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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

मामलुक साम्राज्य

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जून 2015 मामलुक साम्राज्य (1250-1517) के बीच मिस्र तथा पश्चिमी अरब पर शासन करने वाला एक साम्राज्य था। तेरहवीं सदी के उत्तरार्ध में इनकी लड़ाई मंगोलों से हुई थी जिसमें वे विजयी रहे थे। इसके आलावा धर्मयुद्धों में भी इमकी भूमिका रही थी। मंगोलों द्वारा बग़दाद के लूटे जाने (1257) के बाद काहिरा में इनका एक ख़लीफ़ा भी होता था। यह साम्राज्य एक समय ग़ुलाम के रूप में रहे लोगों द्वारा शासित था - ये ग़ुलाम मुखयतः तुर्क होते थे जिन्हें मामलुक कहा जाता था। उत्तरी भारत में भी लगभग इसी समय (50 साल पहले) ग़ुलाम वंश स्थापित हुआ था जिनके शासक तुर्क नस्ल के ग़ुलाम थे। पृष्ठभूमि नवीं सदी से ही अब्बासी ख़िलाफ़त में तुर्क ग़ुलामों का चलन था। कैस्पियन सागर के पश्चिम तथा पूर्व दोनों जगहों पर तुर्क रहते थे। पूर्व के तुर्क ईरानी (या अफ़ग़ान) राजाओं द्वारा ख़रीदे जाते थे जबकि पश्चिमी तुर्क सीरियाई और अरब अमीरों द्वारा। इनके काम राजाओं की रक्षा करने से लेकर सैन्य नेतृत्व तथा घरेलू कामों तक के होते थे। ये अपनी सेवा से प्रसन्न करके आज़ादी पा सकते थे और अपने स्वामी (अमीर) द्वारा चुने गए तुर्क ग़ुलाम लड़कियों से शादी कर सकते थे। कई जगहों पर इनका वंध्याकरण भी कर दिया जाता था जिससे ये परिवार बना पाने में असमर्थ थे। इनको ग़िलमान (अरबी में ग़ुलाम शब्द का बहुवचन) या मामलुक कहते थे। ख़लीफ़ा अल मुतसिम (833-42) ने इनकी क्षमता को देखकर इनको बहुत सराहा और सुविधाएँ दीं जिनका अरब मूल के अमीरों ने बहुत विरोध किया। इन्हें भी देखें सेफ़ अल-दीन क़ौसून श्रेणी:मध्यपूर्व का इतिहास