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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

धनु

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धनु वैदिक काल की हिन्दू लम्बाई मापन की इकाई है। एक धनु बराबर होता है दो दण्ड के। पांच धनु से एक रज्जु बनता है। विष्णु पुराण अनुसार 4 हस्त= एक धनुष या दण्ड 2 धनुष/दण्ड= एक नाड़िका == परिमाण == विष्णु पुराण के अनुसार मानव हस्त परिमाण इस प्रकार हैं:- अंगुष्ठ से दूरी (दांये चित्र में देखें) तर्जनी तक=प्रदेश मध्यमा तक=नाल अनामिका तक=गोकर्ण कनिष्ठिका तक= वितस्ति = 12 अंगुल (वायु पुराण के अनुसार एक अंगुल, अंगुली की एक गांठ के बराबर है, और अन्य प्राधिकारियों के अनुसार सिरे पर अंगुष्ठ की मोटाई के बराबर है.) वायु ने मनु के अधिकार के अन्तर्गत उपरोक्त समान गणना दी है, जो कि मनु संहिता में नहीं उल्लेखित है:- 21 अंगुल= 1 रत्नि 24 अंगुल= 1 हस्त 2 रत्नि= 1 किश्कु 4 हस्त= 1 धनु 2000 धनु= l गाव्यूति 8000 धनुष= 1 योजन 1 अंगुल = 16 mm से 21 mm 4 अंगुल = एकधनु ग्रह = 62 mm से 83 mm; 8 अंगुल = एक धनु मुष्टि (अंगुष्ठ उठा के) = 125 mm से 167 mm ; 12 अंगुल = 1 वितस्ति (अंगुषठ के सिरे से पूरे हाथ को खोल कर कनिष्ठिका अंगुली के सिरे तक की दूरी) = 188 mm से 250 mm 2 वितस्ति = 1 अरत्नि (हस्त) = 375 mm से 500 mm 4 अरत्नि = 1 दण्ड = 1.5 से 2.0 m 2 दण्ड = 1 धनु = 3 से 4 m 5 धनु = 1 रज्जु = 15 m से 20 m 2 रज्जु = 1 परिदेश = 30 m से 40 m 100 परिदेश = 1 कोस (या गोरत) = 3 km से 4 km 4 कोस या कोश = 1 योजन = 13 km से 16 km 1,000 योजन = 1 महायोजन = 13,000 Km से 16,000 Km 6 अंगुल= एक पद 2 पद= 1 वितस्ति 2 वितस्ति= 1 हस्त 4 हस्त= एक धनुष या दण्ड 2 धनुष/दण्ड= एक नाड़िका 2000 धनुष= एक गाव्यूति 4 गाव्यूति= एक योजन ब्रह्माण्ड का परिमाण यह अधिक वर्णित नहीं है. == संदर्भ == == इन्हें भी देखें == हिन्दू लम्बाई मापन