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त्रिलोकपुर मंदिर
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त्रिलोकपुर मंदिर Trilokpur temple Ma Trilokpur Devi Temple (as seen from side).jpg भगवती त्रिपुर बाला सुन्दरी मन्दिर India Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश में स्थिति 30.54035 N 77.20855 E type:landmark_region:IN inline,title हिमाचल प्रदेश सिरमौर ज़िला त्रिलोकपुर ग्राम (नाहन से लगभग 24 किमी दूर) दुर्गा माता सन् 1573 सिरमौर राजघराना व लाला राम दास (स्थानीय व्यापारी)
त्रिलोकपुर मंदिर (Trilokpur temple) भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य के सिरमौर ज़िले के त्रिलोकपुर ग्राम में स्थित एक हिन्दू मन्दिर है। यह नाहन नगर से लगभग 24 किमी दूर है और 430 m ft की ऊँचाई पर एक पहाड़ी पर स्थित है। इस क्षेत्र में एक त्रिकोण के तीन कोनों पर स्थित दुर्गा के तीन मन्दिर हैं, जिनमें उन देवी के अलग-अलग स्वरूप विराजमान हैं। त्रिलोकपुर में स्थित मुख्य मन्दिर में भगवती त्रिपुर बाला सुन्दरी का मन्दिर है, जिसमें दुर्गा का बालावस्था का रूप है। यहाँ से 3 किमी दूर भगवती ललिता देवी का मन्दिर है और 13 किमी पश्चिमोत्तर में तीसरा मन्दिर है।"Himachal Pradesh, Development Report, State Development Report Series, Planning Commission of India, Academic Foundation, 2005, ISBN 9788171884452"Himachal Pradesh District Factbook," RK Thukral, Datanet India Pvt Ltd, 2017, ISBN 9789380590448http://www.census2011.co.in/data/town/800131-nahan.html Census2011 Nahan Population Census 2011 2 June 2016 https://web.archive.org/web/20160624045117/http://www.census2011.co.in/data/town/800131-nahan.html 24 जून 2016 dead भगवती बाला सुंदरी का यह मंदिर पिछले कुछ दशकों से बहुत अधिक विख्यात हुआ है। हिमाचल प्रदेश के प्रमुख मंदिरों जैसे चिंतपूर्णी, नैना देवी, ज्वाला देवी, कांगड़ा, चामुण्डा और बगलामुखी आदि मंदिरों से भी ज्यादा श्रद्धालु नवरात्र मे यहां दर्शन करने आते हैं। इसी तरह का अन्य प्रसिद्ध मंदिर शाकम्भरी देवी का है जो उत्तर प्रदेश के सहारनपुर मे स्थित है यहाँ भी लाखों की भीड़ नवरात्र मे उमडती है।मई 2022
इतिहास
मान्यता है कि सन् 1570 में राम दास नामक एक स्थानीय व्यापारी ने एक नमक की बोरी खरीदी, जिसमें एक पिण्डी पाया गया। यह देवी माँ के बालसुन्दरी जी रूप का प्रतीक एक पवित्र पत्थर था। लाला राम दास बोरी से नमक बेचते रहे, लेकिन बोरी भरी की भरी ही रही। फिर देवी राम दास को एक स्वप्न में प्रकट हुई। उन्होंने राम दास को बताया कि कैसे वे देवबन से अदृश्य हुई थीं और उसे इस पिण्डी स्वरूप को लेकर त्रिलोकपुर में एक मन्दिर बनाकर स्थापित करते का आदेश दिया। यहाँ उन्होंने महामाया बालासुन्दरी को समर्पित पूजा का आदेश दिया, जो माता वैष्णो देवी का बाल स्वरूप हैं।मई 2022
लाल राम दास के पास मन्दिर बनवाने के लिए पर्याप्त घन नहीं था, इसलिए वे सिरमौर राज्य के राजा के पास पैसा मांगने गए, जो उन्हें दे दिया गया। राम दास ने मन्दिर निर्माण आरम्भ करा और उसी वर्ष जयपुर से संगमरमर का मन्दिर बनवाने के लिए निपुण कारीगर बुलवाए। मन्दिर सन् 1573 में बनकर पूरा हुआ और देवी बाल सुन्दरी को समर्पित कर दिया गया। यहाँ राजघराने ने भी पूजा करनी आरम्भ कर दी। सन् 1823 में महाराज फतेह प्रकाश और फिर 1851 में महाराज रघुबीर प्रकाश ने मन्दिर की मरम्मत करवाई।मई 2022
इन्हें भी देखें
दुर्गा
नाहन
सिरमौर ज़िला
सन्दर्भ
श्रेणी:दुर्गा मंदिर
श्रेणी:हिमाचल प्रदेश में हिन्दू मंदिर
श्रेणी:सिरमौर ज़िले में स्थापत्य