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लाप्लास रूपान्तर
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right|thumb|300px|टाइम डोमेन और फ्रेक्वेन्सी डोमेन
लाप्लास रूपान्तर (Laplace transform) एक प्रकार का समाकल रूपान्तर (integral transform) है। यह भौतिकी एवं इंजीनियरी के अनेकानेक क्षेत्रों में प्रयोग किया जाता है। उदाहरण के लिए परिपथ विश्लेषण में। इसको से निरूपित करते हैं। यह एक रैखिक संक्रिया है जो वास्तविक अर्गुमेन्ट t (t ≥ 0) वाले फलन f(t) को समिश्र अर्गुमेन्ट वाले फलन F(s) में बदल देता है।
लाप्लास रूपान्तर, प्रसिद्ध गणितज्ञ खगोलविद पिएर सिमों लाप्लास के नाम पर रखा गया है। लाप्लास रूपान्तर का उपयोग अवकल समीकरण तथा समाकल समीकरण (इंटीग्रल इक्वेशन) हल करने में किया जाता है।
परिभाषा
अनुबन्ध यह है कि उपरोक्त समाकलन का अस्तित्व हो।
उपरोक्त प्रकार से परिभाषित लाप्लास रूपान्तर 'एकपक्षीय लाप्लास रूपान्तर' कहलाता है। लाप्लास रूपान्तर का द्विपक्षीय रूपान्तर निम्नलिखित प्रकार से पारिभाषित किया जाता है-
गुण
रैखिकता
अवकलन
समाकलन
द्वैत
आवृत्ति विस्थापन
समय विस्थापन
टिप्पणी: का अर्थ है यूनिट स्टेप फलन
समय के n-घात से गुणा
संवलन (कॉन्वोलुशन)
p आवर्तकाल वाले एक आवर्ती फलन का लाप्लास रूपान्तर
प्रारम्भिक मान प्रमेय
अन्तिम मान प्रमेय
प्रमुख फलनों के लाप्लास रूपान्तर
फलन समय डोमेन लाप्लास s-डोमेन अभिसरण क्षेत्र (Region of convergence) सन्दर्भ यूनिट इम्पल्स inspection delayed impulse time shift ofunit impulse unit step Re(s) > 0 integrate unit impulse delayed unit step Re(s) > 0 time shift ofunit step ramp Re(s) > 0 integrate unitimpulse twice nth power (for integer n) Re(s) > 0 (n > −1) Integrate unitstep n times qth power (for complex q) Re(s) > 0 Re(q) > −1 Mathematical Handbook of Formulas and Tables (3rd edition), S. Lipschutz, M.R. Spiegel, J. Liu, Schuam's Outline Series, p.183, 2009, ISBN 978-0-07-154855-7 - provides the case for real q.http://mathworld.wolfram.com/LaplaceTransform.html https://web.archive.org/web/20130130223153/http://mathworld.wolfram.com/LaplaceTransform.html 30 जनवरी 2013 - Wolfram Mathword provides case for complex q nth root Re(s) > 0 Set q = 1/n above. nth power with frequency shift Re(s) > −α Integrate unit step,apply frequency shift delayed nth power with frequency shift Re(s) > −α Integrate unit step,apply frequency shift,apply time shift exponential decay Re(s) > −α Frequency shift ofunit step two-sided exponential decay −α < Re(s) < α Frequency shift ofunit step exponential approach Re(s) > 0 Unit step minusexponential decay sine Re(s) > 0 Bracewell 1978 227 cosine Re(s) > 0 Bracewell 1978 227 hyperbolic sine Re(s) > |α| Williams 1973 88 hyperbolic cosine Re(s) > |α| Williams 1973 88 exponentially decaying sine wave Re(s) > −α Bracewell 1978 227 exponentially decaying cosine wave Re(s) > −α Bracewell 1978 227 natural logarithm Re(s) > 0 Williams 1973 88 Bessel function of the first kind, of order n Re(s) > 0 (n > −1) Williams 1973 89 Error function Re(s) > 0 Williams 1973 89Explanatory notes:
u(t) represents the Heaviside step function.
represents the Dirac delta function.
Γ(z) represents the Gamma function.
γ is the Euler–Mascheroni constant.
t, एक वास्तविक संख्या है जो मोटे तौर पर "समय" को निरूपित करती हैकिन्तु t कोई भी स्वतंत्र राशि हो सकती है।
s is the complex angular frequency, and Re(s) is its real part.
α, β, τ, and ω are real numbers.
n is an integer.
प्रतिलोम लाप्लास रूपान्तर
प्रतिलोम लाप्लास रूपान्तर (inverse Laplace transform) नीचे दिए गए समिश्र समाकल द्वारा निकाला जा सकता है। इस समाकल के कई नाम हैं, जैसे ब्रोमविच समाकल (Bromwich integra), फुर्ये-मेलिन समाकल (Fourier–Mellin integral) या मेलिन का प्रतिलोम सुत्र (Mellin's inverse formula):
जहाँ γ एक वास्तविक संख्या है ताकि समाकल का कन्टूर-पथ कन्वर्जेन्स के क्षेत्र F(s) के अन्दर हो। प्रतिलोम लाप्लास रूपान्तर निकालने का एक दूसरा सूत्र पोस्ट का प्रतिलोम सूत्र (Post's inversion formula) है।
उपयोग
उदाहरण १: किसी अवकल समीकरण का हल निकालना
नाभिकीय भौतिकी में जरेडियोसक्रिय क्षय को अभिव्यक्त करने वाला अवकल समीकरण नीचे दिया गया है। किसी नमूने में रेडियोसक्रिय परमाणुओं की संख्या N है तथा इसके क्षय की दर N के समानुपाती होती है। इसी को निम्नलिखित अवकल समीकरण द्वारा अभिव्यक्त किया जा सकता है-
जहाँ λ, क्षय नियतांक (decay constant) है। इस समीकरण का हल लाप्लास रूपान्तर की सहायता से निकाला जा सकता है।
इस समीकरण को एक ही पक्ष (side) में ले जाकर लिखने पर,
अब हम इस समीकरण के दोनों पक्षों का लाप्लास रूपान्तर लेते हैं।
जहाँ
तथा
इसका हल करने पर,
अन्त में हम प्रतिलोम लाप्लास रूपान्तर लेते हें जिससे सामान्य हल प्राप्त होता है।
s-डोमेन में तुल्य परिपथ और प्रतिबाधाएँ
क्षणिक परिपथों के विश्लेषण में प्रायः लाप्लास रूपान्तर का उपयोग किया जाता है। इसके लिए परिपथ के अवयवों को s-डोमेन में बदलकर काम को आगे बढ़ाते हैं। नीचे तुल्य परिपथ दिए गये हैं-
alt=s-domain equivalent circuits|centre|frameless|400x400px|s-डोमेन तुल्य परिपथ
अनुप्रयोग : दो लूप वाले एक परिपथ की क्षणिक अनुक्रिया (रिस्पॉन्स)
right|371x371px|thumb|दो लूप वाला एक परिपथ
पार्श्व चित्र को देखें जिसमें दो लूप हैं। इनमें बहने वाली धारा तथा चित्र में दर्शायी गयी हैं। माना तथा के आरम्भिक मान शून्य हैं, अर्थात् और । किरखॉफ के नियम के अनुसार,
(1)
(2)
चित्र से स्पष्ट है कि ,
(समीकरण (2) को 2 से भाग देने पर)
इन पर लाप्लास रूपान्तर लगाने पर,
या,
या,
इसका हल निम्नलिखित है:
अतः,
ध्यान दें कि अतः हम केवल की गणना ही करेंगे।
इससे,
चूंकि , अतः
सन्दर्भ
इन्हें भी देखें
फुर्ये रूपान्तर
जेड रूपान्तर (Z-transform)
अंतरण प्रकार्य (transfer function)
बाहरी कड़ियाँ
श्रेणी:समाकलनी रूपान्तर