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भारतीय नगरों का वर्गीकरण
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भारतीय नगरों का वर्गीकरण भारत सरकार द्वारा उपयोग की जाने वाली एक पदानुक्रम निर्धारण पद्धति (रैंकिंग सिस्टम) है। इसके अतंर्गत भारत के शहरों में कार्यरत लोक सेवकों को गृह किराया भत्ता (एच.आर.ए.) आवंटित किया जाता है। गृह किराया भत्ता का उपयोग भारतीय राजस्व सेवा द्वारा आयकर छूट प्रदान करने के लिए भी किया जाता है। इस पद्धति में नगरों को उनकी आबादी के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।
सामयिक वर्गीकरण
सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफ़ारिश के तहत 2008 में सीसीए वर्गीकरण को समाप्त कर दिया गया था। पूर्व के नगरों के हाउस रेंट अलाउंस वर्गीकरण को ए-1 से बदलकर एक्स; ए, बी-1, और बी-2 से वाई तथा सी और अवर्गीकृत नगरों से ज़ेड कर दिया गया था। एक्स, वाई और ज़ेड को आमतौर पर क्रमशः टायर-1, टायर-2 और टायर-3 शहरों के रूप में जाना जाता है।https://doe.gov.in/sites/default/files/21-07-2015.pdf भारतीय शहरों का वर्गीकरण, कार्यालय ज्ञापन, भारत सरकार doe.gov.inछठे केंद्रीय वेतन आयोग की सिफ़ारिशें – केंद्र सरकार के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने के संबंध में सरकार का निर्णय http://dispur.nic.in/sixthpay/sixth-pay-allowances.pdf वित्त मंत्रालय व्यय विभाग 1 जून 2023 8 जून 2023 https://web.archive.org/web/20230608063815/https://dispur.nic.in/sixthpay/sixth-pay-allowances.pdf dead इनमें आठ एक्स शहर और निन्यानवे वाई शहर हैं। 2011 की जनगणना के आधार पर दो शहरों - पुणे और अहमदाबाद को 1 अप्रैल 2014 को वाई शहर से एक्स शहर तथा इक्कीस शहरों को ज़ेड शहर से वाई शहर में बदल दिया गया था।छठा केंद्रीय वेतन आयोग शहरी वर्गीकरण http://ccis.nic.in/WriteReadData/CircularPortal/D2/D02ser/11016_2_2008-AIS-II.pdf कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय 1 जून 2023 https://web.archive.org/web/20161213064359/http://ccis.nic.in/WriteReadData/CircularPortal/D2/D02ser/11016_2_2008-AIS-II.pdf 13 दिसंबर 2016 dead
ऐतिहासिक वर्गीकरण
2008 में छठे केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों का पालन करने से पहले शहरों को निम्नानुसार वर्गीकृत किया गया था। यह वर्गीकरण शुरू में 1997 में भारत के पांचवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित था। चेन्नई, नई दिल्ली, कोलकाता और मुंबई को ए-1 शहरों के रूप में वर्गीकृत किया गया था।http://www.business-standard.com/article/economy-policy/bangalore-gets-a1-status-107092501055_1.html बंगलुरु को मिला ए1 का दर्जा 25 सितंबर 2007 बिज़नेस स्टैंडर्ड शहर की स्थिति को बाद में 2001 की भारत की जनगणना के परिणामों के आधार पर संशोधित किया गया था। हैदराबाद को 31 अगस्त 2007 को ए से ए-1 स्थिति में अपग्रेड किया गया था, और 21 सितंबर 2007 को बैंगलोर के साथ भी ऐसा ही किया गया था। सीसीए वर्गीकरण को 2008 में समाप्त कर दिया गया था।
जनसंख्या-आधारित वर्गीकरण
भारतीय रिज़र्व बैंक जनसंख्या के आधार पर केंद्रों को छह स्तरों (टायर) में वर्गीकृत करता है।
सन्दर्भ
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