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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

इंडो-शक

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इंडो-स्किथियन साम्राज्य का इतिहास मुख्य रूप से उनके सिक्कों के आधार पर पुनर्निर्मित किया गया है, क्योंकि शासकों के नाम और उनके शासन की जानकारी मुख्य रूप से उनके सिक्कों से मिलती है। स्किथियन, या साका, एक सामान्य शब्द है जो मध्य एशिया से आने वाले लोगों के एक समूह को संदर्भित करता है, जिन्होंने दक्षिण और पश्चिम की ओर प्रवास किया। इंडो-स्किथियन साम्राज्य इंडो-स्किथियन साम्राज्य इंडो-स्किथियन प्राचीन भारत साम्राज्य 1वीं शताब्दी ईसा पूर्व 1वीं शताब्दी ईस्वी Taxila, Gandhara राजशाही प्राकृत, ग्रीक हिन्दू धर्म, ग्रीक धर्म Azes I Azes II Azilises सिक्के इंडो-ग्रीक साम्राज्य इंडो-पार्थियाई साम्राज्य इतिहास और विस्तार thumb इंडो-स्किथियन साम्राज्य का शासन लगभग 1वीं शताब्दी ईसा पूर्व में शुरू हुआ, जब वोनोनेस और उनके साथियों ने अफगानिस्तान के रास्ते भारत में प्रवेश किया। इसके बाद, माउस ने पामीर पार करते हुए भारत में प्रवेश किया। इस साम्राज्य का सर्वाधिक विस्तार आज़ेस के शासन में हुआ, जो एक संयुक्त शासक के रूप में सत्ता में आए और उन्होंने भारत के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में शासन स्थापित किया। उनका साम्राज्य अराचोसिया (अफगानिस्तान) से लेकर जलम नदी के पूर्वी क्षेत्रों तक फैला हुआ था, जिसमें गांधार और टक्सिला शामिल थे।Skinner Michael C. Indo-Scythians and Śakas 2023 https://onlinelibrary.wiley.com/doi/10.1002/9781119399919.eahaa00555 The Encyclopedia of Ancient History 1–4 John Wiley & Sons, Ltd en 10.1002/9781119399919.eahaa00555 978-1-119-39991-9 2025-01-18 आज़ेस ने अपने शासन के दौरान बहुत सारे सिक्के जारी किए, जो उनके साम्राज्य की समृद्धि और विस्तार को दर्शाते हैं। उनकी सिक्कों पर "राजाओं के राजा" का खिताब पाया जाता है, जो उनके साम्राज्य की विशालता को व्यक्त करता है। उनका काल विक्रम युग के नाम से भी जाना जाता है, जो 58/57 ईसा पूर्व के आस-पास की तारीख को चिह्नित करता है।Ghosh Suchandra Indo-Scythian (Saka) Kingdom 2016 https://onlinelibrary.wiley.com/doi/10.1002/9781118455074.wbeoe067 The Encyclopedia of Empire 1–2 John Wiley & Sons, Ltd en 10.1002/9781118455074.wbeoe067 978-1-118-45507-4 2025-01-18 राजा आज़ेस और उनके शासन का विस्तार आज़ेस I, जो वोनोनेस के सह-शासक थे, ने धीरे-धीरे अकेले शासन संभाला और भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी पश्चिमी हिस्सों पर अपना नियंत्रण स्थापित किया। उन्होंने सिक्कों के माध्यम से अपने साम्राज्य की जानकारी दी और इसके ज़रिए अपने शासन की वैधता को बढ़ाया। उनके शासन के दौरान उनके सिक्कों पर बहुत सी देवी-देवताओं की आकृतियाँ अंकित थीं, जो उनके धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण को दर्शाती थीं। आज़ेस I के बाद आज़ेस II और आज़िलिस आज़ेस I के बाद, उनके सह-शासक आज़िलिस ने शासन संभाला। आज़िलिस ने आज़ेस I द्वारा कब्ज़े गए क्षेत्रों की सुरक्षा और विस्तार को सुनिश्चित किया। उनकी उपस्थिति मथुरा तक पहुँची, जहाँ उनके सिक्कों में भगवान लक्ष्मी की चित्रण दिखाई देती है, जो बाद में स्थानीय शासकों द्वारा भी कॉपी की गई। आज़ेस II ने आज़िलिस के बाद शासन किया, लेकिन उनके शासन में साम्राज्य का विस्तार घट गया। उन्होंने भारतीय उपमहाद्वीप के पश्चिम और पूर्व क्षेत्रों पर शासन किया, लेकिन मथुरा में उनका कोई प्रभाव नहीं था। उनका शासन कुछ हद तक विभाजित था, क्योंकि उनके सिक्कों में उनके जनरल, अस्पवर्मन का नाम भी पाया जाता है, जो यह दर्शाता है कि उन्होंने जनरल के साथ साझेदारी में शासन किया। सिक्कों और संस्कृति इंडो-स्किथियन शासकों ने सिक्कों के माध्यम से न केवल अपने शासन का प्रचार किया, बल्कि इन सिक्कों में ग्रीक देवताओं की छवियों को भी अंकित किया। इन सिक्कों पर देवताओं के चित्रण, जैसे ज़ीउस और नाइक के चित्रण, यह दिखाते हैं कि इन शासकों ने ग्रीक संस्कृति और धर्म का सम्मान किया। आज़ेस I और आज़ेस II के सिक्कों के डिज़ाइन में अंतर था, जो उनके शासन के बदलाव और समय के साथ आने वाले परिवर्तनों को दर्शाते हैं। इंडो-स्किथियन साम्राज्य का पतन इंडो-स्किथियन साम्राज्य ने एक लंबी अवधि तक भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी पश्चिमी क्षेत्रों पर शासन किया, लेकिन अंततः ये शक्तियाँ इंडो-पार्थियाई साम्राज्य द्वारा पराजित हो गईं। गोंडोफारेस ने 1वीं शताब्दी ईसा पूर्व के अंत में इंडो-पार्थियाई साम्राज्य की नींव रखी और इसने इंडो-स्किथियन साम्राज्य को ध्वस्त कर दिया। संदर्भ श्रेणी:भारत का इतिहास