411 REFERENCE · Wikipedia
तनोट माता
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
तनोट माता श्री आवड़ माता tanot-mata(raju-suthar).jpg 27.798388 70.354458 जैसलमेर, भारत
तनोट माँ (तन्नोट माँ) का मन्दिर जैसलमेर जिले से लगभग एक सौ तीस कि॰मी॰ की दूरी पर 'तनोट' नामक गाँव में स्थित हैं। इस मन्दिर को 'तनोट राय' कहते हैं। मामडिया चारण की पुत्री देवी आवड़ को तनोट माता के रूप में पूजा जाता है। पुराने चारण साहित्य के अनुसार तनोट माता, हिंगलाज माता की अवतार हैं जिनका प्रसिद्ध मन्दिर बलूचिस्तान (पाकिस्तान) में है। भाटी राजपूत नरेश तणुराव ने वि॰सं॰ 828 में तनोट का मंदिर बनवाकर मूर्ति को स्थापित किया था। भाटी तथा जैसलमेर के पड़ोसी क्षेत्रों के लोग तन्नोट माता की पूजा करते हैं
श्री आवड़ माता भाटी राजवंश की कुलदेवी और हिंगलाज माता का अवतार मानी जाती हैं, जिन्होंने हूण राक्षसों के संहार हेतु 52 शक्तियों (बहनों) के साथ अवतार लिया। जैसलमेर और सीमावर्ती क्षेत्रों में माता के 52 प्रमुख मंदिर और ओरण प्रसिद्ध हैं। प्रमुख स्वरूपों में तनोटराय, स्वांगिया माता, भादरियाराय, और नागणेचियां माता प्रमुख हैं, जो मुख्य रूप से सुगन चिड़िया और नाग रूप में पूजी जाती हैं।
यहाँ श्री आवड़ माता के 52 नाम और उनके 52 मंदिरों/ओरणों से संबंधित नामों की सूची दी गई है (सुगम चिड़िया/पाळम रूप में):
श्री आवड़
आवरी माता
उब्बटा (उभटा) माता
स्वांगिया माता (स्वांग्याजी)
नागणेचियां माता (नागणेची)
तनोटराय (तणोट माता)
भादरियाराय
आशापुरा माता
मामड़ियाई (मामामड़िया सधू)
देगराय
साऊँवाणी
आईनाथ
चाळराय
जाळराय
बींझासणी
झूमरकेराय
बायण
चेलकराय
आरणेची
लटियाळ माता
घणियाणियां
बांयोसा
माढ़राय
पिनोतणिया
मातिियांळी
डूंगरेच्यां
घंटीलाळी
पारेवरीयां
साबड़ामढराय
चकरेसी
अनड़ेची
आरंबाराय
सप्तमातृका
डूंगरराय
छछुन्दरे
तेमड़ाराय
मनरंगथळ राय
चालकनाराय (चालकनेची)
चाळकनेची
जूनी जाळरी
धणियाणी
बींझणोटी
थळ राय
कतियाणी
भोजासरी
उपरल्यां
सिहाणो माता
बाळि्याणी
आईंतां
काले डूंगरराय
धोलागरराय
चूडाली
इनमें नागणेची (नाग रूप), समळी (चील), और पाळम (सुगन चिड़िया) माता के प्रमुख स्वरूप हैं।
आवड़
भारत-पाक लड़ाई और माता का चमत्कार
माना गया है कि भारत और पाकिस्तान के मध्य जो सितम्बर 1965 को लड़ाई हुई थी , उसमें पाकिस्तान के सैनिकों ने मंदिर पर कई बम गिराए थे लेकिन माँ की कृपा से एक भी बम नहीं फट सका था। तभी से सीमा सुरक्षा बल के जवान इस मन्दिर के प्रति काफी श्रद्धा भाव रखते हैं। आवड़ माँ तनोट राय मन्दिर जैसलमेर में स्थित https://web.archive.org/web/20150203094556/http://hindi.webdunia.com/religious-journey-articles/awar-mata-tanot-rai-.html 3 फ़रवरी 2015 अभिगमन तिथि.15 जून 2016
इतिहास
मंदिर के एक पुजारी ने मंदिर के इतिहास के बारे में उल्लेख किया कि बहुत समय पहले एक मामड़िया चारण नाम का एक चारण था, जिनके कोई 'बेटा-बेटी' अर्थात कोई संतान नहीं थी, वह संतान प्राप्ति के लिए लगभग सात बार हिंगलाज माता की पूरी तरह से पैदल यात्रा की। एक रात को जब उस चारण (गढवी ) को स्वप्न में आकर माता ने पूछा कि तुम्हें बेटा चाहिए या बेटी, तो चारण ने कहा कि आप ही मेरे घर पर जन्म ले लो।
हिंगलाज माता की कृपा से उस चारण के घर पर सात पुत्रियों और एक पुत्र ने जन्म लिया। इनमें से एक आवड मा थी जिनको तनोट माता के नाम से जाना जाता shas nbsS SBSB
घूमने के लिए है अच्छी जगह
अगर आप तनोट माता के दरबार में धोक देने आने वाले हैं यह आपके लिए एक अच्छा पर्यटन स्थल है। तनोत माता के दरबार में आने के लिए जैसलमेर से गाडी से या आप अपनी खुद की गाड़ी लेकर आ सकते हैं।
तनोत माता को 'रक्षा की देवी' भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच में हुए घमासान युद्ध के समय माता के दरबार में पाकिस्तान की ओर से कई बम फेंके गये, पर माता जी मंदिर को कुछ नही हुआ।
सन्दर्भ
श्रेणी:राजस्थान के लोक देवता
श्रेणी:कुलदेवीतनोटमाता का जन्म स्थान चालकना बाडमेर राजस्थान माना जाता है वि. से. 808 में मामड़ जी घर जन्म हुआ
श्रेणी:चारणggg