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अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का विधान
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अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का विधान (संविधि) Seal of the International Court of Justice.png अंग्रेजी और फ्रांसीसी (आधिकारिक)
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का विधान या संविधि (Statute of the International Court of Justice) वह मूलभूत कानूनी दस्तावेज़ है जिसके आधार पर अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का गठन और संचालन किया जाता है। यह विधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर का एक अभिन्न अंग है। चार्टर के अनुच्छेद 92 के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय संयुक्त राष्ट्र का 'प्रधान न्यायिक अंग' है, और संयुक्त राष्ट्र का प्रत्येक सदस्य राष्ट्र स्वतः ही इस विधान का एक पक्षकार बन जाता है। इस संविधि को काफी हद तक 'लीग ऑफ नेशंस' के तहत काम करने वाले पूर्ववर्ती 'स्थायी अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय' की संविधि के आधार पर ही तैयार किया गया था।Zimmermann Andreas Tomuschat Christian The Statute of the International Court of Justice: A Commentary Oxford University Press 2012 978-0199692996 23-35"States not members of the United Nations parties to the Statute"अगस्त 2026 InternetArchiveBot
संरचना और अध्याय
इस विधान में कुल 70 अनुच्छेद हैं, जिन्हें 5 मुख्य अध्यायों में विभाजित किया गया है:
न्यायालय का संगठन: इसमें 15 स्वतंत्र न्यायाधीशों के चुनाव, उनकी योग्यताओं और 9-वर्षीय कार्यकाल के नियम शामिल हैं। न्यायाधीशों का चुनाव संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद द्वारा किया जाता है।
न्यायालय की अधिकारिता: यह अध्याय तय करता है कि न्यायालय के समक्ष कौन से मामले लाए जा सकते हैं।
प्रक्रिया: मामलों की सुनवाई, भाषाओं (अंग्रेजी और फ्रांसीसी), और साक्ष्य प्रस्तुत करने के नियम।
परामर्शदात्री सम्मति: कानूनी प्रश्नों पर संयुक्त राष्ट्र के अंगों को सलाह देने की प्रक्रिया।
संशोधन: इस संविधि में संशोधन करने की जटिल प्रक्रिया।Shaw Malcolm N. International Law Cambridge University Press 2017 8th 978-1316638538 795-802
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को दो मुख्य भागों में बाँटा गया है:
वाद-विषयक अधिकारिता: इसके तहत केवल संप्रभु राष्ट्र ही एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज कर सकते हैं (व्यक्ति, एनजीओ या निगम नहीं)। न्यायालय केवल तभी किसी मामले की सुनवाई कर सकता है जब विवादित दोनों राष्ट्रों ने उसकी अधिकारिता को स्वेच्छा से स्वीकार किया हो।
परामर्शदात्री सम्मति: संयुक्त राष्ट्र महासभा, सुरक्षा परिषद, या अन्य अधिकृत एजेंसियां किसी भी विधिक प्रश्न पर न्यायालय से 'सलाहकार राय' मांग सकती हैं। यद्यपि ये राय बाध्यकारी नहीं होती हैं, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति में इनका अत्यधिक नैतिक और कानूनी महत्व होता है।Rosenne Shabtai The Law and Practice of the International Court, 1920-2005 Martinus Nijhoff Publishers 2006 512-518 978-9004139589"Chapter I - Charter of the United Nations and Statute of the International Court of Justice: 3 . Statute of the International Court of Justice"अगस्त 2026 InternetArchiveBot
अनुच्छेद 38: अंतर्राष्ट्रीय विधि के स्रोत
विधान का अनुच्छेद 38 पूरी अंतर्राष्ट्रीय विधिक प्रणाली के लिए सबसे महत्वपूर्ण अनुच्छेदों में से एक है। यह उन स्रोतों को सूचीबद्ध करता है जिनका उपयोग न्यायालय विवादों को सुलझाने के लिए करता है:
अंतर्राष्ट्रीय संधियाँ: विवादित राष्ट्रों द्वारा स्पष्ट रूप से स्वीकार किए गए लिखित समझौते।
अंतर्राष्ट्रीय प्रथाएँ: वे प्रथाएं जिन्हें राष्ट्रों ने कानूनी बाध्यता मानकर लंबे समय से अपनाया है (प्रथागत अंतर्राष्ट्रीय विधि)।
विधि के सामान्य सिद्धांत: वे बुनियादी कानूनी सिद्धांत जिन्हें सभ्य राष्ट्रों की घरेलू विधिक प्रणालियों द्वारा मान्यता प्राप्त है (जैसे 'प्राकृतिक न्याय' या 'क्षतिपूर्ति')।
न्यायिक निर्णय और शिक्षाविदों के विचार: यह विधि का निर्धारण करने के लिए एक 'गौण' साधन है, जिसमें पूर्ववर्ती अदालती फैसलों और दुनिया के सबसे योग्य जन-कानून विशेषज्ञों के लेखों का उपयोग किया जाता है।Crawford James Brownlie's Principles of Public International Law Oxford University Press 2019 9th 978-0198737445 20-24
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का विधान वैश्विक शांति और विवाद समाधान का सबसे प्रमुख स्तंभ है। 1945 से लेकर अब तक, इस संविधि के तहत न्यायालय ने सीमा विवादों, समुद्री अधिकारों, राजनयिक संबंधों, और नरसंहार सम्मेलनों के उल्लंघनों (जैसे बोस्निया, और हाल ही में दक्षिण अफ्रीका बनाम इज़राइल मामला) से जुड़े सैकड़ों महत्वपूर्ण निर्णय दिए हैं, जिन्होंने आधुनिक अंतर्राष्ट्रीय विधि को आकार दिया है।https://www.icj-cij.org/statute Statute of the International Court of Justice International Court of Justice (Official Website)"States not parties to the Statute to which the Court may be open"अगस्त 2026 InternetArchiveBot
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
संयुक्त राष्ट्र (UN) - आधिकारिक वेबसाइट
श्रेणी:संयुक्त राष्ट्र