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सरिय्या ज़ैद बिन हारिसा (हस्मी)
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Saudi Arabia relief location map (cropped).jpg उत्तर पश्चिमी अरब में इस्मा क्षेत्र (छायांकित लाल) का स्थान सरिय्या ज़ैद बिन हारिसा रज़ि० (हस्मी) हस्मी (ar) October 628 in 6th month, 7AH निम्नलिखित नुसार:
सफल छापे, 1000 ऊंट, 5000 मवेशी और 100 जनजाति के सदस्यों को पकड़ लिया गया
अल-हुनायद इब्न अरिद (दुश्मन कमांडर) और उसका बेटा मारा गयाThe Sealed Nectar https://books.google.com/books?id=-ppPqzawIrIC Saifur Rahman Al Mubarakpuri 2005 Darussalam Publications 226 9798694145923जनवरी 2023 InternetArchiveBot (online https://web.archive.org/web/20110829083127/http://www.witness-pioneer.org/vil/Books/SM_tsn/ch5s2.html 29 अगस्त 2011 ) ज़ैद बिन हारिसा अल-हुनायद इब्न अरिद 500 अनजान अनजान बंदी बनाए गए 100 मुखिया सहित कई मारे गए मुहम्मद की सैन्य उपलब्धियाँ
सरिय्या ज़ैद बिन हारिसा रज़ि० (हस्मी) या सरिय्या हस्मी (अंग्रेज़ी: Expedition of Zayd ibn Harithah (Hisma)
प्रारंभिक इस्लाम में ज़ैद बिन हारिसा का सैन्य अभियान था जो इस्लामिक कैलेंडर के 7 हिजरी के 6 वें महीने, अक्टूबर, 628 में हुआ था। इस्लाम के पैग़म्बर मुहम्मद के द्वारा अपने दत्तक पुत्र और आज़ाद किये गये ग़ुलाम ज़ैद बिन हारिसा के नेतृत्व में 500 सहाबा के साथ किया गया यह अभियान लुटेरों द्वारा हमला किए जाने के बाद देहया ख़लीफ़ा कल्बी रज़ि० की मदद की पुकार का जवाब था। मुसलमानों ने जवाबी कार्रवाई की और कई लुटेरों को मार डाला और 100 जनजाति के सदस्यों को पकड़ लिया।
पृष्ठभूमि
इस्लाम के विद्वान सफिउर्रहमान मुबारकपुरी लिखते हैं कि मुहम्मद ने कैसर रूम के बादशाह हिरक़्ल के नाम पत्र लिखा था, उससे खुश हो कर ले जाने वाले देहया ख़लीफ़ा कल्बी रज़ि० को माल और दौलत से नवाज़ा, लेकिन हज़रत देहया रज़ि० ये तोहफे लेकर वापस हुए तो हिस्मा में कबीला जुज़ाम के कुछ लोगों ने उन पर डाका डाल कर सब कुछ लूट लिया। हज़रत देहया रज़ि० मदीना पहुंचे तो अपने घर के बजाए सीधे नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की ख़िदमत में हाज़िर हुए और सारा माजरा कह सुनाया। बातें सुन कर अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने हज़रत ज़ैद बिन हारिसा रज़ि० के नेतृत्त्व में पांच सौ सहाबा किराम की एक जमाअत हिस्मा रवाना फ़रमाई हज़रत ज़ैद रज़ि० ने क़बीला जुज़ाम पर रात को छापा मारकर उनकी ख़ासी तायादाद को कत्ल कर दिया और उनके चौपाया और औरतों को हांक लाए। चौपायों में एक हज़ार ऊंट और पांच हज़ार बकरियां थीं और कैदियों में एक सौ औरतें और बच्चे थे।
चूंकि नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम और क़बीला जुजाम में पहले से समझौता चला आ रहा था, इसलिए इस क़बीले के एक सरदार ज़ैद बिन रिफाआ जुज़ामी रज़ि० ने झट नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की सेवा में विरोध प्रकट किया और फरियाद की। जैद बिन रिफाआ रज़ि० इस क़बीले के कुछ और लोगों के साथ पहले ही मुसलमान हो चुके थे और जब हज़रत देहया रज़ि० पर डाका पड़ा था तो उनकी मदद भी की थी, इसलिए नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम उनका विरोध स्वीकार करते हुए गनीमत के माल और कैदी वापस कर दिए।
आम तौर से युद्ध का वर्णन करने वाले लेखकों ने इस घटना को सुलह हुदैबिया से पहले बताया है, मगर यह भारी गलती है, क्योंकि कैसर के पास पत्र हुदैबिया के समझौते के बाद रवाना किया गया था, इसलिए अल्लामा इब्ने कृय्यिम ने लिखा है कि यह घटना निःसन्देह हुदैबिया के बाद की है। [देखिए जादुल-मआद 2 / 122, हाशिया तलकीहुल- फहूम 29]सफिउर्रहमान मुबारकपुरी पुस्तक अर्रहीकुल मख़तूम (सीरत नबवी ) कैसर शाहे रूम के नाम पत्र https://archive.org/details/offlinedeeniapp_20210707_1905/Ar%20Raheequl%20Makhtoom%20Seerate%20Nabi/page/717/mode/2up 13 दिसम्बर 2022 718
The Sealed Nectar https://books.google.com/books?id=-ppPqzawIrIC Saifur Rahman Al Mubarakpuri 2005 Darussalam Publications 226 9798694145923जनवरी 2023 InternetArchiveBot (online https://web.archive.org/web/20110829083127/http://www.witness-pioneer.org/vil/Books/SM_tsn/ch5s2.html 29 अगस्त 2011 )
बादशाहों और सरदारों के नाम पत्र
:en:Diplomatic career of Muhammad
पैग़म्बर मुहम्मद ने उन दिनों कई बादशाहों को खत लिखे थे।
thumb|right|300px|Purported बीजान्टियम के सम्राट हेराक्लियस को मुहम्मद द्वारा भेजा गया कथित पत्र
thumb|300px| मुंज़िर इब्न सवा अल-तमीमी को पैगंबर मुहम्मद का कथित पत्र
1. नज्जाशी शाहे हबश के नाम पत्र
2. मुकौकिस शाहे मिस्र के नाम पत्र
3. शाहे फारस खुसरु परवेज़ के नाम पत्र
4. कैसर शाहे रुम के नाम पत्र
5. मुजिर बिन सावी के नाम पत्र
6. हौजा बिन अली साहिबे यमामा के नाम पत्र
7. हारिस बिन अबी शिन गुस्सानी हाकिमे दमिश्क के नाम पत्र
8. शाहे उमान के नाम पत्र
सराया और ग़ज़वात
अंगूठाकार|
अरबी शब्द ग़ज़वा Ghazwa https://en.wiktionary.org/wiki/ghazwa इस्लाम के पैग़ंबर के उन अभियानों को कहते हैं जिन मुहिम या लड़ाईयों में उन्होंने शरीक होकर नेतृत्व किया, इसका बहुवचन है गज़वात, जिन मुहिम में किसी सहाबा को ज़िम्मेदार बनाकर भेजा और स्वयं नेतृत्व करते रहे उन अभियानों को सरियाह(सरिय्या) या सिरया कहते हैं, इसका बहुवचन सराया है।siryah https://en.wiktionary.org/wiki/siryah#English
ग़ज़वात और सराया की तफसील, पुस्तक: मर्दाने अरब, पृष्ट ६२] https://archive.org/details/mardane-arab-hindi-volume-no.-1/page/n32/mode/1up
इन्हें भी देखें
सरिय्या ज़ैद बिन हारिसा (ईस)
सरिय्या ज़ैद बिन हारिसा (जमूम)
सरिय्या ज़ैद बिन हारिसा (क़रदा)
मुहम्मद की सैन्य उपलब्धियाँ
मुहम्मद के अभियानों की सूची
ग़ज़वा ए दूमतुल जन्दल
सन्दर्भ
श्रेणी:मुहम्मद
श्रेणी:इस्लाम
श्रेणी:इस्लाम का इतिहास
श्रेणी:अरब इतिहास
बाहरी कड़ियाँ
Ar Raheeq Al Makhtum – The Sealed Nectar ( Biography Of The Noble Prophet)
अर्रहीकुल मख़तूम (सीरत नबवी ), पैगंबर की जीवनी (प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित पुस्तक), हिंदी (Pdf)