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411 समाचार
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छतरी (स्मारक)

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thumb|250px|राजस्थान के धौलपुर जिले में स्थित उदयभानु सिंह की छतरी राजाओं के मरणोंपरान्त उनकी याद में स्थापत्य की दृष्टि से विशिष्ट स्मारक बनाये गए, जिन्हें छतरियां तथा देवल के नाम से जाना जाता है। छतरियां ज्यादातर भारतीय राज्य राजस्थान में देखने को मिलती है। जिसमें जयपुर की गैटोर, जोधपुर की जसवंत थड़ा ,कोटा का छत्र विलास बाग़, जैसलमेर का बड़ा बाग़ तो इस दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है। जैसलमेर के पीले पत्थर से बनी छतरियां सुंदर है। छतरियों में हिन्दू और मुस्लिम दोनों शैलियों का मिश्रण पाया जाता है। सबसे नीचे चौकोर अथवा आठ कोनों का चबूतरा बनाया जाता है। इन चबूतरों के ऊपर दूसरा गोल चबूतरा बनाया जाता है। प्रमुख छतरियां right|thumb|250px|राष्ट्रपति भवन की छतरी right|thumb|250px|अलवर की मूसी रानी की छतरी ८४ खम्भों की छतरी - शत्रुसाल का स्मारक (१६३१ ईस्वी में) बूंदी शासक - शाहजहाँ का समकालीन। बूंदी के देवपुरा गाँव के पास राव राजा अनिरुद्ध सिंह के धायबाई देवा की स्मृति में बनाई गयी। तीन मंजिला छतरी जिसमें ८४ भव्य स्तम्भ हैं। ArchNet Dictionary of Islamic Architecture: Chatri http://archnet.org/library/dictionary/entry.tcl%3Fentry_id%3DDIA0072 16 सितम्बर 2017 https://web.archive.org/web/20190907103516/https://web.archive.org/web/20041211053752/http://archnet.org/library/dictionary/entry.tcl%3Fentry_id%3DDIA0072 7 सितंबर 2019 bot: unknown केसरबाग की छतरियां बूंदी से लगभग ४-५ किलोमीटर दूर स्थित केसरबाग में बूंदी शासकों तथा राजपरिवारों की ६६ छतरियां हैं। इनमें सबसे प्राचीन महाराज कुमार दादू की है तथा सबसे नवीन महाराजा राजा विष्णु सिंह की छतरी है। इन छतरियों पर राजाओं के साथ हुई सती हुई रानियों की मूर्तियाँ भी उत्कीर्ण है। Images of old chhatris http://www.columbia.edu/itc/mealac/pritchett/00routesdata/1500_1599/orchha/chhatris/chhatris.html Columbia.edu 16 सितम्बर 2017 https://web.archive.org/web/20170321223514/http://www.columbia.edu/itc/mealac/pritchett/00routesdata/1500_1599/orchha/chhatris/chhatris.html 21 मार्च 2017 dead मूसी महारानी की छतरी इनकी छतरी राजस्थान के अलवर के बाला दुर्ग के नीचे सागर के दक्षिण किनारे हिन्दू स्थापत्य कला की इस ८० खम्भों की छतरी का निर्माण महाराजा बख्तारसिंह की मूसी रानी की स्मृति में महाराजा विनय सिंह के काल में हुआ था। सफेद संगमरमर एवं लाल पत्थर से निर्मित इस छतरी की ऊपरी मंजिल पर रामायण और महाभारत के भित्ति चित्र भी बने हुए हैं। टहला की छतरियां ये छतरियां भी राजस्थान के अलवर ज़िले में स्थित है। यहाँ स्थित मिश्रजी की छतरी विशेष रूप से प्रसिद्ध है जिसका निर्माण लगभग १४३२ ईस्वी में किया गया था। इस छतरी के गुबंद को आठ समकोण खड़े खम्भों पर स्थापित किया गया है। इस छतरी की विशेषता भित्ति चित्रण का बेमिसाल अलंकरण है। Rajasthan’s Canopies राजस्थान की प्रमुख छतरियां http://www.myshort.in/rajasthans-canopies-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96-%E0%A4%9B%E0%A4%A4%E0%A4%B0/ myshort.in 16 सितम्बर 2017 https://web.archive.org/web/20170917032244/http://www.myshort.in/rajasthans-canopies-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96-%E0%A4%9B%E0%A4%A4%E0%A4%B0/ 17 सितंबर 2017 dead जोधपुर की प्रमुख छतरियाँ जोधपुर रानियों की छतरियाँ मंडोर के पास पंचकुंडा के निकट स्थित ये छतरियाँ भव्यतापूर्ण नक्काशी की कुल ४२ छतरियाँ है जिनमें रानी सूर्य कंवर की ३२ स्तम्भों वाली छतरी सबसे बड़ी और भव्य है। इसके अलावा यहाँ महाराजा मानसिंह की महारानी भटियाणी रानी की छतरी ऊँचे चबूतरे पर बनी हुई है। ब्राह्मण देवता की छतरी मंडोर जोधपुर में पंचकुंडा के निकट लाल बलुई पत्थर की छतरी ,मेहरानगढ़ दुर्ग के तांत्रिक अनुष्ठान में जिस ब्राह्मण ने आत्मबलिदान दिया ,उसकी है। यह शिल्प कला और स्थापत्य कला का अद्भुत नजारा है। राजस्थान की प्रमुख छतरियाँ और हवेलियां https://www.rajasthangyan.com/rajasthan?nid=53 rajasthangyan.com 16 सितम्बर 2017 https://web.archive.org/web/20170916225300/https://www.rajasthangyan.com/rajasthan?nid=53 16 सितंबर 2017 dead कागा की छतरी जोधपुर से पाँच किलोमीटर दूर ऋषि श्रेष्ठ काग भुशुण्डि की तपोभूमि ,जहाँ भगवती गंगा भी ऋषि के तप से प्रकट हुई थी, यहाँ लगभग १५० छतरियाँ बनी हुई हैं। कागा में शीतला देवी का मंदिर भी है जिसका निर्माण जोधपुर के नरेश विनयसिंह ने करवाया था। इस मंदिर के पास दीवान दीपचंद की छतरी स्थित है। कागा की छतरियों के पास महाराजा जसवंत सिंह के काल में बक नामक जादूगर द्वारा एक दिन में लगाया गया अनार का बगीचा है। कागा की छतरियों के मध्य प्रधानमंत्री की छतरी है। यह छतरी १८ स्तम्भों पर लाल पत्थरों से बनाई हुई है। महाराज जसवंत सिंह की प्राण रक्षा हेतु उनके प्रधानमंत्री राजसिंह कुम्पावत ने आत्मबलिदान किया था। इसी की स्मृति में इस छतरी का निर्माण महाराजा जसवंत सिंह ने करवाया था। कुछ छतरियों के चित्र राजस्थान के अलावा देश के मध्य प्रदेश में भी कई प्रसिद्ध छतरियाँ स्थित है जिसमें कुछ इस प्रकार है- ग्वालियर की श्रीमती बालाजी महाराज की छतरी, शुजालपुर में श्रीनाथ शिंदे जी की छतरी स्थित है इनके अलावा इंदौर, महेश्वर और शिवपुरी में भी छतरियाँ स्थित है। Photo: “Madho Rao Scindia Chhatri-Shivprui” https://www.tripadvisor.in/LocationPhotoDirectLink-g1156411-d3912935-i116765990-Chhatris-Shivpuri_Shivpuri_District_Madhya_Pradesh.html 16 सितम्बर 2017 https://web.archive.org/web/20170917032350/https://www.tripadvisor.in/LocationPhotoDirectLink-g1156411-d3912935-i116765990-Chhatris-Shivpuri_Shivpuri_District_Madhya_Pradesh.html 17 सितंबर 2017 dead सन्दर्भ 2 श्रेणी:स्मारक श्रेणी:राजस्थान में स्थापत्य