411 REFERENCE · Wikipedia
उपला
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
उपला (अन्य नाम: कण्डा) यह गाय या भैंस के गोबर से बनाए जाते हैं, यह एक पारंपरिक जैव ईंधन और जैविक खाद है।https://www.etvbharat.com/hi/state/jabalpur-dairies-cow-dung-youth-producing-organic-fertilizer-and-uple-rising-demand-earning-lakhs-mps26092305018 डेयरी से निकलने वाले गोबर से साल भर कमाई, जैविक खाद, उपले तैयार कर युवा कमा रहे लाखों Bharat E. T. V. 2026-09-23 ETV Bharat News hi 2026-09-26 इसका इस्तेमाल भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और दक्षिण एशिया के अन्य हिस्सों के ग्रामीण इलाकों में खाना पकाने, धार्मिक अनुष्ठानों और कृषि उद्देश्यों के लिए व्यापक रूप से किया जाता है।
रचना और तैयारी
गाय के गोबर के उपले बनाने के लिए गोबर को घास या अन्य रेशेदार पदार्थों के साथ मिलाकर चपटी चक्रिका का आकार दिया जाता है और फिर उन्हें धूप में सुखाया जाता है। इस प्रक्रिया से उनके जलने की क्षमता बढ़ जाती है और उन्हें भण्डारण करना और परिवहन करना आसान हो जाता है।
thumb|उपलों का ढेर
उपयोग
ईंधन स्रोत
ग्रामीण घरों में खाना पकाने और गर्म करने के लिए आमतौर पर गाय के गोबर के उपलों का इस्तेमाल ईंधन के रूप में किया जाता है। वे धीरे-धीरे जलते हैं और गर्मी का एक स्थिर स्रोत प्रदान करते हैं, जिससे वे लकड़ी या चारकोल का एक किफायती विकल्प बन जाते हैं।https://www.abplive.com/agriculture/gobar-gas-plant-from-cow-dung-you-can-earn-substantial-money-through-this-method-3180353 उपले बनाकर ही नहीं, इन तरीकों से भी कमाई कराता है गोबर ओझा नीलेश 2026-08-26 ABP News hi 2026-09-26
धार्मिक और सांस्कृतिक प्रथाएँ - हिंदू रीति-रिवाजों में, गाय के गोबर के उपलों का उपयोग हवन (अग्नि समारोह), यज्ञ और पूजा में किया जाता है । माना जाता है कि वे पर्यावरण को शुद्ध करते हैं और उनका आध्यात्मिक महत्व है।
कृषि लाभ - जब जलाया जाता है, तो गाय के गोबर के उपलों की राख में पोटेशियम और अन्य खनिज प्रचुर मात्रा में होते हैं, जिसका उपयोग उर्वरक के रूप में किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, गाय का गोबर अपने आप में एक प्राकृतिक खाद है जो मिट्टी की उर्वरता में सुधार करता है और पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देता है।
पर्यावरण अनुकूल विकल्प - बायोडिग्रेडेबल और गैर विषैले होने के कारण, गाय के गोबर के उपले जीवाश्म ईंधन की तुलना में ऊर्जा का पर्यावरण अनुकूल स्रोत माने जाते हैं।
वैज्ञानिक और पर्यावरणीय महत्व
गाय के गोबर में लाभकारी सूक्ष्मजीव होते हैं जो खाद बनाने और मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं। यह एक प्राकृतिक कीटनाशक के रूप में भी काम करता है, जिससे रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता कम हो जाती है। इसके अतिरिक्त, ईंधन के रूप में गाय के गोबर के उपलों का उपयोग करने से अत्यधिक जलाऊ लकड़ी की खपत के कारण होने वाली वनों की कटाई को कम करने में मदद मिलती है।
आधुनिक अनुप्रयोग
जैविक खेती और संधारणीय जीवन पद्धतियों के बढ़ने के साथ, गाय के गोबर के उपले पारंपरिक उपयोगों से परे लोकप्रियता प्राप्त कर रहे हैं। इनका उपयोग बायोगैस उत्पादन, पर्यावरण के अनुकूल निर्माण सामग्री और प्राकृतिक मच्छर भगाने वाले पदार्थों में किया जा रहा है ।
सन्दर्भ
श्रेणी:जैव ईंधन