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411 समाचार
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राम नवमी

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राम नवमी हिन्दू Idols of Prabhu Shri Rama and Sita Mata, Kanak Bhavan, Ayodhya, Faizabad, U.P., India.JPG भगवान राम, माता सीता, कनक मंदिर, अयोध्या हिन्दू श्रीराम का जन्मदिन चैत्र शुक्ल नवमीGoogle Books Google https://www.google.co.in/books/edition/%E0%A4%A7%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A3_2077_%E0%A4%B5%E0%A4%BF_%E0%A4%B8%E0%A4%82/mpVuEAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%95%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%B0+%E0%A4%AD%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%9F++%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A3%E0%A4%AF+%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A7%E0%A5%81&pg=PP8&printsec=frontcover 4 April 2025 बुधवार, ५ अप्रैलHoliday Calendar https://web.archive.org/web/20170828233624/http://hck.gov.in/hckcalendar/hck-2017.pdf 28 अगस्त 2017 , High Court of Karnataka, Government of Karnataka मंगलवार, ४ अप्रैल (कुछ राज्यों में)West Bengal Government Holidays Calendar 2017 https://web.archive.org/web/20170326140609/http://www.portal.gsi.gov.in/reports1/rwservlet?GSIReportKey&envid=clm&report=ClmRptHolidayList&desformat=pdf&inpEmpId=121874 26 मार्च 2017 , India रवि, २५ मार्च शनिवार, १३ अप्रैल चैत्र नवरात्रि का अंतिम दिवस पूजा, व्रत, उपवास, कथा, हवन, दान वार्षिक रामनवमी का त्यौहार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को मनाया जाता है जो अप्रैल-मई में आता है। हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार इस दिन मर्यादा-पुरूषोत्तम भगवान श्री राम जी का जन्म हुआ था। प्रभु श्रीराम की असली जन्म दिनांक hindi.webdunia.com 26 July 2014 http://hindi.webdunia.com/religion-sanatandharma-history/प्रभु-श्रीराम-की-असली-जन्म-दिनांक-1140408047_1.htm https://web.archive.org/web/20140901073257/http://hindi.webdunia.com/religion-sanatandharma-history/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AD%E0%A5%81-%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AE-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%95-1140408047_1.htm 1 September 2014 dead hi 3 April 2025 thumb|अयोध्या, उत्तर प्रदेश स्थित जन्मभूमि मंदिर में श्री "राम" कि प्रतिमा चैत्रे नवम्यां प्राक् पक्षे दिवा पुण्ये पुनर्वसौ । उदये गुरुगौरांश्चोः स्वोच्चस्थे ग्रहपञ्चके ॥ मेषं पूषणि सम्प्राप्ते लग्ने कर्कटकाह्वये । आविरसीत्सकलया कौसल्यायां परः पुमान् ॥ (निर्णय सिन्धु) गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस बालकाण्ड में स्वयं लिखा है कि उन्होंने रामचरित मानस की रचना का आरम्भ अयोध्यापुरी में विक्रम सम्वत् १६३१ (१५७४ ईस्वी) के रामनवमी (मंगलवार) को किया था। गोस्वामी जी ने रामचरितमानस में श्रीराम के जन्म का वर्णन कुछ इस प्रकार किया है- भये प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी। हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी॥ लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी। भूषन वनमाला नयन बिसाला सोभासिन्धु खरारी॥ कह दुइ कर जोरी अस्तुति तोरी केहि बिधि करौं अनंता। माया गुन ग्यानातीत अमाना वेद पुरान भनंता॥ करुना सुख सागर सब गुन आगर जेहि गावहिं श्रुति संता। सो मम हित लागी जन अनुरागी भयउ प्रकट श्रीकंता॥ राम जन्म कथा हिन्दु धर्म शास्त्रों के अनुसार त्रेतायुग में रावण के अत्याचारों को समाप्त करने तथा धर्म की पुनः स्थापना के लिये भगवान विष्णु ने मृत्यु लोक में श्री राम के रूप में अवतार लिया था। श्रीराम चन्द्र जी का जन्म चैत्र शुक्ल की नवमी के दिन पुनर्वसु नक्षत्र तथा कर्क लग्न में रानी कौशल्या की कोख से, राजा दशरथ के घर में हुआ था। right|thumb|300px|सम्पूर्ण भारत में रामनवमी मनायी जाती है। तेलंगण का भद्राचलम मन्दिर उन स्थानों में हैं जहाँ रामनवमी बड़े धूमधाम से मनायी जाती है। श्रीरामनवमी का त्यौहार पिछले कई हजार सालों से मनाया जा रहा है। रामायण के अनुसार अयोध्या के राजा दशरथ की तीन पत्नियाँ थीं लेकिन बहुत समय तक कोई भी राजा दशरथ को सन्तान का सुख नहीं दे पायी थीं जिससे राजा दशरथ बहुत परेशान रहते थे। पुत्र प्राप्ति के लिए राजा दशरथ को ऋषि वशिष्ठ ने पुत्रकामेष्टि यज्ञ कराने को विचार दिया। इसके पश्चात् राजा दशरथ ने अपने जमाई, महर्षि ऋष्यश्रृंग से यज्ञ कराया। तत्पश्चात यज्ञकुण्ड से अग्निदेव अपने हाथों में खीर की कटोरी लेकर बाहर निकले। https://www.punjabkesari.in/dharm/news/ram-navami-on-25th-march-773018 रामनवमी का इतिहास पंजाब केसरी https://web.archive.org/web/20200329052858/https://www.punjabkesari.in/dharm/news/ram-navami-on-25th-march-773018 29 मार्च 2020 dead यज्ञ समाप्ति के बाद महर्षि ऋष्यश्रृंग ने दशरथ की तीनों पत्नियों को एक-एक कटोरी खीर खाने को दी। खीर खाने के कुछ महीनों बाद ही तीनों रानियाँ गर्भवती हो गयीं। ठीक 9 महीनों बाद राजा दशरथ की सबसे बड़ी रानी कौशल्या ने श्रीराम को जो भगवान विष्णु के सातवें अवतार थे, कैकयी ने श्रीभरत को और सुमित्रा ने जुड़वा बच्चों श्रीलक्ष्मण और श्रीशत्रुघ्न को जन्म दिया। भगवान श्रीराम का जन्म धरती पर दुष्ट प्राणियों को संघार करने के लिए हुआ था। रामनवमी पूजन left|thumb|राम, सीता, लक्ष्मण एवं हनुमान राम नवमी पूजन में एक घर में रामनवमी के त्यौहार का महत्व हिंदु धर्म सभ्यता में महत्वपूर्ण रहा है। इस पर्व के साथ ही माँ दुर्गा के नवरात्रों का समापन भी होता है। हिन्दू धर्म में रामनवमी के दिन पूजा अर्चना की जाती है। रामनवमी की पूजा में पहले देवताओं पर जल, रोली और लेपन चढ़ाया जाता है, इसके बाद मूर्तियों पर मुट्ठी भरके चावल चढ़ाये जाते हैं। पूजा के बाद आ‍रती की जाती है। कुछ लोग इस दिन व्रत भी रखते है।https://www.patrika.com/worship-pooja-path/how-to-worship-on-ram-navmi-1270258/ रामनवमी पर ऐसे करें भगवान राम का पूजन, पूर्ण होगी हर इच्छा पत्रिका https://web.archive.org/web/20200329104332/https://www.patrika.com/worship-pooja-path/how-to-worship-on-ram-navmi-1270258/ 29 मार्च 2020 live रामनवमी का महत्व यह पर्व भारत में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। रामनवमी के दिन ही चैत्र नवरात्र की समाप्ति भी हो जाती है। हिंदु धर्म शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान श्री राम जी का जन्म हुआ था अत: इस शुभ तिथि को भक्त लोग रामनवमी के रूप में मनाते हैं एवं पवित्र नदियों में स्नान करके पुण्य के भागीदार होते है। https://web.archive.org/web/20170403194750/http://www.deshbandhu.co.in/miscllenious/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%AE%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B5--43162-2 3 अप्रैल 2017 | देशबंधु वेबसाइट सन्दर्भ श्रेणी:भारत में त्यौहार श्रेणी:हिन्दू धर्म श्रेणी:राम