Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

चंगथांगी बकरी (पश्मीना बकरी)

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

right|thumb|350px|लद्दाख के चंगथांग क्षेत्र में एक चंगथांगी बकरी। चंगथांगी बकरी (Changthangi) जिसे पश्मीना बकरी भी कहा जाता है, एक विशेष नस्ल है जो अपने कीमती पश्मीना ऊन के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। यह मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र, विशेषकर लेह जिले के चंगथांग पठार में पाई जाती है। यह क्षेत्र तिब्बत की सीमा के निकट स्थित है, जहाँ का वातावरण अत्यंत ठंडा और दुर्गम होता है। विशेषताएँ चंगथांगी और चेगु बकरियों के शरीर पर उगने वाले मुलायम आंतरिक बालों (Undercoat) को 'असली पश्मीना' कहा जाता है। यह फाइबर दुनिया के सबसे महीन और गर्म रेशों में से एक माना जाता है। पश्मीना ऊन हल्का होने के साथ-साथ नमी सोखने की अद्भुत क्षमता रखता है और इसे रंगना भी आसान होता है। पालन-पोषण और वातावरण चंगथांग क्षेत्र के खानाबदोश चंगपा समुदाय के लोग सदियों से इन बकरियों का पालन कर रहे हैं। यहाँ का मौसम बहुत कठोर होता है, जहाँ गर्मियों में तापमान 40°C और सर्दियों में -40°C तक चला जाता है। इसी अत्यधिक ठंड के कारण इन बकरियों के शरीर पर सुरक्षा के रूप में पश्मीना का बारीक रेशा विकसित होता है। शेरे-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (SKUAST) द्वारा किए गए अध्ययनों के अनुसार, इन बकरियों का प्रबंधन पूरी तरह से पारंपरिक और प्राकृतिक चराई पर आधारित है। अध्ययन में उनकी शारीरिक बनावट, उत्पादन क्षमता और प्रजनन प्रणालियों का विस्तृत विवरण दिया गया है।https://skuast.org/wmgf/changthangi_jk.html Changthangi Goat of Ladakh skuast.org 16 अप्रैल 2026अगस्त 2026 InternetArchiveBot आर्थिक महत्व पश्मीना के अलावा, इन बकरियों का उपयोग निम्नलिखित कार्यों के लिए भी किया जाता है: मांस और दूध: स्थानीय आबादी के लिए पोषण का स्रोत। खाद और खाल: कृषि और स्थानीय उद्योगों के लिए उपयोगी। परिवहन: दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में सामान ढोने के लिए। संरक्षण की स्थिति कठोर जलवायु और सीमित भौगोलिक क्षेत्र के कारण इस नस्ल की संख्या पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। ऊँचाई वाले क्षेत्रों में उच्च मृत्यु दर और चारे की कमी इनके पालन में मुख्य चुनौतियाँ हैं। इन्हें भी देखें पश्मीना चंगपा कश्मीर की अर्थव्यवस्था लद्दाख़ की संस्कृति सन्दर्भ श्रेणी:बकरी की नस्लें श्रेणी:लद्दाख़ का भूगोल श्रेणी:पशुपालन