑𑆷 𑆉 𑆑𑆸 𑆊 𑆑𑆹 𑆋 𑆑𑆺 𑆌 𑆑𑆻 𑆍𑇌 𑆑𑆼𑇌 𑆍 𑆑𑆼 𑆎 𑆑𑆽 𑆏𑇌 𑆑𑆾𑇌 𑆏 𑆑𑆾 𑆐 𑆑𑆿 𑆃𑆁 𑆑𑆁 𑆃𑆂 𑆑𑆂 𑆑𑇀 𑆑𑆀 𑆏𑆀 गुरुमुखी ਅ ਕ ਆ ਕਾ ਇ ਕਿ ਈ ਕੀ ਉ ਕੁ ਊ ਕੂ ਏ ਕੇ ਐ ਕੈ ਓ ਕੋ ਔ ਕੌ ਅੰ ਕੰ ਅਃ ਕਃ ਕ੍ ੴ गुजराती અ ક આ કા ઍ કૅ ઑ કૉ ઇ કિ ઈ કી ઉ કુ ઊ કૂ ઋ કૃ ૠ કૄ ઌ કૢ ૡ કૣ એ કે ઐ કૈ ઓ કો ઔ કૌ અં કં અઃ કઃ ક્ કઁ ૐ ओड़िया ଅ କ ଆ କା ଇ କି ଈ କୀ ଉ କୁ ଊ କୂ ଋ କୃ ୠ କୄ ଌ କୢ ୡ କୣ ଏ କେ ଐ କୈ ଓ କୋ ଔ କୌ ଅଂ କଂ ଅଃ କଃ କ୍ କଁ ଓଁ,ଓଁ तमिल அ க ஆ கா இ கி ஈ கீ உ கு ஊ கூ எ கெ ஏ கே ஐ கை ஒ கொ ஓ கோ ஔ கௌ அஂ கஂ அஃ கஃ க் ௐ तेलुगु అ క ఆ కా ఇ కి ఈ కీ ఉ కు ఊ కూ ఋ కృ ౠ కౄ ఌ కౢ ౡ కౣ ఎ కె ఏ కే ఐ కై ఒ కొ ఓ కో ఔ కౌ అం కం అః కః క్ కఀ ఓం कन्नड़ ಅ ಕ ಆ ಕಾ ಇ ಕಿ ಈ ಕೀ ಉ ಕು ಊ ಕೂ ಋ ಕೃ ೠ ಕೄ ಌ ಕೢ ೡ ಕೣ ಎ ಕೆ ಏ ಕೇ ಐ ಕೈ ಒ ಕೊ ಓ ಕೋ ಔ ಕೌ ಅಂ ಕಂ ಅಃ ಕಃ ಕ್ ಕಁ ಓಂ मलयालम അ ക ആ കാ ഇ കി ഈ കീ ഉ കു ഊ കൂ ഋ കൃ ൠ കൄ ഌ കൢ ൡ കൣ എ കെ ഏ കേ ഐ കൈ ഒ കൊ ഓ കോ ഔ കൗ അം കം അഃ കഃ ക് കഁ ഓം सिंहली අ ක ආ කා ඇ කැ ඈ කෑ ඉ කි ඊ කී උ කු ඌ කූ ඍ කෘ ඎ කෲ ඏ කෟ ඐ කෳ එ කෙ ඒ කේ ඓ කෛ ඔ කො ඕ කෝ ඖ කෞ අං කං අඃ කඃ ක් ඕං सिद्धम् 𑖀 𑖎 𑖁 𑖎𑖯 𑖂 𑖎𑖰 𑖃 𑖎𑖱 𑖄 𑖎𑖲 𑖅 𑖎𑖳 𑖆 𑖎𑖴 𑖇 𑖎𑖵 𑖈 𑖎𑖿𑖩𑖰 𑖉 𑖎𑖿𑖩𑖱 𑖊 𑖎𑖸 𑖋 𑖎𑖹 𑖌 𑖎𑖺 𑖍 𑖎𑖻 𑖀𑖽 𑖎𑖽 𑖀𑖾 𑖎𑖾 𑖎𑖿 𑖎𑖼 𑖌𑖼 त्रिविष्टपी ཨ ཀ ཨཱ ཀཱ ཨི ཀི ཨཱི ཀཱི ཨུ ཀུ ཨཱུ ཀཱུ རྀ ཀྲྀ རཱྀ ཀྲཱྀ ལྀ ཀླྀ ལཱྀ ཀླཱྀ ཨེ ཀེ ཨཻ ཀཻ ཨོ ཀོ ཨཽ ཀཽ ཨཾ ཀཾ ཨཿ ཀཿ ཀྃ ༀ मणिपुरी ꯑ ꯀ ꯑꯥ ꯀꯥ ꯏ ꯀꯤ ꯑꫫ ꯀꫫ ꯎ ꯀꯨ ꯑꫬ ꯀꫬ ꯑꯦ ꯀꯦ ꯑꯩ ꯀꯩ ꯑꯣ ꯀꯣ ꯑꯧ ꯀꯧ ꯑꯪ ꯀꯪ ꯑꯍ꯭ ꯀꯍ꯭ ꯛ ꯑꯣꯪ,ꫲ सिलेटीनागरी ꠇ ꠀ ꠇꠣ ꠁ ꠇꠤ ꠃ ꠇꠥ ꠞꠤ ꠇ꠆ꠞꠤ ꠟꠤ ꠇ꠆ꠟꠤ ꠄ ꠇꠦ ꠅꠂ ꠇꠂ ꠅ ꠇꠧ ꠅꠃ ꠇꠃ ꠇꠋ ꠇꠢ꠆ ꠇ꠆ ꠅꠋ म्यांमार အ က အာ ကာ ဣ ကိ ဤ ကီ ဥ ကု ဦ ကူ ၒ ကၖ ၓ ကၗ ၔ ကၘ ၕ ကၙ ဧ ကေ အဲ ကဲ ဩ ကော ဪ ကော် အံ ကံ အး ကး က် ဥုံकैठी 𑂃 𑂍 𑂄 𑂍𑂰 𑂅 𑂍𑂱 𑂆 𑂍𑂲 𑂇 𑂍𑂳 𑂈 𑂍𑂴 𑂩𑂱 𑂍𑃂 𑂩𑂲 𑂍𑂹𑂩𑂲 𑂪𑂱 𑂍𑂹𑂪𑂱 𑂪𑂲 𑂍𑂹𑂪𑂲 𑂉 𑂍𑂵 𑂊 𑂍𑂶 𑂋 𑂍𑂷 ⸱𑂌⸱ 𑂍𑂸 𑂃𑂁 𑂍𑂁 𑂃𑂂 𑂍𑂂 𑂍𑂹 𑂍𑂀 𑂋𑂁 जवा ꦄ ꦏ ꦄꦴ ꦏꦴ ꦆ ꦏꦶ ꦇ ꦏꦷ ꦈ ꦏꦸ ꦈꦴ ꦏꦹ ꦉ ꦏꦽ ꦉꦴ ꦏ꧀ꦉꦴ,ꦏꦽꦴ ꦊ ꦏ꧀ꦊ ꦋ ꦏ꧀ꦋ ꦌ ꦏꦺ ꦍ ꦏꦻ ꦎ ꦏꦺꦴ ꦎ ꦏꦺꦴ ꦎꦴ ꦏꦻꦴ ꦄꦼ ꦏꦼ ꦄꦁ ꦏꦁ ꦄꦃ ꦏꦃ ꦏ꧀ ꦏꦀ ꦎꦀ वली ᬅ ᬓ ᬆ ᬓᬵ ᬇ ᬓᬶ ᬈ ᬓᬷ ᬉ ᬓᬸ ᬊ ᬓᬹ ᬋ ᬓᬺ ᬌ ᬓᬻ ᬍ ᬓᬼ ᬎ ᬓᬾ ᬏ ᬓᬾ ᬐ ᬓᬿ ᬑ ᬓᭀ ᬒ ᬓᭁ ᬅᭂ ᬓᭂ ᬅᬂ ᬓᬂ ᬅᬄ ᬓᬄ ᬓ᭄ ᬓᬁ ᬒᬁ सुन्दा ᮃ ᮊ ᮊᮩ ᮄ ᮊᮤ ᮅ ᮊᮥ ᮻ ᮊ᮪ᮻ ᮼ ᮊ᮪ᮼ ᮆ ᮊᮦ ᮃᮄ ᮊᮄ ᮇ ᮊᮧ ᮃᮅ ᮊᮅ ᮈ ᮊᮨ ᮃᮀ ᮊᮀ ᮃᮂ ᮊᮂ ᮊ᮪ ᮇᮀ
संख्या
भारती 0 1 2 3 4 5 6 7 8 9 ब्राह्मी देवनागरी ० १ २ ३ ४ ५ ६ ७ ८ ९ पूर्वनागरी ০ ১ ২ ৩ ৪ ৫ ৬ ৭ ৮ ৯ मैथिली 𑓐 𑓑 𑓒 𑓓 𑓔 𑓕 𑓖 𑓗 𑓘 𑓙 सारदा 𑇐 𑇑 𑇒 𑇓 𑇔 𑇕 𑇖 𑇗 𑇘 𑇙 गुरुमुखी ੦ ੧ ੨ ੩ ੪ ੫ ੬ ੭ ੮ ੯ गुजराती ૦ ૧ ૨ ૩ ૪ ૫ ૬ ૭ ૮ ૯ ओड़िया ୦ ୧ ୨ ୩ ୪ ୫ ୬ ୭ ୮ ୯ तमिल ೦ ௧ ௨ ௩ ௪ ௫ ௬ ௭ ௮ ௯ तेलुगु ౦ ౧ ౨ ౩ ౪ ౫ ౬ ౭ ౮ ౯ कन्नड़ ೦ ೧ ೨ ೩ ೪ ೫ ೬ ೭ ೮ ೯ मलयालम ൦ ൧ ൨ ൩ ൪ ൫ ൬ ൭ ൮ ൯ ज्योतिषीय सिंहली ෦ ෧ ෨ ෩ ෪ ෫ ෬ ෭ ෮ ෯ प्राचीन सिंहली 𑇡 𑇢 𑇣 𑇤 𑇥 𑇦 𑇧 𑇨 𑇩 गुंजाल गोंडी 𑶠 𑶡 𑶢 𑶣 𑶤 𑶥 𑶦 𑶧 𑶨 𑶩 मसारम् गोंडी 𑵐 𑵑 𑵒 𑵓 𑵔 𑵕 𑵖 𑵗 𑵘 𑵙 त्रिविष्टपी ༠ ༡ ༢ ༣ ༤ ༥ ༦ ༧ ༨ ༩ मोदी 𑙐 𑙑 𑙒 𑙓 𑙔 𑙕 𑙖 𑙗 𑙘 𑙙 तक्री 𑛀 𑛁 𑛂 𑛃 𑛄 𑛅 𑛆 𑛇 𑛈 𑛉 स्वधावादी 𑋰 𑋱 𑋲 𑋳 𑋴 𑋵 𑋶 𑋷 𑋸 𑋹 मंगोलीय ᠐ ᠑ ᠒ ᠓ ᠔ ᠕ ᠖ ᠗ ᠘ ᠙ मणिपुरी ꯰ ꯱ ꯲ ꯳ ꯴ ꯵ ꯶ ꯷ ꯸ ꯹ प्रचलित 𑑐 𑑑 𑑒 𑑓 𑑔 𑑕 𑑖 𑑗 𑑘 𑑙 रौं ᱀ ᱁ ᱂ ᱃ ᱄ ᱅ ᱆ ᱇ ᱈ ᱉ श्रीजंघा ᥆ ᥇ ᥈ ᥉ ᥊ ᥋ ᥌ ᥍ ᥎ ᥏ अहम 𑜰 𑜱 𑜲 𑜳 𑜴 𑜵 𑜶 𑜷 𑜸 𑜹 चकमा 𑄶 𑄷 𑄸 𑄹 𑄺 𑄻 𑄼 𑄽 𑄾 𑄿 म्यांमार ၀ ၁ ၂ ၃ ၄ ၅ ၆ ၇ ၈ ၉ नवा ताई ल्यू ᧐ ᧑ ᧒ ᧓ ᧔ ᧕ ᧖ ᧗ ᧘ ᧙ ज्योतिषीय ताई थाम ᪀ ᪁ ᪂ ᪃ ᪄ ᪅ ᪆ ᪇ ᪈ ᪉ धीवेस अकुरु 𑥐 𑥑 𑥒 𑥓 𑥔 𑥕 𑥖 𑥗 𑥘 𑥙 सौराष्ट्र ꣐ ꣑ ꣒ ꣓ ꣔ ꣕ ꣖ ꣗ ꣘ ꣙ ताई थाम ᪐ ᪑ ᪒ ᪓ ᪔ ᪕ ᪖ ᪗ ᪘ ᪙ शण ႐ ႑ ႒ ႓ ႔ ႕ ႖ ႗ ႘ ႙ ख्मेर ០ ១ ២ ៣ ៤ ៥ ៦ ៧ ៨ ៩ थाई ๐ ๑ ๒ ๓ ๔ ๕ ๖ ๗ ๘ ๙ लाओ ໐ ໑ ໒ ໓ ໔ ໕ ໖ ໗ ໘ ໙ चम ꩐ ꩑ ꩒ ꩓ ꩔ ꩕ ꩖ ꩗ ꩘ ꩙ कवि 𑽐 𑽑 𑽒 𑽓 𑽔 𑽕 𑽖 𑽗 𑽘 𑽙 वली ᭐ ᭑ ᭒ ᭓ ᭔ ᭕ ᭖ ᭗ ᭘ ᭙ जवा ꧐ ꧑ ꧒ ꧓ ꧔ ꧕ ꧖ ꧗ ꧘ ꧙ सुन्दा ᮰ ᮱ ᮲ ᮳ ᮴ ᮵ ᮶ ᮷ ᮸ ᮹ भारती 0 1 2 3 4 5 6 7 8 9
ब्राह्मी आधारित लिपियों की सूची
right|thumb|400px|ब्राह्मी लिपि का भारत से बाहर अन्य देशों में प्रसार
ब्राह्मी से उपजी लिपियाँ।
ऐतिहासिक
सबसे पुराने ज्ञात लेखों के अवेशेष तीसरी सदी ईसा पूर्व के हैं, इस समय तक ब्राह्मी लिपि के कई क्षेत्रीय संस्करण बन ही चुके थे। ब्राह्मी लिपि की बनावट पाँचवी सदी ईसवीं के बाद से और अधिक विविध होती गई और मध्य युग में इसने लगातार कई नई लिपियों को जन्म दिया। प्राचीनकाल का मुख्य विभाजन था उत्तरी व दक्षिणी ब्राह्मी के बीच का। उत्तरी समूह में गुप्त लिपि का प्रभाव काफ़ी था और दक्षिणी समूह में हिंदू धर्म के फैलाव के साथ ग्रन्थ लिपि के जरिए संपूर्ण दक्षिणपूर्व एशिया में ब्राह्मी लिपियाँ फैल गईं।
उत्तरी ब्राह्मी
गुप्त लिपि, ५वीं सदी
शारदा, ८वीं सदी
सिद्धम, ७वीं सदी
फग्स्पा, १३वीं सदी
नागरी, ८वीं सदी
पूर्वी नागरी, ११वीं सदी
देवनागरी, १३वीं सदी
कैथी, सिलहटी नागरी, १६वीं सदी
मोदी, १७वीं सदी
नेपाल
भुजिमोल, ६ठी सदी
रंजना, १२वीं सदी
सोयोंबो, १७वीं लिपि
प्रचलित
मिथिलाक्षर, १५वीं सदी
दक्षिणी ब्राह्मी (तमिल ब्राह्मी, कलिंग, भट्टिप्रोलु)
वट्टेळत्तु
ग्रन्थ, ६ठी सदी
दिवेस अकुरु
कवि लिपि, ८वीं सदी
बटक, १४वीं सदी
कदंब, ५वीं सदी
तोचरियन लिपि ("तिरछी ब्राह्मी"), ७वीं सदी
अहोम, १३वीं सदी
ताई थाम (लन्ना), १४वीं सदी
मैतेई मयेक लिपि
समकालीन
लिपि जननी जन्म का काल प्रयोग आईएसओ १५९२४ यूनिकोड माला नमूना बाली प्राचीन कवि लिपि११वीं शताब्दी बाली भाषा Bali U+1B00–U+1B7Fतागालग प्राचीन कवि लिपि१४वीं शताब्दी तगालोग, फ़िलिपींस की अन्य भाषाएँ Tglg U+1700–U+171Fबुहिद प्राचीन कवि लिपि१४वीं शताब्दी बुहिद भाषा Buhd U+1740–U+175FBuhd ᝊᝓᝑᝒबर्मीवट्टेळुत्तु११वीं शताब्दीबर्मी भाषा, अन्य भाषाओं के लिए कई बदलाव उ. चकमा, पूर्वी व पश्चिमी प्वो करेन, गेबा करेन, काया, मोन, रुमई पलउंग, सगाव करेन, शानMymr U+1000–U+109FMymr မြန်မာအက္ခရာ चम वट्टेळुत्तु८वीं शताब्दी चाम भाषा Cham U+AA00–U+AA5Fदेवनागरीनागरी१३वीं शताब्दी कई इंडो-आर्य भाषाएँDevaU+0900–U+097FDeva देवनागरीपूर्वी नागरीनागरी११वीं शताब्दीबंगाली भाषा (बंगाली लिपि variant), असमिया भाषा (असमिया लिपि variant)BengU+0980–U+09FFBeng/Asm বাংলা লিপি / অসমীয়া লিপি गुजराती नागरी१७वीं शताब्दी गुजराती भाषा, कच्छी भाषा GujrU+0A80–U+0AFFGujr ગુજરાતી લિપિ गुरुमुखी शारदा१६वीं शताब्दी पंजाबी भाषा Guru U+0A00–U+0A7FGuru ਗੁਰਮੁਖੀहनुनोओ प्राचीन कवि लिपि१४वीं शताब्दीहनुनोओ की भाषआ HanoU+1720–U+173F जावाई प्राचीन कवि लिपि१६वीं शताब्दीजावाई भाषाJavaN/Aकन्नड़कदंब लिपि१६वीं शताब्दीकन्नड़ भाषा, अन्यKndaU+0C80–U+0CFFKnda ಕನ್ನಡ ಅಕ್ಷರಮಾಲೆख्मेरवट्टेळुत्तु११वीं शताब्दीख्मेर भाषाKhmrU+1780–U+17FF, U+19E0–U+19FFKhmr អក្សរខ្មែរलाओख्मेर१४वीं शताब्दीलाओ भाषआ, अन्यLaooU+0E80–U+0EFFLaoo ອັກສອນລາວलेप्चा तिब्बती१८वीं शताब्दी लेप्चा भाषाLepcU+1C00–U+1C4Fलिंबु लेप्चा१८वीं शताब्दी लिंबु भाषाLimbU+1900–U+194Fलोंतराप्राचीन कवि लिपि१७वीं शताब्दीबुगिनी भाषा, अन्य; प्रायः लुप्त, केवल कर्मकांड के लिए प्रयुक्तBugiU+1A00–U+1A1Fमलयालमग्रन्थ१२वीं शताब्दीमलयालम भाषाMlymU+0D00–U+0D7FMlym മലയാളലിപി उड़ियाकलिंग१२वीं शताब्दीउड़िया भाषाOryaU+0B00–U+0B7FOrya ଓଡ଼ିୟା ଲିପିरेजंग लिपिप्राचीन कवि लिपि१८वीं शताब्दीरेजंग भाषा, प्रायः लुप्तRjngU+A930–U+A95F सौराष्ट्रग्रन्थबीसवीं शताब्दीसौराष्ट्र भाषा, प्रायः लुप्तSaurU+A880–U+A8DFसिंहलग्रन्थ१२वीं शताब्दीसिंहल भाषाSinhU+0D80–U+0DFFSinh ශුද්ධ සිංහලसुंदनी लिपिप्राचीन कावा१४वीं शताब्दीसुंदनी भाषाSundU+1B80–U+1BBFताई लेताई ल्यू भाषाTaleU+1950–U+197Fनई ताई लुएताई थाम१९५०आदिताई ल्यू भाषाTaluU+1980-U+19DFतग्बन्वाप्राचीन कवि लिपि१४वीं शताब्दी पलवन की कई भाषाएँ, लगभग लुप्तTagbU+1760–U+177Fतमिलवट्टेळुत्तु८वीं शताब्दीतमिल भाषाTamlU+0B80–U+0BFFTaml தமிழ் அரிச்சுவடிतेलुगु१६वीं शताब्दीतेलुगु भाषाTeluU+0C01–U+0C6FTelu తెలుగు లిపిथाईख्मेर१३वीं शताब्दीथाई भाषाThaiU+0E00–U+0E7FThai อักษรไทย त्रिविष्टपीसिद्धम८वीं शताब्दीतिब्बती भाषाTibtU+0F00–U+0FFFTibt དབུ་ཅན་ताई विएतताई दाम भाषाTavtN/A
इन्हें भी देखें
Brahmic scripts
इस्की (ISCII) — भारतीय लिपियों को प्रदर्शित करने के लिए रची गई कूटबन्धन प्रणाली।
सरस्वती लिपि (इण्डस स्क्रिप्ट) - विश्व की प्राचीनतम लिपि
कोही लिपि
लिप्यन्तरण (ट्रान्सलिटरेशन)
भारतीय भाषाएँ
बाहरी कड़ियाँ
Online Tool which supports Conversion between various Brahmic Scripts - अत्यन्त उपयोगी औजार
अक्षरजननी - Input various Indic Languages using Phonetic Keyboard ; Powered by KeymanWeb.
विंडोज़ पर भारतीय लिपियाँ
भारतीय लिपियों से परिचय
भारतीय लिपियों के लिए मुद्रलिपियाँ
दक्षिण एशियाई लेखन प्रणालियाँ
बोंजी सिद्धम अक्षर व उच्चारण
इंपीरियल ब्राह्मी मुद्रलिपि व टेक्स्ट-एडिटर
ब्राह्मी लिपि
पद्मा : भारतीय लिपि परिवर्तक – यह फ़ायरफ़ाक्स के लिए ऐड-आन औज़ार है जो पुराने फाण्टों वाले वेब पन्नों को को यूनिकोड में बदलकर दिखाता है तथा एक लिपि को दूसरी लिपि में बदलकर दिखाता है।
कुछ भारतीय भाषाओं का आपस में व रोमन में लिप्यंतरण
भारतीय लिप्यंतरक रोमन से यूनिकोडित भारतीय लिपियों में लिप्यंतरण।
Indian Transliterator A means to transliterate from romanized to Unicode Indian scripts.
सन्दर्भ
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