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महाधमनी विच्छेदन
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महाधमनी विच्छेदन AoDissekt scheme StanfordB en.png महाधमनी के अवरोही भाग का विच्छेदन, जो बायीं सबक्लेवियन धमनी से शुरू होकर उदर की महाधमनी तक फैलता है। आरोही महाधमनी और महाधमनी चाप इस चित्र में शामिल नहीं हैं। संवहनी शल्य चिकित्सा, हृदय वक्ष शल्य चिकित्सा छाती या पीठ में अचानक और तीव्र दर्द, उल्टी, पसीना आना, चक्कर आनानिएनबेर सी॰ए॰ क्लाउ आर॰ई॰ Management of acute aortic dissection https://archive.org/details/sim_the-lancet_the-lancet_february-28-march-6-2015_385_9970/page/800 तीव्र महाधमनी विच्छेदन का प्रबंधन द लांसेट 28 फ़रवरी 2015 385 9970 800–811 25662791 10.1016/s0140-6736(14)61005-9 34347018 अंग्रेज़ीवाइट ए॰ ब्रोडर जे॰ मांडो-वैंड्रिक जे॰ वेंडेल जे॰ क्रो जे॰ Acute aortic emergencies—part 2: aortic dissections https://archive.org/details/sim_advanced-emergency-nursing-journal_january-march-2013_35_1/page/28 तीव्र महाधमनी आपात स्थिति—भाग 2: महाधमनी विच्छेदन एडवांस्ड इमरजेंसी नर्सिंग जर्नल 2013 35 1 28–52 23364404 10.1097/tme.0b013e31827145d0 अंग्रेज़ी पक्षाघात, मेसेन्टेरिक इस्किमिया, मायोकार्डिअल इस्किमिया, महाधमनी का फटना अचानक उच्च रक्तचाप, मार्फन संलक्षण, टर्नर सिंड्रोम, द्विकपर्दी महाधमनी वाल्व, पूर्व हृदय शल्य चिकित्सा, गंभीर आघात, धूम्रपानक्रिएडो एफ़॰जे॰ Aortic dissection: a 250-year perspective महाधमनी विच्छेदन: एक 250-वर्षीय परिप्रेक्ष्य टेक्सास हार्ट इंस्टीट्यूट जर्नल 38 6 694–700 2011 22199439 3233335 अंग्रेज़ी मेडिकल इमेजिंग रक्तचाप नियंत्रण, धूम्रपान निषेध प्रकार पर निर्भर उपचार के बिना मृत्यु दर: टाइप बी में 10 प्रतिशत, टाइप ए में 50 प्रतिशत प्रति वर्ष 100,000 में 3 मामले frameless|upright=1.36|महाधमनी विच्छेदन का वीडियो विवरण
महाधमनी विच्छेदन (अंग्रेज़ी: Aortic Dissection या ए॰डी॰) एक गंभीर चिकित्सीय स्थिति है जिसमें महाधमनी की सबसे भीतरी परत के क्षतिग्रस्त होने से रक्त उसकी दीवार की परतों के बीच बहने लगता है, जिससे ये परतें एक-दूसरे से अलग हो जाती हैं। अधिकांश मामलों में, इसके मुख्य लक्षण के रूप में छाती या पीठ में अचानक और तीव्र दर्द होता है, जिसे अक्सर फटने या चीरने जैसी पीड़ा के रूप में वर्णित किया जाता है। इसके अतिरिक्त, रोगियों में उल्टी, पसीना आना और चक्कर आने जैसी समस्याएँ भी उत्पन्न हो सकती हैं। शरीर के अन्य अंगों में रक्त की आपूर्ति बाधित होने से अन्य गंभीर जटिलताएँ भी हो सकती हैं, जैसे कि स्ट्रोक, पैरों में रक्त की कमी या आंतों में रक्त प्रवाह का रुकना। महाधमनी विच्छेदन के कारण हृदय में अपर्याप्त रक्त प्रवाह या महाधमनी के पूर्ण रूप से फट जाने से रोगी की शीघ्र मृत्यु भी हो सकती है।
कारण और निदान
यह स्थिति उन लोगों में अधिक पाई जाती है जिनका उच्च रक्तचाप का इतिहास रहा हो, या जो ऐसी संयोजी ऊतक बीमारियों से पीड़ित हों जो रक्त वाहिकाओं की दीवार को कमजोर करती हैं (जैसे मार्फन संलक्षण और एहलर्स डैनलोस संलक्षण)। इसके अतिरिक्त, जन्मजात द्विकपर्दी महाधमनी वाल्व की स्थिति या पूर्व में हुई हृदय शल्य चिकित्सा भी इसका खतरा बढ़ा देती है। गंभीर आघात, धूम्रपान, कोकेन का उपयोग, गर्भावस्था, थोरैसिक महाधमनी धमनीविस्फार , धमनियों में सूजन और असामान्य लिपिड स्तर भी इसके बढ़ते जोखिम से जुड़े हैं।
लक्षणों के आधार पर जब इस स्थिति का संदेह होता है, तो विच्छेदन की पुष्टि और उसके विस्तार के मूल्यांकन के लिए मेडिकल इमेजिंग तकनीकों जैसे कि सी॰टी॰ स्कैन, एम॰आर॰आई॰ या अल्ट्रासाउंड का उपयोग किया जाता है। इसे मुख्य रूप से दो प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है: स्टैनफोर्ड टाइप ए, जिसमें महाधमनी का प्रारंभिक भाग शामिल होता है, और स्टैनफोर्ड टाइप बी, जिसमें आरोही महाधमनी अप्रभावित रहती है।
रोकथाम और उपचार
रक्तचाप को नियंत्रित रखकर और धूम्रपान से परहेज करके इस स्थिति की रोकथाम की जा सकती है। ए॰डी॰ का उपचार इस बात पर निर्भर करता है कि महाधमनी का कौन सा हिस्सा प्रभावित हुआ है। जिन विच्छेदनों में महाधमनी का प्रारंभिक भाग शामिल होता है, उनमें आमतौर पर तत्काल सर्जरी की आवश्यकता होती है। यह शल्य चिकित्सा या तो ओपन-चेस्ट की जा सकती है या एंडोवास्कुलर तकनीक द्वारा।
जिन मामलों में केवल महाधमनी का अवरोही भाग प्रभावित होता है, उन्हें आमतौर पर रक्तचाप और हृदय गति को कम करने वाली दवाओं के माध्यम से प्रबंधित किया जा सकता है, बशर्ते कोई ऐसी जटिलता न हो जिसके लिए चिकित्सकीय हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़े। ऐसी जटिलताओं में महाधमनी से बाहर रक्त का रिसाव होना, या विच्छेदन के कारण अंगों तक रक्त पहुँचाने वाली धमनियों में रुकावट आना शामिल है।मुसा फ़िरास एफ़॰ कौगियास पैनोस Management of Acute Type B Aortic Dissection एक्यूट टाइप बी महाधमनी विच्छेदन का प्रबंधन न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन 4 सितम्बर 2025 393 9 895–905 10.1056/NEJMra2405257 40902163 अंग्रेज़ी
इतिहास
महाधमनी विच्छेदन अपेक्षाकृत एक दुर्लभ स्थिति है, जिसकी अनुमानित दर प्रति 1,00,000 लोगों पर 3 मामले प्रति वर्ष है। महिलाओं की तुलना में यह पुरुषों में अधिक आम है। निदान के समय रोगियों की औसत आयु 63 वर्ष होती है, जबकि लगभग 10 प्रतिशत मामले 40 वर्ष की आयु से पहले देखे जाते हैं। बिना उपचार के, 'स्टैनफोर्ड टाइप ए' विच्छेदन वाले लगभग आधे रोगियों की तीन दिनों के भीतर मृत्यु हो जाती है, और 'स्टैनफोर्ड टाइप बी' विच्छेदन वाले लगभग 10 प्रतिशत रोगी एक महीने के भीतर मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं।
महाधमनी विच्छेदन का पहला ज्ञात मामला वर्ष 1760 में ग्रेट ब्रिटेन के राजा जॉर्ज द्वितीय की मृत्यु के बाद उनके शव परीक्षण (पोस्टमार्टम) में वर्णित किया गया था। इसके उपचार के लिए शल्य चिकित्सा की शुरुआत 1950 के दशक में हृदय शल्य चिकित्सक माइकल ई॰ डिबेकी द्वारा की गई थी।
इन्हें भी देखें
महाधमनीशोथ
उद:शूल
जन्मजात हृदय रोग
संदर्भ
श्रेणी:चिकित्सा
श्रेणी:हृदय रोग
श्रेणी:मृत्यु के कारण
श्रेणी:चिकित्सा आपातकाल