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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

आयुर्वेदसूत्र

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आयुर्वेदसूत्रम् , आयुर्वेद का एक प्राचीन और महत्वपूर्ण ग्रंथ है जिसमें 'सूत्र' शैली में आयुर्वेद के सिद्धांत हैं। यह आयुर्वेद के साथ-साथ योग और प्राकृतिक चिकित्सा का अद्भुत संगम है। इस ग्रंथ के मूल लेखक अज्ञात हैं लेकिन कोई योगानन्दनाथ इसके भाष्यकार हैं। इसका आधुनिक संपादन डॉ० आर० शामाशास्त्री ने किया है और इसे मैसूर गवर्नमेंट प्रेस से प्रकाशित करवाया है। यह पुस्तक आमतौर पर 16 अध्यायों (प्रश्नाः) में विभाजित मानी जाती है। उपलब्ध संस्करणों में प्रायः प्रथम 5 अध्यायों पर योगानन्दनाथ की व्याख्या मिलती है। इस ग्रंथ में पतंजलि के योगसूत्र के कई सूत्रों का समावेश है। इस ग्रंथ का मानना है कि लगभग सभी रोगों की जड़ अजीर्ण (अपच) और शरीर में 'आम' (toxins/mucus) का जमा होना है। यह ग्रन्थ औषधियों से अधिक उपवास और प्राणायाम को रोगों के निवारण का मुख्य साधन मानती है। आहार विचार : भोजन को तीन श्रेणियों में बाँटा गया है— सात्विक, राजसिक और तामसिक। इस ग्रन्थ में ग्रंथ 'स्वाभाविक मधुर' (प्राकृतिक रूप से मीठे) भोजन को लंबी आयु के लिए सर्वश्रेष्ठ बताया गया है। रोगों का उपचार : शरीर के विभिन्न अंगों में होने वाली बीमारियों का संबंध ध्वनियों और चक्रों से जोड़ा गया है। उपचार के लिए मालिश (तैल उद्वर्तन), एनिमा (वस्तिकर्म) और रक्तमोक्षण जैसी विधियों का वर्णन है। प्राणायाम का महत्व : इसके टीकाकार योगानन्दनाथ के अनुसार, जो रोग औषधियों से ठीक नहीं होते, उन्हें प्राणायाम और समाधि के माध्यम से ठीक किया जा सकता है। इन्हें भी देखें आयुर्वेद चरकसंहिता सुश्रुतसंहिता सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ The Ayurveda Sutra With The Commentary Of Yogananda Nath ( Dr. Shama Sastry) आयुर्वेदसूत्रम् (संस्कृत विकिस्रोत) श्रेणी:आयुर्वेद श्रेणी:संस्कृत ग्रन्थ