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गोल्डन गेट, कीव
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गोल्डन गेट (यूक्रेनी: Золоті ворота) यूक्रेन की राजधानी कीव में स्थित गोल्डन गेट एक संग्रहालयहै जिसे यूक्रेनी भाषा में ज़ोलोटी वोरोटाभी कहा जाता है। 11वीं शताब्दीमें यह द्वार कीव शहर की किलेबंदी का मुख्य प्रवेश द्वार था। उस समय कीवन रस की राजधानी कीव हुआ करती थी। माना जाता है कि इस द्वार का नाम कॉन्स्टेंटिनोपल के गोल्डन गेट के नाम पर रखा गया था।मध्यकाल में इस द्वार को तोड़ दिया गया जिसके कारण इसके केवल कुछ अवशेष ही बचे है।
1982 में सोवियत सरकार ने इस द्वार का पुनर्निर्माण कराया लेकिन पुराने द्वार की कोई असली तस्वीर नहीं होने के कारण यह पता लगाना मुश्किल था कि वह पहले कैसा दिखता था। इसी वजह से इसके नए रूप को लेकर काफी विवाद हुआ, क्योंकि लोगों के अनुसार द्वार के अलग-अगल तरह के रूप बताए गए।
इस पुनर्निर्मित इमारत जो की वोलोदिमिर्स्का स्ट्रीट और यारोस्लाविव वाल स्ट्रीट के चौराहे पर बनी है उसमें सोफिया ऑफ कीव जो की राष्ट्रीय संग्रहालय है उसकी एक शाखा उपलब्ध है।
== इतिहास ==
आधुनिक इतिहासकारों के अनुसार, गोल्डन गेट का निर्माण कीव के शासक यारोस्लाव द वाइज़ ने करवाया था। यह उनके द्वारा बनवाए गए शहर के तीन प्रमुख प्रवेश द्वारों में से एक था। इसका निर्माण लगभग 1017 से 1024 के बीच हुआ था। इसी अवधि के दौरान प्रसिद्ध सेंट सोफिया कैथेड्रल, कीव का निर्माण भी कराया गया था।
हालाँकि, कुछ पुराने ऐतिहासिक विवरणों में गोल्डन गेट से पहले भी किसी अन्य द्वार के अस्तित्व का उल्लेख मिलता है। एक पुराने चित्र के अनुसार उसमें 1018 में पोलैंड के राजा बोलेस्लाव प्रथम को अपनी तलवार से गोल्डन गेट पर वार करते हुए दिखाया गया है। लेकिन आधुनिक इतिहासकार इस घटना को ऐतिहासिक तथ्य के बजाय एक किंवदंती मानते हैं। शुरुआत में गोल्डन गेट को दक्षिणी द्वार भी कहा जाता था। यह पुराने कीव शहर में प्रवेश करने वाले तीन मुख्य द्वारों में से एक था। बाकी दो द्वार लाड्स्की गेट और झ्यिदिव्स्की गेट थे। इन्हें क्रमशः पोलिश द्वार और यहूदी द्वार भी कहा जाता था। आज ये दोनों द्वार मौजूद नहीं हैं।
उस समय पुराने कीव के चारों ओर पत्थर की मजबूत किलेबंदी बनी हुई थी, जिसकी लंबाई लगभग 3.5 किलोमीटर थी। यह किलेबंदी दक्षिणी द्वार से शुरू होकर आज के इंडिपेंडेंस स्क्वायर तक जाती थी है। इसी क्षेत्र में पहले लेचित्स्की गेट भी स्थित था। इसके आगे किले की खाई आज की कोस्त्योल स्ट्रीट के रास्ते जाती थी जो सेंट माइकल मठ के पास से गुजरती हुई वर्तमान झितोमिर स्ट्रीट तक पहुँचती थी और फिर यहूदी द्वार तक जाती थी, जो आज के ल्वीव स्क्वायर के पास था।
इसके बाद किलेबंदी यारोस्लाविव वाल के समीप चौराहे के सड़क के रास्ते आगे बढ़ती थी और घूमकर फिर से दक्षिणी द्वार तक पहुँचती थी।
== विवरण ==
गोल्डन गेट के मूल अवशेषों में दीवार के दो खंड शामिल हैं, जिनकी लंबाई क्रमशः 24 मीटर (79 फीट) और 13 मीटर (43 फीट) है।ये हिस्से रोमन ईंटों और पत्थरों से बनाए गए थे।
स्मारक के पुनर्निर्माण में द्वार से जुड़े पुराने किलेबंदी वाले हिस्सों को भी उसी रूप में दोबारा बनाया गया है। इनके बाहरी हिस्से में ढलान वाली संरचनाएँ हैं, जबकि ऊपर लकड़ी के हिस्से बनाए गए हैं। किनारों पर पुराने समय की आंतरिक संरचनाओं को भी दर्शाया गया है।
शहर की ओर वाले हिस्से में कुछ भंडारण कक्ष बनाए गए हैं। पुनर्निर्मित किलेबंदी के अंदर स्वर्ण द्वार संग्रहालय की प्रदर्शनी लगाई गई है। यहाँ से सीढ़ियों द्वारा बालकनी तक पहुँचा जा सकता है, जहाँ से शहर का सुंदर और विस्तृत दृश्य दिखाई देता है।
== इन्हें भी देखें ==
सेंट सोफिया कैथेड्रल, कीव
डॉर्मिशन कैथेड्रल, खार्किव
सेंट सिरिल मठ, कीव
== सन्दर्भ ==
== बाहरी कड़ियाँ ==
Kiev Info – गोल्डन गेट का इतिहास
Golden Gate at the Encyclopedia of Ukraine
(यूक्रेनी में) oldkyiv.org.ua –गोल्डन गेट का इतिहास
यूनेस्को पृष्ठ