411 REFERENCE · Wikipedia
रक्त स्कंदन
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
रक्त स्कंदन रक्त की वह प्रक्रिया होती है जिसके द्वारा वह द्रव की अवस्था से अर्ध-ठोस (जेल) की अवस्था में चला जाता है और एक जमावड़ा या थक्का बना लेता है। यह रक्तस्तम्भन के लिए आवश्यक है जिसमें घाव लगी हुई किसी रक्त-वाहिका से खून का बहाव रोका जाता है। स्कंदन के लिए रक्त के बिम्बाणु (प्लेटलेट) सक्रीय होकर एक-दूसरे से चिपकने लगते हैं और साथ-साथ फ़ाइब्रिन भी जमा करा जाता है। यदि स्कंदन ठीक से न हो तो घाव से रक्त बहता रहता है जो प्राणी के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है (या मृत्यु का कारण भी बन सकता है)। यदि यह स्कंदन किसी मुख्य रक्त-वाहिका में अकारण हो जाए तो रक्त-बहाव को बाधित करता है। यह विकृत प्रक्रिया थ्रोम्बोसिस कहलाती है और यह भी हानिकारक या जानलेवा हो सकती है।David Lillicrap; Nigel Key; Michael Makris; Denise O'Shaughnessy (2009). Practical Hemostasis and Thrombosis. Wiley-Blackwell. pp. 1–5. ISBN 1-4051-8460-4.Schmaier, Alvin H.; Lazarus, Hillard M. (2011). Concise guide to hematology. Chichester, West Sussex, UK: Wiley-Blackwell. p. 91. ISBN 978-1-4051-9666-6.
रक्त स्कंदन फाइब्रिनोजेन नामक एंज़ाइम केद्वारा होता है। रक्त का थक्का बनाने में सोडियम आयन सहायक होता है। सोडियम की ++ आयनिक क्षमता अधिक होती है जिस वजह से यह रक्त का स्कंदन में तथा निर्जलीकरण में सहायक होता है।
सन्दर्भ
*
स्कंदन