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ग्रीक स्वतंत्रता संग्राम
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ग्रीक स्वतंत्रता संग्राम (1821–1829) अथवा यूनानी स्वतंत्रता संग्राम दक्षिणी बाल्कन प्रायद्वीप पर लड़ा गया एक ऐतिहासिक संघर्ष था, जिसने 1830 में स्वतंत्र ग्रीक राज्य की स्थापना के साथ सफलता पाई। यह उस्मानी साम्राज्य में राष्ट्रीय स्वतंत्रता के लिए पहला सफल संघर्ष था और इसके प्रभाव ने निकट पूर्व में अन्य राष्ट्रवादी आंदोलनों को प्रेरित किया।
ग्रीक स्वतंत्रता संग्राम ओटोमन साम्राज्य के खिलाफ यूरोप के स्वतंत्रता युद्ध 1821–1829 ग्रीस, बाल्कन प्रायद्वीप, एगियन सागर ग्रीस की स्वतंत्रता (1830 में आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त) ग्रीक विद्रोही ओटोमन साम्राज्यमिस्र थियोडोरोस कोलोकोट्रोनिस अलेक्जेंडर यिप्सिलैंटी यानिस मकरियानिस सुल्तान महमूद द्वितीय इब्राहिम पाशा
उस्मानी शासन के अधीन यूनान
उस्मानी विजय के बाद, जातीय ग्रीक उस्मानी साम्राज्य के अधीन आ गए। वे ग्रीक ऑर्थोडॉक्स समुदाय के सदस्य के रूप में अधीनस्थ थे लेकिन धार्मिक और न्यायिक स्वायत्तता के कुछ अधिकार दिए गए थे। कॉन्स्टेंटिनोपल के पैट्रिआर्क के नेतृत्व में ग्रीक चर्च ने इस स्वायत्तता को बनाए रखा।Lekkas Pantelis Greek Independence, War of (1821–1829) 2011 https://onlinelibrary.wiley.com/doi/abs/10.1002/9781444338232.wbeow253 The Encyclopedia of War John Wiley & Sons, Ltd en 10.1002/9781444338232.wbeow253 978-1-4443-3823-2 2025-01-16
ग्रीक समुदाय मुख्य रूप से दक्षिणी बाल्कन, एगियन द्वीपसमूह और एशिया माइनर के तटीय इलाकों में केंद्रित था। हालाँकि, मुख्य भूमि ग्रीस में उस्मानी शासन कमजोर और अस्थिर था। पहाड़ी क्षेत्रों में डाकूगिरी (बैंडिट्री) का बोलबाला था, और ग्रामीण आबादी इन डाकुओं को अक्सर नायक मानती थी।
सत्रहवीं और अठारहवीं शताब्दी में, ग्रीक व्यापारिक समुदाय तेजी से बढ़ा। पश्चिमी यूरोप में ग्रीक व्यापारिक प्रवासी (डायस्पोरा) ने फ्रांसीसी क्रांति और नेपोलियन युद्धों के दौरान नई आर्थिक संभावनाओं का लाभ उठाया। इन व्यापारिक समुदायों ने यूरोपीय प्रबोधन (एंलाइटेनमेंट) और फ्रांसीसी क्रांति के विचारों को अपनाया, जिसने ग्रीक राष्ट्रीय चेतना को मजबूत किया।https://books.google.co.in/books?id=qumwwKbI0TQC&printsec=copyright&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false Modern Greece: A History since 1821 Koliopoulos John S. Veremis Thanos M. 2009-10-27 John Wiley & Sons 978-1-4443-1483-0 15-27 en
ग्रीक राष्ट्रवाद और विद्रोह की तैयारी
1814 में ओडेसा (आधुनिक यूक्रेन) में "फ्रेंडली सोसाइटी" नामक एक गुप्त संगठन की स्थापना हुई। इस संगठन का उद्देश्य ग्रीस की स्वतंत्रता के लिए सशस्त्र विद्रोह करना था। यह संगठन मुख्य रूप से व्यापारी समुदाय द्वारा वित्त पोषित था और ग्रीक दुनिया में तेजी से फैल गया।https://www.britannica.com/event/War-of-Greek-Independence War of Greek Independence History, Facts, & Combatants Britannica www.britannica.com en 2025-01-16
ग्रीक राष्ट्रवाद को यूरोपीय फिलहेलेनिज़्म आंदोलन से भी बल मिला। यूरोप में प्राचीन ग्रीक सभ्यता की महिमा और ईसाई एकता के विचारों ने ग्रीक स्वतंत्रता आंदोलन को व्यापक समर्थन दिया। ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और अन्य यूरोपीय देशों से वित्तीय और सैन्य सहायता जुटाई गई।
विद्रोह की शुरुआत
ग्रीक स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत सन् 1821 में हुई। विद्रोह सबसे पहले मोल्दाविया और वलाचिया (आधुनिक रोमानिया) में हुआ, जहाँ अलेक्जेंडर यिप्सिलैंटी के नेतृत्व में सशस्त्र संघर्ष शुरू हुआ। हालाँकि, ड्रैगाशन की लड़ाई (1821) में उस्मानी सेना ने यिप्सिलैंटी को पराजित कर दिया।
इसके बाद विद्रोह मुख्य भूमि ग्रीस और मोरिया (पेलोपोनीज) में फैल गया। ग्रीक विद्रोहियों ने थियोडोरोस कोलोकोट्रोनिस जैसे प्रसिद्ध नेताओं के नेतृत्व में संगठित होकर उस्मानी किलों पर घेराबंदी शुरू की। हालांकि, विद्रोहियों के पास पर्याप्त तोपखाने नहीं था, जिससे उस्मानी गैरीसन को समुद्र के रास्ते से आपूर्ति मिलती रही।
सन् 1822 में, प्राचीन एपिडॉरस के पास एक राष्ट्रीय कांग्रेस आयोजित की गई, जिसमें ग्रीस की स्वतंत्रता और स्व-शासन के लिए संविधान की घोषणा की गई।
विदेशी हस्तक्षेप
ग्रीक स्वतंत्रता संग्राम ने यूरोपीय शक्तियों को विभाजित कर दिया। ऑस्ट्रिया ने विद्रोह की निंदा की, जबकि रूस ने धार्मिक और रणनीतिक कारणों से ग्रीक समर्थन में रुचि दिखाई। ब्रिटेन, जो ग्रीक कारण के प्रति सहानुभूति रखता था, ने उस्मानी साम्राज्य पर दबाव डालने की कोशिश की।
सन् 1827 में, लंदन की संधि के तहत ब्रिटेन, फ्रांस और रूस ने ग्रीक स्वतंत्रता का समर्थन करने का निर्णय लिया। 20 अक्टूबर 1827 को, नवारिनो की लड़ाई में, इन तीनों शक्तियों की नौसेनाओं ने टरको-मिस्री नौसेना को पूरी तरह नष्ट कर दिया।
युद्ध का अंतिम चरण और परिणाम
सन् 1828–1829 में रूस-उस्मानी युद्ध ने सुल्तान को ग्रीक स्वायत्तता को मान्यता देने के लिए मजबूर किया। सन् 1830 में लंदन सम्मेलन के तहत ग्रीस को पूर्ण स्वतंत्रता प्रदान की गई। सन् 1832 में उस्मानी साम्राज्य ने कॉन्स्टेंटिनोपल की संधि के तहत ग्रीस की स्वतंत्रता को औपचारिक रूप से मान्यता दी।
ग्रीक स्वतंत्रता संग्राम ने यूरोप और निकट पूर्व में राष्ट्रीय आंदोलनों को प्रेरित किया। यह उस्मानी साम्राज्य की पहली बड़ी क्षेत्रीय हार थी और बाल्कन में उसके पतन की शुरुआत थी। ग्रीस के लिए, स्वतंत्रता एक नए राज्य के निर्माण का पहला कदम थी, जो आने वाले वर्षों में अन्य ग्रीक क्षेत्रों को एकीकृत करने का प्रयास करता रहा।
सन्दर्भ
श्रेणी:युद्ध