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तारक सिन्हा
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तारक सिन्हा 63 2013 1 18 उस्तादजी गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश, भारतशर्मा दीप Rishabh Pant, the ‘left-handed Virender Sehwag’, is no longer playing cricket just for fun 'बाएं हाथ के वीरेंद्र सहवाग' ऋषभ पंत, अब सिर्फ मज़े के लिए ही क्रिकेट नहीं खेल रहे हैं https://thefield.scroll.in/835529/rishabh-pant-the-left-handed-virender-sehwag-is-no-longer-playing-cricket-for-fun 4 नवम्बर 2017 द क्विंट 25 अप्रैल 2017
तारक सिन्हा एक भारतीय क्रिकेट कोच थे, जो दिल्ली में सोनेट क्रिकेट क्लब चलाते थे। उनके द्वारा प्रशिक्षित खिलाड़ियों में से 12 क्रिकेटर भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, और 100 से अधिक क्रिकेटर प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेल चुके हैं।विवेक जी एस 4 Generations 12 International Cricketers 1 Coach 4 पीढियां 12 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर 1 कोच http://indiatoday.intoday.in/story/tarak-sinha-hero-of-domestic-cricket-ranji-trophy/1/242793.html 4 नवम्बर 2017 इंडिया टुडे 18 जनवरी 2013 https://web.archive.org/web/20170910151753/http://indiatoday.intoday.in/story/tarak-sinha-hero-of-domestic-cricket-ranji-trophy/1/242793.html 10 सितंबर 2017 liveइन्होंने धवन-नेहरा को बनाया स्टार, खुद पैसों के लिए कर रहे क्लर्क की जॉब https://www.bhaskar.com/news/SPO-CRI-cricket-coach-tarak-sinha-interview-5666355-PHO.html दैनिक भास्कर 10 अगस्त 2017 https://web.archive.org/web/20180210190958/https://www.bhaskar.com/news/SPO-CRI-cricket-coach-tarak-sinha-interview-5666355-PHO.html 10 फ़रवरी 2018 live
करियर
सोनेट क्रिकेट क्लब
सिन्हा ने सीके नायडू ट्रॉफी के लिए दिल्ली की जूनियर टीम से चयन होने में नाकाम रहने के बाद 1969 में सोनेट क्रिकेट क्लब की स्थापना की। क्लब कमला नगर में बिड़ला स्कूल के मैदानों में शुरू किया गया था, जहां उन्होंने अध्ययन किया और विकेटकीपर के रूप में क्रिकेट खेला। उन्होंने उसी समय पीजीडीएवी कॉलेज में एक क्लर्क के रूप में कार्य भी किया। 20 विषम प्रशिक्षुओं और न्यूनतम सुविधाओं के प्रारंभिक दल के साथ, क्लब को दिल्ली और जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) से मान्यता नहीं मिली। क्लब को करोल बाग के अजमल खान उद्यान में स्थानांतरित किया गया ताकि शहर के अन्य हिस्सों के क्रिकेटरों को भी प्रशिक्षित किया जा सके। प्रमुख टूर्नामेंटों में कई प्रमुख क्लबों के खिलाफ़ जीत के बाद, क्लब को 1971 में डीडीसीए से संबद्धता मिली और उसे डी डिवीजन से ए डिवीजन में पदोन्नत किया गया।एस संथानम One-man poem एक व्यक्ति की कविता http://www.espncricinfo.com/dreamfields/content/story/572223.html 4 नवम्बर 2017 ईएसपीएन क्रिकइंफो https://web.archive.org/web/20171107031952/http://www.espncricinfo.com/dreamfields/content/story/572223.html 7 नवंबर 2017 live क्लब फिर से राजधानी कॉलेज में स्थानांतरित किया गया जहां इसे बेहतर सुविधाएं मिलीं।किशोर शशांक The shaping of Sinha’s Sonnet dream सिन्हा के सोनेट सपने की गढ़ाई http://www.wisdenindia.com/cricket-article/shaping-sinhas-sonnet-dream/132964 4 नवम्बर 2017 विसडेन इंडिया 3 नवम्बर 2014 https://web.archive.org/web/20171107023743/http://www.wisdenindia.com/cricket-article/shaping-sinhas-sonnet-dream/132964 7 नवंबर 2017 dead
क्लब पिछले कुछ वर्षों में सभी प्रमुख ट्रॉफियाँ जीतने में कामयाब रहा है। इसने अपने आप को सरकार द्वारा संचालित तथा बहुत सी बेहतर सुविधाओं से परिपूर्ण नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट (एनआईएस) के एक प्रबल प्रतिद्वंदी के रूप में भी स्थापित किया है। अतुल वासन के मुताबिक, "एनआईएस ने समृद्ध बच्चों को क्रिकेटर बनाया है जबकि सोनेट ने मुख्य रूप से मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग के लड़कों को प्रोत्साहित किया है।"लोकपल्ली विजय Of poetry on pitch पिच पर कविता का http://www.thehindu.com/sport/cricket/of-poetry-on-pitch/article4999587.ece 4 नवम्बर 2017 द हिन्दू 7 अगस्त 2013 https://web.archive.org/web/20131011062125/http://www.thehindu.com/sport/cricket/of-poetry-on-pitch/article4999587.ece 11 अक्तूबर 2013 live 2000 के दशक की शुरूआत में यह क्लब दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर में श्री वेंकटेश्वर कॉलेज में स्थानांतरित हो गया गया, जो अब तक के लिये इसका आधार बना हुआ है।उग्र शारदा Tarak Sinha's 40-year labour of love तारक सिन्हा का 40 वर्षों का प्यार भरा श्रम http://www.espncricinfo.com/awards2013/content/story/725869.html 4 नवम्बर 2017 ईएसपीएन क्रिकइंफो 14 मार्च 2014 https://web.archive.org/web/20171107032217/http://www.espncricinfo.com/awards2013/content/story/725869.html 7 नवंबर 2017 live क्लब से प्रशिक्षित कई क्रिकेटरों ने भी सिन्हा को क्लब चलाने में मदद की है।पी के अजित कुमार Unsung hero अकीर्तित नायक http://www.sportstaronnet.com/tss3604/stories/20130126507706200.htm 4 नवम्बर 2017 स्पोर्टस्टार 26 जनवरी 2013जून 2020 InternetArchiveBot
उल्लेखनीय पूर्व प्रशिक्षित क्रिकेटर
क्लब में सिन्हा के तहत प्रशिक्षित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर:
सुरिंदर खन्ना
रणधीर सिंह
मनोज प्रभाकर
रमन लांबा
अजय शर्मा
संजीव शर्मा
अतुल वासन
अंजुम चोपड़ा
आशीष नेहरा
आकाश चोपड़ा
शिखर धवन
अनुज कुमार
दीपक कुमार
ऋषभ पंतबसु अरणि Tarak Sinha is not a father figure... he is my father, says Rishabh Pant तारक सिन्हा मेरे पिता समान नहीं हैं ... वह मेरे पिता हैं, ऋषभ पंत ने कहा। https://timesofindia.indiatimes.com/sports/cricket/news/Tarak-Sinha-is-not-a-father-figure-he-is-my-father-says-Rishabh-Pant/articleshow/55463348.cms 4 नवम्बर 2017 द टाइम्स ऑफ इंडिया 16 नवम्बर 2016 https://web.archive.org/web/20170909185254/http://timesofindia.indiatimes.com/sports/cricket/news/Tarak-Sinha-is-not-a-father-figure-he-is-my-father-says-Rishabh-Pant/articleshow/55463348.cms 9 सितंबर 2017 live
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्य
भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड ने सिन्हा को दिल्ली का कोच नियुक्त किया था, और उसके तहत टीम ने 1985-86 सत्र में अपना चौथा रणजी खिताब जीता था। 2001-02 में उन्हें राष्ट्रीय महिला टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया था, जब मिताली राज और झूलन गोस्वामी अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रही थीं।लोकप्पली विजय Sinha, Sharma welcome financial windfall सिन्हा, शर्मा ने वित्तीय गिरावट का स्वागत किया http://www.sportstarlive.com/cricket/sinha-sharma-welcome-financial-windfall/article19344406.ece 4 नवम्बर 2017 स्पोर्टस्टार 24 जुलाई 2017 उनके कार्यकाल के दौरान टीम दक्षिण अफ्रीका में अपनी पहली विदेशी टेस्ट शृंखला जीतने में, और इंग्लैंड को 4-0 से हराने में कामयाब रही थी। 2002 में उन्हें दिल्ली जूनियर टीमों को प्रशिक्षित करने के लिए नियुक्त किया गया; जिसके बाद राज्य ने अंडर-15, अंडर-19 और अंडर-22 आयु समूहों में कई टूर्नामेंट जीते।
राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) ने 2010 में सिन्हा को अपने अकादमियों के निदेशक मंडल में सेवा देने के लिये आग्रह किया। वह प्लेट डिवीजन से राजस्थान की 2010-11 के सत्र में अपने पहले रणजी ट्रॉफी खिताब में जीत की यात्रा का हिस्सा रहे। आरसीए से बाहर निकलने के बाद, उन्हें एक अन्य प्लेट डिवीजन टीम झारखंड के कोच के रूप में नियुक्त किया गया, जिसे वह 2012-13 के सीज़न में पहली बार रणजी नॉकआउट चरण तक ले गये।
सन्दर्भ
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