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प्रवाल भित्ति मछलीयाँ
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thumb|upright=1.35|प्रवाल भित्ति के आसपास रहने वाली असंख्य और विविध मछलियों की प्रजातियाँ
प्रवाल भित्ति मछलियाँ वे मछलियाँ होती हैं जो असंख्य प्रवाल भित्तियों के आसपास के जलीय वातावरण में निवास करती हैं। जहाँ रंग-बिरंगी मछलियों की सैकड़ों प्रजातियाँ पाई जाती हैं। इन मछलियों की सुंदरता, आकार, और व्यवहार समुद्री पारिस्थितिकी का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। छोटी प्रवाल भित्तियों में रहने वाली गोबी प्रजाति की मछलियाँ विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। इसी समूह की सात अलग-अलग आकृति वाली मछलीयों में पिग्मी गोबी को विश्व की सबसे छोटी कशेरुकी प्रजाति माना गया है, जो लगभग 60 से भी कम दिनों तक जीवित रहती है।10.1016/j.cub.2005.04.016 15854891 प्रवाल भित्तियों की मछली में सबसे कम जीवनकाल पाया गया। सामान्य जीवविज्ञान 15 8 R288-9 2005 डेप्ज़िंस्की मारटीयल बेलवुड डेविड आर॰ 22684907
विविधता और वितरण
प्रवाल भित्तियाँ समुद्र का वह भाग हैं जहाँ मछलियों की विविधता पृथ्वी के किसी भी अन्य क्षेत्र से अधिक पाई जाती है। अनुमानतः विश्व के महासागरों की प्रवाल भित्तियों में लगभग छह से आठ हज़ार मछलीयों की अलग-अलग प्रजातियाँ निवास करती हैं। यह विविधता जलीय वातावरण में उपलब्ध भोजन के प्रकार, उनके अस्थायी वितरण में होने वाली जटिल प्रक्रियाओं के कारण बनी है। इन सभी कारणों की परस्पर क्रियाओं को वैज्ञानिक अभी पूरी तरह समझ नहीं पाए हैं। प्रवाल भित्तियों का अधिकांश भाग समुद्रतल पर रहने वाली रंगीन मछलियों से भरा होता है, जो समुद्री पारिस्थितिकीकी स्थिरता और संतुलन बनाए रखने में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।भित्तियों पर जीवन का आधार सूक्ष्म या अत्यंत छोटी मछलियाँ होती हैं। ये प्रवाल भित्तियाँ सामान्यतः स्वच्छ, फिरोज़ा-नीले जल और असंख्य रंग-बिरंगी मछलियों के अद्भुत समूहों का दृश्य प्रस्तुत करती हैं। परंतु यह प्रश्न महत्वपूर्ण है कि इतनी विशाल जैव विविधता और जीवन की समृद्धता को वास्तव में कौन-सा तंत्र या स्रोत बनाए रखता है?—अमित मालेवारमई 2026 InternetArchiveBot 24, 2019 को प्रकाशित
विषैली मछलियाँ
thumb|260px|right|विषैली मछली का सीधा दृश्य
कई प्रवाल भित्ति मछलियाँ स्वभावतः जहरीली होती हैं। जहरीली मछलियाँ वे होती हैं जिनके शरीर में हानीकारक विष पाया जाता है। हालाँकि "जहरीली" और "विषैली" मछलियों में सूक्ष्म अंतर होता है। दोनों में विष तो होता है, परंतु विष पहुँचाने का तरीका अलग होता है। जहरीली मछलियाँ अपने डंक या काँटों से आक्रमण कर विष छोड़ती हैं, जिससे पीड़ित शरीर में विषक्रिया उत्पन्न होने लगती है। इन्हें खाने पर अक्सर कोई हानि नहीं होती क्योंकि अधिकांश विष पाचन तंत्र में नष्ट हो जाता है। इसके विपरीत, विषैली मछलियों में ऐसा विष होता है जो पाचन क्रिया से नष्ट नहीं होता, इसलिए उन्हें खाने से शरीर पर खतरनाक असर पड़ता है। जहरीली बनाम विषैली मछली : क्या अंतर है?https://web.archive.org/web/20091030094110/http://www.greatbarrierreefs.com.au/biobits/biobits_venomous.htm 2009-10-30 रीफ बायोसर्च. Retrieved जुलाई.
इन्हें भी देखे
समुद्री शैवाल
संदर्भ
श्रेणी: समुद्री जीव
श्रेणी : समुद्र विज्ञान