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तारकीय चुंबकीय क्षेत्र

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right|thumb|सूर्य का चुंबकीय क्षेत्र इस सौर प्रामिनेंस तंतु विस्फोट को प्रेरित कर रहा है। एनओएए चित्र. thumb|नासा जीएसएफसी की सौर वैज्ञानिक हॉली गिल्बर्ट सूर्य के चुंबकीय क्षेत्रों के एक मॉडल की व्याख्या करती हुईं। तारकीय चुंबकीय क्षेत्र किसी तारे के भीतर स्थित चालक प्लाज़्मा की गति से उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र होता है। यह गति संवहन द्वारा उत्पन्न होती है, जो ऊर्जा परिवहन का एक ऐसा रूप है जिसमें पदार्थ का वास्तविक स्थानांतरण सम्मिलित होता है। एक स्थानीय चुंबकीय क्षेत्र प्लाज़्मा पर बल लगाता है, जिससे घनत्व में समान वृद्धि के बिना दाब बढ़ जाता है। परिणामस्वरूप, चुंबकीय क्षेत्र वाला क्षेत्र शेष प्लाज़्मा की अपेक्षा ऊपर उठता है और तारे के फोटोस्फीयर तक पहुँच जाता है। इससे सतह पर तारकीय धब्बे बनते हैं तथा उनसे संबंधित कोरोनल लूप जैसी घटनाएँ उत्पन्न होती हैं।Brainerd Jerome James July 6, 2005 http://www.astrophysicsspectator.com/topics/observation/XRayCorona.html X-rays from Stellar Coronas The Astrophysics Spectator 2007-06-21 मापन right|thumb|280px|नीचे का वर्णक्रम स्रोत पर चुंबकीय क्षेत्र लगाने के बाद ज़ीमन प्रभाव दर्शाता है। किसी तारे के चुंबकीय क्षेत्र को ज़ीमन प्रभाव के माध्यम से मापा जा सकता है। सामान्यतः तारे के वायुमंडल के परमाणु विद्युतचुंबकीय वर्णक्रम की विशिष्ट आवृत्तियों को अवशोषित करते हैं, जिससे वर्णक्रम में विशिष्ट अंधकार रेखाएँ बनती हैं। परंतु जब ये परमाणु चुंबकीय क्षेत्र में होते हैं, तो ये रेखाएँ कई निकटवर्ती रेखाओं में विभाजित हो जाती हैं। ऊर्जा ध्रुवीकृत भी हो जाती है, जिसका अभिविन्यास चुंबकीय क्षेत्र की दिशा पर निर्भर करता है। इस प्रकार इन रेखाओं के अध्ययन से तारे के चुंबकीय क्षेत्र की शक्ति और दिशा ज्ञात की जा सकती है।Wade Gregg A. Stellar Magnetic Fields: The view from the ground and space The A-star Puzzle: Proceedings IAU Symposium No. 224 Cambridge University Press 235–243 July 8–13, 2004 10.1017/S1743921304004612 Basri Gibor Big Fields on Small Stars https://archive.org/details/sim_science_2006-02-03_311_5761/page/618 Science 2006 311 5761 618–619 10.1126/science.1122815 तारकीय स्पेक्ट्रोपोलारीमीटर नामक उपकरण का उपयोग चुंबकीय क्षेत्र मापन हेतु किया जाता है। यह एक स्पेक्ट्रोग्राफ और पोलारीमीटर का संयोजन है। तारकीय चुंबकत्व के अध्ययन हेतु समर्पित प्रथम उपकरण नार्वाल था, जो बर्नार्ड ल्योट दूरदर्शी पर स्थापित था और पिक दु मिडी द बिगोर पर्वत (फ्रांस) में स्थित है।NARVAL: First Observatory Dedicated To Stellar Magnetism Science Daily February 22, 2007 https://www.sciencedaily.com/releases/2007/02/070208131656.htm क्षेत्र उत्पत्ति सौर डायनेमो सिद्धांत के अनुसार तारकीय चुंबकीय क्षेत्र तारे के संवहन क्षेत्र के भीतर उत्पन्न होता है। चालक प्लाज़्मा का संवहन एक डायनेमो की भाँति कार्य करता है। तारे का विभेदक घूर्णन (विभिन्न अक्षांशों पर भिन्न घूर्णन दर) चुंबकीय क्षेत्र को लपेटकर टोरॉयडल क्षेत्र बनाता है, जिससे “फ्लक्स रस्सियाँ” बनती हैं। ये सतह पर प्रकट होकर सक्रिय घटनाएँ उत्पन्न करती हैं।Piddington J. H. On the origin and structure of stellar magnetic fields Astrophysics and Space Science 1983 90 217–230 आवर्ती क्षेत्र उत्क्रमण इस डायनेमो सिद्धांत मॉडल के अनुसार धाराएँ प्रत्यावर्ती होती हैं। उनके परिवर्तन से चुंबकीय क्षेत्र की दिशा भी आवर्ती रूप से परिवर्तन होता है। उदाहरण के लिए, सूर्य का मुख्य चुंबकीय क्षेत्र लगभग प्रत्येक 11 वर्ष में दिशा बदलता है (अतः पूर्ण आवर्ती समय लगभग 22 वर्ष है)। इस अवधि में सूर्य धब्बे की सक्रियता अधिकतम होती है और विशाल ऊर्जा उत्सर्जन की घटनाएँ घटित होती हैं। पृष्ठीय गतिविधि तारकीय धब्बे तारे की सतह पर तीव्र चुंबकीय सक्रियता के क्षेत्र होते हैं। सूर्य पर इन्हें सूर्य धब्बे कहा जाता है। ये चुंबकीय फ्लक्स ट्यूबों से निर्मित होते हैं, जो तारे के संवहन क्षेत्र में बनते हैं। विभेदक घूर्णन के कारण ये मुड़ते और फैलते हैं, जिससे संवहन अवरुद्ध होता है और तापमान कम हो जाता है।Jonathan Sherwood Dark Edge of Sunspots Reveal Magnetic Melee University of Rochester December 3, 2002 धब्बों के ऊपर कोरोनल लूप बनते हैं, जो तारे के कोरोना में चुंबकीय रेखाओं से निर्मित होते हैं। ये कोरोना को लाखों केल्विन तापमान तक गर्म करते हैं।Hudson, H. S. How the Sun's Corona Gets Hot https://archive.org/details/sim_science_1999-08-06_285_5429/page/848 Science 1999 285 849 सतही गतिविधि तारे की आयु और घूर्णन दर से संबंधित है। युवा और तीव्र गति से घूमने वाले तारे अत्यधिक सक्रिय होते हैं, जबकि सूर्य जैसे मध्यम आयु के तारे चक्रों में सीमित सक्रियता दर्शाते हैं। चुम्बकमंडल चुंबकीय क्षेत्र वाला तारा एक चुंबकमंडल उत्पन्न करता है, जो अंतरिक्ष में दूर तक फैलता है। चुंबकीय रेखाएँ एक ध्रुव से निकलकर दूसरे ध्रुव तक जाती हैं। इनमें आवेशित कण फँस जाते हैं और तारे के साथ घूमते हैं। यह प्रक्रिया तारे से कोणीय संवेग का ह्रास कर सकती है और घूर्णन दर धीमी होती जाती है।Nariai Kyoji Mass Loss from Coronae and Its Effect upon Stellar Rotation Astrophysics and Space Science 1969 3 150–159 चुंबकीय तारे thumb|220px|एसयू ऑरिगे का सतही चुंबकीय क्षेत्र, ज़ीमन-डॉप्लर इमेजिंग द्वारा पुनर्निर्मित टी टौरी तारा पूर्व-मुख्य-अनुक्रम तारे होते हैं जिनमें प्रबल चुंबकीय गतिविधि देखी जाती है। उनका चुंबकीय क्षेत्र आसपास की प्रोटोप्लानेटरी डिस्क से अंतःक्रिया कर घूर्णन को धीमा करता है।Küker, M. Magnetic Star-Disk Coupling in Classical T Tauri Systems https://archive.org/details/sim_astrophysical-journal_2003-05-20_589_1/page/396 The Astrophysical Journal 2003 589 397–409 छोटे, तीव्र परिवर्ती फ्लेयर तारे शक्तिशाली चुंबकीय भड़क प्रदर्शित करते हैं। अल्ट्राकूल बौना तारे भी रेडियो तरंगें उत्सर्जित कर सकते हैं, जो उनके सशक्त चुंबकीय क्षेत्रों का संकेत देती हैं।Route M. The Second Arecibo Search for 5 GHz Radio Flares from Ultracool Dwarfs The Astrophysical Journal 2016 830 विशाल तारे जब अपने जीवन के अंत में संकुचित होते हैं, तो वे न्यूट्रॉन तारा बन सकते हैं जिनका चुंबकीय क्षेत्र अत्यंत शक्तिशाली होता है। तीव्र गति से घूमने वाले न्यूट्रॉन तारे पल्सर कहलाते हैं। सबसे सशक्त रूप को मैग्नेटार कहा जाता है, जिनका चुंबकीय क्षेत्र अत्यधिक तीव्र होता है।Magnetars, Soft Gamma Repeaters, and Very Strong Magnetic Fields University of Texas at Austin 2003 सन्दर्भ 30em श्रेणी:अंतरिक्ष