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411 समाचार
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बिहार स्टेट पॉवर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड

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बिहार राज्य पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड BSPHCL.jpg सांविधिक बोर्ड 1958 पटना, भारत बिहार विद्युत उत्पादन, विद्युत प्रेषण, विद्युत वितरण विद्युत शक्ति अजय यादव, आईएएस (Chairman & Managing Director) Bihar State Power Holding Company Limited (BSPHCL) 14,850 (2012) https://www.bsphcl.co.in/ बिहार राज्य पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL), भारत के बिहार राज्य में कार्यरत एक राज्य-स्वामित्व वाली विद्युत विनियमन बोर्ड है। इसका नाम पहले 'बिहार राज्य बिजली बोर्ड' (या बीएसईबी) था। बिहार राज्य बिजली बोर्ड, 1958 में विद्युत (आपूर्ति) अधिनियम, 1948 के तहत एक सांविधिक निगम के रूप में स्थापित किया गया था। नवम्बर 2012 तक, बीएसईबी के लगभग 1700 अधिकारी और 14,850 कर्मचारी हैं। विद्युत जनन की क्षमता केवल 530 मेगावाट की है। बीएसईबी को 2 अगस्त, 2011 को अप्रभावी बनाया गया था।https://www.bhaskar.com/news/BIH-PAT-HMU-MAT-latest-patna-news-030003-379407-NOR.html पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन, बीएसईबी के पुनर्गठन के लिए मुख्य सलाहकार थे। बीएसईबी ने 1 नवंबर 2012 को 5 भागों में औपचारिक रूप से काम शुरू कर दिया-http://energy.bih.nic.in/docs/transfer-scheme-bseb.pdf vide Bihar State Electricity Reforms Transfer Scheme, 2012 vide notification 17 dated 30.10.2012. (reference: BERC tariff Order 15.03.2013) 4 नवंबर 2018 https://web.archive.org/web/20140904085126/http://energy.bih.nic.in/docs/Transfer-Scheme-BSEB.pdf 4 सितंबर 2014 deadhttps://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/replace-all-old-electric-wires-by-dec-2019-nitish/articleshow/66466828.cms Replace all old electric wires by December 2019: Nitish Kumar 4 नवंबर 2018 https://web.archive.org/web/20181121024144/https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/replace-all-old-electric-wires-by-dec-2019-nitish/articleshow/66466828.cms 21 नवंबर 2018 live बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड- BSPGCL (उत्पादन व्यवसाय), बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड -BSPTCL(संचरण व्यवसाय), उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड , दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड (वितरण व्यवसाय में दोनों), और बिहार राज्य पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (सर्वोच्च धारिता कम्पनी)। बिहार में तापविद्युत संयन्त्र 17 अप्रैल 2018 को, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बिहार राज्य कैबिनेट ने बरौनी थर्मल पावर स्टेशन, कांटी थर्मल पावर स्टेशन और नबीनगर सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट को एनटीपीसी लिमिटेड (राष्ट्रीय तापविद्युत निगम लिमिटेड) को सौंपने की मंजूरी दे दी।https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/bihar-to-hand-over-its-three-thermal-power-plant-to-ntpc/articleshow/63804187.cms Bihar to hand over its three thermal power plant to NTPC 20 अप्रैल 2018 https://web.archive.org/web/20180418023809/https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/bihar-to-hand-over-its-three-thermal-power-plant-to-ntpc/articleshow/63804187.cms 18 अप्रैल 2018 live बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के इंजीनियर और कर्मियों की सेवा बिजली कंपनी की संचरण और वितरण क्षेत्र के लिए ले ली जायेगी। जेनरेशन कंपनी बंद नहीं होगी। यह अब हाइडल और सोलर ऊर्जा उत्पादन इकाइयों पर केंद्रित होगी।https://www.prabhatkhabar.com/news/patna/story/1207961.html पटना : 14 वर्षों में साढ़े चार गुनी से ज्यादा बढ़ी बिजली की खपत, देखें आंकडे़ं 3 अक्तूबर 2018 https://web.archive.org/web/20181004103805/https://www.prabhatkhabar.com/news/patna/story/1207961.html 4 अक्तूबर 2018 dead प्रस्तावित लखीसराय के कजरा और भागलपुर के पीरपैंती सौर ऊर्जाघर (सोलर पावर प्लांट) एनटीपीसी के हवाले होगा।https://www.bhaskar.com/bihar/bhagalpur/news/kajra-pirapanti-powerhouse-will-be-transferred-to-ntpc-cabinet-will-send-proposal-024520-2676858.html कजरा-पीरपैंती बिजलीघर होगा एनटीपीसी के हवाले, कैबिनेट को भेजा जाएगा प्रस्ताव 3 अक्तूबर 2018 https://web.archive.org/web/20181004042948/https://www.bhaskar.com/bihar/bhagalpur/news/kajra-pirapanti-powerhouse-will-be-transferred-to-ntpc-cabinet-will-send-proposal-024520-2676858.html 4 अक्तूबर 2018 live बक्सर के चौसा बिजलीघर के लिए सतलज जल विद्युत निगम (एसजेवीएनएल) से समझौता किया गया, चौसा बिजलीघर के लिए एमओयू की अवधि 17 जनवरी, 2020 तक के लिए बढ़ा दी गई। बरौनी थर्मल पावर स्टेशन मुख्य लेख: बरौनी थर्मल पावर स्टेशन यूनिट क्रमांक 1, 2 और 3 में 15 एमडब्ल्यू प्रत्येक और 50 मेगावाट के यूनिट क्रमांक 4 और 5 को सेवानिवृत्त किया जाता है क्योंकि वे बहुत पुराने हैं। 110 मेगावाट की यूनिट 6 और 7 नवीकरण और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स द्वारा अनुरक्षण के रखरखाव के अधीन है, जो मूल रूप से इन दोनों इकाइयों के उपकरणों की आपूर्ति की थी। राष्ट्रीय सम विकास योजना के तहत भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के द्वारा करीब छह सौ करोड़ रुपये की लागत से बरौनी थर्मल की 110 मेगावाट क्षमता वाली छठी और सातवीं इकाई का आधुनिकीकरण व नवीनीकरण किया जा रहा है।https://www.jagran.com/bihar/begusarai-opposition-to-sell-barauni-thermal-to-ntpc-17139590.html बरौनी थर्मल को एनटीपीसी के हाथों बेचने का विरोध 6 दिसंबर 2017 https://web.archive.org/web/20171206153754/https://www.jagran.com/bihar/begusarai-opposition-to-sell-barauni-thermal-to-ntpc-17139590.html 6 दिसंबर 2017 live वर्ष 2006 में बंद पड़े बरौनी थर्मल में सातवीं इकाई का वर्ष 2010 में तथा छठी इकाई का जीर्णोद्धार कार्य वर्ष 2012 में शुरू किया गया था। अभी तक मात्र सातवीं इकाई का कार्य किसी तरह पूरा किया गया है। बरौनी न्यू एक्सटेंशन प्रोजेक्ट का काम वर्ष 2011 में शुरू हुआ था। विस्तार योजना में 250 मेगावाट क्षमता का दो यूनिट आठवी और नौवीं का निर्माण कार्य भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के द्वारा वर्ष 2014 में पूरा किया जाना था। इस संयंत्र में 500 मेगावाट (2x250 मेगावाट) की नई क्षमता बढ़ाने की योजना है। मार्च 2013 में, केंद्र सरकार ने बारूनी थर्मल पावर प्लांट को कोयला लिंकेज प्रदान करने का आश्वासन दिया। कांटी थर्मल पावर स्टेशन मुख्य लेख: कांटी थर्मल पावर स्टेशन कांटी थर्मल पावर स्टेशन भी जॉर्ज फ़र्नान्डिस थर्मल पावर प्लांट स्टेशन (जीएफटीपीएस) के रूप में जाना जाता है।http://www.jagran.com/bihar/patna-city-another-step-in-the-electric-field-enhanced-by-bihar-read-12686204.html बिजली के क्षेत्र में बिहार ने बढ़ाया एक और कदम, पढ़ें 25 नवंबर 2017 https://web.archive.org/web/20171201030317/http://www.jagran.com/bihar/patna-city-another-step-in-the-electric-field-enhanced-by-bihar-read-12686204.html 1 दिसंबर 2017 livehttp://www.jagran.com/bihar/muzaffarpur-flood-16575630.html संग्रहीत प्रति 25 नवंबर 2017 https://web.archive.org/web/20171201035248/http://www.jagran.com/bihar/muzaffarpur-flood-16575630.html 1 दिसंबर 2017 live बिहार के भारतीय राज्य की राजधानी, पटना से 90 किमी दूर काँटी मुजफ्फरपुर में स्थित है। यह कांटी बिजली उत्पाद निगम लिमिटेड (केबीबीएनएल) द्वारा संचालित है,https://hindi.news18.com/news/bihar/patna-electricity-connection-to-all-by-december-2017-says-nitish-kumar-1176708.html संग्रहीत प्रति 25 नवंबर 2017 https://web.archive.org/web/20171201041320/https://hindi.news18.com/news/bihar/patna-electricity-connection-to-all-by-december-2017-says-nitish-kumar-1176708.html 1 दिसंबर 2017 dead जो एनटीपीसी और बीएसईबी पटना के बीच एक संयुक्त उद्यम है। एनटीपीसी के 64.57% और बीएसईबी 35.43% के साथ संयुक्त उद्यम कंपनी के बहुतांश शेयर हैं। संयंत्र 2003 के बाद से कार्यात्मक नहीं रहा है, हालांकि 2013 के अंत तक तीन सफल परीक्षण चलाने ने बिजली के वाणिज्यिक उत्पादन का मार्ग प्रशस्त किया है। नवंबर 2013 में नीतीश कुमार ने कहा कि कांटी में एक और 500 एमडब्ल्यू बिजली संयंत्र स्थापित किया जाएगा। 195 मेगावाट की पहली इकाई बीएचईएल द्वारा मार्च 2015 में 2x195 मेगावाट के संयंत्र में चालू की गई थी। 13 जून 2016 को 2 X 195 मेगावाट की दूसरी इकाई चालू की गई थी। मुजफ्फरपुर थर्मल पावर स्टेशन की मौजूदा क्षमता 610 मेगावाट है। एनटीपीसी बाढ़ मुख्य लेख: एनटीपीसी बाढ़ एनटीपीसी बाढ़ पटना जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग -31 पर बारह सब-डिवीजन के पूर्व में केवल चार किलोमीटर पूर्व में स्थित है। इस परियोजना को मेगा पावर प्रोजेक्ट नाम दिया गया है, और इसका स्वामित्व भारतीय ऊर्जा कंपनी नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन है। बीएचईएल द्वारा निर्मित 1,320 मेगावाट (2x660 मेगावाट) बार चरण -2 परिचालन चालू है जबकि रूसी फर्म टेक्नोप्रोमक्सपोर्ट (टीपीई) द्वारा 1,980 मेगावाट (3x660 मेगावॉट) बार चरण -1 का निर्माण किया जा रहा है। एनटीपीसी औरंगाबाद मुख्य लेख: एनटीपीसी औरंगाबाद नबीनगर सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट बिहार के औरंगाबाद जिले के नबीनगर तालुक में माजियान और अंकोरा गांवों में स्थित एक कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट है। इसे 1989 में बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री सत्येंद्र नारायण सिन्हा ने संकल्पित किया था, जिन्होंने प्रस्ताव स्थापित करने का प्रस्ताव भेजा था। बिहार के औरंगाबाद जिले के नबीनगर में भारत के तत्कालीन प्रधान मंत्री राजीव गांधी के लिए एनटीपीसी की सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट; लेकिन परियोजना कमजोर हो गई क्योंकि निम्नलिखित राज्य सरकारें इसका पालन करने में नाकाम रहीं। 2007 में, मनमोहन सिंह की सरकार ने आखिरकार मंजूरी का टिकट लगाया। पावर प्लांट का स्वामित्व नबीनगर पावर जेनरेटिंग कंपनी हैhttps://www.livemint.com/Companies/1pULjL5yjTxVvPBlDGlcPN/NTPC-to-take-over-Kanti-Nabinagar-JV-plants-for-Rs3000-cro.html NTPC to take over Kanti, Nabinagar JV plants for Rs3,000 crore 22 अप्रैल 2018 https://web.archive.org/web/20180422132825/https://www.livemint.com/Companies/1pULjL5yjTxVvPBlDGlcPN/NTPC-to-take-over-Kanti-Nabinagar-JV-plants-for-Rs3000-cro.html 22 अप्रैल 2018 livehttps://economictimes.indiatimes.com/industry/energy/power/ntpc-to-take-over-kanti-nabinagar-jv-plants/articleshow/63253971.cms NTPC to take over Kanti, Nabinagar JV plants 22 अप्रैल 2018 https://web.archive.org/web/20180422132729/https://economictimes.indiatimes.com/industry/energy/power/ntpc-to-take-over-kanti-nabinagar-jv-plants/articleshow/63253971.cms 22 अप्रैल 2018 live - शुरुआत में एनटीपीसी लिमिटेड और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के बीच 50:50 संयुक्त उद्यम।http://hindi.business-standard.com/storypage.php?autono=140186 एनटीपीसी को बिजलीघर देगा बिहार 22 अप्रैल 2018 https://web.archive.org/web/20180612142817/http://hindi.business-standard.com/storypage.php?autono=140186 12 जून 2018 dead नबीनगर संयंत्र में 4380 मेगावॉट (660 मेगावाट एक्स 6) की क्षमता होगी। शुरुआत में परियोजना की पीढ़ी की क्षमता 3960 मेगावॉट थी, लेकिन 2016 में उत्पादन क्षमता 4380 मेगावाट तक बढ़ी थी। एनटीपीसी कहलगांव मुख्य लेख: एनटीपीसी कहलगांव कहलगांव में एनटीपीसी के सुपर थर्मल पावर प्लांट का काम 1985 में शुरू हुआ था।http://thewirehindi.com/45442/ntpc-kahalgaon-pollution-bhagalpur-bihar-govt/ क्या एनटीपीसी कहलगांव बिहार का ‘स्टरलाइट’ बनता जा रहा है? 8 जून 2018 https://web.archive.org/web/20180612143800/http://thewirehindi.com/45442/ntpc-kahalgaon-pollution-bhagalpur-bihar-govt/ 12 जून 2018 dead मार्च 1992 में 210 मेगावाट क्षमतावाली पहली यूनिट का संचालन शुरू हुआ। धीरे-धीरे इसकी क्षमता में इज़ाफ़ा होता गया। संयंत्र की कुल स्थापित क्षमता 2340 मेगावाट है। प्लांट में बिजली उत्पादन के लिए रोजाना 35 हज़ार से 50 हज़ार टन कोयले का इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी आपूर्ति झारखंड स्थित राजमहल कोल माइन से की जाती है। प्लांट से हर साल करीब 65 लाख टन फ्लाई ऐश निकलता है। फ्लाई ऐश में सिलिका, एल्युमिना, पारा और आयरन होते हैं। इन्हें भी देखें पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत बोर्ड महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड सन्दर्भ 2 बाहरी कड़ियाँ पदस्थापन श्रेणी:भारत की विद्युत कंपनियां श्रेणी:भारत में विद्युत वितरण एवं व्यापार