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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

ओड़िया भाषा

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ଓଡ଼ିଆ भारत ओड़िशा ३ करोड़ १० लाख (१९९६) ३१ (१९९६) Indo-European हिन्द ईरानी हिन्द आर्य पूर्वी समूह ओड़िआ समूह ओड़िआ ओड़िआ लिपि ओड़िशा or ori ori center|300px<small>भारत में निवासी ओड़िआ भाषी</small> Indic ओड़िआ 200px ओड़िआ (ଓଡ଼ିଆ) भारत के ओड़िशा प्रान्त में बोली जाने वाली भाषा है। यह भाषा यहाँ के राज्य सरकार की राजभाषा भी है। भाषाई परिवार के तौर पर ओड़िआ एक आर्य भाषा है और नेपाली, बांग्ला, असमिया और मैथिली से इसका निकट संबंध है। ओड़िशा की भाषा और जाति दोनों ही अर्थो में उड़िया शब्द का प्रयोग होता है, किंतु वास्तव में ठीक रूप ओड़िआ होना चाहिए। इसकी व्युत्पत्ति का विकासक्रम कुछ विद्वान् इस प्रकार मानते हैं ओड्रविषय, ओड्रविष, ओडिष, आड़िषा या ओड़िशा। सबसे पहले भरत के नाट्यशास्त्र में उड्रविभाषा का उल्लेख मिलता है। शबराभीरचांडाल सचलद्राविडोड्रजाः। हीना वनेचराणां च विभाषा नाटके स्मृताः ॥ भाषातात्विक दृष्टि से ओड़िआ भाषा में आर्य, द्राविड़ और मुंडारी भाषाओं के संमिश्रित रूपों का पता चलता है, किंतु आज की ओड़िआ भाषा का मुख्य आधार भारतीय आर्यभाषा है। साथ ही साथ इसमें संथाली, मुंडारी, शबरी, आदि मुंडारी वर्ग की भाषाओं के और औराँव, कुई (कंधी) तेलुगु आदि द्राविड़ वर्ग की भाषाओं के लक्षण भी पाए जाते हैं। लिपि ओड़िआ लिपि thumb|left|200px|ओड़िआ लिपि इसकी लिपि का विकास भी नागरी लिपि के समान ही ब्राह्मी लिपि से हुआ है। अंतर केवल इतना है कि नागरी लिपि की ऊपर की सीधी रेखा ओड़िआ लिपि में वर्तुल हो जाती है और लिपि के मुख्य अंश की अपेक्षा अधिक जगह घेर लेती है। विद्वानों का कहना है कि ओड़िआ में पहले तालपत्र पर लौह लेखनी से लिखने की रीति प्रचलित थी और सीधी रेखा खींचने में तालपत्र के कट जाने का डर था। अत: सीधी रेखा के बदले वर्तुल रेखा दी जाने लगी और ओड़िआ लिपि का क्रमश: आधुनिक रूप आने लगा। इतिहास सम्पूर्ण ओड़िआ भाषा के इतिहास को निम्न वर्गों में बांटा जा सकता है - प्राचीन ओड़िआ (500-600) प्रारम्भिक मध्य ओड़िआ (१३००-१५००), मध्य ओड़िआ (१५००-१७००), नूतन मध्य ओड़िआ (१७००-१८५०), एवं आधुनिक ओड़िआ (१८५०-वर्तमान). ओड़िआ एक पूर्वी इंडो-आर्य भाषा होने के नाते इंडो-आर्य भाषा परिवार का सदस्य है। इसे पूर्व मागधी नामक प्राकृत भाषा का वंशधर माना जाता जिसे कि १५०० साल पहले पूर्व भारत में प्रयोग किया जाता था। इस का आधुनिक बांग्ला, मैथिली, नेपाली एवं असमिया भाषाओं से निकट संबंध है। अन्य उत्तर भारतीय भाषाओं के मुकाबले में ओड़िआ, पार्सी भाषा द्वारा सबसे कम प्रभावित हुआ है। लिखित ओड़िआ भाषा का प्राचीनतम उदाहरण मादला पांजि (पुरी के जगन्नाथ मंदिर की पंजिका) में मिलता है जिन्हे ताड़ के पत्तों पर लिखा गया था। प्रमुख बोलियाँ मिदनापुरी ओड़िआ: पश्चिम बंगाल के मिदनापुर क्षेत्र में बोली जाने वाली सिंहभूम ओड़िआ: झारखंड के पूर्वी सिंगभूम, पश्चिमी सिंगभूम एवं सरायकेला-खरसावां जिलों में बोली जाने वाली बालेश्वरी ओड़िआ: बालेश्वर, भद्रक एवं मयूरभंज जिलों में बोली जाने वाली गंजामी ओड़िआ: ओड़िशा के गंजाम एवं गजपति जिलों में, आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम् जिले में बोली जाने वाली कळाहाण्डि ओड़िआ: ओड़िशा के कलाहाण्डि जिलों में बोली जाने वाली देशीय ओड़िआ: कोरापुट, रायगड़ा, नवरंगपुर एवं मालकानगिरि जिलों में तथा आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम जिले में बोली जाने वाली संबलपुरी ओड़िआ: सम्बलपुर, देवगड़, सुन्दरगड़, बलांगिर, झारसुगुडा जिला, सुबर्नपुर, बौध जिला एवं बरगढ़ जिलों, ओर अनुगुल जिला के आठमल्लिक सबडिविजन तथा छत्तीसगढ़ राज्य के रायगढ़, बिलासपुर, जैशपुर जिलों में बोली जाने वाली भाषा। भात्री: दक्षिण-पश्चिमी ओड़िशा एवं पूर्व-दक्षिणी छत्तीसगढ़ में बोली जाने वाली भाषा साहित्य ओड़िया साहित्य ओड़िआ भाषा के प्रथम महान कवि झंकड के सारला दास थे जिन्होने देवी दुर्गा की स्तुति में चंडी पुराण और विलंका रामायण की रचना की थी। अर्जुन दास द्वारा लिखित राम-विवाह ओड़िआ भाषा की प्रथम दीर्घ कविता है। प्रारंभिक काल के बाद से लगभग १७०० तक के समय को ओड़िआ साहित्य में पंचसखा युग के नाम से जाना जाता है। इस युग का प्रारंभ श्रीचैतन्य के वैष्ण्ब धर्म के प्रचार से हुआ। बलराम दास, जगन्नाथ दास, यशोवंत दास, अनंत दास एवं अच्युतानंद दास - इन पांचों को 'पंचसखा' कहा जाता है। इस युग के अन्य साहित्यिकों की तरह इनकी रचनाएं भी धर्म पर आधारित थीं। इस काल के रचनाएं प्रायः संस्कृत से अनुवादित की हुई होती थीं या उन्हीं पर आधारित होती थीं। अनुवादों में आक्षरिक के अपेक्षा भावानुवाद का प्रचलन अधिक था। स्रोत इन्हें भी देखें ओड़िया साहित्य ओड़िया लिपि ओड़िया संस्कृति बाहरी कड़ियाँ हिन्दी-ओड़िया शब्दकोश (हिन्दी विक्षनरी) कन्साइज़ ओडिया-अंग्रेज़ी शब्दकोष (गूगल पुस्तक: आर जे ग्रण्डी) भारतीय भाषा ज्योति (ओड़िया) - हिन्दी माध्यम से ओड़िया सींखें दूध का कटोरा (ओडिया कथा संग्रह) (गूगल पुस्तक ; संकलन - कमलेश्वर) ओडिया सीखने व सिखाने की मार्गदर्शिका हिन्दी द्वारा ओडिया सीखें ओडिया गीत ओडिया यूनिकोड फ़ॉण्ट autocollapse श्रेणी:ओड़िया साहित्य श्रेणी:भारत की भाषाएँ श्रेणी:भारत में शास्त्रीय भाषाएँ श्रेणी:ओड़िशा की भाषाएँ श्रेणी:हिन्द-आर्य भाषाएँ श्रेणी:पूर्वी हिन्द-आर्य भाषाएँ