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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

गढ़कालिका मंदिर, उज्जैन

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गढ़कालिका मंदिर, मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में स्थित है। कालजयी कवि कालिदास गढ़ कालिका देवी के उपासक थे। कालिदास के संबंध में मान्यता है कि जब से वे इस मंदिर में पूजा-अर्चना करने लगे तभी से उनके प्रतिभाशाली व्यक्तित्व का निर्माण होने लगा। कालिदास रचित 'श्यामला दंडक' महाकाली स्तोत्र एक सुंदर रचना है। ऐसा कहा जाता है कि महाकवि के मुख से सबसे पहले यही स्तोत्र प्रकट हुआ था। यहाँ प्रत्येक वर्ष कालिदास समारोह के आयोजन के पूर्व माँ कालिका की आराधना की जाती है। thumb|gadkalika temple ujjain गढ़कालिका मंदिर 51 शक्तिपीठों में एक है यहां भगवती सती के ऊर्ध ओष्ठ (ऊपरी होंठ) गिरे थे, यहां की शक्ति अवंती और भैरव लंबकरण है। गढ़कालिका का मंदिर 18 महाशक्तिपीठों में भी आता है 18 शक्तिपीठ स्त्रोत जो जगतगुरु आदि शंकराचार्य के द्वारा लिखा गया है। उसमें कहा गया है उज्जयिनी या महाकाली जो उज्जैन की महाकाली का वर्णन किया गया है उसे स्रोत में वह गढ़ कालिका ही है। मान्यताएं गढ़ कालिका के मंदिर में माँ कालिका के दर्शन के लिए रोज हजारों भक्तों की भीड़ जुटती है। तांत्रिकों की देवी कालिका के इस चमत्कारिक मंदिर की प्राचीनता के विषय में कोई नहीं जानता, फिर भी माना जाता है कि इसकी स्थापना महाभारतकाल में हुई थी, लेकिन मूर्ति सतयुग के काल की है। बाद में इस प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार सम्राट हर्षवर्धन द्वारा किए जाने का उल्लेख मिलता है। स्टेटकाल में ग्वालियर के महाराजा ने इसका पुनर्निर्माण कराया। शक्तिपीठ वैसे तो गढ़ कालिका का मंदिर शक्तिपीठ में शामिल नहीं है, किंतु उज्जैन क्षेत्र में माँ हरसिद्धि ‍शक्तिपीठ होने के कारण इस क्षेत्र का महत्व बढ़ जाता है। पुराणों में उल्लेख मिलता है कि उज्जैन में ‍शिप्रा नदी के तट के पास स्थित भैरव पर्वत पर माँ भगवती सती के ओष्ठ गिरे थे। thumb|चिंतामन गणेश मंदिर, उज्जैन मप्र। अंगूठाकार|दाएँ|महाकाल की महाकाली, मॉं गढ़कालिका मेले यहाँ पर नवरा‍त्रि में लगने वाले मेले के अलावा भिन्न-भिन्न मौकों पर उत्सवों और यज्ञों का आयोजन होता रहता है। माँ कालिका के दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। आवागमन वायुमार्ग उज्जैन से इंदौर एअरपोर्ट लगभग 65 किलोमीटर दूर है। रेलमार्ग उज्जैन से मक्सी-भोपाल मार्ग (दिल्ली-नागपुर लाइन), उज्जैन-नागदा-रतलाम मार्ग (मुंबई-दिल्ली लाइन) द्वारा आप आसानी से उज्जैन पहुँच सकते हैं। सड़क मार्ग उज्जैन-आगर-कोटा-जयपुर मार्ग, उज्जैन-बदनावर-रतलाम-चित्तौड़ मार्ग, उज्जैन-मक्सी-शाजापुर-ग्वालियर-दिल्ली मार्ग, उज्जैन-देवास-भोपाल मार्ग आदि देश के किसी भी हिस्से से आप बस या टैक्सी द्वारा यहाँ आसानी से पहुँच सकते हैं। श्रेणी:मध्य प्रदेश के हिन्दू मंदिर श्रेणी:उज्जैन