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411 समाचार
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कोलकाता के दर्शनीय स्थल

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कोलकाता में ढेरों स्मारक एवं दर्शनीय स्थल हैं। इनमें से कुछ इस प्रकार से हैं:- मैदान और फोर्ट विलियम हुगली नदी के समीप यह भारत के सबसे बड़े पार्कों में से एक है। यह 3 वर्ग कि॰मी॰ के क्षेत्र में फैला है। मैदान के पश्चिम में फोर्ट विलियम है। चूंकि फोर्ट विलियम को अब भारतीय सेना के लिए उपयोग में लाया जाता है, आपको यहां प्रवेश करने के लिए विशेष अनुमति लेनी होगी। ईडन गार्डन्स एक छोटे से तालाब में बर्मा का पेगोडा स्थापित किया गया है, जो इस गार्डन का विशेष आकर्षण है। यह स्थान स्थानीय जनता में भी लोकप्रिय है। विक्टोरिया मेमोरियल thumb|विक्टोरिया मेमोरियल। 1906-21 के बीच निर्मित यह स्मारक रानी विक्टोरिया को समर्पित है। इस स्मारक में शिल्पकला का सुंदर मिश्रण है। इसके मुगल शैली के गुंबदों में सारसेनिक और पुनर्जागरण काल की शैलियां दिखाई पड़ती हैं। मेमोरियल में एक शानदार संग्रहालय है, जहां रानी के पियानो और स्टडी-डेस्क सहित 3000 से अधिक वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं। यह रोजाना प्रात: 10.00 बजे से सायं 4.30 बजे तक खुलता है, सोमवार को यह बंद रहता है। सेंट पॉल कैथेड्रल यह चर्च शिल्पकला का अनूठा उदाहरण है, इसकी रंगीन कांच की खिड़कियां, भित्तिचित्र, ग्रांड-ऑल्टर, एक गॉथिक टावर दर्शनीय हैं। यह रोजाना प्रात: 9.00 बजे से दोपहर तक और सायं 3.00 बजे से 6.00 बजे तक खुलता है। नाखोदा मस्जिद लाल पत्थर से बनी इस विशाल मस्जिद का निर्माण 1926 में हुआ था, यहां 10,000 लोग आ सकते हैं। मार्बल पैलेस एम जी रोड पर स्थित आप इस पैलेस की समृद्धता देख सकते हैं। 1800 ई. में यह पैलेस एक अमीर बंगाली जमींदार का आवास था। यहां कुछ महत्वपूर्ण प्रतिमाएं और पेंटिंग हैं। सुंदर झूमर, यूरोपियन एंटीक, वेनेटियन ग्लास, पुराने पियानो और चीन के बने नीले गुलदान आपको उस समय के अमीरों की जीवनशैली की झलक देंगे। पारसनाथ जैन मंदिर thumb|पारसनाथ जैन मंदिर और उद्यान परिसर। 1867 में बना यह मंदिर वेनेटियन ग्लास मोजेक, पेरिस के झूमरों और ब्रूसेल्स, सोने का मुलम्मा चढ़ा गुंबद, रंगीन शीशों वाली खिड़कियां और दर्पण लगे खंबों से सजा है। यह रोजाना प्रात: 6.00 बजे से दोपहर तक और सायं 3.00 बजे से 7.00 बजे तक खुलता है। बेलूर मठ बेलूर मठ रामकृष्ण मिशन का मुख्यालय है, इसकी स्थापना 1899 में स्वामी विवेकानंद ने की थी, जो रामकृष्ण के शिष्य थे। यहां 1938 में बना मंदिर हिंदु, मुस्लिम और इसाईशैलियों का मिश्रण है। यह अक्टूबर से मार्च केदौरान प्रात: 6.30 बजे से 11.30 बजे तक और सायं 3.30 बजे से 6.00 बजे तक तथा अप्रैल से सितंबर तक प्रात: 6.30 बजे से 11.30 बजे तक और सायं 4.00 बजे से 7.00 बजे तक खुलता है। दक्षिणेश्वर काली मंदिर thumb|right|दक्षिणेश्वर काली मंदिर. हुगली नदी के पूर्वी तट पर स्थित यह मां काली का मंदिर है, जहां श्री रामकृष्ण परमहंस एक पुजारी थे और जहां उन्हें सभी धर्मों में एकता लाने की अनुभूति हुई। काली मंदिर सडर स्ट्रीट से 6 कि॰मी॰ दक्षिण में यह शानदार मंदिर कोलकाता की संरक्षक देवी काली को समर्पित है। काली का अर्थ है "काला"। काली की मूर्ति की जिह्वा खून से सनी है और यह नरमुंडों की माला पहने हुए हैं। काली, भगवान शिव की अर्धांगिनी, पार्वती का ही विनाशक रूप है। पुराने मंदिर के स्थान पर ही वर्तमान मंदिर 1809 में बना था। यह प्रात: 3.00 बजे से रात्रि 8.00 बजे तक खुलता है। सनातन धर्म प्रचारिणी सभा, श्रीश्रीनगेंद्र मठ और नगेंद्र मिशन सनातन धर्म प्रचारिणी सभा, श्रीश्रीनगेंद्र मठ और नगेंद्र मिशन कोलकाता में राजा राममोहन रॉय रोड पर स्थित हैं। भादुड़ी महाशय या महर्षि नगेन्द्रनाथ की स्मृति इस पवित्र धार्मिक स्थल से जुड़ी हुई है। यहीं पर भादुड़ी महाशय की 'अस्थियों' को जमीन में दफनाया गया था और उनके ऊपर एक समाधि मंदिर बनाया गया था।LIFE AND TEACHINGS OF MAHARSHI NAGENDRANATH Chatterjee Jaba Sanatan Dharma Pracharini Sabha (1891) Shree Shree Nagendra Math (1916) Nagendra Mission (2005) 2023 2B, Rammohan Roy Road, Kolkata -7000009 33 इसी आधार पर 1926 में इस भवन में श्रीश्री नगेन्द्र मठ की स्थापना की गई। नगेन्द्र मिशन की स्थापना 2005 में हुई थी।LIFE AND TEACHINGS OF MAHARSHI NAGENDRANATH Chatterjee Jaba Sanatan Dharma Pracharini Sabha (1891) Shree Shree Nagendra Math (1916) Nagendra Mission (2005) 2023 2B, Rammohan Roy Road, Kolkata -7000009 35 इस मठ की स्थापना का प्रसंग परमहंस योगानंद की आत्मकथा में भी वर्णित है: " One day he moved to Ram Mohan Roy Road, away from the neighborhood of my Gurpar Road home. His loving disciples had built him a new hermitage, known as “Nagendra Math.””The Levitating Saint, AUTOBIOGRAPHY OF A YOGI Paramhansa Yogananda THE PHILOSOPHICAL LIBRARY 2018 INC, 15th East 40th Street, New York, N.Y 64 भक्तों के लिए भादुड़ी बाहर से शिव और अंदर से विष्णु थे। परमहंस योगानन्द ने पश्चिम जाने से पहले इस भादुड़ी महाशय का आशीर्वाद प्राप्त किया था।The Levitating Saint, AUTOBIOGRAPHY OF A YOGI Paramhansa Yogananda THE PHILOSOPHICAL LIBRARY, INC, 15th East 40th Street, New York, N.Y 2018 64 भादुड़ी महाशय यानि महर्षि नगेंद्रनाथ ने योग मार्ग के सभी मार्गों में सिद्धि प्राप्त की थी। उनके लघिमा सिद्ध योगी होने का प्रमाण परमहंस योगानंद की आत्मकथा और सनंदलाल घोष द्वारा लिखित पुस्तक 'मेजदा' में मिलता है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान नारायण ने स्वयं इस महान योगी को योग की दीक्षा दी थी। इस मठ के परिसर में योग-भक्ति मार्ग के सिद्ध संत भादुड़ी महाशय यानी महर्षि नगेन्द्रनाथ की मूर्ति स्थापित है। यहां मठ के पहले महंत, महर्षि नगेंद्रनाथ के त्यागी शिष्य ध्यानप्रकाश ब्रह्मचारी की एक मूर्ति और ध्यानप्रकाश ब्रह्मचारी के शिष्य भक्तिप्रकाश ब्रह्मचारी की एक मूर्ति भी है। इसके अलावा यहां देवी काली की मूर्ति और शिवलिंग भी स्थापित है। मठ की दूसरी मंजिल पर एक 'ध्यान कक्ष' है जो भादुड़ी महाशय के आध्यात्मिक जीवन का स्मरण कराता है। इस 'ध्यान कक्ष' में भादुड़ी महाशय द्वारा उपयोग की गई विभिन्न वस्तुएं रखी गई हैं। इस मठ में एक छात्रावास है। यहां छात्रों के लिए आवास और भोजन की सुविधा उपलब्ध है।LIFE AND TEACHINGS OF MAHARSHI NAGENDRANATH Chatterjee Jaba Sanatan Dharma Pracharini Sabha (1891) Shree Shree Nagendra Math (1916) Nagendra Mission (2005) 2023 2B, Rammohan Roy Road, Kolkata -7000009 38 इस मठ में मठ के विद्यार्थियों और मठ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न धार्मिक पुस्तकें पढ़ने की सुविधा उपलब्ध है।LIFE AND TEACHINGS OF MAHARSHI NAGENDRANATH Chatterjee Jaba Sanatan Dharma Pracharini Sabha (1891) Shree Shree Nagendra Math (1916) Nagendra Mission (2005) 2023 2B, Rammohan Roy Road, Kolkata -7000009 36 इस मठ से दुनिया के विभिन्न हिस्सों से आने वाले पर्यटक श्रीश्री नगेन्द्र मठ, नगेन्द्र मिशन और सनातन धर्म प्रचारिणी सभा द्वारा प्रकाशित विभिन्न पुस्तकें खरीदते हैं। इस मठ में प्रतिदिन पूजा-अर्चना होती है। यहां प्रतिदिन भक्ति एवं आदर के साथ संध्या आरती एवं संध्या पूजन का आयोजन किया जाता है। विशेष पूजाओं में सरस्वती पूजा, शिवरात्रि, जन्माष्टमी, काली पूजा, अन्नपूर्णा पूजा और राम नवमी शामिल हैं।LIFE AND TEACHINGS OF MAHARSHI NAGENDRANATH Chatterjee Jaba Sanatan Dharma Pracharini Sabha (1891) Shree Shree Nagendra Math (1916) Nagendra Mission (2005) 2023 2B, Rammohan Roy Road, Kolkata -7000009 35अन्नपूर्णा पूजा के अवसर पर अन्नकूट उत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।https://bangla.aajtak.in/dharm-religion/festivals/story/annapurna-puja-2025-date-time-fixture-anjali-tithi-timing-annakut-utsav-goddess-annapurna-deity-of-nourishment-food-annapurna-pujor-mantra-nirghanta-soc-1194090-2025-04-04 অন্নপূর্ণা পূজায় বাংলায় অন্নকূট, Annapurna Puja 2025 Date Time Fixture: ভক্তি মনে দেবীর পুজো করলে বাড়িতে অন্নের অভাব হয় না, জানুন অন্নপূর্ণা পুজোর মন্ত্র- নির্ঘণ্ট यहां भादुड़ी महाशय यानी महर्षि नगेंद्रनाथ की जयंती और शंकराचार्य जयंती भी मनाई जाती है।LIFE AND TEACHINGS OF MAHARSHI NAGENDRANATH Chatterjee Jaba Sanatan Dharma Pracharini Sabha (1891) Shree Shree Nagendra Math (1916) Nagendra Mission (2005) 2023 2B, Rammohan Roy Road, Kolkata -7000009 35 ऐसा माना जाता है कि, उनकी सिद्धियों के चमत्कारी प्रभाव आज भी कोलकाता में राममोहन राय रोड स्थित श्रीश्रीनगेन्द्र मठ और नागेन्द्र मिशन में मौजूद हैं, जो उनके अंतिम जीवन की तपस्या का स्थान है। वह दिव्य प्रभाव आज भी देश-विदेश के भक्तों द्वारा महसूस किया जाता है। मदर टेरेसा होम्स इस स्थान की यात्रा आपकी कोलकाता यात्रा को एक नया आयाम देगी। काली मंदिर के निकट स्थित यह स्थान सैंकड़ों बेघरों और "गरीबों में से भी गरीब लोगों" का घर है - जो मदर टेरेसा को उद्धृत करता है। आप अपने अंशदान से जरुरतमंदों की मदद कर सकते हैं। बॉटनिकल गार्डन्स thumb|right|बड़ा बरगद का पेड़। कई एकड़ में फैली हरियाली, पौधों की दुर्लभ प्रजातियां, सुंदर खिले फूल, शांत वातावरण...यहां प्रकृ ति के साथ शाम गुजारने का एक सही मौका है। नदी के पश्चिमी ओर स्थित इस गार्डन में विश्व का दूसरा सबसे बड़ा बरगद का पेड़ है, जो 10,000 वर्ग मीटर में फैला है, इसकी लगभग 420 शाखाएं हैं। श्रेणी:कोलकाता के दर्शनीय स्थल श्रेणी:कोलकाता