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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

नागराज राव हवलदार

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Dr.Nagaraja Rao Havaldar ನಾಗರಾಜ ರಾವ್ ಹವಲ್ದಾರ್ Nagaraja_Rao_Havaldar.jpg Dr.Nagaraja Rao Havaldar solo_singer Nagaraja Rao Havaldar 1959 7 17 y Hosapete, कर्णाटक Hindustani Classical Music - Khayal and light forms Hindustani Classical Vocalist 1981 – present http://www.pandithavaldar.com डॉ॰ नागराज राव हवलदार (ನಾಗರಾಜ ರಾವ್ ಹವಲ್ದಾರ್) कर्नाटक, भारत के एक हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक हैं। शिक्षा संगीत डॉ॰ हवलदार, पंडित माधव गुड़ी के एक शिष्य हैं, जो स्वयं किराना वंशज, पंडित भीमसेन जोशी के प्रमुख शिष्य हैं। साथ ही वे पंडित पंचाक्षरी स्वामी मट्टिगट्टि के भी शिष्य हैं जो कि जयपुर-अतरौली घराने के पंडित मल्लिकार्जुन मंसूर के एक वरिष्ठ शिष्य हैं। About Panditji http://www.pandithavaldar.com/about.php 1 दिसम्बर 2010 https://web.archive.org/web/20110724021134/http://www.pandithavaldar.com/about.php 24 जुलाई 2011 dead कर्नाटक में कर्नाटक विश्वविद्यालय, धारवाड़ में हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की छह साल की डिग्री पाठ्यक्रम "संगीत रत्न" में अपने अध्ययन के दौरान पंडित मल्लिकार्जुन मंसूर (संगीत विभाग के अध्यक्ष) और पंचाक्षरी स्वामी मट्टिगट्टि, पंडित बासवराज राजागुरू (किराना), पंडित संगमेश्वर गुराव (किराना) और डॉ॰ बी.डी. पाठक जो कि संकाय सदस्य थे, के अधीन उन्होंने शिक्षा प्राप्त की। अकादमिक उन्होंने कर्नाटक विश्वविद्यालय, धारवाड़ से हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत पाठ्यक्रम "संगीत रत्न" में प्रतिष्ठा प्राप्त की। साथ ही इतिहास और पुरातत्व में वे स्वर्ण पदक स्नातकोत्तर हैं, और कर्नाटक विश्वविद्यालय से संगीत में डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त की है, उनके शोधग्रंथ का शीर्षक "द हिस्टरी ऑफ क्लासिकल म्यूज़िक इन कर्नाटक" है। Early Music Now http://earlymusicnow.com/pandithavaldarjuly17.html 30 दिसम्बर 2010 https://web.archive.org/web/20110710163402/http://earlymusicnow.com/pandithavaldarjuly17.html 10 जुलाई 2011 dead कैरियर प्रदर्शन उन्होंने पूरे भारत में प्रदर्शन किया है जिसमें प्रतिष्ठित स्थान जैसे हम्पी उत्सव, मैसूर दशहरा दरबार महोत्सव और वाराणसी में संकट मोचन संगीत समारोह शामिल हैं। साथ ही उन्होंने बड़े पैमाने पर संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्रिटेन में भी दौरा किया है। हालांकि उनकी शैली में उनके किराना गुरूओं से मिला गहन प्रशिक्षण प्रतिबिंबित होता हैं, वे बसंती केदार, बसंती कनाडा और नट मल्हार जैसे जयपुर-अतरौली गायकी में भी समान पकड़ रखते हैं। उन्हें कन्नड ख्याल को लोकप्रिय बनाने का भी श्रेय दिया जाता है, जिसमें पारम्परिक ख्याल रूप में वचन के अनुरूपण के द्वारा हरिदासा की साहित्यिक रचना और कन्नड़ की समकालीन उपयुक्त कविताएं हैं। Artist of the month -Dr Nagraj Rao Havaldar http://www.itcsra.org/aom/artist_ofthe_month.asp?id=99 30 दिसम्बर 2010 https://web.archive.org/web/20100413230303/http://www.itcsra.org/aom/artist_ofthe_month.asp?id=99 13 अप्रैल 2010 dead सजीव प्रदर्शन के अलावा, डॉ॰ हवलदार ने खयाल और मध्यम शैलियों में कई एल्बमों को आकार दिया है। Albums http://www.pandithavaldar.com/albums.php 30 दिसम्बर 2010 https://web.archive.org/web/20101125032342/http://www.pandithavaldar.com/albums.php 25 नवंबर 2010 dead वे सुनादा आर्ट फाउंडेशन के संस्थापक और अध्यक्ष हैं, जो कि भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रचार के लिए एक समर्पित संगठन है। रचना संगीतकार के रूप में डॉ॰ हवलदार ने कई नाटक और टेलीविजन शो के लिए संगीत रचना की है, जिसमें गिरीश कर्नाड के तलेडंडा, पी. लंकेश के गुनामुखा जिसका मंचन रूपांतरा थिएटर समूह द्वारा किया गया था, मास्टर हिरान्नया के लंचावतार जैसे टेलीविजन संस्करण और टी.एन सीथाराम के टेलीसिरीयल मुखामुखी शामिल हैं। His music soothed traumatised souls http://www.hinduonnet.com/thehindu/lf/2002/02/10/stories/2002021000120200.htm 30 दिसम्बर 2010 https://web.archive.org/web/20080404040253/http://www.hinduonnet.com/thehindu/lf/2002/02/10/stories/2002021000120200.htm 4 अप्रैल 2008 dead साथ ही उन्होंने इंडियानापोलिस में एक थिएटर ग्रुप के साथ आध्यात्मिक धुन के साथ नाटक के संगीत पर काम भी किया है। शिक्षण वे नियमित रूप से विप्रो, कंप्यूटर एसोसिएट्स, बिरला 3M और खोडेज जैसे कंपनियों के लिए संगीत पर व्याख्यान और वर्कशॉप का आयोजन करते हैं, जिसमें स्ट्रेस मेनेजमेंट थ्रु म्यूज़िक और एप्रिसिएसन ऑफ हिन्दुस्तानी क्लासिकल म्यूज़िक जैसे विषय होते हैं। Pulling off a musical leap of faith http://archive.deccanherald.com/Deccanherald/jul102005/finearts12233200578.asp 30 दिसम्बर 2010 https://web.archive.org/web/20111007194451/http://archive.deccanherald.com/Deccanherald/jul102005/finearts12233200578.asp 7 अक्तूबर 2011 dead डॉ॰ हवलदार ने हिंदुस्तानी संगीत का प्रशिक्षण दिया है और आज भी देते हैं, स्थानीय रूप से बंगलुरू जारी और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वर्कशॉप और टेलीफोनिक सत्रों के माध्यम से संयुक्त राज्य और ब्रिटेन के छात्रों को भी शिक्षा देते हैं। उनके कई छात्र, प्रमुख संगीतकार बन गए हैं, जिसमें ओमकारनाथ हवलदार और कन्नड पार्श्व गायक चैत्रा एचजी उल्लेखनीय हैं। अन्य डॉ॰ हवलदार) पूर्व में म्यूज़िक अराइव्स, ऑल इंडिया रेडियो, हुबली में (1988-1991) में प्रोग्राम एक्जिक्यूटीव के रूप में कार्य कर चुके हैं। साथ ही वे कर्नाटक पाठ्यपुस्तक निदेशालय के लिए हिन्दुस्तानी संगीत के लिए पाठ्यपुस्तक समिति के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। व्यक्तिगत डॉ॰ हवलदार का जन्म बेलारी जिला, कर्नाटक के होसापेटा शहर में हुआ है, जहां उन्होंने स्नातक तक अपना जीवन बिताया. वर्तमान में वे बेंगलुरु में रहते हैं। उनके पुत्र ओमकारनाथ और केदारनाथ उभरते संगीतकार हैं - ओमकारनाथ एक गायक हैं जबकि केदारनाथ तबलावादक हैं। सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ डॉ॰ नागराज राव हवलदार Havaldar, Nagaraja Rao जुलाई 17, 1959 श्रेणी:1959 में जन्मे लोग श्रेणी:जीवित लोग श्रेणी:हिन्दुस्तानी गायक श्रेणी:भारतीय पुरुष गायक श्रेणी:बेल्लारी के लोग