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411 समाचार
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तिफिनाग़

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अब्जद किदाल शहर का प्रवेश। यह नाम तुआरैग तिफिनाग़ (ⴾⴸⵍ, कदल) और रोमन लिपि में लिखा गया है। तिफिनाग़ ⵜⴼⵏⵗ / ⵜⵉⴼⵉⵏⴰⵖ Kidal.jpg बर्बर भाषाएँ नियो-तिफिनाग़ Tfng 120 https://www.unicode.org/charts/PDF/U2D30.pdf (नियो-तिफिनाग़ के साथ) तिफिनाग़ (बर्बर भाषाएँ: तुआरैग तिफिनाग़: ⵜⴼⵏⵗ; नियो-तिफिनाग़: ⵜⵉⴼⵉⵏⴰⵖ; बर्बर लातिन वर्णमाला: ber-Latn Tifinaɣ; ber tifinaɣ) एक लिपि है जिसका उपयोग बर्बर भाषाओं (तमज़िग्त) को लिखने के लिए किया जाता है। यह प्राचीन लीबियाई-बर्बर वर्णमाला से निकली है।http://www.institutum-canarium.org/lbi-project/script.php LBI - Libyco-Berber Inscriptions: Script LBI - LIBYCO-BERBER INSCRIPTIONS ON-LINE DATABASE www.institutum-canarium.org 2026-09-08 6 अक्तूबर 2025 https://web.archive.org/web/20251006071218/http://www.institutum-canarium.org/lbi-project/script.php dead पारंपरिक तिफिनाग़, जिसे कभी-कभी तुआरैग तिफिनाग़ भी कहा जाता है, सहारा मरुस्थल के तुआरैग लोगों (दक्षिणी अल्जीरिया, उत्तर-पूर्वी माली, उत्तरी नाइजर और उत्तरी बुर्किना फासो) द्वारा तुआरैग भाषाएँ लिखने के लिए आज भी प्रयोग किया जाता है।Camps G. Claudot-Hawad H. Chaker S. Abrous D. जनवरी १९९६ Écriture https://journals.openedition.org/encyclopedieberbere/2125 Encyclopédie berbère fr Éditions Peeters 17 2564–2585 10.4000/encyclopedieberbere.2125 1015-7344 १९७० के दशक में बर्बर अकादमी द्वारा निर्मित नियो-तिफिनाग़ एक ऐसी वर्णमाला है जो उत्तर अफ्रीका में व्यापक उपयोग के लिए, विशेष रूप से काबिल और अन्य बर्बर बोलियों हेतु, तुआरैग तिफिनाग़ को ढालती है।https://search.worldcat.org/title/741751261 The Berber identity movement and the challenge to North African states search.worldcat.org en 2026-09-08 तिफिनाग़ लैटिन और अरबी वर्णमाला के साथ तीन प्रमुख प्रतिस्पर्धी बर्बर लेखन प्रणालियों में से एक है। हालांकि, प्रतीकात्मक या सांस्कृतिक उपयोग के अलावा, उत्तरी अफ्रीका में बर्बर भाषा लिखने के लिए लैटिन लिपि ही प्रमुख बनी हुई है।Soulaimani Dris 2016-01-02 Writing and rewriting Amazigh/Berber identity: Orthographies and language ideologies https://doi.org/10.1080/17586801.2015.1023176 Writing Systems Research Routledge 8 1 1–16 10.1080/17586801.2015.1023176 1758-6801http://www.tamazgha.fr/Which-Script-for-Tamazight-Whose-Choice-is-it,359.html Which Script for Tamazight, Whose Choice is it ? - TAMAZGHA le site berbériste www.tamazgha.fr 2026-09-08 https://web.archive.org/web/20230306014346/http://www.tamazgha.fr/Which-Script-for-Tamazight-Whose-Choice-is-it,359.html 6 मार्च 2023 dead लीबियाई-बर्बर वर्णमाला लीबियाई-बर्बर वर्णमाला २०२ BCE से २५ BCE के बीच, न्यूमिडिया (उत्तरी अल्जीरिया) और मॉरितेनिया (उत्तरी मोरक्को) के प्राचीन बर्बर राज्यों के अस्तित्व से पहले या उसके दौरान, लीबियाई-बर्बर लिपि (जिसे प्राचीन लीबियाई के रूप में भी जाना जाता है) में कई शिलालेख उत्कीर्ण किए गए थे। लीबियाई-बर्बर लिपि मोरक्को, उत्तरी अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, उत्तरी लीबिया और कैनरी द्वीप समूह में हजारों पत्थरों पर उकेरे गए शिलालेखों में मिलती है। लीबियाई-बर्बर और तिफिनाग़, दोनों के विकास का सही इतिहास अभी भी साफ नहीं है।https://books.google.com/books?id=hdNf33JBS8sC&q=%22Libyco-Berber%22+Tifinagh&pg=PA60 Writing and Ancient Near East Society: Essays in Honor of Alan Millard Millard Alan Ralph Bienkowski Piotr Mee C. B. Slater E. A. 2005-10-27 Bloomsbury Publishing USA 978-0-567-02691-0 en तिफिनाग़ लेखन प्रणाली का इस्तेमाल पुराने समय में अफ्रीका और कैनरी द्वीपसमूह में न्यूमिडियाई भाषा (जिसे 'पुरानी लिबियन' भी कहा जाता है) बोलने वाले लोग बड़े पैमाने पर करते थे; इस भाषा को अभी तक पूरी तरह से समझा नहीं जा सका है। इस लिपि की उत्पत्ति के बारे में निश्चित जानकारी नहीं है; कुछ विद्वानों का मानना ​​है कि यह फोनीशियाई वर्णमाला से जुड़ी है या उसी से विकसित हुई है, जबकि अन्य का तर्क है कि इसका विकास स्वतंत्र रूप से हुआ था, जिसमें फोनीशियाई प्रभाव बहुत कम था।https://books.google.com/books?id=1stXcN-v0JUC&pg=PA173 Language and Identity in the Middle East and North Africa Suleiman Yasir 1996 Psychology Press 978-0-7007-0410-1 en इसके प्रकट होने का समय भी अनिश्चित है, किन्तु यह पहली सहस्राब्दी BCE से प्राचीन नहीं है, और इसके सबसे पुराने अवशेष छठी शताब्दी BCE के होने की संभावना है। आठवीं शताब्दी में अरबों द्वारा मघरेब की विजय के पश्चात यह उत्तरी अफ्रीका के सबसे उत्तरी क्षेत्रों से लुप्त हो गया, जहाँ अरबी लिपि ने लैटिन और लीबियाई-बर्बर दोनों का स्थान ले लिया। लीबियाई लिपि के दो प्रकार थे। इसका पश्चिमी रूप, जो अपठित है, कबिलिया से मोरक्को और संभवतः कैनरी द्वीप समूह तक भूमध्यसागरीय तट के साथ प्रयोग किया जाता था। पूर्वी रूप का उपयोग कॉन्सटेंटाइन, ऑरेस और ट्यूनीशिया में होता था। प्यूनिक-लीबियाई द्विभाषी शिलालेखों के कारण पूर्वी रूप के २४ में से २२ अक्षरों को समझ लिया गया है।https://www.unicode.org/wg2/docs/n2739.pdf Proposition d'ajout de l'écriture tifinaghe. Organisation internationale de normalisation (तिफिनाग़ लिपि को जोड़ने का प्रस्ताव। अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण के लिए संगठन।) ऍण्ड्रीज़ PA Jeu universel des caractères codés sur octets (JUC) [वैश्विक कोडेड कैरेक्टर सेट (वै० को० कै० से०)] सहारन तिफिनाग़ ऍण्ड्रीज़ (२००४) ने विकास के एक अतिरिक्त चरण की पहचान की है जिसे "सहारा तिफिनाग़" (tifinaghe saharien) कहा जाता है। वह रिपोर्ट करते हैं कि इस विविधता को लिबिको-बर्बर (libyco-berbère) या पुराना तुआरैग (touareg ancien) के रूप में भी जाना जाता है; इससे ऊपर के खंड में "लीबियाई-बर्बर" शब्द के उपयोग पर संदेह उत्तपन होगा। इस चरण में लीबियाई की अपेक्षा कुछ नए वर्ण दिखते हैं, विशेष रूप से अंतिम स्वर /a/ को दर्शाने वाली एक ऊर्ध्वाधर रेखा। इसका प्रयोग प्राचीन तुआरैग लिखने में होता था, पर यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इस पद्धति के नवीनतम अभिलेख संभवतः दो सौ वर्ष पुराने हैं। तिफिनाग़ के पहले प्रयोगों शैलचित्रों और विभिन्न समाधियों में पाए गए हैं। इनमें तुआरैग मातृसत्तात्मक शासक टिन हिनन का १,५०० वर्ष पुराना भव्य मक़बरा भी सम्मिलित है, जिसकी एक दीवार पर तिफिनाग़ अभिलेख के अवशेष मिले हैं।Briggs L. Cabot 1957 19. A Review of the Physical Anthropology of the Sahara and Its Prehistoric Implications https://www.jstor.org/stable/2793877 Man [Wiley, Royal Anthropological Institute of Great Britain and Ireland] 57 20–23 10.2307/2793877 0025-1496 तुआरैग तिफिनाग़ सहारन लिपि तुआरैग तिफिनाग़ लिपियों में विकसित हुई।https://pcl-press.org/publications/pluricentric-languages-in-africa-and-in-other-regions-of-the-world/ Pluricentric Languages in Africa and in Other Regions of the World – PCL-PRESS de 2026-09-08 मघरेब की अरब विजय के बाद, उत्तरी क्षेत्रों में तिफिनाग़ का प्रयोग लगभग समाप्त हो गया, परंतु सहारा में तुआरैग तिफिनाग़ का प्रयोग बना रहा, और इसके प्रतीक आज भी बुनाई, कुम्हारी और आभूषण जैसे शिल्पों में उपयोग किए जाते हैं।https://sudestmaroc.com/en/the-tifinagh-the-berber-singularity-engraved-in-time/ The Tifinagh, the Berber singularity engraved in time Anglade Eric 2026-08-19 sudestmaroc.com en-US 2026-09-08 तुआरैग तिफिनाग़ में चिह्नों के आकार और संख्या में कुछ अंतर है, लेकिन यह अंतर इतना कम है कि इससे आपसी समझ पर कोई असर नहीं पड़ता। कभी-कभी, इस लिपि का इस्तेमाल आस-पास की दूसरी भाषाओं, जैसे कि तगदल (जो अलग सोंघे परिवार से जुड़ी है), को लिखने के लिए भी किया गया है। अक्षर तुआरैग तिफिनाग़ तुआरैग की एक नहीं, बल्कि कई लिपियाँ हैं, और प्रत्येक अक्षर के लिए थोड़ा अलग चिह्न है। +तुआरैग तिफिनाग़ बर्बर लातिन अ॰ ध्व॰ लि॰ अहग्गर घत अयर अज़वग़ अद्रर a a ⴰ ⴰ ⴰ ⴰ ⴰ b b ⵀ ⵀ ⵀ ⵀ ⵀ d d ⴸ ⴸ ⴹ ⴹ ⴸ ḍ dˤ ⴹ ⴹ ⴹ f f ⴼ ⴼ ⴼ ⴼ ⵊ g g ⴳ ⴶ ⴶ ⴶ ⴶ ġ ɟ ⴶ ⵊ ⵘ h h ⵂ ⵂ ⵂ ⵂ ⵂ x x ⵆ ⵆ ⵂ ⵆ ⵆ k k ⴾ ⴾ ⴾ ⴾ ⴾ l l ⵍ ⵍ ⵍ ⵍ ⵍ m m ⵎ ⵎ ⵎ ⵎ ⵎ n n ⵏ ⵏ ⵏ ⵏ ⵏ ñ ɲ ⵐ ng ŋ ⵑ q q ⵈ ⵈ ⵗ ⵆ ⵈ ɣ/gh ɣ ⵗ ⵗ ⵘ ⵗ ⵗ r r ⵔ ⵔ ⵔ ⵔ ⵔ s s ⵙ ⵙ ⵙ ⵙ ⵙ š ʃ ⵛ ⵛ ⵛ ⵛ 𐌚 t t ⵜ ⵜ ⵜ ⵜ ⵜ ṭ tˤ ⵟ ⵟ w w ⵓ ⵓ ⵓ ⵓ ⵓ y j ⵢ ⵉ ⵉ ⵢ ⵉ z z ⵣ ⵌ ⵣ ⵣ ⵋ ẓ zˤ ⵌ ⵣ ⵣ ⵌ ž/j ʒ ⵋ ⵌ ⵌ ⵣ सन्दर्भ