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इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा
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इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय विमानक्षेत्र Indira Gandhi International Airport Indira Gandhi International Airport Logo.svg 250 2024-12-14-00 00 2024-12-14-23 59 Sentinel-2 L2A True color.jpg 250 DEL VIDP सार्वजनिक AAI DIAL
GMR समूह (74%)
AAI (26%) NCR India पालम, दिल्ली, भारत nowrap
एअर इंडिया
एलाइंस एअर
FedEx Express
Quikjet Airlines 777 237 www.newdelhiairport.in Yes 09/27 2816 अस्फ़ाल्ट 10/28 3813 अस्फ़ाल्ट 11R/29L 4430 अस्फ़ाल्ट 11L/29R 4,400 अस्फ़ाल्ट अप्रैल 2023 - मार्च 2024 यात्री 73673708 ( 12.8%) अंतरराष्ट्रीय यात्री 19,470,161 ( 24.4%) वायुयान आवागमन 442488 ( 2.9%) माल भार 1003306 ( 12%) स्रोत: भा.वि.प्राAnnexure III – Passenger Data https://www.aai.aero/sites/default/files/traffic-news/Mar2k24Annex3.pdf aai.aero 20 April 2024Annexure II – Aircraft Movement Data https://www.aai.aero/sites/default/files/traffic-news/Mar2k24Annex2.pdf aai.aero 20 April 2024Annexure IV – Freight Movement Data https://www.aai.aero/sites/default/files/traffic-news/Mar2k24Annex4.pdf aai.aero 20 April 2024
इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा DEL VIDP भारत की राजधानी एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का प्रधान अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र है। यह नई दिल्ली नगर केन्द्र से लगभग १६ कि॰मी॰(10 मील) दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित है। भारत की पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गाँधी के नाम पर बना यह भारत का व्यस्ततम विमानक्षेत्र है। आईजीआई देश का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा https://web.archive.org/web/20110314181056/http://hindi.webdunia.com/news/news/national/1103/13/1110313015_1.htm 14 मार्च 2011 |वेबदुनिया। । नई दिल्ली। रविवार, 13 मार्च 2011(10:53IST। अभिगमन तिथि: २४ नवम्बर २०१२दिल्ली विमानक्षेत्र मुंबई विमानक्षेत्र से ४० उड़ान प्रतिदिन की दर से व्यस्ततर है https://web.archive.org/web/20121130034146/http://www.indianexpress.com/news/delhi-s-airport-busier-than-mumbai-s-by-40-flights-a-day/502562 30 नवंबर 2012 उद्धरण: Delhi Airport busier than Mumbai by 40 flights a day हवाई अड्डे के नवीनतम टर्मिनल-३ के चालू हो जाने के बाद से ४ करोड़ ६० लाख यात्री क्षमता तथा वर्ष २०३० तक की अनुमानित यात्री क्षमता १० करोड़ के साथ यह भारत के साथ-साथ पूरे दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा और सबसे महत्त्वपूर्ण व्यापार संबंधी विमानन केन्द्र बन गया है। भारत की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई के छत्रपति शिवाजी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र के साथ इसके आंकड़े मिलाकर देखें तो ये दोनों दक्षिण एशिया के आधे से अधिक विमान यातायात को वहन करते हैं।सौरभ सिन्हा, टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क, १० जुलाई २००८, पूर्वाह्न 03.54 भा.स्टै.टा http://timesofindia.indiatimes.com/India/Delhi_is_countrys_busiest_airport/articleshow/3216435.cms देल्ही बीट्स मुंबई टू बिकम बिज़िएस्ट एयरपोर्ट Timesofindia.indiatimes.com 2008-07-10 2010-08-24 https://web.archive.org/web/20090112081432/http://timesofindia.indiatimes.com/India/Delhi_is_countrys_busiest_airport/articleshow/3216435.cms 12 जनवरी 2009 live http://www.domain-b.com/aero/airports/20080901_csia.html देल्हीज़ आईजीआईए एजेज़ अहेड ऑफ़ मुंबईज़ सीएसआईए ऍज़ कंट्री’ज़ बिज़िएस्ट एयरपोर्ट Domain-b.com 2008-09-01 2010-08-24 https://web.archive.org/web/20121105040354/http://domain-b.com/aero/airports/20080901_csia.html 5 नवंबर 2012 dead Travel Biz Monitor: मुंबई एयर्पोर्ट गेट्स रेडी फ़ॉर न्यू ईन्निंग्स https://web.archive.org/web/20121018234628/http://www.travelbizmonitor.com/ArticleDetails.aspx?aid=1777&sid=18&sname=Coverstory 18 अक्तूबर 2012 इस विमानक्षेत्र के संचालक दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डयल) इसे विश्व का अगला अन्तर्राष्ट्रीय ट्रांज़िट हब बनाने के प्रयास कर रहा है।बिज़्नेस स्टैण्डर्ड http://www.business-standard.com/india/news/notstopover-to-snub-delhi-now-wants-to-betransit-hub/454753/ Not a stopover to snub, Delhi now wants to be a transit hub बिज़्नेस स्टैण्डर्ड.कॉम 2011-11-07 2012-01-24 https://web.archive.org/web/20120108015456/http://www.business-standard.com/india/news/notstopover-to-snub-delhi-now-wants-to-betransit-hub/454753/ 8 जनवरी 2012 live
लगभग ५,२२० एकड़ (२,११० हेक्टेयर) की भू-संपदा में विस्तृत, दिल्ली विमानक्षेत्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के लिये प्राथमिक नागर विमानन हब (केन्द्र) है। सर्वप्रथम इसका संचालन भारतीय वायु सेना के पास था, जिसके बाद उसने इसका प्रबंधन दायित्व भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को सौंप दिया। Why they should stay with the Air Force: द हिन्दू बिज़्नेसलाइन.कॉम मई २००६ से हवाई अड्डे का प्रबंधन दिल्ली अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) के पास आया। डायल जीएमआर समूह के नेतृत्व में एक संयुक्त उद्यम (ज्वाइन्ट वेन्चर) है। डायल ही विमानक्षेत्र के आगे हो रहे विस्तार एवं आधुनिकीकरण के लिये भी उत्तरदायी है।मुंबई, देल्ही एयरपोर्ट्स मैनेजमेण्ट टू बी हैण्डेड ओवर टू प्राइवेट कंपनीज़ https://web.archive.org/web/20060514064757/http://www.outlookindia.com/pti_news.asp?id=381981 14 मई 2006 इस निजीकरण का भरपूर विरोध भाविप्रा कर्मचारियों ने कियानिजीकरण के खिलाफ हवाई अड्डा कर्मचारियों का आंदोलन स्थगित| नवभारत टाइम्स। २७ जनवरी २००६। भाषा, किन्तु अन्ततः ३ मई २००६ को यह प्रबंधन स्थानांतरण संपन्न हो गया।नियामक प्राधिकरण और हवाई अड्डे https://web.archive.org/web/20111224073956/http://bharat.gov.in/sectors/transport/index.php?id=8 24 दिसंबर 2011 | भारत.गॉव.इन। स्रोत:राष्ट्रीय पोर्टल विषयवस्तु प्रबंधन दल। १५ फ़रवरी २०११। अभिगमन तिथि: २८ नवम्बर २०१२
वर्ष २००१-१२ में विमानक्षेत्र से ३५८.८ लाख यात्रियों की आवाजाही संपन्न हुईhttp://www.aai.aero/traffic_news/TRMAR2012.pdf भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण पीडीएफ़ 2012-05-30 https://web.archive.org/web/20120612024838/http://www.aai.aero/traffic_news/TRMAR2012.pdf 12 जून 2012 dead और यहां के विस्तार कार्यक्रम योजना के अनुसार इसकी क्षमता वर्ष २०३० तक १० करोड़ यात्री तक हो जायेगी। Sky's the limit for India flight boom https://web.archive.org/web/20121113072349/http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/6640147.stm 13 नवंबर 2012 : बीबीसी पर यहां के नये टर्मिनल भवन के २०१० के राष्ट्रमंडल खेलों से पूर्व निर्माण के बाद ही इसकी वार्षिक ३४० लाख यात्रियों की क्षमता है। यहां का टर्मिनल-३ विश्व का ८वां सबसे बड़ा यात्री टर्मिनल है। https://web.archive.org/web/20151106213309/http://www.newdelhiairport.in/fact-sheet.aspx 6 नवंबर 2015 सितंबर २००८ में यहां ४.४३ कि.मी लंबी नयी उड़ानपट्टी (रनवे-३) का उद्घाटन हुआ था। इंदिरा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र को २०१० में एयरपोर्ट काउन्सिल इन्टरनेशनल द्वारा १५०-२५० लाख यात्री श्रेणी में विश्व का चौथा सर्वोत्तम विमानक्षेत्र, एवं एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सर्वाधिक प्रगति वाला विमानक्षेत्र होने का सम्मान मिला था। https://web.archive.org/web/20120512200746/http://www.aci.aero/cda/aci_common/display/main/aci_content07_c.jsp?zn=aci&cp=1-7-46%5E35015_666_2__ 12 मई 2012 वर्ष २०११ में विमानक्षेत्र को इसी परिषद द्वारा पुनः २.५-४ करोड़ यात्री क्षमता श्रेणी में विश्व का दूसरा सर्वोत्तम विमानक्षेत्र होने का गौरव मिला था।http://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/Crowning-glory-IGI-second-best-in-world/articleshow/11893085.cms द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया क्राउनिंग ग्लोरी: आई.जी.आई सेकिण्ड बेस्ट इन वर्ल्ड १५ फ़रवरी २०१२ १५ फ़रवरी २०१२दुनिया में दूसरे स्थान पर दिल्ली हवाई अड्डा https://web.archive.org/web/20120712215637/http://hindi.pardaphash.com/news/%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%85%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%A1%E0%A4%BE/698016.html 12 जुलाई 2012 | हिन्दी पर्दाफ़ाशदिल्ली हवाई अड्डा दुनिया में दूसरे स्थान पर। समय लाइव। १६ फ़रवरी २०१२ यह स्थान कोरिया के इंचेयन अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र के बाद था।विश्व का दूसरा सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट बना आइजीआइजून 2020 InternetArchiveBot | याहू जागरण। अभिगमन तिथि: २८ नवम्बर २०१२ इसके अलावा वर्ष २०११ में ही यह विमानक्षेत्र विश्व का ३४वाँ व्यस्ततम विमानक्षेत्र बना जिसकी यात्री आवागमन संख्या ३,४७,२९,४६७ रही एवं पिछले वर्ष के मुकाबले यातायात में इसने १७.८% की बढ़ोत्तरी भी दर्ज की।द वर्ल्ड्स टॉप १०० एयरपोर्ट्स - लिस्टेड, रैंक्ड एण्ड मैप्ड https://web.archive.org/web/20120622115203/http://www.guardian.co.uk/news/datablog/2012/may/04/world-top-100-airports 22 जून 2012 । देखें: विश्व के सर्वोच्च १०० विमानक्षेत्र, सूचिबद्धित, श्रेणिबद्धित एवं मानचित्र पर चिह्नित। अभिगमन तिथि: २८ नवम्बर २०१२
इतिहास
१९३० में दिल्ली का प्रथम हवाई –अड्डा सफ़दरजंग विमानक्षेत्र बना था और यही १९६२ तक दिल्ली का प्रमुख हवाई अड्डा रहाhttp://www.igiacustoms.gov.in/igi-airport.htm संग्रहीत प्रति 7 अक्तूबर 2012 https://web.archive.org/web/20120419022746/http://www.igiacustoms.gov.in/igi-airport.htm 19 अप्रैल 2012 dead बढ़ते वायु यातायात के कारण व सफ़दरजंग में छोटी उड़ान-पट्टी की बड़े जेट विमानों को उतार पाने में अक्षम होने के कारण से १९६२ में लगभग सभी नागरिक उड़ान प्रचालन को पालम विमान क्षेत्र (तत्कालीन नाम, जिसे बाद में इ.गाँ.अ.विमानक्षेत्र कर दिया गया) को भेज दी गईं। पालम विमानक्षेत्र का निर्माण द्वितीय विश्व युद्ध के दौरानना स्टेशन, पालम के रूप में किया गया था और अंग्रेज़ों के जाने के बाद यह १९६२ तक मात्र वाय़ु सेना स्टेशन के रूप में ही कार्य कर रहा था।
पालम विमानक्षेत्र की सर्वोच्च यात्री क्षमता १३०० यात्री प्रति घंटा थी। आई.जी.आई कस्टम्स – अबाउट आई.जी.आई एयरपोर्ट https://web.archive.org/web/20110721155944/https://igiacustoms.gov.in/igi-airport.htm 21 जुलाई 2011 १९७० के दशक के अंत तक वाय़ु यातायात में बढ़ोत्तरी के चलते, तत्कालीन टर्मिनल क्षमता के चार गुना क्षमता वाला नया टर्मिनल बनाया गया। २ मई १९८६ को इस नये बने टर्मिनल के उद्घाटन के समय पालम विमानक्षेत्र को भारत की पूर्व प्रधान मंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के नाम पर वर्तमान नाम इंदिरा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र दिया गया, जिसे अंग्रेज़ी आद्याक्षरों में आई.जी.आई एयरपोर्ट भी कह दिया जाता है।
सार्वजनिक निजी साझेदारी
३१ जनवरी २००६ को भारत के तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री श्री प्रफुल्ल पटेल ने घोषणा की कि सक्षम मंत्री समूह ने दिल्ली विमानक्षेत्र के प्रबंधन अधिकार जी.एम.आर समूह संचालित डी.आई.ए.एल (डायल कन्सॉर्टियम) को तथा मुंबई विमानक्षेत्र के अधिकार जी.वी.के समूह संचालित संघ को देने का निर्णय लिया है।http://www.thehindubusinessline.com/bline/2007/02/12/stories/2007021200580600.htm देल्ही, मुंबई एयरपोर्ट मॉर्डर्नाइज़ेशन — एफ़र्ट्स टू एन्श्योर अ स्मूदर जर्नी द हिन्दू बिज़्नेस लाइन १६ जुलाई २०१० https://web.archive.org/web/20070304191729/http://www.thehindubusinessline.com/bline/2007/02/12/stories/2007021200580600.htm 4 मार्च 2007 live
२ मई २००६ को दिल्ली एवं मुंबई विमानक्षेत्रों के प्रबंधन निजी संघों को सौंप दिये गए।http://news.outlookindia.com/item.aspx?381981 मुंबई, देल्ही एयरपोर्ट मैनेजमेण्ट टू बी हैण्डेड ओवर टू प्रा. कं न्यूज़.आउटलुकइण्डिया.कॉम १६ जुलाई २०१० https://web.archive.org/web/20110715023520/http://news.outlookindia.com/item.aspx?381981 15 जुलाई 2011 dead
देल्ही इन्टरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) जी एम आर समूह(५०.१%), फ़्रैपोर्ट एजी (१०%) एवं मलेशिया एयरपोर्ट्स (१०%),http://www.malaysiaairports.com.my/index.php?ch=38&pg=204&ac=1182 मलेशिया एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स बेर्हैड Malaysiaairports.com.my 2006-04-04 2010-07-16 https://web.archive.org/web/20120308072800/http://www.malaysiaairports.com.my/index.php?ch=38&pg=204&ac=1182 8 मार्च 2012 dead इण्डिया डवलपमेंट फ़ण्ड (3.9%) को सौंप दिये गए एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के पास मात्र 26% भाग ही शेष रह गया। संदीप शर्मा http://www.constructionupdate.com/products/equipmentindia/june2008/009.html इक्विपमेंट इण्डिया – इण्डियाज़ फ़र्स्ट इन्फ़्रास्ट्रक्चर इक्विप्मेंट मैग्ज़ीन कन्स्ट्रक्शनअपडेट.कॉम ३१ मार्च २०१० १६ जुलाई २०१० https://web.archive.org/web/20101228064029/http://www.constructionupdate.com/products/equipmentindia/june2008/009.html 28 दिसंबर 2010 dead
सांख्यिकी
thumb|विमानक्षेत्र में दो प्राथमिक/द्वितीयक (प्राइमरी/सैकेण्डरी रडार स्थापित हैं, जो विमान यातायात सेवाओं में अत्यधिक सहायक हैं।
पुराना हवाई टर्मिनल अब टर्मिनल-१ कहलाता है और यहां से अधिकतर बजट वायु सेवाओं की अन्तर्देशीय उड़ाने संचालित होती हैं। टर्मिनलत तीन पृथक भागों में बंटा हुआ है – १ए (एयर इंडिया, एमडीएलआर एवं गो एयर उड़ानों हेतु), १बी (पहले अन्तर्देशीय उड़ानों के लिये प्रयोग होता था, अब बंद हो कर ध्वस्त किया जा चुका है), अन्तर्देशीय आगमन टर्मिनल १सी एवं नवनिर्मित १डी (अब सभी शेष अन्तर्देशीय वायुसेवाओं हेतु प्रयोग किया जाता है)। अति महत्त्वपूर्ण व्यक्तियों हेतु वायुसेना के तकनीकी क्षेत्र में पृथक स्थान है। इनके अलावा हज उड़ानों हेतु विशिष्ट समर्पित टर्मिनल भी बना हुआ है।
भारतीय उड्डयन उद्योग के ऊंचाइयों को छूते समय में एवं विभिन्न निम्न-लागत निजी सेवाओं के उद्योग में आगमन से, विमानक्षेत्र ने यात्री संख्या एवं यातायात में एक बड़ी उछाल का सामना किया। इनके कारण अन्य विमानक्शःएत्रों सहित इस हवाई अड्डे के सामने भी बड़ी कठिनाइयाँ आयीं। टर्मिनल १ की अनुमानित क्षमता ७१.५ लाख यात्री प्रति वर्ष है। हालांकि वर्ष २००५-०६ के दौरान वास्तविक यात्री आवागमन १ करोड़ ४० लाख रहा। अन्तर्राष्ट्रीय टर्मिनल (टर्मि.२) को मिलाकर विमानक्षेत्र की कुल यात्री क्षमता १ करोड़ २५ लाख यात्री प्रति वर्ष रही, जबकि २००६-०७ में कुल यात्री संख्या १.६५ करोड़ यात्री प्रति वर्ष थी। IGI एयरपोर्ट टॉप्स वर्ल्ड इन ग्रोथ https://web.archive.org/web/20090112102825/http://timesofindia.indiatimes.com/India/IGI_Airport_tops_world_in_passenger_growth_/articleshow/2712536.cms 12 जनवरी 2009 वर्ष २००८ में, विमानक्षेत्र में कुल यात्री संख्या २.३९ करोड़ तक जा पहुंची।
DEL दिल्ली हवाईअड्डे पर वार्षिक यात्री आवगमन
दिल्ली का हवाई अड्डा दुनिया में सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक आंका गया है। दिल्ली की आर्थिक सुदृढ़ता बनाये रखने में इसका बड़ा योगदान है। आंकड़ों के अनुसार यहां पांच लाख से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। भारत के http://www.ncaer.org/ राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद (एनसीएईआर) द्वारा किए गए एक अध्ययन से ज्ञात हुआ है: दिल्ली का इंदिरा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र लगभग 5.16 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराता है, जो अमेरिका में हार्ट्सफील्ड जैक्सन एटलांटा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में कार्यरत लोगों के मुकाबले 18 प्रतिशत अधिक है। राजधानी दिल्ली और भारत के आर्थिक विकास और रोजगार पर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय विमानक्षेत्र के प्रभाव का आकलन करने के लिए भारत में अपनी तरह के इस पहले अध्ययन में कहा गया, दिल्ली हवाई अड्डे पर रोजगार राष्ट्रीय रोजगार का 0.11 प्रतिशत और राज्य में रोजगार का 8.47 प्रतिशत है।दिल्ली हवाई अड्डा सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक https://web.archive.org/web/20120429161230/http://khabar.ndtv.com/news/show/delhi-airport-in-biggest-employers-20317 29 अप्रैल 2012 : खबर.एनडीटीवी। भाषा। २२ अप्रैल २०१२। अभिगमन तिथि: २८ नवम्बर २०१२
उड़ान पट्टियाँ
दिल्ली विमानक्षेत्र में दो मुख्यतः समानांतर उड़ान पट्टियाँ और एक लगभग समानांतर उड़ान पट्टी है:
रनवे 11/29 (14,794 फ़ीट (4500मी)) CAT IIIB ILS दोनों ओर एवं
मुख्य रनवे 10/28 (12795 ft m on 4)।
इनके अलावा एक अतिरिक्त उड़ान पट्टी भी उपलब्ध है:
रनवे 09/27 (13780 ft m on)।
रनवे 10/28 एवं रनवे 11/29 दक्षिण एशिया की मात्र उड़ानपट्टियाँ हैं जिन पर श्रेणी III-बी उपस्कर अवतरण प्रणाली स्थापित है। वर्ष २००५ के शीत ऋतु में दिल्ली विमानक्षेत्र में गहन कोहरे के कारण बड़ी संख्या में समस्याएं आयीं। तदुपरांत कुछ अन्तर्देशीय वायु सेवाओं ने अपने विमान चालकों (पायलट) को श्रेणी-II आइ.एल.एस के अन्तर्गत्त न्यूनतम 350 m ft on दृश्यता पर कार्यकुशल बनाया। ३१ मार्च २००६ को स्पाइसजेट के विमान के रनवे 28 एवं साथ ही जेट एयरवेज़ के विमान के रनवे 27 से साथ साथ परीक्षण उड़ान भरने के साथ ही आई.जी.आई विमानक्षेत्र, दो उड़ान पट्टियां एक साथ प्रयोग करने वाला प्रथम भारतीय हवाई अड्डा बना।इन्दिरा गांधी इन्टरनेशनल एयरपोर्ट https://web.archive.org/web/20101229180250/http://www.delhilive.com/indira-gandhi-international-airport-0 29 दिसंबर 2010 । दिल्ली लाइव। हरेश खेमानी। २४ अगस्त २००६। अभिगमन तिथि: २९ नवम्बर २०१२
साथ साथ उड़ान भरने की तत्कालीन आरंभिक प्रस्तावित प्रक्रियाओं (प्रोसीजर्स) के कारण विमानक्षेत्र के पश्चिमी ओर जहां रनवे 10/28 एवं 9/27 की केन्द्र रेखाएं आपस में काटती हैं, वहां कई एयर-मिस घटनाएं हुईं। २५ दिसम्बर २००७ को कतर एयरवेज़ की एयरबस ३२०-२०० एवं एक इंडिगो ए३२० यान के एयरमिस घटना के शीघ्र बाद से ही, रनवे प्रयोग प्रक्रियाओं में सवतंत्र प्रणाली (डिपेन्डेन्ट मोड) पृथक करने के लिये अनेक बदलाव किये गए। नयी प्रक्रियाओं में सभी प्रस्थानों हेतु रनवे 28 एवं सभी आगमनों हेतु रनवे 27 का प्रयोग किया जाने लगा। यह प्रक्रिया पिछली प्रक्रियाओं से कहीं अधिक बुद्धिसंगत लगी व २४ सितंबर २००८ तक पूर्णकालीन प्रयोग में लायी गई।
२१ अगस्त २००८ को विमानक्षेत्र में १००० करोड़ रुपयों की लागत से बनारु.१००० करोड़ की लागत से नया रनवे - आईजी आई एयरपोर्ट परजून 2020 InternetArchiveBot । एक्स्प्रेस इण्डियादिल्ली हवाई अड्डे पर देश का सबसे बड़ा रनवे शुरूजुलाई 2020 InternetArchiveBot | आईबीएन खबर। आई.ए.एन.एस। २५ सितंबर २००८। अभिगमन तिथि: २९ नवम्बर २०१२ ४.४३ कि.मी लंबे एवं ७५ मी. चौड़े रनवे-३ का उद्घाटन हुआ।दिल्ली हवाई अड्डे का तीसरा रनवे शुरू https://archive.today/20130628175642/http://business.bhaskar.com/article/0809260105_delhi_airports_third_runway_began.html 28 जून 2013 |दैनिक भास्कर। २६ सितंबर २००८। अभिगमन तिथि: २९ नवम्बर २०१२ इस पर एयरबस ए 380 और एंटोनोव एएन 225 जैसे बड़े विमान भी उतर सकते हैं। इस उड़ान पट्टी पर विश्व का सबसे लंबा पक्का विस्थापित ड्योढ़ी (पेव्ड डिस्प्लेस्मेन्ट थ्रेश-होल्ड) (१४६० मी.) है। इस विस्थापन के कारण रनवे 29 की उपलब्ध अवतरण लम्बाई घट कर २९७० मी. रह गयी। इस बड़े विस्थापन (थ्रेशोल्ड डिस्लेस्मेन्ट) का मुख्य उद्देश्य निकटवर्ती आवासीय क्षेत्रों से अवतरण करते वायुयानों द्वारा किया जाने वाला शोर कम करना था। इस उड़ान पट्टी के आने से हवाई-अड्डे की क्षमता ५४-६० प्रति घंटे से ८५ प्रति घंटा हो गई। यह नया रनवे वाणिज्यिक प्रचालन में २५ सितंबर २००८ से दिया गया। वर्तमान में रनवे 11/29 एवं 10/28 संयुक्त रूप से निम्न लागत वायु सेवाओं के प्रयोग हेतु एवं माल यातायात उड़ानों के लिये रनवे 10/28 प्रयोग किया जाता है। अन्य सभी उड़ानों हेतु रनवे 11/29 का प्रयोग किया जाता है। रनवे 9/27 का प्रयोग अधिकांशतः टैक्सी-मार्ग के रूप में तथा 11/29 और 10/28 की अनुपलब्धता के समय मुख्य उड़ानपट्टी के रूप में किया जाता है।
सभी उड़ान पट्टियों के एकसाथ प्रयोग के प्रयोग ६ जून २०१२ से किये जाने का कार्यक्रम था। विमानक्षेत्र के प्रमुख रनवे 28/10 पर पीक घंटों के समय भार घटाने हेतु सभी तीन पट्टियों का प्रयोग किया जायेगा।http://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/IGI-Airport-to-use-all-runways-together/articleshow/13829900.cms IGI एयरपोर्ट टू यूज़ ऑल थ्री रनवेज़ टुगैदर ५ जून २०१२ 7 अक्तूबर 2012 https://web.archive.org/web/20120605192024/http://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/IGI-Airport-to-use-all-runways-together/articleshow/13829900.cms 5 जून 2012 live
विशिष्टताएं
एक 102 m ft on का एटीसी टावर ३०० करोड़ रु. की लागत का निर्माणाधीन है।http://www.dailypioneer.com/city/34190-igia-to-have-tallest-atc-tower-by-next-year.html संग्रहीत प्रति 7 अक्तूबर 2012 16 सितंबर 2019 https://web.archive.org/web/20190916142611/https://www.dailypioneer.com/city/34190-igia-to-have-tallest-atc-tower-by-next-year.html dead
४५ कि.मी टैक्सी मार्गजून 2020 InternetArchiveBot
१२० विमान स्थान
टर्मिनल
आई.जी.आई हवाई अड्डा विभिन्न भारतीय वायुसेवाओं का गृहस्थान है जिनमें एयर इंडिया, एयर इंडिया क्षेत्रीय, इंडिगो, जेटलाइट, स्पाइसजेट, जेट एयरवेज़, किंगफ़िशर एयरलाइंस एवं गो एयर। ये इस विमानक्षेत्र को भारत में अपने द्वितीय केन्द्र हब के रूप में प्रयोग करती हैं। लगभग ८० वायुसेवाएं इस विमानक्षेत्र को अपनी सेवाएं प्रदान करती हैं। वर्तमान में यहां दो सक्रिय अनुसूचित यात्री टर्मिनल भी हैं: एक समर्पित हज टर्मिनल एवं एक माल यातायात हेतु कार्गो टर्मिनल।
टर्मिनल १ - अन्तर्देशीय
टर्मिनल-१ की सुविधाओं का प्रयोग अभी गो एयर, इंडिगो, स्पाइसजेट कर रहे हैं। यह दो क्षेत्रों में बंटा हुआ है: -- टर्मिनल १डी प्रस्थान हेतु एवं टर्मिनल १सी आगमन हेतु।
टर्मिनल १सी
टर्मिनल १सी का प्रयोग केवल अन्तर्देशीय आगमन उड़ानों हेतु किया जाता है। टर्मिनल के लिये नया स्वागत क्षेत्र निश्चित किया गया है जिसमें काफ़ी बड़ा स्थान है। इसके अलावा यहां अब पहले से कहीं बड़ा पंजीकृत माल प्राप्ति क्षेत्र भी है। यहां ६ बैगेज कैरौसल (बेल्ट) उपलब्ध हैं।
thumb|टर्मिनल १डी – अन्दर का दृश्य
टर्मिनल १डी
thumb|टर्मिनल १डी
टर्मिनल १डी नवनिर्मित अंतरिम अन्तर्देशीय टर्मिनल है। इसका कुल भूमि क्षेत्रफ़ल 36000 m2 sqft on है जिसकी यात्री वहन क्षमता १.२० करोड़ प्रतिवर्ष है। टर्मिनल १डी को प्रचालन में १५ अप्रैल २००९ को समर्पित किया गया था। यहां १२ सार्वजनिक प्रयोग टर्मिनल उपस्कर (कॉमन यूज़ टर्मिनल इक्विप्मेन्ट - CUTE) सक्षम चैक-इन पटल (काउन्टर), १६ स्वयं जाँच चेक-इन पटल एवं १६ सुरक्षा चैनल उपलब्ध हैं।
टर्मिनल ३– अन्तर्देशीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय
आधिकारिक टर्मिनल-३ वीडियो
thumb|निर्माणाधीन टर्मिनल ३ का एरियल चित्र। ३७ माह में निर्माण सम्पन्न यह टर्मिनल विश्व का आठवां सबसे बड़ा विमानक्षेत्र टर्मिनल है।
thumb|इंदिरा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र का टर्मिनल टी३
thumb|टर्मिनल टी३
वर्ष २०१० में आरंभ हुआ, टर्मिनल ३, कला का उत्कृष्ट नमूना एवं एकीकृत भविष्य टर्मिनल है। यह विश्व की २४वीं सबसे बड़ी इमारत एवं आठवां सबसे बड़ा यात्री टर्मिनल है। यह कुल 540000 m2 sqft on में बना ३.६ करोड़ यात्री की वार्षिक क्षमता रखता है।http://www.newdelhiairport.in/pm-inaugurates-new-international-airport-terminal.aspx पी.एम. इनॉगरेट्स न्यू इन्टरनेशनल एयरपोर्ट टर्मिनल न्यूदेल्हीएयरपोर्ट.इन २ अगस्त २०१० २४ अगस्त २०१० https://web.archive.org/web/20120303040124/http://www.newdelhiairport.in/pm-inaugurates-new-international-airport-terminal.aspx 3 मार्च 2012 dead इस परियोजना के निर्माण में 12 हजार 700 करोड़ रुपये की लागत आई थी।देश ने लगाई नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एक बड़ी छलांग https://web.archive.org/web/20100706225843/http://www.pressnote.in/Business-News_83636.html#.ULYLK-Q3v1c 6 जुलाई 2010 | प्रेसनोट डॉट इन। अभिगमन तिथि: २८ नवम्बर २०१२
यह टर्मिनल एच.ओ.के के मॉट्ट मैक-डोनाल्ड के परामर्श में बना,http://www.worldinteriordesignnetwork.com/news/igi_airport_in_india_to_unveil_worlds_third_largest_terminal_100330/ IGI Airport in India to unveil world’s third largest terminal World Interior Design Network 2010-07-16 https://web.archive.org/web/20120301054741/http://www.worldinteriordesignnetwork.com/news/igi_airport_in_india_to_unveil_worlds_third_largest_terminal_100330/ 1 मार्च 2012 dead नया टर्मिनल ३० एकड़ क्षेत्र में विस्तृत एक दुमंजिला इमारत है, जिसका भूतल आगमन हेतु एवं ऊपरी तल प्रस्थान हेतु प्रयोग किया जाता है। टर्मिनल में २४० चेक-इन पटल, ६५ संपर्क स्टैण्ड से लगे ७८ एयरोब्रिज, ५४ पार्किंग बे, एवं न्यून प्रतीक्षा समय हेतु ७२ आप्रवास पटल (इम्मिग्रेशन काउन्टर), १५ एक्स-रे जाँच क्षेत्र से लैस शुल्क-मुक्त दुकानों एवं अन्य सुविधाओं से युक्त है। देल्ही इन्टरनेशनल एयरपोर्ट (प्रा.) लि. -- जीएमआर https://web.archive.org/web/20100410020827/http://www.gmrgroup.co.in/Airports/Delhi_International_Airport__P__Limited.html 10 अप्रैल 2010 डायल टू इन्वेस्ट ३०,००० करोड़ रु, बिल्ड ४ न्यू टर्मिनल्स इन देल्ही https://web.archive.org/web/20090114152259/http://economictimes.indiatimes.com/News/News_By_Industry/Transportation/DIAL_to_invest_Rs_30000_cr_build_4_new_terminals_in_Delhi/articleshow/2956408.cms 14 जनवरी 2009 दिल्ली हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 का उद्घाटन, दुनिया का छठा सबसे बड़ा टर्मिनल https://web.archive.org/web/20160304225504/http://jantantra.com/2010/07/03/delhi-airport-terminal-3-inaugurated/ 4 मार्च 2016 |जनतंत्र। दिनांक: ३ जुलाई २०१०। अभिगमन तिथि: २८ नवम्बर २०१२ विमानक्षेत्र के लगभग ९०% यात्री पूर्ण होने पर इस टर्मिनल का उपभोग कर सकते हैं। यह टर्मिनल नियत समय से दिल्ली में आयोजित हुए २०१० राष्ट्रमंडल खेलों से पूर्व पूर्ण हो चुका था। यह दिल्ली शहर से राष्ट्रीय राजमार्ग ८ पर एक आठ-लेन सड़क द्वारा एवं दिल्ली मेट्रो द्वारा भली-भांति जुड़ा हुआ है। टर्मिनल का आधिकारिक उद्घाटन ३ जुलाई २०१० को नौ परीक्षण उड़ानों सहित इसकी प्रचालन के लिये तैयार होने तथा भूमि सेवा क्षमता (ग्राउण्ड हैण्डलिंग कैपेबिलिटी) की जाँच के साथ हुआ था। सभी अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानों को जुलाई २०१० के अंत तक यहां स्थानांतरित कर दिया गया था, एवं सभी पूर्ण सेवा अन्तर्देशीय वायु सेवाओं ने नवंबर के मध्य से यहां प्रचालन आरंभ कर दिया था। इस टर्मिनल पर १८ पंजीकृत माल (रजिस्टर्ड बैगेज) प्राप्ति बेल्ट हैं।
टी३ पर भारत की प्रथम स्वचालित पार्किंग प्रबंधन एवं निर्देशन प्रणाली से लैस बहु-मंजिलीय कार पार्किंग बनी है, जिसमें ७ तलों में ६३०० कारों की क्षमता है। यह पार्किंग प्रणाली एफ़.ए.ए.सी इण्डिया प्रा.लि. द्वारा श्री दीपक कपूर (प्रबंध निदे.) एवं श्री अश्फ़ाक आलम, (उत्पाद प्रबंधक) द्वारा अभिकल्पित एवं रिकॉर्ड समय में स्थापित की गई है। इसमें ऐसी सुविधा है कि किसी पार्किंग चाहने वाले को एक इलैक्ट्रॉनिक डायनैमिक साइनेज की सहायता द्वारा अधिकतम ५ मिनट में स्थान मिल सकता है।
टर्मिनल ३ विमानक्षेत्र विस्तार का प्रथम चरण है, जिसमें एक अंग्रेज़ी के 'U' आकार का भवन मॉड्यूलर रूप में बनाया गया है। २०१० से सभी अन्तर्राष्ट्रीय एवं पूर्ण सेवा वायु-संचालकों का प्रचालन यहां से आरंभ हो गया था, जबकि टर्मिनल १ से मात्र निम्न बजट वायु सेवाओं का प्रचालन ही चलता है। कालांतर में इन्हें भी नये टर्मिनल परिसर में ही स्थान देने की योजना है।
अन्तर्देशीय वायु सेवाओं के लिये नये टर्मिनल से संचालन की बहुप्रतीक्षित शुरुआत हो चुकी है। कई बाधाओं को पार करने के उपरांत भारत के राष्ट्रीय कैरियर एयर इंडिया ने भी अपनी अन्तर्देशीय सेवा टी३ से ११ नवम्बर २०१० को आरंभ कर दी थी। दो अन्य वायु सेवाएं जेट एवं किंगफ़िशर नये टर्मिनल पर १४ नवम्बर २०१० से सभी अन्तर्देशीय सेवाएं दे रही हैं। टर्मिनल टी १डी केवल गो एयर एवं अन्य कम मूल्य वायु सेवाओं के लिये ही प्रयोग किया जा रहा है।टीएनएन, ११ नवम्बर २०१०, ०४००IST http://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/Decks-cleared-for-shifting-of-operations-to-T3/articleshow/6904159.cms डेक्स क्लियर्ड फ़ॉर शिफ़्ट ऑफ़ ऑपरेशन टू टी३ - द टाइम्स ऑफ इण्डिया Timesofindia.indiatimes.com ११ नवम्बर २०११ १८ नवम्बर २०११ https://web.archive.org/web/20161006020817/http://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/Decks-cleared-for-shifting-of-operations-to-T3/articleshow/6904159.cms 6 अक्तूबर 2016 live
हज टर्मिनल
वार्षिक मुस्लिम तीर्थयात्रा हज के समय, हज हेतु विशिष्ट उड़ानें चलती हैं, जो विश्व के अन्य क्षेत्रों को जा रहे यात्रियों के बीच व्यवधान से बचने हेतु इस पृथक टर्मिनल से चलायी जाती हैं। इस अंतराल में आ रहे अतिरिक्त यात्रियों को सेवा उपलब्ध कराने हेतु एक अलग टर्मिनल बनाया गया है, जहां उनके लिये पर्याप्त स्थान नियत रहता है। इस टर्मिनल की क्षमता १ करोड़ यात्री प्रति वर्ष है। इस टर्मिनल का प्रयोग प्रतिवर्ष हिजरी के अनुसार ईद उल फ़ितर के बाद दूसरे माह से लगभग दो माह तक के लिये होता है। वर्ष २०११ में यह २८ सितंबर से चालू हुए इस भवन को शेष दस माह में अन्य कार्यों के लिये प्रयोग करने की योजनाएं प्रगति पर हैं।
अप्रयोग टर्मिनल सुविधाएं
टर्मिनल १ए
thumb|टर्मिनल १ए एवं १सी का हवाई दॄश्य, २००६
टर्मिनल १ए का निर्माण १९९० के दशक के आरंभ में इंडियन एयरलाइंस की अन्तर्देशीय उड़ानों के प्रयोग हेतु ही किया गया था। कालांतर में हुए एक अग्नि काण्ड के पश्चात यहां की आंतरिक बनावट एवं सज्जा का पुनर्निर्माण किया गया। यहां के संचालक, डायल ने तब इस टर्मिनल का उन्नयन कार्य भी किया। अब यहां नयी चमक दमक के संग आधुनिक प्रसाधन कक्ष एवं अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। हालांकि भविष्य में ये सभी यहां नये विस्तृत टर्मिनल भवन के निर्माण के लिये हटायी जाएंगीं। इस नये टर्मिनल का निर्माण आगामी वर्षों में पूर्ण होने को है। इससे पूर्व ये टर्मिनल एयर इंडिया क्षेत्रीय द्वारा ११ नवम्बर २०१० तक नये टर्मिनल ३ को स्थानांतरित हो जाने तक प्रयोग किया जाता था। अब यह टर्मिनल बंद है और यहां की अन्तर्देशीय उड़ानें टर्मिनल १-डी को स्थानांतरित कर दी गयी हैं।
टर्मिनल १बी
अप्रैल २००९ से नये टर्मिनल १डी के आरंभ होने पर यह टर्मिनल बंद कर दिया गया है।
टर्मिनल २
१ मई १९८६ को ९५ करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए, टर्मिनल २ को फ़िल्हाल काफ़ी मरम्मत एवं अद्यतन आदि आवश्यकता है।अगस्त २०१० इन कार्यों के बारे में टर्मिनल ३ के उद्घाटन होने से पूर्व ही विचार कर लिया गया था। इन कार्यों में पूरे टर्मिनल भवन का रंग-रोगन किया गया है, पुरानी गहरे रंग की खिड़कियों आदि को नये शीशों से सज्जित किया गया है, फर्श पर नयी टाइल्स लगायी गई हैं, दीवारों एवं छतों पर नयी सतहें एवं फ़ाल्स सीलिंग्स आदि लगायी गई हैं, अधिक आप्रवास एवं उत्प्रवास पटल (इम्मिग्रेशन एवं ईमाइग्रेशन काउन्टर्स) बनाये गए हैं, नयी बैठने की सीटें लगायी गई हैं, नयी बैगेज बेल्ट्स, अधिक व्यापारिक लाउन्ज, खाद्य एवं रेस्टॉरेन्ट्स एवं ड्यूटी-मुक्त दुकानें बढ़ायी गई हैं। इनमें से कई नये टी३ पर स्थानांतरित कर दी गई हैं। टर्मिनल २ टी३ के साथ मिलकर ही सेवाएं देगा, जब तक कि नया टर्मिनल ४ नहीं तैयार हो जाता है। उसके तैयार हो जाने पर प्रस्तावित मास्टर प्लान के अनुसार इसे ध्वस्त कर दिया जायेगा। मास्टर प्लान डवलपमेन्टजून 2020 InternetArchiveBot । जीएमआर वेबसाइट वर्तमान में ये टर्मिनल प्रचालन से मुक्त है।
नियोजित टर्मिनल
टर्मिनल ६ एवं ५
आगे के चरणों में टर्मिनल ६ एवं ५ के निर्माण की भी योजना है। इनका निर्माण यातायात में वृद्धि को दृष्टि में रखकर किया जायेगा। एक बार इनके निर्माण सम्पन्न हो जाने पर, सभी अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानें इन पर स्थानांतरित कर दी जायेंगीं, एवं टी३ को पूर्णतया अन्तर्देशीय उड़ानों के लिये ही प्रयोग किया जायेगा। इनके अलावा एक नये कार्गो भवन की भी योजना है। दिल्ली इन्टरनेशनल एयरपोर्ट लि. (डायल) के अनुसार इन नये टर्मिनल्स के सहयोग से विमानक्षेत्र की वार्षिक यात्री क्षमता १० करोड़ तक पहुँच जायेगी।
कार्गो टर्मिनल
यहां का कार्गो टर्मिनल प्रबंधन मै. सेलेबी देल्ही कार्गो टर्मिनल मैनेजमेंट इण्डिया प्रा.लि. के पास है और ये सभी माल यातायात संबंधी प्रचालन देखता है। विमानक्षेत्र को २००७ में उत्कृष्ट एवं संगठित माल/कार्गो प्रणाली के लिये अन्तर्राष्ट्रीय सम्माण भी मिल चुका है। यह मुख्य टर्मिनल टी३ से लगभग १ कि.मी की दूरी पर स्थित है।
कनेक्टिविटी
thumb|दिल्ली विमानक्षेत्र एक्स्प्रेस ट्रेन
thumb|दिल्ली-गुड़गांव एक्स्प्रेसवे
रेल
मेट्रो
विमानक्षेत्र को मेट्रो रेल द्वारा आवागमन दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्स्प्रेस ट्रेन लाइन द्वारा मिलता है। यह लाइन २२.७ कि.मी की है और टर्मिनल ३ से भारतीय रेल के नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक २० मि. में पहुंचा देती है। किन्तु यह सेवा अस्थायी रूप से ८ अगस्त २०१२ से तकनीकी कारणों से बंद की गई है।एयरपोर्ट मेट्रो एक्स्प्रेस देल्ही https://web.archive.org/web/20120620014256/http://www.delhiairportexpress.com/home/index.html 20 जून 2012 जालस्थलएयरपोर्ट मेट्रो: रिलायंस और डीएमआरसी में विवाद https://web.archive.org/web/20120718225226/http://abpnews.newsbullet.in/ind/34-more/32405-2012-07-14-03-28-26 18 जुलाई 2012 । एबीपी न्यूज़। १४ जुलाई २०१२।
भारतीय रेल
भारतीय रेल का निकटतम रेलवे स्टेशन शाहबाद मुहम्मदपुर (SMDP) है। http://indiarailinfo.com/station/map/5424 शाहबाद मुहम्मदपुर रेलवे स्टेशन का उपग्रम चित्र – इण्डिया रेल इन्फ़ो – ए बिज़ी जंक्शन फ़ॉर ट्रैवलर्स एण्ड रेल एन्थुज़ियास्ट्स इण्डिया रेल इन्फ़ो २६ अप्रैल २०१० २४ जनवरी २०१२ https://web.archive.org/web/20120723041814/http://indiarailinfo.com/station/map/5424 23 जुलाई 2012 live इसके बाद निकटवर्ती बड़ा रेलवे स्टेशन है पालम रेलवे स्टेशन (PM)http://indiarailinfo.com/station/map/352?a=1 पालम/PM रेलवे स्टेशन उपग्रह चित्र – इण्डिया रेल इन्फ़ो - ए बिज़ी जंक्शन फ़ॉर ट्रैवलर्स एण्ड रेल एन्थुज़ियास्ट्स इण्डिया रेल इन्फ़ो २६ अप्रैल २०१० २४ जनवरी २०१२ https://web.archive.org/web/20130521062407/http://indiarailinfo.com/station/map/352?a=1 21 मई 2013 live
सड़क
विमानक्षेत्र आठ-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग ८ अर्थात् दिल्ली गुड़गांव एक्स्प्रेसवे से जुड़ा हुआ है।
डीटीसी द्वारा संचालित विशेष एयरपोर्ट सेवा में निम्न-तलीय (लो फ़्लोर) बसें नियमित रूप से विमानक्षेत्र के दोनों टर्मिनल्स एवं शहर के बीच संचालित होती हैं।
टर्मिनल से दिल्ली के विभिन्न एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के स्थानों के लिये मीटर वाली टैक्सी सेवा भी उपलब्ध रहती है। इनमें पूर्व-भुगतान वाली प्रीपेड टैक्सी सेवा भी उपलब्ध हैं।
फ़िक्स्ड बेस ऑपरेट्र्स (एफ़बीओ)
केटरर्स
एम्बैसेडर स्काई शेफ़
शेफ़ एयर
ताज-सैट्स
ओबेरॉय फ़्लाइट सर्विसेज़
स्काई गॉरमेट केटरिंग प्रा.लि.
क्लब वन एयर
फ़्रीडम एयर सर्विसेज़ प्रा.लि.
ईंधन प्रदाता
इण्डियन ऑयल स्काईटैंकिंग लि.
भारत स्टार्स सर्विसेज़ प्रा.लि.
ग्राउण्ड हैण्डलर्स
एन.ए.सी.आई.एल
सेलेबी ग्राउण्ड हैण्डलिंग देल्ही प्रा.लि.
कम्बाटा एविएशन
बी.डब्लु.एफ़.एस
घटना एवं दुर्घटनाएं
२५ जनवरी १९७० को, रॉयल नेपाल एयरलाइंस के फ़ॉकर एफ़२७-२०० (9N-AAR) ने काठमाण्डु, नेपाल से उड़ान भरने के बाद तेज अशांत हवाओं वाले भीषण तूफ़ान में फ़ंस जाने से, पालम विमानक्षेत्र के अंतिम आगमन क्षेत्र (फ़ाइनल एप्रोच तक डाउनड्राफ़्ट्स का सामना करना पड़ा। इस कारण पायलट का विमान पर से नियंत्रण खो गया एवं विमान रनवे से कुछ पहले ही क्रैश हो गया। ५ क्रू सदयों एवं १८ यात्रियों में से, एक क्रू सदस्य मारा गया।एविएशन सेफ़टी नेटवर्क https://web.archive.org/web/20110606073216/http://aviation-safety.net/database/record.php?id=19700125-1 6 जून 2011 । अभिगमन तिथि: २८ मई २००८
१४ जून १९७२ को जापान एयरलाइंस की उड़ान संख्या ४७१ पालम विमानक्षेत्र के बाहर ही क्रैश हो गयी। इसमें ८२ में से ८७ यात्री मारे गए; जिनमें ११ में से १० क्रू सदस्य एवं ७६ में से ७२ यात्री थे। इनके अलावा ३ व्यक्ति जमीन पर थे।१४ जून १९७२, डगलस डीसी-8-53 जापान एयरलाइंस - JAL एविएशन सेफ़टी नेटवर्क। अभिगमन तिथि: २३ मार्च २००९ https://web.archive.org/web/20110319033012/http://aviation-safety.net/database/record.php?id=19720614-1 19 मार्च 2011
३१ मई १९७३ को इण्डियन एयरलाइंस उड़ान 440 पालम विमानक्षेत्र पहुंचते हुए, यहां के वायु-अप्रोच क्षेत्र में ही क्रैश हो गयी। इसमें ६५ याट्रियों में से ४८ एवं सभी क्रू सदस्य काम आ गये।
७ मई १९९० को लंदन से आ रही एयर इंडिया की लंदन-दिल्ली-मुंबई मार्ग की उड़ान में बोइंग ७४७ विमान लंदन के हीथ्रो विमानक्षेत्र से उड़ान भरने के बाद दिल्ली पहुंचने पर इंदिरा गांधी विमानक्षेत्र में टच-डाउन किया। यहां विरोधी दबाव (रिवर्स थ्रस्ट) देते हुए उसने पाया कि विमान के पंख से जुड़ा इंजन-१ फ़ेल हो गया है। परिणामस्वरूप विमान का अग्रभाग (नोज़) नीचे झुक गया। इस कारण निकसित गर्म गैसों एवं वाष्प से बाएं पंख में आग लग गयी। विमान में २१५ लोग थे जिनमें से १९५ यात्री एवं २० क्रू सदय थे। सौभाग्यवश कोई हताहत नहीं हुआ, किन्तु विमान मरम्मत की सीमा से बाहर हो जाने से बेकार हो गया।एविएशन सेफ़टी https://web.archive.org/web/20090822230832/http://aviation-safety.net/database/record.php?id=19900507-0 22 अगस्त 2009
१२ नवम्बर १९९६ को विमानक्षेत्र १९९६ चरखी दादरी मार्ग मध्य भिडंत काण्ड का भागी बना। इसमें एक साउदिया वायुसेवा के बोइंग ७४७-१००बी विमान की टेक-ऑफ़ लेने के उपरांत उन्नयन करते हुए आगमन करते हुए एक फ़ैशन कंपनी द्वारा चार्टर किये गए एक एयर कज़ाखिस्तान के इल्यूशिन आईएल-७६ विमान से भिड़ंत हुई। इस काण्ड में दोनों विमानों के सभी ३४९ यात्रियों की मृत्यु हो गई।वन जेट इन क्रैश ओवर इण्डिया रूल्ड ऑफ़ कोर्स बर्न्स जॉन एफ़. ५ मई १९९७ द न्यू यॉर्क टाइम्स २४ मई २०१० http://www.nytimes.com/1997/05/05/world/one-jet-in-crash-over-india-ruled-off-course.html https://web.archive.org/web/20180303160858/http://www.nytimes.com/1997/05/05/world/one-jet-in-crash-over-india-ruled-off-course.html 3 मार्च 2018 live 28 जून 2024: सुबह-सुबह भारी बारिश के बीच टर्मिनल 1 की छत का एक हिस्सा खड़ी गाड़ियों पर गिर गया। एक व्यक्ति की मौत हो गई और 8 लोग घायल हो गए।
बड़ी घटनाएं
२५ जनवरी १९७० को, रॉयल नेपाल एयरलाइंस के फ़ॉकर एफ़२७-२०० (9N-AAR) ने काठमाण्डु, नेपाल से उड़ान भरने के बाद तेज अशांत हवाओं वाले भीषण तूफ़ान में फ़ंस जाने से, पालम विमानक्षेत्र के अंतिम आगमन क्षेत्र (फ़ाइनल एप्रोच तक डाउनड्राफ़्ट्स का सामना करना पड़ा। इस कारण पायलट का विमान पर से नियंत्रण खो गया एवं विमान रनवे से कुछ पहले ही क्रैश हो गया। ५ क्रू सदयों एवं १८ यात्रियों में से, एक क्रू सदस्य मारा गया।एविएशन सेफ़टी नेटवर्क https://web.archive.org/web/20110606073216/http://aviation-safety.net/database/record.php?id=19700125-1 6 जून 2011 । अभिगमन तिथि: २८ मई २००८
१४ जून १९७२ को जापान एयरलाइंस की उड़ान संख्या ४७१ पालम विमानक्षेत्र के बाहर ही क्रैश हो गयी। इसमें ८२ में से ८७ यात्री मारे गए; जिनमें ११ में से १० क्रू सदस्य एवं ७६ में से ७२ यात्री थे। इनके अलावा ३ व्यक्ति जमीन पर थे।१४ जून १९७२, डगलस डीसी-8-53 जापान एयरलाइंस - JAL एविएशन सेफ़टी नेटवर्क। अभिगमन तिथि: २३ मार्च २००९ https://web.archive.org/web/20110319033012/http://aviation-safety.net/database/record.php?id=19720614-1 19 मार्च 2011
३१ मई १९७३ को इण्डियन एयरलाइंस उड़ान संख्या ४४० पालम विमानक्षेत्र के अप्रोच क्षेत्र में क्रैश हो गयी थी, जिसमें ६५ में से ४८ यात्री एवं क्रू सदस्य मारे गए।
७ मई १९९० को लंदन- दिल्ली-मुंबई जा रहा एयर इण्डिया बोइंग ७४७, जिसमें २१५ लोग (१९५ याट्री एवं २० क्रू सदस्य) थे लंदन हीथ्रो विमानक्षेत्र से उड़ान भरने के बाद इंदिरा गांधी अं. विमानक्षेत्र पर टच डाउन किया। रिवर्स त्रस्ट लगाने पर बायें विंग से जुड़े इंजन सं.१ के फ़ेल हो जाने से उसे नोज़-लैण्डिंग करनी पड़ी। गर्म उत्सर्जित वाष्प के कारण बायें विंग में आग लग गयी। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ, किन्तु विमान मरम्मत की सीमा से बाहर हो जाने के कारण बेकार हो गया।Aviation Safety https://web.archive.org/web/20090822230832/http://aviation-safety.net/database/record.php?id=19900507-0 22 अगस्त 2009
१२ नवम्बर १९९६ को यह विमानक्षेत्र चरखी-दादरी वायु मध्य भिडंत में संलग्न रहा, जब साउदिया के एक बोइंग 747-100बी, उड़ान भरने के उपरांत ऊपर उठते हुए यहाम अवतरण के लिये तैयार एक एयर कज़ाखिस्तान के इल्यूशिन आईएल-७६ जो एक फ़ैशन कंपनी द्वारा चार्टर उड़ान थी, वायु मध्य में भिड़ गया, जिससे दोनों उड़ानों में सवार सभी ३४९ यात्री मारे गए। 28 जून 2024: सुबह-सुबह भारी बारिश के बीच टर्मिनल 1 की छत का एक हिस्सा खड़ी गाड़ियों पर गिर गया। एक व्यक्ति की मौत हो गई और 8 लोग घायल हो गए।
अन्य जानकारी
दिल्ली विमानक्षेत्र की संचालक कंपनी डायल (DIAL) से प्राप्त सूचना के अनुसार वय माइक्रोसॉफ़्ट के साथ मिलकर आगामी विंडोज़ ८ प्लेटफ़ॉर्म की संगत एप्लीकेशन लान्च करेगी। इससे उड़ानों की वास्तविक सूचना, मौसम की जानकारी, हवाई अड्डे पर यात्रियों के लिये उपलब्ध सभी सुविधाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध होगी। यहां ध्यानयोग्य है कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) संबंधी चुनौतियों के नियंत्रण तथा उससे निपटने को लेकर डायल को कुछ समय पूर्व ही आईएसओ 20000 प्रमाणपत्र मिला है।दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा का APPS विंडोज 8 पर शुरू https://web.archive.org/web/20130720070230/http://aajtak.intoday.in/story/Delhi-Airport-launches-Windows-8-apps-1-711773.html 20 जुलाई 2013 |आज तक। ३० अक्टूबर २०१२। भाषाजीएमआर देल्ही एयरपोर्ट एप्लीकेशन ऑन विंडोज़ 8 प्लैटफ़ॉर्म https://web.archive.org/web/20160313203556/http://articles.economictimes.indiatimes.com/2012-10-29/news/34798297_1_dial-ceo-application-sixth-airport 13 मार्च 2016 | द इकोनोमिक टाइम्स। २९ अक्टूबर २०१२
सन्दर्भ
2
बाहरी कड़ियाँ
Indira Gandhi International Airport इन्दिरा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र
http://www.newdelhiairport.in/
इन्दिरा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भाविप्रा के जालस्थल पर
जीएमआर समूह
देल्ही एयरपोर्ट डवलपमेण्ट
VIDP DAFIF
VIDP DAFIF
DEL
28 33 16 N 77 5 58 E title
श्रेणी:दिल्ली के विमानक्षेत्र
श्रेणी:दिल्ली में परिवहन
श्रेणी:दिल्ली की इमारतें
श्रेणी:दिल्ली में यातायात
श्रेणी:दिल्ली में पर्यटन स्थल
श्रेणी:इन्दिरा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र