411 REFERENCE · Wikipedia
अनुच्छेद 334 (भारत का संविधान)
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
भारत का संविधान भाग 16 प्रत्येक जनगणना के पश्चात् ; पुनः समायोजन अनुच्छेद 335 (भारत का संविधान) अनुच्छेद 333 (भारत का संविधान) भारतीय संविधान सभा भारत हिंदी संविधान 1949 प्रकाशित
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 334 यह निर्धारित करता है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में सीटों का आरक्षण और विशेष प्रतिनिधित्व कितने समय तक जारी रहेगा।Counter: Dashboard Counter https://counter.dev/dashboard.html?user=Suyash&token=LZ5EHD8NcZs%3D Counter 18 April 2026
मूल पाठ
इस भाग के पूर्ववर्ती उपबन्धों में किसी बात के होते हुए भी—
(क) लोक-सभा में और राज्यों की विधान-सभाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित आदिमजातियों के लिये स्थानों के रक्षण सम्बन्धी, तथा
(ख) लोक-सभा में और राज्यों की विधान-सभाओं में नाम-निर्देशन द्वारा आंग्ल-भारतीय समुदाय के प्रतिनिधित्व सम्बन्धी,
इस संविधान के उपबन्ध, इस संविधान के प्रारम्भ से दस वर्ष की कालावधि की समाप्ति पर प्रभावी न रहेंगे :
परन्तु इस अनुच्छेद की किसी बात से लोक-सभा के या राज्य की विधानसभा के किसी प्रतिनिधित्व पर तब तक कोई प्रभाव न होगा जब तक कि यथास्थिति उस समय विद्यमान लोक-सभा या विधान-सभा का विघटन न हो जाये।भारत का संविधान भारत का संविधान (संपा॰) प्रसाद राजेन्द्र लेखक:राजेन्द्र प्रसाद 1957 १२४ पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/२९१
अनुच्छेद 334 के मुख्य भाग:
यह अनुच्छेद दो प्रकार के विशेष प्रावधानों की समय सीमा तय करता है:
अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए सीटों का आरक्षण।
आंग्ल-भारतीय (Anglo-Indian) समुदाय का नामांकन द्वारा प्रतिनिधित्व।
संदर्भ
श्रेणी:संविधान
श्रेणी:भारत का संविधान
श्रेणी:भारतीय संविधान के अनुच्छेद