Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

ज़ुन्गार लोग

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

thumb|230px|सरल (Saral), जो मान्छु लोगों के चीन और मंगोलिया पर राज करने वाले चिंग राजवंश की फ़ौज में ज़ुन्गार जाति का एक अफसर था ज़ुन्गार (मंगोल: Зүүнгар, कज़ाख़: Жоңғар, अंग्रेज़ी: Dzungar) मंगोल लोगों की ओइरत शाखा की एक उपशाखा का नाम है जिन्होनें १७वीं और १८वीं सदी में अपनी ज़ुन्गार ख़ानत चलाई थी। ऐतिहासिक रूप से वे ओइरत उपजाति के चार प्रमुख क़बीलों में से एक रहे हैं (अन्य तीन तोरग़ुत​, दोरबेत और ख़ोशूत​ हैं)। मंगोल भाषा में 'ज़ुउन्गार' शब्द का मतलब 'बाहिनें हाथ' होता है। आधुनिक युग में ज़ुन्गार लोग मंगोलिया और चीन में रहते हैं और मंगोलिया में उनकी जनसँख्या १५,५२० अनुमानित की गई थी।http://www.toollogo2010.mn/doc/Main%20results_20110615_to%20EZBH_for%20print.pdf National Census 2010 of Mongolia 26 मई 2012 https://web.archive.org/web/20131025083636/http://www.toollogo2010.mn/doc/Main%20results_20110615_to%20EZBH_for%20print.pdf 25 अक्तूबर 2013 dead == विवरण == १६वीं सदी में मंगोलिया में उत्तरी युआन राजवंश का काल चल रहा था, जो एक मंगोल राजवंश था और सिंहासन पर तुमेन जसग्तू ख़ान (Tümen Jasagtu Khan) बैठा था। उसने जब अपना साम्राज्य विस्तृत किया तो बहुत से मंगोल और तुन्गुसी क़बीलों ने उसकी अधीनता स्वीकार ली लेकिन कुछ ओइरत उस के विरुद्ध जूझे। इसके बाद १७वीं सदी ईसवी में ख़ल्ख़ा मंगोल क़बीले का अल्तान ख़ान मंगोलों पर अपना शासन जमाना चाहता था और इन ओइरत क़बीलों ने उसकी अधीनता न स्वीकारते हुए उस से लड़ाई की। ख़ल्ख़ा पूर्वी मंगोल होते हैं जबकि ओइरत पश्चिमी मंगोल हैं। आगे चलकर चीन और मंगोलिया पर मान्छु लोगों का अधिकार हुआ तो इन ओइरतों ने मान्छुओं से भी टक्कर ली। ओइरत मंगोलों का यही उपसमुदाय 'ज़ुन्गार' कहलाया। शुरू में तो ज़ुन्गार केवल ओओलेद (Oöled), दोरवोद (Dörvöd) और ख़ोइत (Khoit) क़बीलों का परिसंघ थे, लेकिन आगे चलकर इनमें तोरग़ुत​ और ख़ोशूत क़बीलों के भी कुछ अंशों को ज़बरदस्ती शामिल कर लिया गया। ज़ुन्गारों में लोकबोलियों के आधार पर यह मान्यता है कि वे चंगेज़ ख़ान के ज़माने में स्तेपी क्षेत्र पर घूमने वाले नायमन लोगों के वंशज हैं, जो एक तुर्की-मंगोल क़बीला हुआ करता था। नामों के उच्चारण ध्यान दें कि 'ख़ोशूत', 'ख़ान' और 'ख़ल्ख़ा' जैसे शब्दों में बिन्दु-वाले 'ख़' अक्षर के उच्चारण बिन्दु-रहित 'ख' से ज़रा भिन्न है। इसका उच्चारण 'ख़राब' और 'ख़रीद' के 'ख़' से मिलता है। यह भी ध्यान दें कि 'तोरग़ुत​' में बिन्दु-वाले 'ग़' अक्षर के उच्चारण भी बिन्दु-रहित 'ग' से ज़रा भिन्न है। इसका उच्चारण 'ग़लती' और 'ग़रीब' शब्दों के 'ग़' से मिलता है। इन्हें भी देखें ओइरत ज़ुन्गारिया नायमन लोग मान्छु लोग मंगोल लोग सन्दर्भ 2 श्रेणी:ओइरत श्रेणी:मंगोल जातियाँ श्रेणी:मध्य एशिया का इतिहास