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कुटुमसर गुफा
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कोटमसर गुफा कुटुमसर गुफागोपानसर गुफाKotumsar Cave India Chhattisgarh छत्तीसगढ़ में स्थिति 18 52 09 N 81 56 05 E inline कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, जगदलपुर, बस्तर जिला, छत्तीसगढ़, भारत चूना पत्थर (कांगेर चूना पत्थर पट्टी) लगभग 200 मीटर (मुख्य सुरंग) ब्रिटिश काल से ज्ञात; व्यवस्थित सर्वेक्षण 1980 के दशक में जनता के लिए खुला (मानसून काल में बंद – सामान्यतः 15 जून से 31 अक्टूबर तक) infobox 270 1/1/2/2/2/2/1 Entrance Gate of Kotumsar Cave.jpg गुफा का प्रवेश द्वार Kanger valley2.JPG गुफा के अंदर पर्यटक
कोटमसर गुफा (Kotumsar Cave) छत्तीसगढ़ राज्य के जगदलपुर के समीप स्थित एक प्रसिद्ध चूना पत्थर की गुफा है। यह कांगेर नदी के तट पर कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के भीतर, कांगेर चूना पत्थर पट्टी में स्थित है। इसकी मुख्य सुरंग लगभग 200 मीटर लंबी है, जिसमें कई पार्श्विक और नीचे की ओर जाने वाले मार्ग हैं। यह भारतीय उपमहाद्वीप की सबसे लंबी गुफाओं में से एक है।2025-10-04 भारत की 10 सबसे बड़ी गुफाएँ https://www.jagranjosh.com/general-knowledge/list-of-largest-caves-in-india-1820003099-1 2025-11-05 जागरण जोश hi
मानसून के मौसम में (15 जून से 31 अक्टूबर तक) गुफा में जलभराव हो जाता है, जिसके कारण इस अवधि में पर्यटकों के लिए प्रवेश निषिद्ध रहता है। गुफा के भीतर कई स्थायी और मौसमी जलकुंड पाए जाते हैं।
कोटमसर गुफा दंडकारण्य के ऐतिहासिक एवं पौराणिक क्षेत्र में स्थित है, जो रामायण में उल्लिखित वन क्षेत्र के रूप में प्रसिद्ध है।
स्थान और भौगोलिक विशेषताएँ
गुफा का प्रवेश द्वार 18 52 09 N 81 56 05 E अक्षांश और देशांतर पर लगभग 560 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यह एक प्राकृतिक दरार के माध्यम से पहाड़ी के भीतर खुलती है, जहाँ पर्यटकों के लिए कंक्रीट मार्ग बनाया गया है।
गुफा के अंदर तापमान पूरे वर्ष लगभग स्थिर रहता है। एक अध्ययन के अनुसार, वार्षिक औसत वायु तापमान 28.25 ± 1.23 °C तथा जल तापमान 26.33 ± 0.96 °C पाया गया।कोटमसर गुफा पारितंत्र: भौतिक, रासायनिक एवं जैविक तत्वों के बीच संबंध
धार्मिक और लोक मान्यता
स्थानीय परंपरा और रामायण के अनुसार, यह स्थान उस दंडकारण्य वन का हिस्सा है जहाँ भगवान राम, सीता और लक्ष्मण ने अपने वनवास का एक भाग बिताया था। गुफा के भीतर कुछ चट्टानें बिस्तर, मंच या नेत्र-चिह्न जैसी दिखाई देती हैं, जिन्हें भक्त प्राचीन निवास के संकेत मानते हैं।
गुफा के अंतिम छोर पर एक शिवलिंग आकार की चूना पत्थर की संरचना है, जिसे स्थानीय जनमान्यता के अनुसार भगवान राम द्वारा स्थापित माना जाता है। इसके समीप एक प्राकृतिक पत्थर का स्तंभ है जो थपथपाने पर घंटी जैसी ध्वनि उत्पन्न करता है।कोटमसर गुफा का धार्मिक महत्व और रामायण से संबंध https://hi.wikipedia.org/wiki/कोटमसर_गुफा हिन्दी विकिपीडिया hi 2025-11-05 मई 2026 InternetArchiveBot राष्ट्रीय गुफा अनुसंधान एवं संरक्षण संगठन, भारत
खोज और अन्वेषण का इतिहास
गुफा का उल्लेख ब्रिटिश काल से मिलता है, परंतु वैज्ञानिक ढंग से अध्ययन 20वीं सदी के मध्य में प्रारम्भ हुआ।
1950 के दशक में डॉ. शंकर तिवारी ने प्रारंभिक सर्वेक्षण किया और 1980 के दशक में जयंत बिस्वास (तत्कालीन शोधार्थी) ने पहली बार गुफा का व्यवस्थित नक्शा तैयार किया। यह कार्य अंतरराष्ट्रीय गुफा विशेषज्ञों के सहयोग से किया गया और बाद में वैज्ञानिक पत्रिकाओं में प्रकाशित हुआ।Biswas, J. (1990/1992) – कोटमसर गुफा का वैज्ञानिक मानचित्रण
नया कक्ष
2011 में वन विभाग द्वारा एक नए कक्ष (चैम्बर) की खोज की गई, जिसमें विशिष्ट आंतरिक आकृतियाँ पाई गईं। कठिन पहुँच के कारण यह भाग आम पर्यटकों के लिए बंद है।कोटमसर गुफा में नये मार्गों की खोज https://www.thehindu.com/news/national/other-states/new-passages-found-in-kotumsar-cave/article35791934.ece द हिंदू 2021-07-30 2025-11-05 अक्तूबर 2026 InternetArchiveBot
पहुँच
कोटमसर गुफा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के भीतर जगदलपुर से लगभग 35 किमी दूर स्थित है। निकटतम हवाई अड्डा माँ दंतेश्वरी हवाई अड्डा है। यहाँ तक राष्ट्रीय राजमार्ग 30 (जगदलपुर–सुकमा मार्ग) से पहुँचा जा सकता है। पर्यटकों को मानसून के दौरान बंदी अवधि की जानकारी हेतु उद्यान प्राधिकरण से संपर्क करना चाहिए।
जैव विविधता और वैज्ञानिक महत्त्व
कोटमसर गुफा भारत की सबसे अधिक अध्ययन की गई गुफाओं में से एक है। यहाँ कई ट्रोग्लोबाइट (स्थायी गुफा जीव) तथा ट्रोग्लोफिलिक (गुफा-संबंधित) जीव प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
यहाँ पाई जाने वाली प्रमुख जीव प्रजातियों में दृष्टिहीन मछली तथा एक गुफा-अनुकूल झींगुर Kempiola shankari (डॉ. शंकर तिवारी के नाम पर) शामिल हैं।द हितवाद https://web.archive.org/web/20150707034053/http://www.thehitavada.com/news-details/kotumsar-cave-is-biologically-best-known-cave-in-india 7 जुलाई 2015 — कोटमसर गुफा भारत की जैविक दृष्टि से सर्वाधिक प्रसिद्ध गुफा है।
गुफा के सूक्ष्मजीवों पर भी कई अध्ययन हुए हैं, जिनमें इसकी भूमिगत पारिस्थितिकी और जैव-अनुकूलन पर शोध प्रकाशित किए गए हैं।Biswas Jayant 2010 कोटमसर गुफा की जैव विविधता: गुफा जीवों एवं उनके गुणों का अध्ययन 10.1007/s10531-009-9710-7 2025-11-05
चित्रावली
180 190 center File:Kanger valley10.JPG गुफा के भीतर स्टैलेक्टाइट संरचना File:Entrance of Kotumsar cave.jpg गुफा के भीतर सीढ़ीदार मार्ग File:Worship Spot inside Kotumsar Cave.jpg गुफा में स्थित शिवलिंग File:Inside the cave.jpg जैवगुफाविज्ञानी गुफा की जैव विविधता का अध्ययन करते हुए File:Nemacheilus evezardi.jpg गुफा में पाई जाने वाली दृष्टिहीन मछली File:Hylarana malabarica inside the Kotumsar Cave.jpg गुफा के भीतर फंगॉइड मेढक File:Kanger valley3.JPG गुफा का आंतरिक दृश्य
इत्यादि
तामड़ा झरना
चित्रकोट जलप्रपात
तीरथगढ़ जलप्रपात
मेंद्री घुमर
जगदलपुर
संदर्भ
बाहरी कड़ियाँ
राष्ट्रीय गुफा अनुसंधान एवं संरक्षण संगठन, भारत
श्रेणी:छत्तीसगढ़ की गुफाएँ
श्रेणी:भारत की दर्शनीय गुफाएँ
श्रेणी:जगदलपुर