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जीन लान्टर्नियर
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जीन लान्टर्नियर Jeanne Lanternier 20 नवंबर 1820 शैतले, जुरा, फ्रांस 1855 माराकेश, मोरक्को फ्रांसीसी मोरक्को के सुल्तान की पत्नी सुल्तान मुहम्मद चतुर्थ की पत्नी सिदी मुहम्मद (भावी सुल्तान मुहम्मद चतुर्थ) इस्लाम (धर्म परिवर्तन के बाद)
जीन लान्टर्नियर (Jeanne Lanternier; जन्म: 20 नवंबर 1820 – मृत्यु: 1855) एक फ्रांसीसी महिला थीं। 1836 में अल्जीरिया में एक हमले के दौरान उन्हें बंदी बना लिया गया था, जिसके बाद उन्हें मोरक्को के सुल्तान के दरबार में भेंट किया गया। बाद में वे मोरक्को के भावी सुल्तान मुहम्मद चतुर्थ की पत्नी बनीं। उनका जीवन फ्रांस और उत्तरी अफ्रीका के औपनिवेशिक इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना है।https://books.google.co.in/books?id=ZqdJAAAAMAAJ&q=sultane+francaise+au+Maroc+histoire+de+Jeanne+Lanternier&redir_esc=y Le Maroc dans les lettres d'expression française Lebel Roland 1958 Éditions universitaires fr
प्रारंभिक जीवन और अल्जीरिया प्रवास
जीन लान्टर्नियर का जन्म 20 नवंबर 1820 को फ्रांस के जुरा विभाग में स्थित शैतले (Chatelay) नामक गाँव में हुआ था।Demoly Rémy Traits d’histoire de Chatelay 113-114 fr उनका परिवार कृषि कार्यों से जुड़ा था। 1830 के दशक में जब फ्रांस ने अल्जीरिया पर नियंत्रण स्थापित करना शुरू किया, तब फ्रांसीसी सरकार ने अपने नागरिकों को वहाँ बसने के लिए प्रोत्साहित किया। इसी क्रम में जीन का परिवार भी अल्जीरिया के डेली इब्राहिम (Dely Ibrahim) क्षेत्र में एक कृषि उपनिवेशवादी के रूप में जाकर बस गया।Belorgey Jean-Michel Transfuges: voyages, ruptures et métamorphoses : des Occidentaux en quête d'autres mondes Autrement 2000 978-2-7467-0033-8 188 fr https://books.google.co.in/books?id=3d0ZAQAAIAAJ&q=Jeanne+Lanternier,+ait+elle+aussi+sultane,+et,+cette+fois,+au+Maroc&redir_esc=y
अपहरण और दासता
वर्ष 1836 में फ्रांसीसी नियंत्रण का विरोध कर रहे स्थानीय अल्जीरियाई विद्रोहियों ने उनके गाँव पर हमला किया। इस संघर्ष में जीन के पिता की मृत्यु हो गई। जीन (जो उस समय 16 वर्ष की थीं), उनकी माँ और कुछ अन्य फ्रांसीसी महिलाओं को बंदी बना लिया गया।Demoly Rémy Traits d’histoire de Chatelay 188 fr
इन बंदियों को अल्जीरियाई प्रतिरोध के नेता अमीर अब्द अल-कादिर (Abd el-Kader) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अब्द अल-कादिर उस समय मोरक्को के सुल्तान से कूटनीतिक समर्थन प्राप्त करने का प्रयास कर रहे थे। इसी उद्देश्य से, उन्होंने जीन और अन्य फ्रांसीसी बंदियों को मोरक्को के तत्कालीन सुल्तान अब्द अल-रहमान बिन हिशाम को भेंट स्वरूप सौंप दिया।https://books.google.co.in/books?id=-qpsz_KvgFcC&q=et+celle+de+Jeanne+Lanternier,+la+petite+Bourguignonne+devenue&redir_esc=y Études 1938 Assas Editions - Bayard Presse fr
मोरक्को के शाही दरबार में
मोरक्को के सुल्तान अब्द अल-रहमान ने जीन को अपने पुत्र, राजकुमार सिदी मुहम्मद (भावी सुल्तान मुहम्मद चतुर्थ) के हरम में भेज दिया। हरम की परंपराओं के अनुसार जीन ने इस्लाम धर्म अपना लिया। फ्रांसीसी दस्तावेजों में उल्लेख है कि अपनी यूरोपीय पृष्ठभूमि के कारण वे राजकुमार के करीब आ गईं और उन्हें 'नीली आँखों वाली सुल्ताना' कहा जाने लगा।La favorite du sultan du maroc https://www.lanouvellerepublique.fr/vienne/la-favorite-du-sultan-du-maroc lanouvellerepublique.fr 2011-07-24 fr 2024-11-02
वर्ष 1837 में राजकुमार ने आधिकारिक रूप से जीन से विवाह कर लिया। विवाह के पश्चात जीन ने दो पुत्रों को जन्म दिया, जिससे दरबार में उनकी स्थिति और अधिक मजबूत हो गई।https://books.google.co.in/books?id=mL9JAQAAMAAJ&dq=Peu+apr%C3%A8s+la+d%C3%A9faite+de+Sidi+Mohammed+par+le+mar%C3%A9chal+Bugeau,+sur+les+bords+de+l'Isly,+Jeanne+mit+au+monde+un+fils.&pg=PA154&redir_esc=y Revue Des Franȧis. Anně 5 No. 10-anně 10. No. 9. Oct. 1910-nov./dč. 1915 1912 fr
फ्रांस यात्रा और वापसी
1855 में राजकुमार मुहम्मद ने जीन को अपने मूल परिवार से संपर्क करने और फ्रांस जाने की अनुमति दी। जीन ने पेरिस में आयोजित 1855 की 'यूनिवर्सल प्रदर्शनी' (Universal Exhibition) के दौरान फ्रांस की यात्रा की और अपने पैतृक गाँव शैतले तथा चिसे (Chissey) का दौरा भी किया।Demoly Rémy Traits d’histoire de Chatelay 447-449 fr
यह यात्रा उनके लिए फ्रांस में पुनः बसने का अवसर थी, लेकिन मोरक्को के दरबार में अपनी स्थिति और अपने बच्चों के कारण उन्होंने वापस मोरक्को लौटने का निर्णय लिया।
हरम की राजनीति और मृत्यु
जीन के मोरक्को लौटने के कुछ समय बाद, 1855 में ही, शाही हरम की आंतरिक राजनीति के कारण उनकी हत्या कर दी गई। मोरक्को के हरम में उत्तराधिकार और सत्ता को लेकर अक्सर संघर्ष होते रहते थे। एक विदेशी मूल की महिला का राजकुमार के करीब होना दरबार के अन्य सदस्यों और रानियों के बीच असंतोष का कारण बना।https://books.google.co.in/books?id=-qpsz_KvgFcC&q=et+celle+de+Jeanne+Lanternier,+la+petite+Bourguignonne+devenue&redir_esc=y Études 1938 Assas Editions - Bayard Presse fr
इसी राजनीतिक साज़िश के तहत, 1855 में जीन लान्टर्नियर और उनके दोनों पुत्रों को ज़हर दे दिया गया, जिससे माराकेश में उनकी मृत्यु हो गई। जीन को माराकेश के शाही महल के बगीचों में दफनाया गया। उनकी मृत्यु के चार वर्ष बाद, 1859 में उनके पति सिदी मुहम्मद, 'सुल्तान मुहम्मद चतुर्थ' के रूप में मोरक्को के सिंहासन पर बैठे।Demoly Rémy Traits d’histoire de Chatelay 447-449 fr
इन्हें भी देखें
माज़ूज़ा मलिका
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
विकिडाटा पर जीन लान्टर्नियर
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